कक्षा 5 आस-पास: अध्याय 13 बसेरा ऊँचाई पर - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 5 के लिए आस-पास (पर्यावरण अध्ययन) के अध्याय 13, 'बसेरा ऊँचाई पर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न भौगोलिक स्थानों, विशेष रूप से ऊँचाई वाले क्षेत्रों, जैसे कि कश्मीर और मनाली की यात्राओं के माध्यम से विभिन्न राज्यों, उनकी राजधानियों और भौगोलिक विशेषताओं का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। समाधान ऊँचाई पर हवा की गुणवत्ता और साँस लेने में कठिनाई जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं, जैसा कि गौरव जानी के अनुभवों से पता चलता है। इसमें छात्रों को अपने स्थानीय क्षेत्र की ऊँचाई और वहाँ के घरों के प्रकारों पर विचार करने के लिए भी प्रेरित किया गया है, जो स्थानीय मौसम और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जाते हैं। अंत में, यह अध्याय छात्रों को अपने घरों की अनूठी विशेषताओं और उनके निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectआस-पास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. बसेरा ऊँचाई पर

Chapter summary

कक्षा 5 के आस-पास के अध्याय 13 'बसेरा ऊँचाई पर' के लिए NCERT समाधान छात्रों को भारत के विभिन्न राज्यों और उनकी राजधानियों का पता लगाने में मदद करते हैं, खासकर जब मुंबई से कश्मीर की यात्रा के संदर्भ में। यह अध्याय ऊँचाई वाले क्षेत्रों में साँस लेने की चुनौतियों और विभिन्न स्थानों के तापमान पर भी चर्चा करता है। इसके अतिरिक्त, यह छात्रों को उनके स्थानीय आवासों की विशेषताओं और निर्माण सामग्री पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो मौसम और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं।

Learning outcomes

  • विभिन्न राज्यों और उनकी राजधानियों की पहचान करना।
  • ऊँचाई पर हवा की गुणवत्ता और साँस लेने पर इसके प्रभाव को समझना।
  • विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के तापमान के अंतर का विश्लेषण करना।
  • स्थानीय मौसम और आवश्यकताओं के अनुसार घरों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करना।
  • घर बनाने में उपयोग की जाने वाली विभिन्न निर्माण सामग्री को सूचीबद्ध करना।

Topics covered

Paper topics

  • भारत के राज्य और राजधानियाँ
  • भौगोलिक यात्रा मार्ग
  • ऊँचाई और वायुमंडलीय दबाव
  • ऑक्सीजन का स्तर और श्वसन
  • पहाड़ी और मैदानी इलाके
  • तापमान और मौसम
  • विभिन्न प्रकार के घर
  • आवास निर्माण सामग्री
  • स्थानीय जलवायु के अनुसार घर
  • समुद्र तल से ऊँचाई

Important topics

  • ऊँचाई पर साँस लेने में कठिनाई
  • विभिन्न राज्यों और उनकी राजधानियों की पहचान
  • स्थानीय मौसम के अनुसार घरों का निर्माण
  • तापमान का शून्य से नीचे जाना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

नक्शे में देखकर बताओ कि मुंबई से कश्मीर जाने के रास्ते में कौन-कौन से राज्य आएँगे?
Solution: मुंबई से कश्मीर जाने के लिए एक अनुमानित मार्ग पर विचार करते हुए, यात्री को निम्नलिखित राज्यों से गुजरना पड़ सकता है: महाराष्ट्र (मुंबई से प्रस्थान), गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, और अंत में जम्मू और कश्मीर (जिसमें अब लद्दाख भी शामिल है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से कश्मीर का उल्लेख किया गया है)। हिमाचल प्रदेश भी एक संभावित मार्ग हो सकता है, जो पंजाब के बाद आता है।

प्रश्न 2

गौरव जानी मुंबई से दिल्ली तक के रास्ते में जिन राज्यों से गुजरे उनकी राजधानियों के नाम पता करो। क्या और भी कोई बडा शहर रास्ते में आया होगा?
Solution: गौरव जानी मुंबई से दिल्ली तक की यात्रा के दौरान कई राज्यों से गुजरे होंगे। यदि हम एक सामान्य मार्ग को देखें, तो वे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा से होकर गुजरे होंगे। इन राज्यों की राजधानियाँ इस प्रकार हैं:

