कक्षा 5 आस-पास: अध्याय 10 - इमारतें NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 5 के लिए आस-पास (पर्यावरण अध्ययन) के अध्याय 10, 'इमारतें' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पुराने किलों और इमारतों की वास्तुकला, जैसे बुर्ज, नक्काशी और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान बताते हैं कि फव्वारे कैसे काम करते होंगे, हवा और रोशनी के लिए क्या व्यवस्था थी, और सुंदर नक्काशी के लिए किन औजारों का उपयोग किया जाता होगा। यह अध्याय छात्रों को ऐतिहासिक इमारतों की बनावट और उनके निर्माण के पीछे के कारणों को समझने में मदद करता है। इसमें दिशाओं की समझ और नक्शे पर दूरियों का अनुमान लगाने जैसे व्यावहारिक प्रश्न भी शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectआस-पास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. इमारतें

Chapter summary

अध्याय 10 'इमारतें' के ये NCERT समाधान छात्रों को ऐतिहासिक वास्तुकला की बारीकियों से परिचित कराते हैं। इसमें किलों की सुरक्षा के लिए बने बुर्जों के उद्देश्य, हवा और रोशनी के इंतजाम, और बारीक नक्काशी के लिए इस्तेमाल होने वाले औजारों पर चर्चा की गई है। समाधान दिशाओं की पहचान और नक्शे पर दूरियों की गणना जैसे व्यावहारिक अभ्यासों को भी कवर करते हैं। यह छात्रों को इमारतों के ऐतिहासिक और कार्यात्मक पहलुओं को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • बुर्जों और किलों की सुरक्षा व्यवस्था के उद्देश्य को समझना।
  • ऐतिहासिक इमारतों में हवा और रोशनी के इंतजामों की पहचान करना।
  • नक्काशी के लिए उपयोग किए जाने वाले औजारों के बारे में जानना।
  • दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) की पहचान करना सीखना।
  • नक्शे पर दूरियों का अनुमान लगाना और गणना करना सीखना।
  • ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण के पीछे के कारणों पर विचार करना।

Topics covered

Paper topics

  • बुर्ज और किले की सुरक्षा
  • ऐतिहासिक इमारतों में हवा और रोशनी का इंतजाम
  • नक्काशी और औजार
  • दिशाओं की पहचान
  • नक्शे पर दूरी मापना
  • फव्वारे और जल व्यवस्था
  • किले के दरवाजे
  • महल

Important topics

  • बुर्जों का सुरक्षात्मक उद्देश्य
  • हवा और रोशनी के पारंपरिक इंतजाम
  • नक्शे पर दिशाओं और दूरियों की गणना
  • ऐतिहासिक वास्तुकला की समझ

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Questions and Solutions

सोचो - प्रश्न 1

इतने सारे बुर्ज क्यों बनाए गए होंगे?
Solution: इतने सारे बुर्ज मुख्य रूप से सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए थे। ये बुर्ज किले की दीवारों से ऊँचे होते थे और इनमें बने बड़े छेद सिपाहियों को दूर तक देखने और दुश्मन पर नजर रखने की सुविधा देते थे। साथ ही, ये छिपकर हमला करने के लिए भी एक सुरक्षित स्थान प्रदान करते थे।

सोचो - प्रश्न 2

बुर्ज में ये बड़े-बड़े छेद क्यों बने होंगे?
Solution: बुर्ज में बने बड़े-बड़े छेद मुख्य रूप से बाहर के इलाके पर नजर रखने के लिए बनाए गए थे। इन छेदों से सिपाही किले के चारों ओर हो रही गतिविधियों को आसानी से देख सकते थे, जिससे किसी भी संभावित खतरे का समय पर पता लगाया जा सके। ये छेद सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे।

