कक्षा 4 हिंदी NCERT समाधान: सुनीता की पहिया कुर्सी

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यह पृष्ठ कक्षा 4 के हिंदी पाठ 'सुनीता की पहिया कुर्सी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ सुनीता की कहानी के माध्यम से पहिया कुर्सी के उपयोग, शारीरिक अक्षमताओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण और समावेशन के महत्व पर प्रकाश डालता है। समाधानों में सुनीता के अनुभवों, उसकी पाठशाला में आने वाली संभावित कठिनाइयों और समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। यह छात्रों को सहानुभूति विकसित करने और अपनी पाठशलाओं को अधिक समावेशी बनाने के तरीकों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. सुनीता की पहिया कुर्सी

Chapter summary

कक्षा 4 के हिंदी पाठ 'सुनीता की पहिया कुर्सी' के ये NCERT समाधान छात्रों को सुनीता के जीवन और पहिया कुर्सी के उपयोग के बारे में समझने में मदद करते हैं। इसमें पाठ के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं जो सुनीता के अनुभवों, दुकानदार के व्यवहार पर उसकी प्रतिक्रिया, और सड़क पर जीवन के अवलोकन पर केंद्रित हैं। समाधान यह भी बताते हैं कि कैसे फ़रीदा की माँ ने पहिया कुर्सी के बारे में उसके सवालों को सीमित किया, और पाठशाला को अधिक सुलभ बनाने के सुझावों पर चर्चा की। अंत में, यह छात्रों को सुनीता को पत्र लिखने और विभिन्न शारीरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए आविष्कार के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Learning outcomes

  • सुनीता के पहिया कुर्सी के उपयोग और उसके दैनिक जीवन पर इसके प्रभाव को समझना।
  • शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण और सहानुभूति का मूल्यांकन करना।
  • पाठशालाओं को अधिक समावेशी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझावों की पहचान करना।
  • दूसरों के अनुभवों को समझने के लिए पत्र लेखन का अभ्यास करना।
  • विभिन्न शारीरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए रचनात्मक समाधानों पर विचार करना।

Topics covered

Paper topics

  • पहिया कुर्सी का उपयोग
  • शारीरिक अक्षमता
  • सामाजिक दृष्टिकोण
  • समावेशन
  • सहानुभूति
  • पाठशाला में बाधाएं
  • ब्रेल लिपि
  • संचार के तरीके
  • रचनात्मकता
  • पत्र लेखन

Important topics

  • सुनीता के अनुभव और भावनाएं
  • पहिया कुर्सी से जुड़ी चुनौतियाँ
  • पाठशाला को सुलभ बनाना
  • दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता
  • समावेशन का महत्व

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Questions and Solutions

कहानी से

सुनीता को सबलोग गौर से क्यों देख रहे थे?
Solution: सुनीता को सब लोग इसलिए गौर से देख रहे थे क्योंकि वह पहिया-कुर्सी पर बैठकर अकेले सड़क पर जा रही थी। यह दृश्य कुछ लोगों के लिए असामान्य हो सकता है, इसलिए वे उसे ध्यान से देख रहे थे।
सुनीता को दुकानदार का व्यवहार क्यों बुरा लगा?
Solution: सुनीता को दुकानदार का व्यवहार इसलिए बुरा लगा क्योंकि दुकानदार ने उसे चीनी की थैली पकड़ने के लायक नहीं समझा। दुकानदार ने यह मान लिया कि सुनीता शारीरिक रूप से कोई काम करने में अक्षम है और उसने चीनी की थैली सीधे उसकी गोद में डाल दी। सुनीता को यह बात पसंद नहीं आई क्योंकि वह अपना सामान स्वयं उठा सकती थी और दुकानदार की सोच उसे अपमानजनक लगी।

