कक्षा 4 सामाजिक विज्ञान: दुनिया मेरे घर में NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 4 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'दुनिया मेरे घर में' के लिए एन.सी.ई.आर.टी. समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को घर और समाज में विभिन्न प्रकार के रिश्तों, नियमों और निर्णयों को समझने में मदद करता है। इसमें चर्चा की गई है कि कैसे परिवार के सदस्य आपस में झगड़े सुलझाते हैं, लिंग के आधार पर भेदभाव क्यों नहीं होना चाहिए, और विभिन्न सामाजिक रीति-रिवाजों का सम्मान कैसे किया जाना चाहिए। समाधानों में पीलू मामी के किस्से से लेकर अक्षय की दुविधा तक, विभिन्न परिदृश्यों का विश्लेषण किया गया है, जो छात्रों को समान व्यवहार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक निर्णयों के महत्व को समझने में सहायता करते हैं। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं, जो छात्रों को महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter22. दुनिया मेरे घर मे

Chapter summary

कक्षा 4 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'दुनिया मेरे घर में' के ये एन.सी.ई.आर.टी. समाधान घर और समाज में विभिन्न स्थितियों पर केंद्रित हैं। इनमें पारिवारिक झगड़ों को सुलझाने के तरीके, लिंग समानता के महत्व, और विभिन्न रीति-रिवाजों के प्रति सम्मान जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि क्यों सभी के लिए समान नियम होने चाहिए और कैसे व्यक्तिगत निर्णय लिए जाने चाहिए। यह अध्याय छात्रों को अपने आसपास की दुनिया को अधिक संवेदनशीलता और समझ के साथ देखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Learning outcomes

  • घर में होने वाले छोटे-मोटे झगड़ों और उन्हें सुलझाने के तरीकों को समझना।
  • लड़के-लड़की और आदमी-औरत के बीच समानता के महत्व को पहचानना।
  • विभिन्न परिवारों और उनके रीति-रिवाजों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना।
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों की भूमिका को समझना।
  • ईमानदारी और सही व्यवहार के महत्व को समझना, जैसा कि पीलू मामी के उदाहरण में दिखाया गया है।
  • असहज या अनुचित स्पर्श को पहचानने और उस पर प्रतिक्रिया करने के बारे में सोचना।

Topics covered

Paper topics

  • पारिवारिक झगड़े और समाधान
  • लिंग समानता
  • नियम और उनके औचित्य
  • रीति-रिवाज और सांस्कृतिक भिन्नताएँ
  • निर्णय लेना
  • ईमानदारी
  • दूसरों का सम्मान
  • अनुचित स्पर्श

Important topics

  • लिंग समानता का महत्व
  • पारिवारिक निर्णय लेने की प्रक्रिया
  • ईमानदारी और सही व्यवहार
  • विभिन्न रीति-रिवाजों का सम्मान
  • अनुचित स्पर्श को पहचानना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज को लेकर झगड़े होते हैं?
Solution:

हाँ, कभी-कभी हमारे घर में भी ऐसी चीजें होती हैं जिनके लिए आपस में थोड़ी कहा-सुनी या झगड़ा हो जाता है। उदाहरण के लिए, कभी-कभी टीवी पर कौन सा कार्यक्रम देखना है, इसे लेकर भाई-बहन में या माता-पिता के साथ बहस हो सकती है। इसी तरह, किसी चीज को इस्तेमाल करने को लेकर भी छोटे-मोटे झगड़े हो सकते हैं।

प्रश्न 2

तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
Solution:

हमारे घर में होने वाले ऐसे झगड़ों को आमतौर पर हम घर के बड़े सदस्य, जैसे माता-पिता या दादा-दादी, सुलझाते हैं। कई बार हम बच्चे भी आपस में बात करके या थोड़ा समझौता करके मामले को शांत कर लेते हैं।

प्रश्न 3

अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मजेदार किस्सा सुनाओ।
Solution:

एक बार की बात है, जब मैं और मेरी बहन एक ही समय में टीवी देखना चाहते थे। मैं क्रिकेट मैच देखना चाहता था और मेरी बहन एक फिल्मफेयर अवार्ड का कार्यक्रम। हम दोनों के बीच इस बात पर झगड़ा हो गया। फिर हमने मिलकर एक समाधान निकाला। हमने तय किया कि चूंकि फिल्मफेयर अवार्ड का कार्यक्रम एक घंटे में खत्म हो जाएगा, इसलिए पहले मेरी बहन वह देखेगी और मैं मैच का स्कोर देखता रहूँगा। कार्यक्रम खत्म होने के बाद, मैं पूरा क्रिकेट मैच देख सकूँगा। इस तरह, हमने मिलकर झगड़ा सुलझा लिया और दोनों अपनी-अपनी पसंद का कार्यक्रम देख पाए।

