कक्षा 6 हिंदी NCERT समाधान: वसंत भाग 1 - पाठ 15 नौकर

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यह पृष्ठ कक्षा 6 की हिंदी पुस्तक 'वसंत भाग 1' के पाठ 15 'नौकर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ महात्मा गांधी के जीवन के उन पहलुओं पर प्रकाश डालता है जहाँ वे स्वयं आश्रम के सामान्य कार्यों को करते थे, जिन्हें अक्सर नौकर-चाकर करते हैं। समाधानों में छात्रों द्वारा आश्रम में किए गए कार्यों, गांधीजी द्वारा स्वयं चक्की पीसने, रसोईघर के काम करने, कुएँ से पानी लाने जैसे उदाहरणों को समझाया गया है। लंदन में भोज के दौरान गांधीजी की सेवा भावना और श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध छुड़ाने में उनकी भूमिका का भी वर्णन है। ये समाधान छात्रों को गांधीजी के निस्वार्थ सेवा भाव, श्रम के प्रति सम्मान और सादगीपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए, ये समाधान पाठ की गहरी समझ विकसित करने और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में सहायक हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterVasant Part – 1 - Ch 15: नौकर

Chapter summary

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 15 'नौकर' के ये NCERT समाधान महात्मा गांधी के आश्रम जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर केंद्रित हैं। समाधान बताते हैं कि कैसे गांधीजी स्वयं चक्की पीसने, रसोई के काम करने और कुएँ से पानी लाने जैसे कार्य करते थे, भले ही वे उस समय अच्छी कमाई कर रहे हों। लंदन में छात्रों के भोज में उनकी मदद करने और श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध छुड़ाने के प्रसंगों से उनकी सेवा भावना स्पष्ट होती है। यह समाधान छात्रों को श्रम के महत्व और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • गांधीजी द्वारा आश्रम में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों को समझना।
  • निस्वार्थ सेवा भाव और श्रम के प्रति सम्मान के महत्व को पहचानना।
  • पाठ में वर्णित गांधीजी के जीवन के प्रसंगों को अपने शब्दों में व्यक्त करना।
  • सादा जीवन और उच्च विचार के मूल्यों को आत्मसात करना।

Topics covered

Paper topics

  • गांधीजी का आश्रम जीवन
  • श्रम का महत्व
  • निस्वार्थ सेवा
  • सादा जीवन
  • आश्रम के कार्य
  • छात्रों के साथ गांधीजी
  • लंदन में भोज
  • बच्चे की देखभाल
  • आत्मनिर्भरता
  • गांधीजी के मूल्य

Important topics

  • गांधीजी द्वारा स्वयं किए जाने वाले कार्य
  • श्रम के प्रति गांधीजी का दृष्टिकोण
  • सेवा भाव का महत्व
  • गांधीजी के जीवन से प्रेरणा
  • पाठ के मुख्य प्रसंगों का विश्लेषण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

आश्रम में कॉलेज के छात्रों से गांधी जी ने कौन सा काम करवाया और क्यों ?
Solution:

एक बार जब कुछ कॉलेज के छात्र गांधीजी से मिलने आए, तो वे अपने अंग्रेजी ज्ञान पर बहुत गर्व कर रहे थे। गांधीजी ने उनकी इस भावना को समझा और उन्हें अपनी सेवा का अवसर देते हुए कहा कि यदि उनके पास समय हो तो वे थाली में रखे गेहूँ बीन दें। छात्रों को यह काम अप्रत्याशित लगा, लेकिन उन्होंने वह कार्य किया। एक घंटे तक गेहूँ बीनने के बाद वे थक गए और गांधीजी से विदा लेकर चले गए। गांधीजी ने यह काम इसलिए करवाया ताकि छात्र अपने ज्ञान के घमंड को छोड़कर श्रम के महत्व को समझ सकें और यह जान सकें कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता।

प्रश्न 2:

'आश्रम में गांधीजी कई ऐसे काम भी करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर—चाकर करते हैं'। पाठ से तीन ऐसे प्रसंगों को अपने शब्दों में लिखो जो इस बात का प्रमाण हों।
Solution:

पाठ के अनुसार, गांधीजी आश्रम में ऐसे कई कार्य करते थे जो सामान्यतः नौकर-चाकर करते हैं। इसके तीन प्रसंग निम्नलिखित हैं:

  1. आटा पीसना: जिस समय गांधीजी बैरिस्टरी से अच्छी-खासी कमाई कर रहे थे, उस समय भी वे प्रतिदिन सुबह अपने हाथों से चक्की पर आटा पीसा करते थे।
  2. रसोईघर के कार्य: सवेरे की प्रार्थना के बाद वे रसोईघर में जाकर सब्जियाँ छीलने का काम करते थे और कभी-कभी बड़े-बड़े पतीलों को भी स्वयं साफ करते थे।
  3. पानी लाना: आश्रम के लिए बाहर बने कुएँ से पानी खींचने का कार्य भी वे रोज करते थे, जो कि एक शारीरिक श्रम वाला कार्य है।

ये कार्य दर्शाते हैं कि गांधीजी स्वयं श्रम करने में विश्वास रखते थे और किसी भी कार्य को छोटा नहीं मानते थे।

प्रश्न 3:

लंदन में भोज पर बुलाए जाने पर गांधी जी ने क्या किया ?
Solution:

एक बार लंदन में गांधीजी को भारतीय छात्रों ने एक शाकाहारी भोज के लिए आमंत्रित किया। छात्रों ने स्वयं ही भोजन तैयार करने का निश्चय किया था। दोपहर में, एक दुबले-पतले व्यक्ति, जो बाद में गांधीजी निकले, छात्रों के बीच आकर उनकी मदद करने लगे। उन्होंने तश्तरियाँ धोने, सब्जी साफ करने और अन्य छोटे-मोटे काम किए। जब छात्रों के नेता ने उन्हें पहचाना, तो वे आश्चर्यचकित रह गए कि उनके सम्मानित अतिथि गांधीजी स्वयं उनकी सहायता कर रहे थे। इस प्रकार, गांधीजी ने भोज की तैयारी में स्वयं हाथ बँटाकर अपनी सेवा भावना का परिचय दिया।

प्रश्न 4:

गांधी जी ने श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध कैसे छुड़वाया?
Solution:

श्रीमती पोलक अपने दुबले-पतले बच्चे का दूध छुड़ाने की कोशिश कर रही थीं, जो लगातार उनका दूध पीता रहता था और उन्हें चैन नहीं लेने देता था। जब गांधीजी लौटे, तो उन्होंने बच्चे की देखभाल का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया। उन्होंने बच्चे को अपनी चारपाई पर सुलाया और उसकी देखभाल की। गांधीजी ने बच्चे के पास पानी का बर्तन भी रखा ताकि प्यास लगने पर वह पी सके, पर बच्चे को इसकी आवश्यकता ही नहीं पड़ी। बच्चा गांधीजी के पास शांति से सोता रहा। इस प्रकार, माँ से एक पखवाड़े तक अलग सुलाने के बाद, बच्चे ने धीरे-धीरे माँ का दूध पीना छोड़ दिया।

प्रश्न 5:

आश्रम में काम करने या करवाने का कौन सा तरीका गांधी जी अपनाते थे ? इसे पाठ पढ़कर लिखो।
Solution:

गांधीजी आश्रम में काम करने और करवाने के लिए एक विशेष तरीका अपनाते थे, जो आत्म-निर्भरता और श्रम के प्रति सम्मान पर आधारित था। वे स्वयं अपना काम खुद करते थे और दूसरों से काम करवाने के बजाय खुद ही कार्य करना पसंद करते थे। यदि कोई उनसे कुछ पूछता, तो वे उसे कोई नया काम बता देते थे, जिससे वह व्यक्ति काम करने के लिए प्रेरित होता। वे दूसरों को काम करते हुए देखकर स्वयं भी काम करने के लिए प्रेरित होते थे। उनका मानना था कि हर व्यक्ति को अपना काम स्वयं करना चाहिए और किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए।

Common mistakes

  • गांधीजी द्वारा किए गए कार्यों को केवल नौकरों का काम समझना।
  • सेवा भाव के महत्व को कम आंकना।
  • पाठ के प्रसंगों को ठीक से न समझ पाना।

Revision tips

  • पाठ को ध्यान से पढ़ें और गांधीजी द्वारा किए गए सभी कार्यों की सूची बनाएँ।
  • गांधीजी की सेवा भावना को दर्शाने वाले प्रसंगों को याद करें।
  • पाठ के मुख्य संदेश - श्रम का सम्मान और निस्वार्थ सेवा - पर ध्यान केंद्रित करें।
  • अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. गांधीजी ने आश्रम में कॉलेज के छात्रों से कौन सा काम करवाया?

Q2. गांधीजी बैरिस्टरी से अच्छी कमाई करते हुए भी आश्रम में कौन सा काम स्वयं करते थे?

Q3. लंदन में गांधीजी ने भारतीय छात्रों के भोज में किस प्रकार सहायता की?

Q4. श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध छुड़ाने में गांधीजी ने क्या भूमिका निभाई?

Q5. गांधीजी आश्रम में काम करने या करवाने का क्या तरीका अपनाते थे?

Frequently asked questions

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 15 'नौकर' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस पाठ में महात्मा गांधी के जीवन के उन पहलुओं को दर्शाया गया है जहाँ वे स्वयं आश्रम के सामान्य कार्यों को करते थे, जैसे चक्की पीसना, रसोई का काम करना आदि। यह श्रम के महत्व और निस्वार्थ सेवा भाव को सिखाता है।

गांधीजी ने आश्रम में कॉलेज के छात्रों से क्या काम करवाया और क्यों?

गांधीजी ने कॉलेज के छात्रों से थाली के गेहूँ बीनने का काम करवाया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि छात्र अपने ज्ञान के घमंड को छोड़कर श्रम के महत्व को समझ सकें।

पाठ 'नौकर' के अनुसार गांधीजी स्वयं कौन-कौन से कार्य करते थे?

गांधीजी स्वयं चक्की पर आटा पीसते थे, रसोईघर में सब्जियाँ छीलते थे, बड़े पतीले धोते थे और आश्रम के लिए कुएँ से पानी भी खींचते थे।

लंदन में गांधीजी ने भारतीय छात्रों की मदद कैसे की?

लंदन में एक भोज के अवसर पर, गांधीजी ने छात्रों के साथ मिलकर तश्तरियाँ धोने, सब्जी साफ करने और अन्य छोटे-मोटे काम करके उनकी मदद की।

श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध छुड़ाने में गांधीजी की क्या भूमिका थी?

गांधीजी ने बच्चे को अपनी चारपाई पर सुलाकर और उसकी देखभाल करके, माँ से अलग रखकर, एक पखवाड़े में उसका दूध छुड़वाने में मदद की।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं। वे गांधीजी के जीवन मूल्यों से भी प्रेरित करते हैं।

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