मज़ेदार

(क) तुम्हारे विचार से सुनीता को सड़क देखना अच्छा क्यों लगता होगा?
Solution: सुनीता को सड़क देखना अच्छा इसलिए लगता होगा क्योंकि वह अपने पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ है। इस वजह से उसे घर से बाहर निकलने और सड़क की चहल-पहल देखने का मौका बहुत कम मिलता है। जब भी उसे ऐसा मौका मिलता है, वह सड़क पर होने वाली गतिविधियों को देखकर खुश हो जाती है।
(ख) अपने घर के आसपास की सड़क को ध्यान से देखो और बताओ—तुम्हें क्या-क्या चीज़ें नज़र आती हैं? लोग क्या-क्या करते हुए नज़र आते हैं?
Solution: मेरे घर के आसपास की सड़क पर मुझे कई चीजें नज़र आती हैं, जैसे:
  • सड़क पर चलते हुए लोग।
  • सब्जियों और फलों के ठेले लगे हुए।
  • साइकिल पर सवार होकर आते-जाते लोग, जैसे ताला-चाबी बनाने वाले।
  • स्कूटर और बाइकें।
लोग सड़क पर ये सब करते हुए नज़र आते हैं:
  • चलते हुए और आपस में बातें करते हुए।
  • स्कूटर, रिक्शा और बाइकें चलाते हुए।
  • अपने गंतव्य की ओर जाते हुए।

मनाही

माँ ने फ़रीदा को क्यों रोक दिया होगा? क्या फ़रीदा को पहिया कुर्सी के बारे में नहीं पूछना चाहिए था? तुम्हें क्या लगता है?
Solution: माँ ने फ़रीदा को इसलिए रोक दिया होगा क्योंकि उन्हें लगा कि पहिया कुर्सी के बारे में पूछना सुनीता के लिए तकलीफदेह हो सकता है, शायद वे किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने से बचना चाहती थीं।

नहीं, फ़रीदा को पहिया कुर्सी के बारे में पूछना गलत नहीं था। वह शायद जिज्ञासावश जानना चाहती थी। बच्चों की जिज्ञासा स्वाभाविक होती है और उन्हें सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, बस पूछने का तरीका सही होना चाहिए।

क्या तुम्हें भी कोई काम करने या कोई बात कहने से मना किया जाता है? कौन मना करता है? कब मना करता है?
Solution: हाँ, कभी-कभी मुझे भी कुछ काम करने या कुछ बातें कहने से मना किया जाता है। उदाहरण के लिए, देर रात तक जागने से मना किया जाता है, या जब मैं कुछ ऐसा काम करने की कोशिश करता हूँ जो खतरनाक हो सकता है, तो मुझे मना किया जाता है। आमतौर पर मेरे माता-पिता या बड़े भाई-बहन मुझे मना करते हैं, खासकर जब वे मेरी सुरक्षा या स्वास्थ्य की चिंता करते हैं।

मैं भी कुछ कर सकती हूँ ...

(क) यदि सुनीता तुम्हारी पाठशाला में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी आएगी?
Solution: यदि सुनीता मेरी पाठशाला में आए तो उसे निम्नलिखित कामों में परेशानी आ सकती है:
  • कक्षा में प्रवेश करने के लिए सीढ़ियाँ चढ़ने में।
  • कक्षा से बाहर आने के लिए सीढ़ियों से उतरने में।
  • अपनी कक्षा के बच्चों के साथ खेलने के मैदान में जाने या खेलने में।
  • शौचालय का उपयोग करने में, यदि वह सुलभ न हो।
  • ऊँची अलमारियों से किताबें निकालने या रखने में।
(ख) उसे यह परेशानी न हो इसके लिए अपनी पाठशाला में क्या तुम कुछ बदलाव सुझा सकती हो?
Solution: हाँ, मैं अपनी पाठशाला को सुनीता जैसे बच्चों के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए निम्नलिखित बदलाव सुझा सकती हूँ:
  • पाठशाला के प्रवेश द्वार और कक्षाओं तक पहुँचने के लिए रैंप (ढलान) बनवाने चाहिए।
  • सीढ़ियों के बजाय रैंप का उपयोग करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • कक्षाओं में फर्नीचर की व्यवस्था ऐसी हो कि पहिया कुर्सी आसानी से घूम सके।
  • खेल के मैदान में भी पहिया कुर्सी से जाने योग्य रास्ते होने चाहिए।
  • यदि संभव हो, तो एक सहायक की नियुक्ति की जा सकती है जो सुनीता जैसे बच्चों की ज़रूरत पड़ने पर मदद कर सके।