प्रश्न 4

क्या तुमने कहीं और एक ही चीज के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?
Solution:

हाँ, मैंने कई बार लोगों को एक ही चीज के लिए आपस में झगड़ते देखा है। उदाहरण के लिए, मैंने ट्रेनों या बसों में सीटों के लिए लोगों को झगड़ते हुए देखा है। कभी-कभी बाजार में भी किसी वस्तु की कीमत को लेकर या उसे खरीदने की होड़ में लोग आपस में बहस करने लगते हैं।

प्रश्न 5

क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?
Solution:

नहीं, मेरे या मेरे किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें नहीं होती हैं जहाँ किसी चीज को लेकर लगातार झगड़े होते हों। मैं सोचता हूँ कि किसी भी परिवार में ऐसा नहीं होना चाहिए। परिवारों में आपसी समझ और प्यार से रहना चाहिए, और छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा करने के बजाय मिलकर समाधान निकालना चाहिए।

प्रश्न 6

क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?
Solution:

नहीं, मेरी राय में लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम नहीं होने चाहिए। सभी के लिए एक जैसे नियम और अवसर होने चाहिए। किसी के साथ भी उनके लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। सभी को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

प्रश्न 7

सोचो-अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?
Solution:

अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो इससे सभी को परेशानी होगी। यह अनुचित होगा और किसी को भी अच्छा नहीं लगेगा। उदाहरण के लिए, यदि लड़कियों को घर के काम करने के लिए कहा जाए और लड़कों को बाहर खेलने की अनुमति हो, तो यह समानता के सिद्धांत के खिलाफ होगा। इससे समाज में असंतुलन पैदा होगा और सभी को अपनी क्षमता के अनुसार काम करने या अपनी पसंद की चीजें करने का मौका नहीं मिलेगा।

प्रश्न 8

अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
Solution:

पीलू मामी ने कुल्फी वाले को पाँच कुल्फी के पैसे ही दिए, जबकि उन्होंने सात कुल्फी खाई थीं। बच्चों ने यह देखा और उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी। बच्चों ने मिलकर पीलू मामी को समझाया कि उन्होंने कुल्फी वाले के साथ बेईमानी की है। बच्चों की बात सुनकर पीलू मामी को अपनी गलती का एहसास हुआ। वह तुरंत कुल्फी वाले के पास वापस गईं और बाकी के दो कुल्फी के पैसे भी दे दिए। कुल्फी वाले ने पीलू मामी की ईमानदारी की सराहना की और बच्चों को आशीर्वाद दिया। उस दिन से पीलू मामी ने कभी भी किसी के साथ बेईमानी नहीं की और हमेशा सही व्यवहार किया।

प्रश्न 9

क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
Solution:

हाँ, मेरे घर में मेरी माँ कुछ हद तक पीलू मामी की तरह हैं, लेकिन अच्छे अर्थों में। जब हम बाजार जाते हैं और दुकानदार गलती से हमें कम पैसे वापस देते हैं या कोई चीज कम तौलते हैं, तो मेरी माँ हमेशा उसे ठीक करवाती हैं और सही पैसे या सही मात्रा में सामान लेती हैं। वह कभी भी किसी के साथ बेईमानी नहीं करतीं और हमेशा सही व्यवहार पर जोर देती हैं।

प्रश्न 10

अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?
Solution:

अगर पीलू मामी कम पैसे देकर चली जातीं, तो बच्चे सोचते कि पीलू मामी गलत कर रही हैं और वे बेईमान हैं। बच्चे शायद इस बात से दुखी होते कि कोई ऐसा काम कर रहा है जो सही नहीं है। मेरी भी यही सोच है कि पीलू मामी का ऐसा करना गलत होता। बेईमानी करना अच्छी बात नहीं है, चाहे वह थोड़ी सी ही क्यों न हो। इससे न केवल दूसरों का नुकसान होता है, बल्कि हमारी अपनी छवि भी खराब होती है।

प्रश्न 11

तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?
Solution:

मुझे लगता है कि अक्षय शायद पानी पी लेगा। हालाँकि उसकी दादी-माँ ने मना किया है, लेकिन प्यास लगने पर पानी पीना एक स्वाभाविक क्रिया है। वह शायद थोड़ी देर सोचेगा, लेकिन अंततः अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी पी लेगा।

प्रश्न 12

अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?
Solution:

अक्षय उलझन में इसलिए पड़ गया क्योंकि उसकी दादी-माँ ने उसे अनिल के घर कुछ भी खाने-पीने से मना किया था। जब उसे प्यास लगी और अनिल ने पानी पिलाने की पेशकश की, तो उसे अपनी दादी-माँ की बात याद आ गई, जिससे वह दुविधा में पड़ गया कि क्या करे।

