Class 7 Hindi NCERT Solutions: Chapter 10 - अपूर्व अनुभव

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CBSE कक्षा 7 हिंदी के पाठ 'अपूर्व अनुभव' में तोत्तो-चान और यासुकी-चान की मार्मिक कहानी का वर्णन है। यह पाठ दो बच्चों की गहरी दोस्ती पर प्रकाश डालता है, जिसमें तोत्तो-चान अपने मित्र यासुकी-चान के पेड़ पर चढ़ने के सपने को पूरा करने का दृढ़ संकल्प करती है, भले ही पोलियो के कारण यासुकी-चान शारीरिक रूप से अक्षम है। समाधानों में उनके प्रयासों के महत्व, उनके द्वारा अनुभव किए गए अनूठे आनंद और संतुष्टि, और दृढ़ता, सहानुभूति और बाधाओं पर काबू पाने के बारे में सीखे गए सबक को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को कहानी की बारीकियों को समझने, पात्रों की भावनाओं का विश्लेषण करने और अंतर्निहित विषयों को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी और कथा की गहरी समझ के लिए एक अमूल्य संसाधन बन जाते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. अपूर्व अनुभव

Chapter summary

Chapter 10, 'Apurva Anubhav,' explores the profound bond between Totto-chan and Yasuki-chan. The NCERT Solutions for this chapter focus on analyzing Totto-chan's efforts to help Yasuki-chan climb a tree, the distinct yet equally meaningful experiences of both friends, and the reasons behind Totto-chan's secrecy. It also touches upon the importance of accessibility for individuals with physical challenges and linguistic connections between Hindi, Sanskrit, and English number systems.

Learning outcomes

  • Understand the importance of friendship and empathy.
  • Analyze Totto-chan's determination and problem-solving skills.
  • Explain the unique 'unforgettable experiences' of both characters.
  • Discuss the challenges faced by individuals with physical disabilities.
  • Identify the reasons behind Totto-chan's secrecy.
  • Explore the linguistic connections between Hindi, Sanskrit, and English numbers.

Topics covered

Paper topics

  • Friendship and Empathy
  • Determination and Perseverance
  • Overcoming Physical Challenges
  • Unique Experiences
  • Secrecy and Risk
  • Nature's Role
  • Accessibility
  • Linguistic Connections (Hindi, Sanskrit, English Numbers)

Important topics

  • The bond between Totto-chan and Yasuki-chan
  • Totto-chan's efforts and determination
  • Yasuki-chan's experience of climbing the tree
  • The significance of their 'Apurva Anubhav'
  • Lessons on empathy and support
  • Accessibility for people with disabilities

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए तोत्तो-चान ने अथक प्रयास क्यों किया? लिखिए।
Solution:

तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए अथक प्रयास इसलिए किया क्योंकि यासुकी-चान पोलियो से पीड़ित था। इस कारण वह न तो स्वयं किसी पेड़ पर चढ़ पाता था और न ही वह किसी पेड़ को अपनी निजी संपत्ति मानता था। तोमोए स्कूल में हर बच्चे का अपना एक निजी पेड़ था और पेड़ पर चढ़ना उनका प्रिय शौक था। तोत्तो-चान यह जानती थी कि यासुकी-चान भी अन्य बच्चों की तरह पेड़ पर चढ़ने की इच्छा रखता है। इसी इच्छा को पूरा करने और उसे खुशी देने के लिए तोत्तो-चान ने उसे पेड़ पर चढ़ाने के लिए बहुत मेहनत की।

प्रश्न 2

दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अलग थे। दोनों में क्या अंतर रहे? लिखिए।
Solution:

तोत्तो-चान और यासुकी-चान दोनों को पेड़ पर चढ़ने के इस अनुभव से एक 'अपूर्व' (अनोखा) एहसास हुआ, लेकिन उनके अनुभव कुछ भिन्न थे:

तोत्तो-चान का अनुभव: तोत्तो-चान स्वयं तो रोज़ ही अपने निजी पेड़ पर चढ़कर खुश होती थी। लेकिन आज जब उसने पोलियो से ग्रस्त अपने मित्र यासुकी-चान को पेड़ की द्विशाखा तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की, तो उसे केवल खुशी ही नहीं हुई, बल्कि एक गहरी आत्म-संतुष्टि भी मिली। उसने अपने मित्र की असंभव लगने वाली इच्छा को पूरा करने में मदद की थी।

यासुकी-चान का अनुभव: यासुकी-चान के लिए यह अनुभव अत्यधिक प्रसन्नतादायक था। उसके मन की एक ऐसी इच्छा पूरी हुई थी जो उसके लिए लगभग असंभव थी। पेड़ पर चढ़कर उसने पहली बार दुनिया को एक ऊँचाई से, एक नए नजरिए से निहारा, जो उसके लिए बिल्कुल नया और अद्भुत था।

