कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 15 नीलकंठ

NCERT Solutions PDF Class 7 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 7 की हिंदी की पुस्तक के पाठ 15, 'नीलकंठ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ महादेवी वर्मा द्वारा लिखित एक सुंदर रेखाचित्र है, जो नीलकंठ नामक मोर और उसकी साथी राधा के जीवन का वर्णन करता है। समाधानों में नीलकंठ के नामकरण, उसके बच्चों के स्वागत, लेखिका को पसंद आने वाली उसकी चेष्टाओं, और कुब्जा के आगमन से उत्पन्न हुई जटिलताओं पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बसंत ऋतु में नीलकंठ की बेचैनी, कुब्जा के साथ संबंधों की प्रकृति, और खरगोश को साँप से बचाने जैसी घटनाओं का भी विश्लेषण किया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter15 नीलकंठ

Chapter summary

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 15 'नीलकंठ' के ये NCERT समाधान नीलकंठ नामक मोर और उसकी साथी राधा के जीवन पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं, जैसे कि पात्रों का नामकरण, जाली घर में उनका जीवन, और कुब्जा के आगमन से उत्पन्न संघर्ष। इसमें नीलकंठ के स्वभाव की विशेषताओं, जैसे वीरता और करुणा, को भी उजागर किया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की घटनाओं और पात्रों के बीच संबंधों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • नीलकंठ और राधा के नामकरण के आधार को समझना।
  • जाली घर में मोर के बच्चों के स्वागत के तरीके का वर्णन करना।
  • नीलकंठ की उन विशेष चेष्टाओं की पहचान करना जो लेखिका को प्रिय थीं।
  • कुब्जा के आगमन से उत्पन्न हुई समस्या को समझना।
  • नीलकंठ के स्वभाव की विशेषताओं का विश्लेषण करना, विशेषकर खरगोश को बचाने की घटना के आधार पर।
  • बसंत ऋतु में नीलकंठ की बेचैनी के कारण को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • नीलकंठ का नामकरण
  • मोर-मोरनी का व्यवहार
  • जाली घर का जीवन
  • पशु-पक्षियों का स्वागत
  • लेखिका की नीलकंठ से आत्मीयता
  • कुब्जा का आगमन और संघर्ष
  • बसंत ऋतु का प्रभाव
  • नीलकंठ का वीर और करुणामय स्वभाव
  • साँप से खरगोश की रक्षा
  • रेखाचित्र की विशेषताएँ
  • वर्षा ऋतु और मोर का नृत्य
  • मोर पंख और गंगा की लहरों में समानता

Important topics

  • नीलकंठ और राधा का संबंध
  • कुब्जा के चरित्र का विश्लेषण
  • नीलकंठ का खरगोश को बचाना
  • लेखिका की नीलकंठ के प्रति भावनाएँ
  • पाठ का रेखाचित्र शैली में वर्णन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

मोर और मोरनी के नाम किस आधार पर रखे गए थे?
Solution: मोर का नाम 'नीलकंठ' उसकी गर्दन के सुंदर नीले रंग के कारण रखा गया था। मोरनी का नाम 'राधा' इसलिए रखा गया क्योंकि वह हमेशा नीलकंठ के आसपास ही घूमती रहती थी, जैसे राधा कृष्ण के आसपास रहती है।

प्रश्न 2

जब मोर के बच्चे जाली के बड़े घर में पहुँचे, तो उनका स्वागत किस प्रकार हुआ?
Solution: जाली के बड़े घर में मोर के बच्चों के पहुँचते ही वहाँ हलचल मच गई। अन्य जीव-जंतुओं में नववधू के आगमन जैसा कौतूहल था। लक्का कबूतरों ने नाचना छोड़कर उनके चारों ओर घूम-घूमकर गुटरगूँ करना शुरू कर दिया। बड़े खरगोश गंभीर भाव से कतार में बैठकर उन्हें परखने लगे, जबकि छोटे खरगोश उनके आसपास उछल-कूद मचाने लगे। तोते भी मानो निरीक्षण करने के लिए एक आँख बंद करके उन्हें देखने लगे।

