कक्षा 3 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 11 मीरा बहन और बाघ
यह पृष्ठ कक्षा 3 हिंदी की पुस्तक के अध्याय 11 'मीरा बहन और बाघ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कहानी के पात्रों, जानवरों के व्यवहार और सुरक्षा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। छात्र सीखेंगे कि कौन से जानवर खतरनाक हो सकते हैं, पिंजरे कैसे काम करते हैं, और जानवरों के प्रति दयालुता का क्या महत्व है। समाधानों को सरल भाषा में समझाया गया है, जिससे छात्रों को कहानी की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी। यह अध्याय छात्रों को प्रकृति और उसमें रहने वाले जीवों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 3 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 11 |
Chapter summary
कक्षा 3 हिंदी के अध्याय 11 'मीरा बहन और बाघ' के ये NCERT समाधान कहानी के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें खतरनाक जानवरों की पहचान, उनके व्यवहार, और मीरा बहन के दयालु दृष्टिकोण पर चर्चा की गई है। समाधान छात्रों को पिंजरे के कार्यप्रणाली और जानवरों को कैद करने की नैतिकता को समझने में मदद करते हैं। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न जानवरों की बोलियों और उनकी पहचान के बारे में भी सिखाता है।
Learning outcomes
- कहानी के पात्रों और घटनाओं को समझना।
- खतरनाक जानवरों की पहचान करना और उनके व्यवहार का विश्लेषण करना।
- जानवरों के प्रति दया और सहानुभूति के महत्व को समझना।
- पिंजरे के कार्य करने के तरीके को समझना।
- विभिन्न जानवरों की बोलियों को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- कहानी का सारांश
- खतरनाक जानवर
- जानवरों के प्रति दया
- पिंजरे का कार्य
- जानवरों की बोलियाँ
- गाँव की सुरक्षा
- नैतिकता
- जानवरों का अधिकार
- महात्मा गांधी का संदर्भ
- शहरों और नदियों के नाम
Important topics
- कहानी का मुख्य संदेश: जानवरों के प्रति दया
- खतरनाक जानवरों की पहचान और कारण
- पिंजरे के काम करने का तरीका
- जानवरों के स्वतंत्र रहने का अधिकार
- जानवरों की बोलियों का ज्ञान
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Questions and Solutions
कहानी से
चाकू, बिजली, टूटा हुआ काँच, आग
इनमें से कोई भी चीज़ अपने आप में खतरनाक नहीं है, बल्कि उनका उपयोग करने का तरीका उन्हें खतरनाक बनाता है।
- चाकू: यदि सावधानी से इस्तेमाल किया जाए तो यह रसोई में उपयोगी है, लेकिन असावधानी से चोट लग सकती है।
- बिजली: यह हमारे घरों में रोशनी और ऊर्जा का स्रोत है, पर थोड़ी सी असावधानी से करंट लग सकता है, जो जानलेवा हो सकता है।
- टूटा हुआ काँच: यह आसानी से चोट पहुँचा सकता है, खासकर नंगे पैर चलने पर। इसे सावधानी से हटाना चाहिए।
- आग: आग गर्मी और प्रकाश देती है, खाना पकाने में मदद करती है, लेकिन अनियंत्रित होने पर यह सब कुछ जला सकती है।
निष्कर्ष यह है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
गाँव के लोग मीरा बहन से शायद इस तरह बोले होंगे:
"बहन, यह आपने क्या किया? हमने बड़ी मुश्किल से बाघ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा तैयार किया था। यह बाघ हमारे गाँव में घुसकर हमारी गाय को खा गया। अगर यह आज़ाद रहा तो कल किसी आदमी पर भी हमला कर सकता है। ऐसे हिंसक जानवरों पर दया दिखाना ठीक नहीं है।"
गाँव वाले चिंतित थे क्योंकि बाघ उनके मवेशियों और उनकी सुरक्षा के लिए खतरा था।
खतरनाक है या नहीं
जिन जंतुओं पर गोला लगाया जा सकता है (जो खतरनाक हो सकते हैं):
- चीता
- साँप
- बिच्छू
- भालू
ये जंतु तब खतरनाक हो सकते हैं जब:
- हम उनके इलाके में घुस जाएँ।
- हम उन्हें छेड़ने की कोशिश करें।
- वे खुद को या अपने बच्चों को खतरे में महसूस करें।
- वे भूखे हों और भोजन की तलाश में हों।
अन्य जंतु जैसे भैंस, कुत्ता, बिल्ली, चूहा, कछुआ, केंचुआ, तिलचट्टा, कबूतर आमतौर पर इंसानों के लिए सीधे तौर पर खतरनाक नहीं होते, जब तक कि उन्हें उकसाया न जाए या वे किसी बीमारी के वाहक न हों।
चूहा पकड़ने का पिंजड़ा एक खास तरीके से काम करता है:
- पिंजड़े की बनावट: यह जालीदार होता है जिसमें एक तरफ दरवाजा होता है।
- चारा और लीवर: पिंजड़े के अंदर चारा (जैसे रोटी का टुकड़ा) रखा जाता है, जो एक लीवर से जुड़ा होता है।
- अपने आप बंद होना: जब चूहा रोटी के लालच में पिंजड़े के अंदर जाता है और चारा हिलाता है, तो लीवर के हिलने से दरवाजा अपने आप बंद हो जाता है।
- बाहर न आ पाना: एक बार दरवाजा बंद हो जाने के बाद, चूहा उसे बाहर की ओर धकेल कर नहीं खोल पाता क्योंकि वह अंदर से बंद हो जाता है। इस प्रकार चूहा पिंजड़े में कैद हो जाता है।
किसी आज़ाद पशु या पक्षी को पिंजड़े में बंद करके रखना गलत है। इसका कारण यह है कि सभी जीवों को स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार है। जैसे हमें अपनी आजादी प्यारी है, वैसे ही जानवरों को भी अपनी आजादी पसंद है। उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में रहने देना चाहिए।
क्यों? कैसे
बाघ की खबर पूरे गाँव में फैल गई। कैसे?