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है (जहाँ से यात्रा शुरू हुई)।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर है।

हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ है (जो पंजाब की भी राजधानी है)।

इस यात्रा के दौरान, उनके रास्ते में कई बड़े शहर भी आए होंगे, जैसे कि गुजरात में अहमदाबाद, राजस्थान में जयपुर (जो राजधानी भी है), और हरियाणा में फरीदाबाद या गुड़गांव (अब गुरुग्राम) जैसे शहर।

प्रश्न 3

मनाली मैदानी इलाका है या पहाड़ी? वह शहर कौन-से राज्य में है?
Solution: मनाली एक प्रसिद्ध पहाड़ी इलाका है। यह भारत के उत्तरी राज्य हिमाचल प्रदेश में स्थित है। यह अपनी खूबसूरत पहाड़ी दृश्यों और पर्यटन के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 4

तुम जिस इलाके में रहते हो वह कितनी उँचाई पर है?
Solution: यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। उदाहरण के लिए, यदि कोई मुंबई में रहता है, तो वह समुद्र तल से लगभग 220 मीटर की ऊँचाई पर है। यदि कोई व्यक्ति दिल्ली में रहता है, तो वह समुद्र तल से लगभग 226 मीटर की ऊँचाई पर है। छात्र को अपने निवास स्थान की ऊँचाई का पता लगाना चाहिए और उसे यहाँ लिखना चाहिए।

प्रश्न 5

गौरव जानी ने ऐसा क्यों कहा-'इतनी उँचाई पर साँस लेने में भी मुश्किल हो रही थी'?
Solution: गौरव जानी ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि जैसे-जैसे हम अधिक ऊँचाई पर जाते हैं, हवा का घनत्व कम होता जाता है। इसका मतलब है कि हवा पतली हो जाती है और उसमें ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो जाती है। हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, और ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण साँस लेने में कठिनाई महसूस होती है।

प्रश्न 6

तुम कभी पहाड़ी इलाके में गए हो? कहाँ?
Solution: यह प्रश्न छात्र के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। छात्र को उस पहाड़ी इलाके का नाम बताना होगा जहाँ वे गए हों। उदाहरण के लिए, कोई छात्र शिमला, मनाली, दार्जिलिंग, ऊटी, या किसी अन्य पहाड़ी स्थान का उल्लेख कर सकता है जहाँ वे गए हों।

प्रश्न 7

वह कितनी उँचाई पर था? क्या वहाँ साँस लेने में तुम्हें भी परेशानी आई?
Solution: यह प्रश्न पिछले प्रश्न का अनुसरण करता है और छात्र के अनुभव पर निर्भर करता है। यदि छात्र कुल्लू गया है, जैसा कि मूल उत्तर में उल्लेख किया गया है, तो कुल्लू समुद्र तल से लगभग 2000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इस ऊँचाई पर कुछ लोगों को साँस लेने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर यदि वे अचानक इतनी ऊँचाई पर पहुँचते हैं। छात्र को अपने अनुभव के अनुसार बताना चाहिए कि क्या उन्हें भी साँस लेने में कोई परेशानी हुई थी।

प्रश्न 8

तुम ज्यादा-से-ज्यादा कितनी उँचाई तक गए हो?
Solution: यह प्रश्न छात्र के व्यक्तिगत यात्रा अनुभवों पर आधारित है। छात्र को उस सबसे ऊँचे स्थान का उल्लेख करना होगा जहाँ वे गए हों और यदि संभव हो तो उसकी अनुमानित ऊँचाई भी बतानी होगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई रोहतांग दर्रे (Rohtang Pass) तक गया है, जो समुद्र तल से लगभग 4000 मीटर की ऊँचाई पर है, तो वे इसका उल्लेख कर सकते हैं।