प्रश्न 3

लेखिका को नीलकंठ की कौन-कौन सी चेष्टाएँ बहुत पसंद आती थीं?
Solution: लेखिका को नीलकंठ की कई चेष्टाएँ बहुत भाती थीं, जिनमें शामिल हैं: अपनी गर्दन ऊँची करके विशेष भंगिमा के साथ देखना, दाना चुगते या पानी पीते समय गर्दन को झुकाना, और कान लगाकर किसी शब्द को सुनने का प्रयास करना। इसके अतिरिक्त, पंखों को फैलाकर उसका मनमोहक नृत्य भी लेखिका को बहुत प्रिय था।

प्रश्न 4

'इस आनंदोत्सव की रागिनी में बेमेल स्वर कैसे बज उठा' - यह वाक्य किस घटना की ओर संकेत कर रहा है?
Solution: यह वाक्य नीलकंठ और राधा के प्रेमपूर्ण और आनंदमय जीवन में कुब्जा नामक एक अन्य मोरनी के आगमन की ओर संकेत कर रहा है। कुब्जा के आने से उनके सुखद जीवन में अशांति फैल गई। वह नीलकंठ पर अधिकार जमाना चाहती थी और राधा को उसके पास नहीं आने देती थी, यहाँ तक कि उसे चोंच से मारती थी। कुब्जा के लगातार हस्तक्षेप और ईर्ष्या ने नीलकंठ के शांतिपूर्ण जीवन को भंग कर दिया, जो अंततः उसके लिए घातक सिद्ध हुआ।

प्रश्न 5

बसंत ऋतु में नीलकंठ के लिए जालीघर में बंद रहना असहनीय क्यों हो जाता था?
Solution: बसंत ऋतु में प्रकृति अपने पूरे उफान पर होती है। आम के वृक्ष सुनहली मंजरियों से लद जाते थे और अशोक के वृक्ष नए लाल पल्लवों से ढक जाते थे। नीलकंठ को फलों के वृक्षों से अधिक ऐसे नए पत्तों और फूलों से लदे वृक्ष पसंद थे। इस ऋतु की सुंदरता और उन्मुक्त वातावरण के कारण जालीघर में बंद रहना उसे असहनीय लगता था, इसलिए उसे अक्सर बाहर छोड़ना पड़ता था।

प्रश्न 6

जाली घर में रहने वाले सभी जीव एक-दूसरे के मित्र बन गए थे, पर कुब्जा के साथ ऐसा संभव क्यों नहीं हो पाया?
Solution: जाली घर के अन्य जीव मित्रवत व्यवहार करते थे, लेकिन कुब्जा का स्वभाव आक्रामक और एकाकी था। वह किसी से मित्रता नहीं करना चाहती थी और केवल नीलकंठ के साथ रहना पसंद करती थी। यदि कोई अन्य जीव नीलकंठ के पास जाता, तो वह तुरंत उसे चोंच से मारने दौड़ती थी। इस व्यवहार के कारण वह अन्य जीवों के साथ घुल-मिल नहीं पाई और उसका व्यवहार मित्रतापूर्ण नहीं रह सका।

प्रश्न 7

नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को साँप से किस तरह बचाया? इस घटना के आधार पर नीलकंठ के स्वभाव की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Solution: एक बार जब साँप ने खरगोश के बच्चे का पिछला हिस्सा अपने मुँह में दबा लिया और वह चीख रहा था, तब नीलकंठ ने यह आवाज सुनी। वह तुरंत नीचे आया और उसने साँप के फन पर सीधे चोंच मारने के बजाय, अपने पंजों से साँप के फन को दबाया और फिर चोंच से इतना मारा कि साँप अधमरा हो गया। इससे खरगोश छूट गया। साँप को मारने के बाद, नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को अपने पंखों के नीचे रखकर रात भर उसे गर्मी दी ताकि वह ठीक हो सके।