सोचो - प्रश्न 3

सीधी-सपाट दीवार से झाँकने में और बुर्ज से झाँकने में क्या अंतर होगा?
Solution: सीधी-सपाट दीवार से झाँकने पर व्यक्ति पूरी तरह से खुला रहता है और आसानी से दुश्मन के निशाने पर आ सकता है। इसके विपरीत, बुर्ज से झाँकने पर व्यक्ति बुर्ज की दीवार और उसमें बने छेदों की आड़ में छिपा रहता है। इससे वह सुरक्षित रहता है और दुश्मन उसे आसानी से देख नहीं पाता, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।

सोचो - प्रश्न 4

बुर्ज के पीछे खड़े हुए छेदों में से देखने वाले सिपाहियों को हमला करने में क्या मदद मिलती होगी?
Solution: बुर्ज के पीछे खड़े सिपाही छेदों का उपयोग करके दुश्मन की गतिविधियों पर छिपकर नजर रख सकते थे। जब दुश्मन करीब आता, तो वे बुर्ज की आड़ में रहते हुए छेदों से अचानक हमला कर सकते थे। इससे दुश्मन को आश्चर्यचकित करने और उन्हें पीछे धकेलने में मदद मिलती थी, क्योंकि सिपाही सुरक्षित स्थान से हमला कर रहे होते थे।

सोचो और चर्चा करो - प्रश्न 1

फव्वारे कैसे चलते होंगे?
Solution: फव्वारे संभवतः पानी के दबाव या किसी प्रकार की यांत्रिक प्रणाली (जैसे पंप या मशीन) द्वारा चलाए जाते होंगे। पुराने समय में, पानी को ऊँचाई पर ले जाकर या गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके भी फव्वारे चलाए जाते थे, जिससे पानी फुहारों के रूप में बाहर निकलता था।

सोचो और चर्चा करो - प्रश्न 2

हवा और रोशनी का क्या इंतजाम होगा?
Solution: ऐतिहासिक इमारतों में हवा और रोशनी के लिए मुख्य रूप से दरवाजे, खिड़कियाँ, रोशनदान (ऊपर की ओर खुलने वाली छोटी खिड़कियाँ) और कभी-कभी बड़े आंगन का उपयोग किया जाता था। ये संरचनाएं प्राकृतिक प्रकाश को अंदर आने देती थीं और ताजी हवा का संचार बनाए रखती थीं, जिससे इमारतें हवादार और प्रकाशमान रहती थीं।

सोचो और चर्चा करो - प्रश्न 3

चित्र में दीवार पर की गई नक्काशी को ध्यान से देखो। इतनी सुन्दर और बारीक नक्काशी करने में किन औजारों का इस्तेमाल होता होगा?
Solution: इतनी सुन्दर और बारीक नक्काशी करने के लिए मुख्य रूप से हथौड़ा और छेनी जैसे औजारों का इस्तेमाल किया जाता होगा। कारीगर इन औजारों की मदद से पत्थर या लकड़ी पर धीरे-धीरे चोट करके वांछित डिज़ाइन और आकृतियाँ उकेरते थे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार की छैनी और छोटे हथौड़े भी बारीक काम के लिए उपयोगी होते होंगे।

सोचो और चर्चा करो - प्रश्न 4

हमारे देश में आज भी कई जगह बिजली नहीं है। पर जिन जगहों पर बिजली है अगर वहाँ एक हफ्ते तक बिजली न आए तो कौन-कौन से कामों में मुश्किल होगी?
Solution: यदि बिजली से चलने वाले स्थानों पर एक हफ्ते तक बिजली न आए, तो कई कामों में भारी मुश्किल होगी। जैसे:
  • रोशनी: रात में अंधेरा छा जाएगा और काम करने के लिए मोमबत्ती या लालटेन का सहारा लेना पड़ेगा।
  • पंखा और कूलर: गर्मी में हवा के लिए पंखे या कूलर न चलने से बहुत परेशानी होगी।
  • पानी की आपूर्ति: कई जगहों पर पानी की मोटरें बिजली से चलती हैं, जिससे पानी की सप्लाई बाधित हो सकती है।
  • रसोई के उपकरण: मिक्सर, ओवन, माइक्रोवेव जैसे उपकरण काम नहीं करेंगे।
  • संचार और मनोरंजन: टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं बंद हो जाएंगी।
  • अन्य कार्य: अस्पताल, दुकानें और दफ्तरों के कई काम प्रभावित होंगे।
संक्षेप में, बिजली के बिना आधुनिक जीवन के कई पहलू ठप पड़ जाएंगे।