प्यारी सुनीता

सुनीता के बारे में पढ़कर तुम्हारे मन में कई सवाल और बातें आ रही होंगी। वे बातें सुनीता को चिट्ठी लिखकर बताओ।
Solution:

ए-10, गुरु अंगद नगर, लक्ष्मी नगर

नई दिल्ली

दिनांक-19 मई 2012

प्रिय सुनीता,

मुझे तुम्हारे बारे में पढ़कर बहुत अच्छा लगा। तुम्हारी हिम्मत और तुम्हारा हौसला सचमुच काबिले तारीफ है। यह जानकर खुशी हुई कि तुम खुद को दूसरों से अलग नहीं समझती और वही सब काम करने की कोशिश करती हो जो दूसरे बच्चे करते हैं। पहिया-कुर्सी के सहारे तुम जहाँ चाहो जा सकती हो, यह बहुत अच्छी बात है। मैं तुम्हारी इस हिम्मत की प्रशंसा करती हूँ। मुझे उम्मीद है कि तुम उन लोगों की परवाह नहीं करती जो तुम्हें घूरते हैं। तुम बहुत मजबूत इरादों वाली लड़की हो।

मैं तुम्हें यह पत्र अपनी कुछ बातें बताने और तुम्हारा हौसला बढ़ाने के लिए लिख रही हूँ। मुझे उम्मीद है कि तुम स्वस्थ होगी और खुश होगी।

तुम्हारा जवाब का इंतज़ार रहेगा।

तुम्हारी प्रिय सहेली,

रचना

कहानी से आगे

(क) सुनीता अपने पैरों से चल-फिर नहीं सकती। तुमने पिछले साल पर्यावरण अध्ययन की किताब आस-पास में रवि भैया के बारे में पढ़ा होगा। रवि भैया देख नहीं सकते फिर भी वे किताबें पढ़ लेते हैं। वे किस तरह की किताबें पढ़ सकते हैं? उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?
Solution:

रवि भैया ब्रेल लिपि में लिखी किताबें पढ़ सकते हैं। ब्रेल लिपि में अक्षरों को उभारा जाता है, जिसे छूकर महसूस किया जा सकता है।

उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले लुई ब्रेल ने सोचा था। उन्होंने ही ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था।

(ख) आस-पास में कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी बात की गई है जो सुन-बोल नहीं सकते हैं। क्या तुम ऐसे किसी बच्चे को जानते हो जो सुन-बोल नहीं सकता? तुम उसे किस तरह से अपनी बात समझाते हो?
Solution: हाँ, मैं अपने पड़ोस में एक लड़के को जानता हूँ जिसका नाम रिव है। वह सुन और बोल नहीं सकता। मैं उसे अपनी बात समझाने के लिए हाथों और चेहरे के इशारों का उपयोग करता हूँ। मैं लिखकर या चित्र बनाकर भी अपनी बात समझाने की कोशिश करता हूँ।

मेरा आविष्कार

सुनीता जैसे कई बच्चे हैं। इनमें से कुछ देख नहीं सकते तो कुछ बोल या सुन नहीं सकते। कुछ बच्चों के हाथों में परेशानी है, तो कुछ चल नहीं सकते। तुम ऐसे ही किसी एक बच्चे के बारे में सोचो। यदि तुम्हें कोई शारीरिक परेशानी है, तो अपनी चुनौतियों के बारे में भी सोचो। उस चुनौती का सामना करने के लिए तुम क्या आविष्कार करना चाहोगे? उसके बारे में सोचकर बताओ कि तुम वह कैसे बनाओगे? उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी? वह चीज़ क्या-क्या काम कर सकेगी? उस चीज़ का चित्र भी बनाओ।
Solution: यदि मुझे कोई शारीरिक परेशानी होती, तो मैं एक ऐसी जादुई दवा का आविष्कार करना चाहूँगा जो सभी तरह की शारीरिक अक्षमताओं को दूर कर सके।