प्रश्न 13

अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर का पानी तक पीने के लिए मना क्यों किया होगा?
Solution:

अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर का पानी तक पीने के लिए मना शायद इसलिए किया होगा क्योंकि वे पुराने विचारों की थीं। हो सकता है कि उनके परिवार और अनिल के परिवार के बीच कोई पुरानी रंजिश हो, या वे अनिल के परिवार के रीति-रिवाजों या खान-पान को अपने से अलग या कमतर मानती हों। कई बार लोग अलग-अलग समुदायों या परिवारों के बीच छुआछूत या भेदभाव की भावना रखते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे के घर की चीजें इस्तेमाल करने से मना करते हैं।

प्रश्न 14

क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो, जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं?
Solution:

हाँ, मैंने ऐसे कुछ लोगों को देखा है जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं। मेरे एक दोस्त की दादी-माँ भी ऐसी ही हैं। वे भी पुराने रीति-रिवाजों को बहुत महत्व देती हैं और कभी-कभी दूसरी जातियों या परिवारों के लोगों के साथ खान-पान या मेलजोल को लेकर थोड़ी हिचकिचाहट दिखाती हैं।

प्रश्न 15

क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?
Solution:

नहीं, मैं अक्षय की दादी-माँ के विचारों से बिल्कुल सहमत नहीं हूँ। मुझे लगता है कि किसी के घर का पानी या खाना न पीना, खासकर जब प्यास लगी हो, बहुत अनुचित है। हमें सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए और उनके रीति-रिवाजों को समझना चाहिए, न कि उन्हें गलत ठहराना चाहिए। भेदभाव करना अच्छी बात नहीं है।

प्रश्न 16

तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?
Solution:

मेरी राय में, अक्षय को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी पी लेना चाहिए। उसे अपनी दादी-माँ की बात का सम्मान करना चाहिए, लेकिन इस स्थिति में प्यास लगना अधिक महत्वपूर्ण है। वह बाद में अपनी दादी-माँ को समझा सकता है कि अनिल एक अच्छा दोस्त है और उसके घर का पानी पीने में कोई बुराई नहीं है।

प्रश्न 17

तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?
Solution:

अगर मैं धोंडू की जगह होता, तो मैं भी शायद वही करता जो धोंडू ने किया। अगर मुझे कोई काम करने का बहुत मन है और घर के बड़े मना कर रहे हैं, तो मैं पहले उनसे बात करने की कोशिश करता और उन्हें समझाने का प्रयास करता। लेकिन अगर वे नहीं मानते, तो मैं उनकी बात मान लेता, क्योंकि बड़ों का अनुभव अक्सर सही होता है।

प्रश्न 18

क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?
Solution:

हाँ, मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है। उदाहरण के लिए, कभी-कभी मैं देर रात तक खेलना चाहता हूँ या कोई खास कार्टून देखना चाहता हूँ, लेकिन मेरे माता-पिता मना कर देते हैं क्योंकि यह सोने का समय होता है या यह मेरी पढ़ाई के लिए ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में, मैं पहले उनसे बात करके मनाने की कोशिश करता हूँ, लेकिन अगर वे नहीं मानते तो मैं उनकी बात मान लेता हूँ।

प्रश्न 19

तुम्हारे घर में जरूरी फैसले कौन लेता है?
Solution:

हमारे घर में जरूरी फैसले आमतौर पर मेरे मम्मी-पापा मिलकर लेते हैं। वे दोनों आपस में बात करते हैं, एक-दूसरे की राय सुनते हैं और फिर मिलकर कोई निर्णय लेते हैं। कभी-कभी घर के अन्य बड़े सदस्य, जैसे दादा-दादी, भी अपनी सलाह देते हैं।

प्रश्न 20

तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?
Solution:

मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है कि मेरे मम्मी-पापा मिलकर फैसले लेते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्णय सभी के हित में हो और किसी की उपेक्षा न हो। वे दोनों एक-दूसरे की बात समझते हैं और सोच-समझकर फैसला करते हैं, जो हमारे परिवार के लिए बेहतर होता है।

प्रश्न 21

अगर तुम्हारे परिवार में या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?
Solution:

अगर मेरे परिवार या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा। मुझे ऐसा महसूस होगा कि मेरी या दूसरों की राय का कोई महत्व नहीं है। इससे घर में या रिश्तेदारी में नाराजगी और असंतोष फैल सकता है। मेरा मानना है कि सबको अपनी बात कहने का मौका मिलना चाहिए और फैसले मिलकर लेने चाहिए।

प्रश्न 22

क्या तुम्हें-भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?
Solution:

हाँ, मुझे भी कभी-कभी किसी का छूना बुरा लगा है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन छू रहा है और किस तरह से छू रहा है। अगर कोई अजनबी या ऐसा व्यक्ति जिसे मैं पसंद नहीं करता, मुझे छूता है, तो मुझे बुरा लग सकता है।

प्रश्न 23

किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?
Solution:

एक बार मुझे एक ऐसे लड़के ने छू लिया था जो बहुत गंदा था और जिसके कपड़े भी मैले थे। उसका छूना मुझे अच्छा नहीं लगा क्योंकि मुझे लगा कि वह अस्वच्छ है। इसके अलावा, अगर कोई मुझे जबरदस्ती या गलत तरीके से छूने की कोशिश करे, तो वह भी मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा।

प्रश्न 24

अगर तुम रितुं की जगह होते, तो क्या करते?
Solution:

अगर मैं रितु की जगह होती, तो मैं अपनी सहेली की मामा से डरती नहीं। अगर उनका छूना मुझे असहज या डरावना लगता, तो मैं तुरंत उनसे अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करती। मैं अपनी सहेली से भी इस बारे में बात करती और शायद अपनी माँ या किसी भरोसेमंद बड़े से भी इस बारे में बताती ताकि वे मेरी मदद कर सकें।

प्रश्न 25

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?
Solution:

अगर किसी को किसी व्यक्ति का छूना बुरा लगे या डरावना लगे, तो सबसे पहले उसे उस व्यक्ति से दूर हो जाना चाहिए। अगर वह बच्चा है, तो उसे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े को इस बारे में बताना चाहिए। वे उस बच्चे की मदद कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसा दोबारा न हो। डरने का कारण पता लगाना और उस पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 26

सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?
Solution:

ऐसा इसलिए था क्योंकि रितु को मीना के मामा से डर लगता था, शायद उनकी शक्ल या व्यवहार की वजह से। जब कोई हमें डरावना लगता है या हम उसे पसंद नहीं करते, तो उसका छूना हमें अच्छा नहीं लगता। दूसरी ओर, रितु को अपनी सहेली मीना पर भरोसा था और वह उसे पसंद करती थी, इसलिए मीना का हाथ पकड़ना उसे अच्छा लगता था। छूने का एहसास इस बात पर निर्भर करता है कि हम उस व्यक्ति पर कितना भरोसा करते हैं और वह व्यक्ति हमें कैसा महसूस कराता है।

Common mistakes

  • लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग नियमों को सही मानना।
  • दूसरों के रीति-रिवाजों या मान्यताओं का अनादर करना।
  • परिवार में केवल बड़ों द्वारा ही निर्णय लिए जाने को स्वाभाविक मानना।
  • अनुचित व्यवहार पर चुप रहना या डरना।

Revision tips

  • घर में होने वाले झगड़ों के उदाहरणों पर विचार करें और सोचें कि उन्हें कैसे सुलझाया जा सकता है।
  • लिंग समानता के महत्व पर चर्चा करें और समझें कि नियम सभी के लिए समान क्यों होने चाहिए।
  • पीलू मामी और अक्षय की कहानियों से सीखें कि ईमानदारी और दूसरों के प्रति सम्मान क्यों महत्वपूर्ण है।
  • परिवार में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें और अपनी राय व्यक्त करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. घर में छोटे-मोटे झगड़ों को सुलझाने के लिए सबसे अच्छा तरीका क्या है?

Q2. लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग नियम क्यों नहीं होने चाहिए?

Q3. पीलू मामी ने कुल्फी वाले के साथ क्या किया?

Q4. अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर कुछ भी खाने-पीने से मना क्यों किया?

Q5. घर के जरूरी फैसले कौन लेता है?

Frequently asked questions

कक्षा 4 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'दुनिया मेरे घर में' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में घर और समाज में समानता, विभिन्न रीति-रिवाजों का सम्मान, और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सिखाया गया है। यह छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि सभी के साथ समान व्यवहार क्यों करना चाहिए।

क्या ये समाधान कक्षा 4 के छात्रों के लिए उपयुक्त हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 4 के छात्रों की समझ के स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जिनमें सरल भाषा और स्पष्टीकरण का उपयोग किया गया है।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान अध्याय की सभी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास के लिए प्रश्नोत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्र परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं।

क्या इन समाधानों में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?

हाँ, स्रोत में दिए गए अध्याय के सभी प्रश्नों के उत्तरों को स्पष्ट और विस्तृत तरीके से यहाँ प्रस्तुत किया गया है।

यह अध्याय 'दुनिया मेरे घर में' छात्रों को क्या सिखाता है?

यह अध्याय छात्रों को सिखाता है कि घर और समाज में विभिन्न लोगों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए, समानता क्यों महत्वपूर्ण है, और कैसे सही निर्णय लिए जाते हैं।

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