कहा है पूर्व पश्चिम - प्रश्न 1

तुम जिस जगह पर हो वहाँ पर सूरज किस दिशा में उगता है और किस दिशा में डूबता है? पता करो कि तुम जहाँ खड़े हो वहाँ से पूर्व दिशा में क्या-क्या है पश्चिम में क्या-क्या है तथा उत्तर:-दक्षिण में क्या-क्या है?
Solution: आमतौर पर, सूरज पूर्व दिशा में उगता है और पश्चिम दिशा में डूबता है। यदि आप अपने स्थान पर खड़े होकर देखें, तो आपके सामने पूर्व दिशा होगी जहाँ से सूरज उगता है, और आपकी पीठ की ओर पश्चिम दिशा होगी जहाँ सूरज डूबता है। इसी तरह, आप अपने दाएँ हाथ की ओर उत्तर दिशा और बाएँ हाथ की ओर दक्षिण दिशा का अनुभव करेंगे। आपके पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशाओं में जो भी इमारतें, पेड़, सड़कें या अन्य स्थान हों, वे उस दिशा के अनुसार गिने जाएंगे। उदाहरण के लिए, यदि आपके पूर्व में एक पहाड़ है, तो वह आपकी पूर्व दिशा में स्थित है।

बताओ और लिखो - प्रश्न 1

गोलकोंडा के नक्शे को देखो-चारों दिशाएँ तीर के निशान से दिखाई गई है।
  1. अगर तुम बोड़ली दरवाजे से किले के अंदर देख रहे हो तो कटोरा हौज किस दिशा में है?
  2. अगर कोई बंजारा दरवाजे के अंदर आ रहा है तो कटोरा हौज उसकी किस दिशा में होगा?
  3. वाला हिसार से तुम किस दिशा में चलोगे कि मोती महल पहुँच जाओ?
  4. किले की बाहरी दीवार पर कितने दरवाजे दिख रहे है?
  5. गिन कर बताओ किले में कितने महल हैं?
  6. पानी के लिए क्या-क्या इंतजाम दिख रहे हैं? जैसे-बावड़ी, कुँए, हौज?
  7. नक्शे में एक सेंटीमीटर जमीन पर 110 मीटर की दूरी दिखती है। अब बताओ नक्शे में फतेह दरवाजे से बाला हिसार ......से.मी. की दूरी पर है। जमीन पर यह दूरी ..... मीटर होगी।
  8. मकई दरवाजे से फतेह दरवाजा कितनी दूर है?
Solution: गोलकोंडा के नक्शे के आधार पर प्रश्नों के उत्तर इस प्रकार हैं:
  1. यदि आप बोड़ली दरवाजे से किले के अंदर देख रहे हैं, तो नक्शे के अनुसार कटोरा हौज आपकी **उत्तर** दिशा में है।
  2. यदि कोई बंजारा दरवाजे के अंदर आ रहा है, तो कटोरा हौज उसकी **दक्षिण** दिशा में होगा (क्योंकि बंजारा उत्तर की ओर आ रहा है)।
  3. वाला हिसार से मोती महल पहुँचने के लिए आपको **पूर्व** दिशा में चलना होगा।
  4. नक्शे में किले की बाहरी दीवार पर कुल **नौ** दरवाजे दिखाई दे रहे हैं।
  5. नक्शे के अनुसार, किले में कुल **तीन** महल हैं।
  6. पानी के इंतजाम के लिए नक्शे में **पाँच बावड़ी** और **तीन हौज** दिखाई दे रहे हैं।
  7. नक्शे में फतेह दरवाजे से बाला हिसार की दूरी **8 सेंटीमीटर** है। चूँकि नक्शे पर 1 सेंटीमीटर जमीन पर 110 मीटर की दूरी दर्शाता है, तो जमीन पर यह दूरी 8 × 110 = **880 मीटर** होगी।
  8. नक्शे के अनुसार, मकई दरवाजे से फतेह दरवाजा **100 मीटर** की दूरी पर है।