प्रश्न 3

पाठ में खोजकर देखिए - कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है? उत्तर:-
Solution:

पाठ के अनुसार, सूरज का तेज ताप तोत्तो-चान और यासुकी-चान पर तब पड़ रहा था जब वे तिपाई-सीढ़ी का उपयोग करके पेड़ की द्विशाखा तक पहुँचने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान वे पसीने से तरबतर हो रहे थे।

बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से तब बचा रहा था, जब तोत्तो-चान अपनी पूरी ताकत लगाकर यासुकी-चान को पेड़ पर ऊपर की ओर खींच रही थी।

मेरे अनुसार, इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण प्रकृति की ओर से उन दोनों बच्चों के प्रति एक प्रकार की सहृदयता और कोमलता थी। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति भी चाहती थी कि ये दोनों मित्र अपने प्रयास में सफल हों और उन्हें कष्ट न हो, इसलिए उसने बादल की छाया से उनकी मदद की।

प्रश्न 4

'यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह ..... अंतिम मौका था' - इस अधूरे वाक्य को पूरा कीजिये और लिखकर बताइए कि लेखिका ने ऐसा क्यों लिखा होगा।
Solution:

अधूरा वाक्य इस प्रकार पूरा होगा: 'यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह शायद अंतिम मौका था, क्योंकि वह पोलियो से पीड़ित था और स्वयं पेड़ पर चढ़ने में असमर्थ था। साथ ही, तोत्तो-चान ने यह सब अपने माता-पिता को बिना बताए और काफी जोखिम उठाकर किया था। संभव है कि वह दोबारा ऐसा जोखिम भरा कार्य न कर पाए या उसे ऐसा अवसर दोबारा न मिले।

प्रश्न 5

तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन में यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की दृढ़ इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुद्धि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और बुद्धि प्रयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं?
Solution:

हमारा लक्ष्य ऐसी सफलता प्राप्त करना है जिससे हम दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें। हम तीव्र इच्छा रखते हैं कि अपनी बुद्धि और कठोर परिश्रम का उपयोग करके ऐसे कार्य करें जिनसे किसी के चेहरे पर मुस्कान आए या किसी के लिए असंभव लगने वाले कार्य को संभव बनाया जा सके। उदाहरण के लिए, हम किसी जरूरतमंद की मदद करने या समाज में किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए कड़ी मेहनत करना चाहेंगे।

प्रश्न 6

अपनी माँ से झूठ बोलते समय तोत्तो-चान की नज़रें नीचे क्यों थीं?
Solution:

अपनी माँ से झूठ बोलते समय तोत्तो-चान की नज़रें नीचे इसलिए थीं क्योंकि वह जानती थी कि वह झूठ बोल रही है और उसे डर था कि कहीं उसकी माँ उसके झूठ को पकड़ न ले। नज़रें झुका लेना अक्सर अपराध बोध या पकड़े जाने के डर का संकेत होता है।

प्रश्न 7

यासुकी-चान जैसे शारीरिक चुनौतियों से गुज़रनेवाले व्यक्तियों के लिए चढ़ने-उतरने की सुविधाएँ हर जगह नहीं होतीं। लेकिन कुछ जगहों पर ऐसी सुविधाएँ दिखाई देती हैं। उन सुविधा वाली जगहों की सूची बनाइए।
Solution:

यासुकी-चान जैसे शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले व्यक्तियों के लिए चढ़ने-उतरने की विशेष सुविधाएँ आजकल कई सार्वजनिक और निजी स्थानों पर उपलब्ध होती हैं। ऐसी कुछ जगहों की सूची इस प्रकार है:

  • निजी और सरकारी अस्पताल
  • बस अड्डे और रेलवे स्टेशन
  • हवाई अड्डे (विमान तल)
  • शॉपिंग मॉल
  • मेट्रो रेल स्टेशन
  • बड़े कार्यालय भवन
  • कुछ सार्वजनिक पार्क और संग्रहालय

इन स्थानों पर आमतौर पर रैंप, विशेष लिफ्ट, और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

भाषा की बात - प्रश्न 1

द्विशाखा शब्द द्वि और शाखा के योग से बना है- द्वि का अर्थ है दो और शाखा का अर्थ है-डाल। द्विशाखा पेड के तने का वह भाग है जहाँ से दो मोटी-मोटी डालियाँ एक साथ निकलती हैं। द्वि की भाँति आप त्रि से बननेवाला शब्द त्रिकोण जानते होंगे। त्रि का अर्थ है तीन। इस प्रकार चार, पाँच, छः, सात, आठ, नौ और दस संख्यावाची संस्कृत शब्द उपयोग में अकसर आते हैं। इन संख्यावाची शब्दों की जानकारी प्राप्त कीजिए और देखिए कि क्या इन शब्दों की ध्वनियाँ अंग्रेजी संख्या के नामों से कुछ-कुछ मिलती-जुलती है, जैसे हिन्दी-आठ, संस्कृत-अष्ट, अंग्रेजी-एट।
Solution:

यह एक रोचक भाषाई तुलना है। आइए, हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में 1 से 10 तक की संख्याओं के नामों को देखें और उनकी ध्वनियों में समानता खोजने का प्रयास करें:

संख्या हिंदी संस्कृत अंग्रेजी
एक एक एकम् One
दो दो द्वे Two
तीन तीन त्रिणि Three
चार चार चत्वारि Four
पाँच पाँच पञ्च Five
छः छः षट् Six
सात सात सप्त Seven
आठ आठ अष्ट Eight
नौ नौ नव Nine
दस दस दश Ten

जैसा कि उदाहरण में दिया गया है (आठ-अष्ट-एट), हम देख सकते हैं कि कई शब्दों की ध्वनियों में आश्चर्यजनक समानता है। यह समानता इसलिए है क्योंकि हिंदी और संस्कृत दोनों ही भारोपीय भाषा परिवार की सदस्य हैं, और अंग्रेजी पर भी इनका प्रभाव रहा है। संस्कृत के कई शब्द सीधे हिंदी में आए हैं या उन्होंने हिंदी को प्रभावित किया है, और लैटिन व ग्रीक के माध्यम से अंग्रेजी से भी संबंध स्थापित होता है।

Common mistakes

  • Not fully appreciating the emotional depth of the characters' experiences.
  • Underestimating the significance of Totto-chan's efforts due to her secrecy.
  • Failing to connect the story's themes to real-world issues of accessibility.
  • Overlooking the linguistic comparison exercise.

Revision tips

  • Reread the chapter focusing on Totto-chan's motivations and Yasuki-chan's feelings.
  • Discuss the meaning of 'Apurva Anubhav' for each character.
  • Consider how Totto-chan's actions demonstrate perseverance.
  • Reflect on the importance of inclusive facilities for people with physical challenges.
  • Review the language section to reinforce number vocabulary.

Practice MCQs

Q1. तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का प्रयास क्यों किया?

Q2. तोत्तो-चान को यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने से कैसा अनुभव हुआ?

Q3. यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़कर कैसा महसूस हुआ?

Q4. तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से छिपाया क्योंकि:

Q5. पाठ के अनुसार, 'द्विशाखा' शब्द का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

यह पाठ 'अपूर्व अनुभव' किस बारे में है?

यह पाठ तोत्तो-चान और यासुकी-चान की गहरी दोस्ती और एक अविस्मरणीय अनुभव के बारे में है, जहाँ तोत्तो-चान अपने पोलियो से पीड़ित मित्र यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने में मदद करती है।

तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का जोखिम क्यों उठाया?

तोत्तो-चान ने यह जोखिम इसलिए उठाया क्योंकि वह जानती थी कि यासुकी-चान पेड़ पर चढ़ना चाहता है, लेकिन पोलियो के कारण वह ऐसा नहीं कर पाता था। तोत्तो-चान ने उसके सपने को पूरा करने का दृढ़ निश्चय किया।

तोत्तो-चान और यासुकी-चान के 'अपूर्व अनुभव' में क्या अंतर था?

तोत्तो-चान के लिए यह अनुभव आत्म-संतुष्टि का था, क्योंकि उसने अपने मित्र की मदद की थी। यासुकी-चान के लिए यह अनुभव दुनिया को एक नए नजरिए से देखने और एक असंभव इच्छा को पूरा करने का था।

पाठ में 'द्विशाखा' शब्द का क्या महत्व है?

'द्विशाखा' पेड़ के तने का वह हिस्सा है जहाँ से दो मोटी डालियाँ निकलती हैं। यह उस विशिष्ट स्थान को दर्शाता है जहाँ तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को चढ़ाने का प्रयास किया।

यह पाठ हमें क्या सिखाता है?

यह पाठ हमें दोस्ती, सहानुभूति, दृढ़ निश्चय, परिश्रम के महत्व और शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले लोगों के प्रति संवेदनशीलता सिखाता है।

भाषा की बात खंड में क्या सिखाया गया है?

भाषा की बात खंड में 'द्विशाखा' जैसे यौगिक शब्दों के निर्माण को समझाया गया है और हिंदी, संस्कृत व अंग्रेजी में संख्याओं के नामों के बीच ध्वन्यात्मक समानता पर प्रकाश डाला गया है।

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