कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 11 - रहीम के दोहे

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यह पृष्ठ कक्षा 7 हिंदी की पुस्तक में संकलित 'रहीम के दोहे' (पाठ 11) के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें रहीम दास द्वारा रचित प्रसिद्ध दोहों का गहन विश्लेषण शामिल है, जो जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों जैसे परोपकार, सहनशीलता, मित्रता और धन के सदुपयोग पर प्रकाश डालते हैं। समाधान प्रत्येक दोहे के भावार्थ को स्पष्ट करते हैं, उदाहरणों के साथ कथनों को पहचानने में छात्रों की सहायता करते हैं, और यह भी बताते हैं कि इन शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में कैसे उतारा जा सकता है। भाषा की बात खंड में शब्दों के प्रचलित रूप और अनुप्रास अलंकार के प्रयोग को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. रहीम के दोहे

Chapter summary

कक्षा 7 के लिए 'रहीम के दोहे' (पाठ 11) के NCERT समाधान छात्रों को रहीम दास के नीतिपरक दोहों से परिचित कराते हैं। यह खंड दोहों को कथन और उदाहरण में वर्गीकृत करना सिखाता है, साथ ही परोपकार, सहनशीलता और सच्ची मित्रता जैसे विषयों पर उनके संदेशों को स्पष्ट करता है। इसमें भाषा के प्रचलित रूपों और अनुप्रास अलंकार के उदाहरण भी शामिल हैं, जो हिंदी भाषा की सुंदरता को बढ़ाते हैं। ये समाधान छात्रों को दोहों के अर्थ को समझने और उन्हें अपने जीवन में लागू करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • दोहों को कथन और उदाहरण के रूप में वर्गीकृत करना सीखना।
  • रहीम के दोहों के नैतिक संदेशों को समझना।
  • परोपकार और सहनशीलता के महत्व को पहचानना।
  • सच्ची मित्रता की कसौटी को समझना।
  • शब्दों के प्रचलित रूपों को पहचानना।
  • अनुप्रास अलंकार के प्रयोग को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • रहीम के दोहे
  • परोपकार
  • सहनशीलता
  • मित्रता
  • धन का सदुपयोग
  • कथन और उदाहरण
  • शब्दों के प्रचलित रूप
  • अनुप्रास अलंकार
  • नैतिक शिक्षा
  • हिंदी व्याकरण

Important topics

  • दोहों का भावार्थ और नैतिक संदेश
  • कथन और उदाहरण की पहचान
  • जीवन में सीखों का अनुप्रयोग
  • भाषा की बात: शब्दों के रूप और अलंकार

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

पाठ में दिए गए दोहों की कोई पंक्ति कथन है और कोई कथन को प्रमाणित करनेवाला उदाहरण। इन दोनों प्रकार की पंक्तियों को पहचान कर अलग-अलग लिखिए।
Solution:

रहीम के दोहों में, कुछ पंक्तियाँ सीधे तौर पर कोई सीख या विचार प्रस्तुत करती हैं, जिन्हें 'कथन' कहा जाता है। वहीं, कुछ पंक्तियाँ उन कथनों को स्पष्ट करने या प्रमाणित करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

उदाहरण वाले दोहे:

  • तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियत न पान। कहि रहीम परकाज हित, संपति-संचिह सुजान।।
  • धरती की-सी रीत है, सीत घाम औ मेह। जैसी परे सो सहि रहे, त्यों रहीम यह देह।।
  • थोथे बादर क्वार के, ज्यों रहीम घहरात। धनी पुरुष निर्धन भए, करें पाछिली बात।।

कथन वाले दोहे:

  • जाल परे जल जात बहि, तजि मीनन को मोह। रहिमन मछरी नीर को, तऊ न छाँड़ति छोह।।
  • कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत। बिपति कसौटी जे कसे, तेई साँचे मीत।।

प्रश्न 2

रहीम ने क्वार के मास में गरजनेवाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
Solution:

रहीम ने क्वार (भादों के बाद आने वाला महीना) के बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से की है जो कभी धनी थे, क्योंकि क्वार के बादल केवल गरजते हैं, बरसते नहीं। उनकी गरज व्यर्थ होती है। इसी प्रकार, जो व्यक्ति अपनी पिछली अमीरी की बातें करके वर्तमान में दूसरों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, वे भी केवल व्यर्थ की बातें करते हैं और उनके पास वास्तव में कुछ नहीं होता।

सावन के बादल गरजने के साथ-साथ बरसते भी हैं और धरती की प्यास बुझाते हैं, जिससे चारों ओर हरियाली छा जाती है। वे उपयोगी होते हैं। इसके विपरीत, क्वार के बादल केवल गरजते हैं और बरसते नहीं, इसलिए वे निरर्थक माने जाते हैं। इस प्रकार, रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना उन लोगों से की है जो केवल दिखावा करते हैं और किसी के काम नहीं आते, जबकि सावन के बादल सच्चे उपयोगी व्यक्ति का प्रतीक हैं जो गरजने के साथ-साथ अपना कर्म भी करते हैं।

प्रश्न 3

नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए -
  • क) तरुवर फल.....सचिहें सुजान।।
  • ख) धरती की-सी.....यह देह।।
Solution:

क) तरुवर फल.....सचिहें सुजान।।

इस दोहे की सीख को जीवन में उतारने से हमारे मन से स्वार्थ की भावना समाप्त हो जाएगी। हम दूसरों के हित के लिए कार्य करने लगेंगे, ठीक वैसे ही जैसे पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और नदियाँ अपना पानी स्वयं नहीं पीतीं। सज्जन (सुजान) अपनी संपत्ति दूसरों की भलाई के लिए ही संचित करते हैं। इससे हमारा जीवन परोपकारी बनेगा और हम समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे, जिससे हमें आत्मिक संतुष्टि मिलेगी।