इस घटना से नीलकंठ के स्वभाव की निम्नलिखित विशेषताएँ उजागर होती हैं:

  • वीरता और साहस: उसने बिना डरे साँप का सामना किया।
  • करुणा और संवेदनशीलता: उसने खरगोश के बच्चे की पीड़ा को समझा और उसकी रक्षा की।
  • बुद्धिमत्ता: उसने साँप के फन पर सीधे चोट करने के बजाय पंजों का प्रयोग किया ताकि खरगोश घायल न हो।
  • साथियों के प्रति प्रेम: उसने अपने साथी जीव की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई।

प्रश्न 1

यह पाठ एक 'रेखाचित्र' है। रेखाचित्र की क्या-क्या विशेषताएँ होती हैं? जानकारी प्राप्त कीजिए और लेखिका के लिखे किसी अन्य रेखाचित्र को पढ़िए।
Solution: रेखाचित्र किसी व्यक्ति, वस्तु या जीव के जीवन के प्रमुख पहलुओं, चरित्र की विशेषताओं और महत्वपूर्ण घटनाओं का संक्षिप्त, सजीव और कलात्मक चित्रण होता है। इसमें लेखक अपनी कल्पना और संवेदना का प्रयोग करके पात्र को जीवंत कर देता है। रेखाचित्र में विस्तृत कथानक के बजाय पात्र के व्यक्तित्व पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है। महादेवी वर्मा द्वारा लिखित अन्य प्रसिद्ध रेखाचित्रों में 'मेरा परिवार' (जिसमें 'नीलकंठ' भी संकलित है) या 'स्मृति की रेखाएँ' जैसी कृतियाँ शामिल हैं। आप पुस्तकालय से इन कृतियों को लेकर पढ़ सकते हैं।

प्रश्न 2

वर्षा ऋतु में जब आकाश में बादल घिर आते हैं तब मोर पंख फैलाकर धीरे-धीरे मचलने लगता है-यह मोहक दृश्य देखने का प्रयास कीजिए।
Solution: वर्षा ऋतु में जब आकाश में काले बादल घिर आते हैं और बिजली चमकती है, तब मोर अपने पंखों को फैलाकर एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत करता है। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है। इस मोहक दृश्य को देखने के लिए आप किसी अभयारण्य, चिड़ियाघर या ग्रामीण क्षेत्र में वर्षा के मौसम में जा सकते हैं, जहाँ मोर प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।

प्रश्न 3

पुस्तकालय से ऐसी कहानियों, कविताओं या गीतों को खोजकर पढ़िए जो वर्षा ऋतु और मोर के नाचने से संबंधित हों।
Solution: वर्षा ऋतु और मोर के नाचने से संबंधित कई सुंदर कविताएँ और गीत हिंदी साहित्य में उपलब्ध हैं। आप पुस्तकालय में जाकर सुमित्रानंदन पंत की 'लहर', 'बासंती' जैसी कविताओं में प्रकृति और मोर के वर्णन को खोज सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कई लोकगीतों और बालगीतों में भी वर्षा और मोर के नाच का सुंदर चित्रण मिलता है। इन्हें पढ़कर आप इस विषय पर अपनी समझ और कल्पना को और बढ़ा सकते हैं।

