कक्षा 6 इतिहास: अशोक - एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से इतिहास की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 8, 'अशोक: एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया' पर केंद्रित है। इसमें अशोक के शासनकाल, कलिंग युद्ध के बाद उनके परिवर्तन और बौद्ध धर्म अपनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में अशोक के अभिलेखों के स्थानों, मौर्य साम्राज्य के बाहर के क्षेत्रों, और प्राचीन शहरों जैसे पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो के बीच अंतर पर विस्तृत जानकारी दी गई है। यह अध्याय छात्रों को युद्ध के विनाशकारी परिणामों और शांति के महत्व को समझने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विषय की गहन समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | हमारे अतीत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. अशोकः एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया |
Chapter summary
कक्षा 6 के इतिहास के अध्याय 8, 'अशोक: एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया' के लिए NCERT समाधान यहाँ दिए गए हैं। यह अध्याय अशोक के शासनकाल की प्रमुख घटनाओं, विशेष रूप से कलिंग युद्ध के बाद उनके जीवन में आए बदलावों पर प्रकाश डालता है। समाधानों में अशोक के अभिलेखों के भौगोलिक प्रसार, मौर्य साम्राज्य की सीमाओं और उस समय के प्रमुख शहरों की वास्तुकला और संगठन की तुलना शामिल है। यह छात्रों को प्राचीन भारत के एक महत्वपूर्ण शासक और उसके नैतिक परिवर्तन की कहानी से अवगत कराता है।
Learning outcomes
- अशोक के अभिलेखों के भौगोलिक विस्तार को पहचानना।
- मौर्य साम्राज्य के विस्तार और उसके बाहर के क्षेत्रों को समझना।
- प्राचीन शहरों जैसे पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो की तुलना करना।
- कलिंग युद्ध के अशोक पर पड़े प्रभाव का विश्लेषण करना।
- युद्ध के त्याग और शांति के महत्व को समझना।
Topics covered
Paper topics
- अशोक के अभिलेख
- मौर्य साम्राज्य
- कलिंग का युद्ध
- अशोक का परिवर्तन
- बौद्ध धर्म
- पाटलिपुत्र
- मोहनजोदड़ो
- प्राचीन शहरों की वास्तुकला
- चीन की दीवार
- साम्राज्य की सीमाएँ
- शांति और अहिंसा
Important topics
- कलिंग युद्ध के बाद अशोक का परिवर्तन
- अशोक के अभिलेखों का महत्व
- पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो की तुलना
- युद्ध के त्याग का संदेश
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अशोक के अभिलेख निम्नलिखित देशों में पाए गए हैं:
- भारत
- अफगानिस्तान
- पाकिस्तान
मौर्य साम्राज्य के विस्तार के समय, भारत के निम्नलिखित राज्य उस साम्राज्य के बाहर थे:
- सिक्किम
- नागालैंड
- मेघालय
- असम
- त्रिपुरा
प्रश्न 2
राजा को अपनी जान का खतरा हमेशा बना रहता था कि कहीं कोई उन्हें ज़हर देकर मारने की कोशिश न करे। इस डर के कारण, राजा के भोजन को परोसने से पहले, विशेष रूप से प्रशिक्षित नौकर उस भोजन को चखते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह सुरक्षित है और उसमें कोई ज़हर नहीं मिलाया गया है। यह राजा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण प्रथा थी।
प्रश्न 3
पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो दो अलग-अलग ऐतिहासिक शहर थे जिनकी अपनी विशिष्ट विशेषताएँ थीं। उनमें मुख्य अंतर इस प्रकार थे:
| पाटलिपुत्र | मोहनजोदड़ो |
| 1. पाटलिपुत्र में घर मुख्य रूप से लकड़ी या कच्ची ईंटों से बने होते थे। | 1. मोहनजोदड़ो में घर पक्की ईंटों से निर्मित होते थे। |
| 2. पाटलिपुत्र के घर अक्सर दो या तीन मंजिल वाले होते थे। | 2. मोहनजोदड़ो के घर आमतौर पर एक या दो मंजिल के होते थे। |
| 3. पाटलिपुत्र एक विशाल दीवार से घिरा हुआ नगर था, जिसमें 570 बुर्ज और 64 द्वार थे, जो इसकी भव्यता और सुरक्षा को दर्शाते हैं। | 3. मोहनजोदड़ो नगर को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया था, और दोनों हिस्सों को अलग-अलग दीवारों से सुरक्षित किया गया था। |
प्रश्न 4
कलिंग की लड़ाई अशोक के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस युद्ध में हुए भयानक नरसंहार, जिसमें एक लाख से अधिक लोग मारे गए और डेढ़ लाख से अधिक बंदी बनाए गए, ने अशोक को गहराई से झकझोर दिया। उन्होंने अपने सगे-संबंधियों को खोने वाले लोगों के विलाप को देखा और महसूस किया कि एक राज्य को जीतने के लिए इतना रक्तपात और पीड़ा आवश्यक नहीं है। इस अनुभव से दुखी होकर, अशोक ने पश्चाताप किया और भविष्य में कभी भी युद्ध न करने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने युद्ध की नीति का त्याग कर दिया और इसके बजाय, उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया और उसके शांति, अहिंसा और सेवा के संदेश को फैलाने का कार्य किया।
प्रश्न 1 (अन्यत्र)