बाघ की खबर पूरे गाँव में फैलने के कई तरीके हो सकते हैं:
- जब बाघ ने गाय को मारा, तो सबसे पहले गाय के मालिक को पता चला होगा।
- गाय के मालिक ने तुरंत अपने पड़ोसियों और गाँव के अन्य लोगों को इस घटना के बारे में बताया होगा।
- यह खबर आग की तरह फैल गई होगी, क्योंकि लोग बाघ के खतरे से चिंतित थे और एक-दूसरे को आगाह कर रहे थे।
- शायद गाँव के किसी व्यक्ति ने बाघ को देखा हो और उसने दूसरों को बताया हो।
गाँव के लोग मीरा बहन के पास इसलिए पहुँचे क्योंकि वे बाघ के खतरे से बहुत चिंतित थे। वे चाहते थे कि मीरा बहन उनकी मदद करें और बाघ को पकड़ने या उससे छुटकारा पाने की कोई योजना बनाने में सहायता करें। वे बाघ के कारण अपनी सुरक्षा और अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर परेशान थे।
पिंजड़ा बिना बाघ के बंद हो गया, इसका मतलब है कि शायद मीरा बहन ने उसे बंद कर दिया होगा। हो सकता है कि गाँव वाले बाघ को फँसाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाघ पिंजड़े में नहीं फँसा। जब वे निराश होकर चले गए या किसी कारणवश पिंजड़े से दूर हुए, तो मीरा बहन ने खुद ही पिंजड़े का दरवाजा बंद कर दिया होगा, ताकि बाघ को और नुकसान पहुँचाने का मौका न मिले या उसे सुरक्षित रखा जा सके।
बकरी कहे कहानी
अगर यह कहानी बकरी सुनाती, तो वह शायद कुछ इस तरह बताती:
"मैं तो बस घास चर रही थी और अचानक मैंने देखा कि एक बड़ा सा बाघ मेरी तरफ आ रहा है! मैं डर के मारे काँपने लगी। तभी कुछ गाँव वाले शोर मचाते हुए आए और उन्होंने बाघ को भगाने की कोशिश की। बाद में उन्होंने बाघ को पकड़ने के लिए एक बड़ा सा पिंजड़ा लगाया। मुझे तो बहुत डर लग रहा था कि कहीं बाघ मुझे न खा जाए, पर शुक्र है कि मीरा बहन ने उसे पकड़ने नहीं दिया और उसे जंगल में छोड़ दिया।"
बकरी की कहानी में डर, रोमांच और अपनी जान बचाने की कोशिश का ज़िक्र होता।
चलो, पकड़ें
कक्कू की मदद करने के लिए हम यह योजना बना सकते हैं:
- दूध को सुरक्षित रखना: कक्कू को चाहिए कि वह दूध को बिल्ली की पहुँच से दूर किसी ऊँची जगह पर रखे या उसे ढक कर रखे।
- बिल्ली को भगाना: जब बिल्ली दूध पीने आए, तो कक्कू या उसके परिवार का कोई सदस्य शोर मचाकर या ताली बजाकर उसे डराकर भगा सकता है।
- पिंजड़ा (अंतिम उपाय): अगर बिल्ली फिर भी दूध पीती रहे, तो एक छोटा सा पिंजड़ा इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें बिल्ली को फँसाकर फिर दूर जंगल में छोड़ दिया जाए, लेकिन यह तभी करें जब बहुत ज़रूरी हो।
- बिल्ली को खाना देना: शायद बिल्ली भूखी हो, इसलिए कक्कू उसे घर के बाहर थोड़ा खाना दे सकता है ताकि वह दूध पीने न आए।
पाठ से आगे
हाँ, ये सभी चित्र महात्मा गाँधी से जुड़े हुए हैं। महात्मा गाँधी अहिंसा और शांति के प्रतीक थे, और उन्होंने जानवरों के प्रति भी दया का भाव रखने की शिक्षा दी थी।
कौन क्या है?