प्रश्न 9

तुमने पढ़ा कि चांगथांग इलाके में तापमान 0 से काफी कम हो जाता है। टी.वी. या अखबार में देखकर बताओ कि और कौन-से शहर हैं जिनको तापमान से भी कम हो जाता है। वे शहर भारत के हो सकते हैं या किसी और देश के भी। किन महीनों में तुम्हें ऐसे तापमान की खबरें देखने को मिलेंगी?
Solution: चांगथांग जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों के अलावा, भारत में भी कई शहर हैं जहाँ तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, जैसे कि लेह, कारगिल, शिमला, और लद्दाख के अन्य हिस्से। भारत के बाहर, कनाडा (जैसे ओटावा, मॉन्ट्रियल), रूस (जैसे साइबेरियाई शहर), और संयुक्त राज्य अमेरिका (जैसे मिनेसोटा, अलास्का) के कई शहरों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है। ऐसी अत्यधिक ठंडी तापमान की खबरें आमतौर पर सर्दियों के महीनों में, विशेष रूप से दिसंबर और जनवरी में, देखने को मिलती हैं, जब इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

प्रश्न 10

देखो, जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग तरह के घर हैं, जो कि वहाँ के लोगों की जरूरत और मौसम के अनुरूप बनाए जाते हैं। क्या तुम्हारे इलाके में भी अलग-अलग तरह के घर हैं? अगर हाँ, तो इसके कारण सोचो।
Solution: हाँ, मेरे इलाके में भी विभिन्न प्रकार के घर पाए जाते हैं, और उनके अलग-अलग कारण हैं:

1. बहुमंजिली इमारतें: शहरों में, जहाँ जमीन की कमी होती है और जनसंख्या घनत्व अधिक होता है, वहाँ बहुमंजिली इमारतें बनाई जाती हैं। ये मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उपयुक्त होती हैं क्योंकि ये कम जगह में अधिक लोगों को आवास प्रदान करती हैं।

2. बड़े बंगले और स्वतंत्र घर: धनी या उच्च-मध्यम वर्ग के लोग अक्सर बड़े बंगले या स्वतंत्र घर बनाते हैं। ये अधिक जगह, बेहतर सुविधाएँ और गोपनीयता प्रदान करते हैं।

3. झुग्गियाँ या छोटे घर: मजदूर वर्ग या कम आय वाले लोग अक्सर छोटी झोपड़ियों या साधारण घरों में रहते हैं। ये आमतौर पर सस्ते निर्माण सामग्री से बने होते हैं और सीमित सुविधाओं वाले होते हैं।

4. ढलवाँ छत वाले घर: जिन इलाकों में भारी बारिश होती है, वहाँ घरों की छतें ढलवाँ बनाई जाती हैं ताकि बारिश का पानी आसानी से नीचे बह जाए और छत पर जमा न हो।

5. मिट्टी या प्राकृतिक सामग्री से बने घर: ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, जहाँ लागत एक महत्वपूर्ण कारक है, लोग मिट्टी, बांस, पुआल या लकड़ी जैसी स्थानीय और सस्ती सामग्री का उपयोग करके घर बनाते हैं।

ये विभिन्न प्रकार के घर इलाके की जलवायु, उपलब्ध निर्माण सामग्री, लोगों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं।

प्रश्न 11

तुम्हारे घर में क्या कोई खास बात है? जैसे-ज्यादा बारिश होती है तो ढलवाँ छत या बड़ा बरामदा, जहाँ गर्मियों में सोते हो और धूप में कुछ सुखाते हो।
Solution: यह प्रश्न छात्र के घर की विशिष्ट विशेषताओं के बारे में है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी छात्र के घर में:

- ढलवाँ छत: यदि उनके क्षेत्र में बहुत बारिश होती है, तो ढलवाँ छत पानी को आसानी से निकालने में मदद करती है।

- बड़ा बरामदा या आँगन: गर्मियों में रात के समय सोने के लिए या दिन में छाया में बैठने के लिए एक बड़ा बरामदा या खुला आँगन बहुत उपयोगी हो सकता है।

- धूप वाली जगह: कुछ घरों में ऐसी जगह होती है जहाँ दिन में अच्छी धूप आती है, जिसका उपयोग कपड़े, अनाज या अन्य सामान सुखाने के लिए किया जाता है।