ख) धरती की-सी.....यह देह।।

इस दोहे की सीख को जीवन में अपनाने से हमारे अंदर सहनशीलता का गुण विकसित होगा। जिस प्रकार धरती सर्दी, गर्मी, बरसात - हर मौसम को चुपचाप सह लेती है और अपना कार्य करती रहती है, उसी प्रकार हम भी जीवन में आने वाले सुख-दुःख, सफलता-असफलता, और अन्य कठिनाइयों को सहजता से स्वीकार करना सीख जाएंगे। इससे हमारा जीवन अधिक शांत और सरल हो जाएगा, क्योंकि हम छोटी-छोटी बातों पर विचलित नहीं होंगे।

भाषा की बात

निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित हिन्दी रूप लिखिए -

जैसे - परे-पड़े (रे, ड़े)

बिपति बादर

मछरी सीत

Solution:

यहाँ दिए गए शब्दों के प्रचलित हिन्दी रूप इस प्रकार हैं:

  • बिपति - विपत्ति
  • बादर - बादल
  • मछरी - मछली
  • सीत - शीत

भाषा की बात

नीचे दिए उदाहरण पढ़िए -
  • क) बनत बहुत बहु रीत।
  • ख) जाल परे जल जात बहि।

उपर्युक्त उदाहरणों की पहली पंक्ति में 'ब' का प्रयोग कई बार किया गया है और दूसरी में 'ज' का प्रयोग। इस प्रकार बार-बार एक ध्वनि के आने से भाषा की सुंदरता बढ़ जाती है। वाक्य रचना की इस विशेषता के अन्य उदाहरणों में खोजकर लिखिए।

Solution:

जब किसी वाक्य या पद में एक ही वर्ण या ध्वनि बार-बार आती है, तो भाषा की सुंदरता बढ़ जाती है। इस अलंकार को 'अनुप्रास अलंकार' कहते हैं। दिए गए उदाहरणों में:

  • 'बनत बहुत बहु रीत' में 'ब' ध्वनि की आवृत्ति हुई है।
  • 'जाल परे जल जात बहि' में 'ज' ध्वनि की आवृत्ति हुई है।

इसी प्रकार के अन्य उदाहरण निम्नलिखित हैं:

  • <u>सं</u>पत्ति <u>सं</u>चहि सुजान। (यहाँ 'स' ध्वनि की आवृत्ति)
  • <u>का</u>ली लहर <u>क</u>ल्पना <u>का</u>ली, <u>का</u>ल <u>को</u>ठरी <u>का</u>ली। (यहाँ 'क' ध्वनि की आवृत्ति)
  • <u>चा</u>रू <u>चं</u>द्र की <u>चं</u>चल किरणें। (यहाँ 'च' ध्वनि की आवृत्ति)

Common mistakes

  • दोहों के कथन और उदाहरण वाले हिस्सों को पहचानने में भ्रमित होना।
  • दोहों के गहरे अर्थ को समझने में कठिनाई।
  • सीखी गई बातों को अपने जीवन में लागू करने में असमर्थता।
  • भाषा की बात खंड में व्याकरणिक बारीकियों को अनदेखा करना।

Revision tips

  • प्रत्येक दोहे को ध्यान से पढ़ें और उसके मुख्य संदेश को समझें।
  • कथन और उदाहरण वाली पंक्तियों को अलग करने का अभ्यास करें।
  • दोहों में दी गई सीखों को अपने दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़ें।
  • भाषा की बात खंड में दिए गए व्याकरणिक बिंदुओं को दोहराएं।

Practice MCQs

Q1. रहीम के दोहों के अनुसार, कौन से दोहे उदाहरण प्रस्तुत करते हैं?

Q2. रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे की है?

Q3. यदि हम 'धरती की-सी रीत है, सीत घाम औ मेह। जैसी परे सो सहि रहे, त्यों रहीम यह देह।।' दोहे की सीख अपनाएं तो क्या लाभ होगा?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'बिपति' का प्रचलित हिन्दी रूप है?

Q5. भाषा की सुंदरता बढ़ाने के लिए एक ही ध्वनि का बार-बार प्रयोग क्या कहलाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 11 'रहीम के दोहे' में क्या सिखाया गया है?

इस पाठ में रहीम के दोहों के माध्यम से परोपकार, सहनशीलता, सच्ची मित्रता और धन के सदुपयोग जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों को सिखाया गया है। इसमें दोहों को कथन और उदाहरण में वर्गीकृत करना भी सिखाया गया है।

दोहों में कथन और उदाहरण का क्या अर्थ है?

कथन वह पंक्ति होती है जो कोई बात या सीख बताती है, जबकि उदाहरण वह पंक्ति होती है जो उस बात को सिद्ध करने के लिए कोई प्रसंग या स्थिति प्रस्तुत करती है।

रहीम ने किन दोहों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है?

रहीम ने 'तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियत न पान।' और 'धरती की-सी रीत है, सीत घाम औ मेह।' जैसे दोहों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है, जो क्रमशः परोपकार और सहनशीलता के गुणों को दर्शाते हैं।

भाषा की बात खंड में क्या समझाया गया है?

भाषा की बात खंड में शब्दों के प्रचलित हिन्दी रूप (जैसे बिपति का विपत्ति) और अनुप्रास अलंकार (एक ही ध्वनि का बार-बार प्रयोग) के बारे में बताया गया है, जिससे भाषा की सुंदरता बढ़ती है।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान दोहों के अर्थ को स्पष्ट करते हैं, मुख्य संदेशों को उजागर करते हैं, और भाषा के व्याकरणिक पहलुओं को समझाते हैं, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होते हैं।

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