मैं वह कैसे बनाऊँगा: मैं प्रकृति से प्राप्त जड़ी-बूटियों और वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करके इस दवा को बनाऊँगा।

उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी: इसके लिए मुझे दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ, शुद्ध जल, और विशेष वैज्ञानिक उपकरण चाहिए होंगे।

वह चीज़ क्या-क्या काम कर सकेगी: यह दवा उन लोगों को सुनने, देखने, बोलने और चलने की क्षमता प्रदान करेगी जो इन क्षमताओं से वंचित हैं। यह दवा गूंगे को आवाज देगी, बहरे को सुनने की शक्ति देगी, अंधे को दृष्टि देगी और लंगड़े को चलने की क्षमता प्रदान करेगी।

(नोट: इस आविष्कार का चित्र बनाना संभव नहीं है, लेकिन कल्पना की जा सकती है कि यह एक छोटी शीशी में एक चमत्कारी तरल होगा।)

Common mistakes

  • शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के प्रति असंवेदनशील भाषा का प्रयोग करना।
  • पहिया कुर्सी के उपयोग से जुड़ी दैनिक चुनौतियों को कम आंकना।
  • समावेशी वातावरण बनाने के महत्व को नजरअंदाज करना।
  • दूसरों की भावनाओं को समझने में कठिनाई।

Revision tips

  • सुनीता के अनुभवों को अपने शब्दों में समझाने का अभ्यास करें।
  • पहिया कुर्सी के उपयोग से जुड़ी बाधाओं और समाधानों की सूची बनाएं।
  • पाठ में दिए गए संवादों और पात्रों के व्यवहार पर विचार करें।
  • अपनी पाठशाला को अधिक सुलभ बनाने के लिए अपने विचार लिखें।

Practice MCQs

Q1. सुनीता को सब लोग गौर से क्यों देख रहे थे?

Q2. दुकानदार का व्यवहार सुनीता को बुरा क्यों लगा?

Q3. सुनीता को सड़क की जिंदगी देखना अच्छा क्यों लगता था?

Q4. फ़रीदा की माँ ने उसे पहिया कुर्सी के बारे में सवाल पूछने से क्यों रोका?

Q5. सुनीता को पाठशाला में किन कामों में परेशानी आ सकती है?

Q6. ब्रेल लिपि का आविष्कार किसने किया था?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 4 के हिंदी विषय के लिए है, जो 'सुनीता की पहिया कुर्सी' पाठ पर आधारित है।

समाधानों में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

समाधानों में सुनीता के पहिया कुर्सी के उपयोग, शारीरिक अक्षमता के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण, पाठशाला को समावेशी बनाने के तरीके, और सहानुभूति जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद करते हैं।

सुनीता को दुकानदार का व्यवहार क्यों बुरा लगा?

सुनीता को दुकानदार का व्यवहार इसलिए बुरा लगा क्योंकि दुकानदार ने उसे चीनी की थैली पकड़ने के लायक नहीं समझा और उसे अक्षम मानकर उसकी गोद में थैली डाल दी, जबकि सुनीता अपना काम स्वयं कर सकती थी।

पाठशाला को सुनीता जैसे बच्चों के लिए अधिक सुलभ कैसे बनाया जा सकता है?

पाठशाला को रैंप बनाकर, सहायक नियुक्त करके, और खेल के मैदान को सुलभ बनाकर सुनीता जैसे बच्चों के लिए अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।

ब्रेल लिपि क्या है और यह किसके लिए उपयोगी है?

ब्रेल लिपि एक विशेष प्रकार की लेखन प्रणाली है जिसमें उभरे हुए बिंदु होते हैं, जिसे दृष्टिबाधित व्यक्ति छूकर पढ़ सकते हैं।

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