कलिंग युद्ध के बाद, सम्राट अशोक ने पड़ोसी देशों के प्रति मित्रतापूर्ण और शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने की नीति अपनाई। वह सभी के साथ सद्भाव से रहना चाहते थे और उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रसार के माध्यम से शांति का संदेश फैलाया। इसके विपरीत, चीनी सम्राटों का अपने पड़ोसी देशों के प्रति रवैया अक्सर शत्रुतापूर्ण रहता था, जैसा कि चीन की दीवार के निर्माण से स्पष्ट होता है, जिसका उद्देश्य अपनी सीमाओं की रक्षा करना था। चीनी सम्राट अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए युद्धों में संलग्न रहते थे, जबकि अशोक ने युद्ध का त्याग कर दिया था।
प्रश्न 2 (अन्यत्र)
चीन के सम्राटों ने 'चीन की दीवार' का निर्माण मुख्य रूप से अपनी उत्तरी सीमाओं को बाहरी आक्रमणों से बचाने के उद्देश्य से शुरू किया था। उस समय, उत्तरी सीमा पर रहने वाले पशुपालक कबीले अक्सर चीनी साम्राज्य के लिए खतरा पैदा करते थे। इस दीवार का निर्माण लगभग 2000 वर्षों तक चलता रहा, क्योंकि साम्राज्य की सीमाएँ समय के साथ बदलती रहीं, और यह दीवार चीन की रक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।
प्रश्न 3 (अन्यत्र)
चीन की दीवार कई प्रभावशाली विशेषताओं के लिए जानी जाती है:
- लंबाई: यह दीवार लगभग 6400 किलोमीटर लंबी है, जो इसे दुनिया की सबसे लंबी मानव निर्मित संरचनाओं में से एक बनाती है।
- निर्माण सामग्री: इसका निर्माण मुख्य रूप से पत्थर और ईंटों का उपयोग करके किया गया है।
- चौड़ाई: दीवार की ऊपरी सतह सड़क की तरह चौड़ी है, जिससे सैनिकों और आपूर्ति को आसानी से ले जाया जा सकता था।
- निगरानी बुर्ज: दीवार के साथ हर 100 से 200 मीटर की दूरी पर निगरानी के लिए बुर्ज (tower) बनाए गए थे, जो सुरक्षा और संचार के लिए महत्वपूर्ण थे।
- निरंतरता: इसका निर्माण कार्य लगभग 2000 वर्षों तक चलता रहा, जो साम्राज्य की बदलती सीमाओं के अनुसार विस्तारित होता रहा।
Common mistakes
- अशोक के अभिलेखों के स्थानों को याद रखने में कठिनाई।
- पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से न बता पाना।
- कलिंग युद्ध के अशोक के निर्णय पर पड़ने वाले प्रभाव को कम आंकना।
Revision tips
- अशोक के अभिलेखों वाले देशों और भारत के राज्यों की सूची बनाएं।
- पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो की तुलना के मुख्य बिंदुओं को चार्ट के रूप में तैयार करें।
- कलिंग युद्ध के बाद अशोक के विचारों में आए बदलाव को कहानी के रूप में याद करें।
Practice MCQs
Q1. अशोक के अभिलेख निम्नलिखित में से किस देश में नहीं मिले हैं?
Explanation: अशोक के अभिलेख भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में मिले हैं, लेकिन ईरान में नहीं।
Q2. कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिया?
Explanation: कलिंग युद्ध में हुए भारी नरसंहार से दुखी होकर अशोक ने युद्ध न करने का निर्णय लिया और बौद्ध धर्म को अपनाया।
Q3. पाटलिपुत्र की एक प्रमुख विशेषता क्या थी?
Explanation: पाटलिपुत्र एक विशाल दीवार से घिरा हुआ था जिसमें 570 बुर्ज और 64 द्वार थे, जो इसकी सुरक्षा और भव्यता को दर्शाता है।
Q4. चीन की दीवार बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Explanation: चीन की दीवार का निर्माण मुख्य रूप से चीन की उत्तरी सीमा को बाहरी आक्रमणों, विशेषकर पशुपालक लोगों से बचाने के लिए किया गया था।
Frequently asked questions
कक्षा 6 के इतिहास के अध्याय 8 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 8, 'अशोक: एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया', सम्राट अशोक के जीवन, विशेष रूप से कलिंग युद्ध के बाद उनके हृदय परिवर्तन और शांति की ओर झुकाव पर केंद्रित है।
अशोक के अभिलेख कहाँ-कहाँ मिले हैं?
अशोक के अभिलेख भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों में पाए गए हैं।
कलिंग युद्ध का अशोक पर क्या प्रभाव पड़ा?
कलिंग युद्ध में हुए भारी विनाश और जनहानि को देखकर अशोक का हृदय द्रवित हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने भविष्य में युद्ध न करने का निर्णय लिया।
पाटलिपुत्र और मोहनजोदड़ो में क्या मुख्य अंतर थे?
पाटलिपुत्र में घर लकड़ी या कच्ची ईंटों से बने होते थे और यह एक विशाल दीवार से घिरा था, जबकि मोहनजोदड़ो में घर पक्की ईंटों से बने होते थे और यह दो हिस्सों में बंटा था।
चीन की दीवार क्यों बनाई गई थी?
चीन की दीवार का निर्माण चीन की उत्तरी सीमा को बाहरी आक्रमणों, विशेषकर पशुपालक लोगों से सुरक्षित रखने के लिए किया गया था।
ये NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान छात्रों को अध्याय के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें विषय को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है।
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