अगरतला, अल्मोड़ा, रायपुर, कोच्चि, वडोदरा
जलेबी, लड्डू, मैसूरपाक, कलाकंद, पेड़ा
बरगद, नारियल, पीपल, चीड़, नीम
नर्मदा, कावेरी, सतलुज, ब्रह्मपुत्र, यमुना
गेहूँ, बाजरा, चावल, रागी, मक्का
कुर्ता, साड़ी, फिरन, लहँगा, कमीज़
- अगरतला, अल्मोड़ा, रायपुर, कोच्चि, वडोदरा: नगर/शहर
- जलेबी, लड्डू, मैसूरपाक, कलाकंद, पेड़ा: मिठाइयाँ
- बरगद, नारियल, पीपल, चीड़, नीम: वृक्ष
- नर्मदा, कावेरी, सतलुज, ब्रह्मपुत्र, यमुना: नदियाँ
- गेहूँ, बाजरा, चावल, रागी, मक्का: अन्न/अनाज
- कुर्ता, साड़ी, फिरन, लहँगा, कमीज़: वस्त्र/पोशाक
कोयल कू-कू, बकरी में-में
जानवर बोलियाँ
शेर रेंकना
गधा रँभाना
गाय भौंकना
कुत्ता दहाड़ना
जानवर बोलियाँ भैंस मिमियाना
घोड़ा रँभाना
हाथी चिंघाड़ना
बकरी हिनहिनाना
जानवरों की बोलियों का सही मिलान इस प्रकार है:
- शेर: दहाड़ना
- गधा: रेंकना
- गाय: रँभाना
- कुत्ता: भौंकना
- भैंस: रँभाना
- घोड़ा: हिनहिनाना
- हाथी: चिंघाड़ना
- बकरी: मे-मे करना (या मिमियाना)
नोट: दिए गए स्रोत में कुछ बोलियाँ गलत दी गई हैं, जैसे 'गधा रेंकना' (सही है), 'गाय भौंकना' (गलत, गाय रँभाती है), 'कुत्ता दहाड़ना' (गलत, कुत्ता भौंकता है), 'भैंस मिमियाना' (गलत, भैंस रँभाती है), 'बकरी हिनहिनाना' (गलत, बकरी मे-मे करती है)। ऊपर सही मिलान दिया गया है।
Common mistakes
- जानवरों को बिना सोचे-समझे खतरनाक मान लेना।
- जानवरों के प्रति क्रूरता को सही ठहराना।
- पिंजरे के कार्यप्रणाली को गलत समझना।
- कहानी के नैतिक संदेश को अनदेखा करना।
Revision tips
- कहानी को फिर से पढ़ें और मुख्य पात्रों के कार्यों पर विचार करें।
- खतरनाक जानवरों की सूची बनाएं और उनके खतरनाक होने के कारणों पर चर्चा करें।
- पिंजरे के काम करने के तरीके को समझने के लिए चित्र का उपयोग करें।
- जानवरों की बोलियों को याद करने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. कहानी में बाघ को कैसा जानवर बताया गया है?
Explanation: कहानी में बाघ को एक खतरनाक जानवर के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो गाँव वालों के लिए भय का कारण बनता है।
Q2. मीरा बहन ने गाँव वालों की बाघ को पकड़ने की योजना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
Explanation: मीरा बहन ने बाघ को पकड़ने की योजना का विरोध किया, क्योंकि वह जानवरों के प्रति दयालु थीं।
Q3. नीचे दिए गए जंतुओं में से कौन सबसे खतरनाक हो सकता है?
Explanation: साँप को अक्सर खतरनाक माना जाता है, खासकर अगर वह जहरीला हो, जबकि भैंस, बकरी और कबूतर आमतौर पर खतरनाक नहीं होते।
Q4. चूहे पकड़ने का पिंजड़ा कैसे बंद होता है?
Explanation: चूहे के पिंजड़े में लगा लीवर चूहे द्वारा चारा हिलाने पर सक्रिय हो जाता है और दरवाजा बंद कर देता है।
Q5. किसी आजाद पशु या पक्षी को पिंजड़े में बंद करना सही है या गलत?
Explanation: सभी जीवों को स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार है, इसलिए किसी भी आजाद पशु या पक्षी को पिंजरे में बंद करना गलत है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान कक्षा 3 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 11 'मीरा बहन और बाघ' पर केंद्रित हैं।
इस अध्याय में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से बाघ जैसे खतरनाक जानवरों, जानवरों के प्रति दयालुता, पिंजरे के कार्य करने के तरीके और जानवरों के स्वतंत्र रहने के अधिकार जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
क्या इन समाधानों में कहानी के सभी प्रश्न शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में अध्याय 11 'मीरा बहन और बाघ' के कहानी से, खतरनाक है या नहीं, क्यों? कैसे? जैसे सभी अनुभागों के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं।
यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेंगे?
यह समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, घटनाओं और नैतिक संदेशों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी मजबूत होगी।
क्या समाधानों में जानवरों की बोलियों के बारे में भी जानकारी है?
हाँ, समाधानों में जानवरों की बोलियों को पहचानने और मिलान करने का अभ्यास भी शामिल है, जो छात्रों के ज्ञान को बढ़ाता है।
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