छात्र को अपने घर की ऐसी ही कोई खास बात बतानी चाहिए और उसका कारण भी सोचना चाहिए।

प्रश्न 12

अपने घर के बारे में सोचो। घर बनाने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है? मिट्टी, पत्थर, लकड़ी या सीमेंट? अपने घर की खास बात चित्र द्वारा दिखाओ।
Solution: घर बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री इलाके और घर के प्रकार पर निर्भर करती है। आधुनिक घरों में आमतौर पर सीमेंट, ईंट, रेत, पत्थर, लोहा (सरिया) और लकड़ी का उपयोग किया जाता है। कुछ पुराने या ग्रामीण घरों में मिट्टी, पत्थर और लकड़ी का भी प्रमुखता से इस्तेमाल हो सकता है।

उदाहरण: यदि किसी का घर ईंट और सीमेंट से बना है, तो वे लिख सकते हैं कि 'मेरा घर ईंट, सीमेंट, रेत और लोहे के सरियों से बना है।'

घर की खास बात: छात्र को अपने घर की किसी खास विशेषता का चित्र बनाना चाहिए। यह विशेषता छत हो सकती है, जैसे कि गर्मियों में सोने के लिए इस्तेमाल होने वाली छत, या एक बड़ा आँगन, या कोई सजावटी तत्व। चित्र के साथ एक छोटा विवरण भी दिया जा सकता है, जैसे 'यह मेरे घर की छत है, जहाँ हम गर्मियों की रातें बिताते हैं और दिन में कपड़े सुखाते हैं।'

Common mistakes

  • राज्यों और राजधानियों को मिलाने की प्रवृत्ति।
  • ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण को पूरी तरह से न समझना।
  • अपने स्थानीय आवास की विशेषताओं को मौसम से जोड़ने में कठिनाई।
  • विभिन्न निर्माण सामग्री के गुणों को न पहचान पाना।

Revision tips

  • भारत के नक्शे पर मुंबई से कश्मीर तक के मार्ग का अभ्यास करें और राज्यों को पहचानें।
  • ऊँचाई और हवा की गुणवत्ता के बीच संबंध को समझने के लिए दिए गए उदाहरणों पर ध्यान दें।
  • अपने आस-पास के विभिन्न प्रकार के घरों का निरीक्षण करें और उनके निर्माण के कारणों पर विचार करें।
  • घर बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री और उनके स्थानीय महत्व को सूचीबद्ध करें।

Practice MCQs

Q1. मुंबई से कश्मीर जाते समय रास्ते में कौन सा राज्य नहीं आएगा?

Q2. अधिक ऊँचाई पर साँस लेने में कठिनाई क्यों होती है?

Q3. मनाली किस प्रकार का इलाका है और यह किस राज्य में स्थित है?

Q4. गौरव जानी मुंबई से दिल्ली तक की यात्रा के दौरान किन बड़े शहरों से गुजरे होंगे?

Q5. किन महीनों में तापमान के शून्य से काफी नीचे जाने की खबरें अक्सर देखने को मिलती हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 5 आस-पास के अध्याय 13 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

यह अध्याय छात्रों को भारत के विभिन्न राज्यों और उनकी राजधानियों से परिचित कराता है, विशेष रूप से यात्रा के संदर्भ में। यह ऊँचाई पर हवा की गुणवत्ता, साँस लेने में कठिनाई, विभिन्न स्थानों के तापमान और स्थानीय मौसम के अनुसार घरों के प्रकारों जैसे विषयों पर भी चर्चा करता है।

ऊँचाई पर साँस लेने में क्या समस्या होती है?

अधिक ऊँचाई पर हवा पतली हो जाती है, जिसका अर्थ है कि हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इस कम ऑक्सीजन के कारण साँस लेने में कठिनाई महसूस होती है।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। यह उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के लिए तैयार करता है।

क्या इस अध्याय में घरों के प्रकारों के बारे में भी बताया गया है?

हाँ, अध्याय में बताया गया है कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों के घर वहाँ के मौसम और लोगों की ज़रूरतों के अनुसार बनाए जाते हैं। यह छात्रों को अपने आस-पास के घरों और उनके निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

इन समाधानों का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए?

छात्रों को पहले प्रश्नों को स्वयं हल करने का प्रयास करना चाहिए और फिर अपनी समझ की पुष्टि करने या कठिनाइयों को दूर करने के लिए इन समाधानों का उपयोग करना चाहिए। यह उन्हें विषय की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेगा।

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