प्रश्न 1

निबंध में आपने ये पंक्तियां पढ़ी है-'मैं अपने शाल में लपेटकर उसे संगम ले गई। जब गंगा की बीच धार में उसे प्रवाहित किया गया तब उसके पंखों की चंद्रिकाओं से बिंबित-प्रतिबिंबित होकर गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर के समान तरंगित हो उठा।' इन पंक्तियों में एक भावचित्र है। इसके आधार पर कल्पना कीजिए और लिखिए कि मोरपंख की चंद्रिका और गंगा की लहरों में क्या-क्या समानताएँ लेखिका ने देखी होंगी जिसके कारण गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर पंख के समान तरंगित हो उठा।
Solution: लेखिका ने जब नीलकंठ के पार्थिव शरीर को गंगा में प्रवाहित किया होगा, तो उसके पंखों की चंद्रिकाएँ (आँखों जैसे निशान) गीली होकर गंगा की धारा पर फैल गई होंगी। गंगा की लहरों के उठने और गिरने में उन्हें मोर पंख की चंद्रिकाओं की तरह ही एक विशेष लय और सुंदरता दिखाई दी होगी। लहरों का हिलना-डुलना और पानी की सतह पर पड़ने वाले प्रतिबिंबों में उन्हें मोर पंख की पंखुड़ियों की तरह फैलाव और गहराई का अहसास हुआ होगा। संभवतः, गंगा के चौड़े पाट पर लहरों की गति और उनमें दिख रहे प्रतिबिंबों ने लेखिका को एक विशाल मयूर पंख के फैले हुए रूप का दृश्य प्रस्तुत किया होगा, जहाँ लहरें पंख की पंखुड़ियों की तरह और चंद्रिकाएँ पानी पर चमकते प्रतिबिंबों की तरह प्रतीत हुई होंगी।

Common mistakes

  • कुब्जा के चरित्र और उसके व्यवहार के कारणों को गलत समझना।
  • नीलकंठ द्वारा खरगोश को बचाने की घटना के विवरण में चूक करना।
  • पाठ के भावनात्मक और वर्णनात्मक पहलुओं को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • नीलकंठ और राधा के रिश्ते पर ध्यान केंद्रित करें।
  • कुब्जा के आगमन के बाद कहानी में आए बदलावों को समझें।
  • नीलकंठ के स्वभाव की विशेषताओं को उदाहरण सहित याद करें।
  • पाठ में वर्णित विभिन्न पक्षियों और जानवरों के व्यवहार पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. मोर का नाम 'नीलकंठ' किस आधार पर रखा गया?

Q2. जाली के बड़े घर में पहुँचने पर मोर के बच्चों का स्वागत किसने और कैसे किया?

Q3. लेखिका को नीलकंठ की कौन सी चेष्टा सबसे अधिक भाती थी?

Q4. कुब्जा के आगमन से नीलकंठ और राधा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?

Q5. नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे को साँप से कैसे बचाया?

Frequently asked questions

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 15 'नीलकंठ' में मुख्य पात्र कौन हैं?

इस पाठ में मुख्य पात्र नीलकंठ (मोर), राधा (मोरनी), कुब्जा (मोरनी), और लेखिका महादेवी वर्मा हैं। पाठ में खरगोश और अन्य पक्षी-जीव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नीलकंठ का नाम 'नीलकंठ' क्यों रखा गया?

मोर की गर्दन के सुंदर नीले रंग के कारण लेखिका ने उसका नाम नीलकंठ रखा था।

कुब्जा के आने से नीलकंठ और राधा के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?

कुब्जा के आने से नीलकंठ और राधा के आनंदमय जीवन में बाधा उत्पन्न हुई। कुब्जा ईर्ष्यालु थी और वह राधा को नीलकंठ के पास नहीं आने देती थी, जिससे उनके जीवन में अशांति फैल गई।

नीलकंठ ने खरगोश के बच्चे की जान कैसे बचाई?

जब एक साँप ने खरगोश के बच्चे को पकड़ लिया, तो नीलकंठ ने फुर्ती से साँप के फन पर चोंच मारकर उसे अधमरा कर दिया और खरगोश को बचा लिया। बाद में उसने खरगोश को अपने पंखों से गर्मी देकर ठीक किया।

यह पाठ किस साहित्यिक विधा में लिखा गया है?

यह पाठ एक 'रेखाचित्र' है, जो किसी व्यक्ति या जीव के जीवन के मुख्य पहलुओं को संक्षिप्त और सजीव रूप से प्रस्तुत करता है।

इन NCERT समाधानों से छात्रों को कैसे मदद मिलेगी?

ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य पात्रों और घटनाओं का विश्लेषण करने, और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करेंगे।

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