Common mistakes

  • बुर्जों के केवल एक उद्देश्य (जैसे देखना) पर ध्यान केंद्रित करना, जबकि सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
  • नक्शे पर दिशाओं को गलत समझना।
  • नक्शे पर दी गई पैमाना (स्केल) का उपयोग करके जमीन पर दूरी की गणना में त्रुटि करना।
  • ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण के पीछे के सामाजिक और सुरक्षा कारणों को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें कि समाधान में क्या समझाया गया है।
  • बुर्जों, छेदों और नक्काशी जैसे वास्तुशिल्प तत्वों के उद्देश्य पर विशेष ध्यान दें।
  • दिशाओं और नक्शे पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें, पैमाने का उपयोग करके दूरियों की गणना करना सीखें।
  • अपने आस-पास की इमारतों में हवा और रोशनी के इंतजामों का निरीक्षण करें और उनकी तुलना पाठ में दिए गए उदाहरणों से करें।

Practice MCQs

Q1. किले में सुरक्षा के लिए बुर्ज क्यों बनाए जाते थे?

Q2. ऐतिहासिक इमारतों में हवा और रोशनी के लिए मुख्य इंतजाम क्या थे?

Q3. दीवारों पर बारीक नक्काशी करने के लिए किन औजारों का उपयोग किया जाता होगा?

Q4. यदि नक्शे पर 1 सेंटीमीटर जमीन पर 110 मीटर की दूरी दर्शाता है, तो नक्शे पर 8 सेंटीमीटर की दूरी जमीन पर कितनी होगी?

Q5. गोलकोंडा के नक्शे के अनुसार, यदि कोई बंजारा दरवाजे से किले में प्रवेश कर रहा है, तो कटोरा हौज उसकी किस दिशा में होगा?

Frequently asked questions

कक्षा 5 आस-पास के अध्याय 10 'इमारतें' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में ऐतिहासिक इमारतों, जैसे किलों की वास्तुकला, सुरक्षा व्यवस्था (जैसे बुर्ज), हवा और रोशनी के इंतजाम, नक्काशी के तरीके और नक्शे पर दिशाओं व दूरियों को समझने के बारे में सिखाया गया है।

बुर्ज क्या होते हैं और उनका क्या महत्व था?

बुर्ज किले की दीवारों पर बने ऊँचे, मजबूत मीनार होते थे। इनमें बने बड़े छेदों से सिपाही छिपकर बाहर निगरानी रख सकते थे और हमला कर सकते थे, जिससे किले की सुरक्षा बढ़ती थी।

नक्शे पर दूरी मापने के लिए क्या तरीका बताया गया है?

नक्शे पर दूरी मापने के लिए एक पैमाना (स्केल) दिया जाता है, जैसे 1 सेंटीमीटर जमीन पर 110 मीटर के बराबर है। इस पैमाने का उपयोग करके नक्शे पर दी गई दूरी को जमीन पर वास्तविक दूरी में बदला जा सकता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद मिलेगी।

इस अध्याय में दिशाओं के बारे में क्या सिखाया गया है?

छात्रों को अपने आस-पास की दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) को पहचानने और नक्शे पर विभिन्न स्थानों की दिशाओं को समझने का अभ्यास कराया गया है।

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