कक्षा 12 मानव भूगोल: अध्याय 6 द्वितीयक क्रियाएँ - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 के छात्रों के लिए मानव भूगोल के मूल सिद्धांत पुस्तक के अध्याय 6, 'द्वितीयक क्रियाएँ' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें विनिर्माण के विभिन्न पहलुओं, उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की विशेषताओं और स्वच्छंद उद्योगों के स्थानीयकरण कारकों पर विस्तृत स्पष्टीकरण शामिल हैं। समाधान प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच अंतर को भी स्पष्ट करते हैं। ये समाधान छात्रों को द्वितीयक क्रियाओं से संबंधित अवधारणाओं की गहन समझ प्रदान करने, महत्वपूर्ण उद्योगों के प्रकारों और उनके वितरण को समझने में मदद करने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | मानव भूगोल के मूल सिद्धांत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. द्वितीयक क्रियाऐ |
Chapter summary
अध्याय 6, 'द्वितीयक क्रियाएँ', विनिर्माण गतिविधियों पर केंद्रित है, जो कच्चे माल को तैयार माल में बदलने की प्रक्रिया है। यह खंड उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों, स्वच्छंद उद्योगों और बुनियादी उद्योगों जैसी विभिन्न प्रकार की द्वितीयक गतिविधियों की पड़ताल करता है। यह प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच अंतर और विभिन्न उद्योगों के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले कारकों पर भी प्रकाश डालता है। ये समाधान छात्रों को विनिर्माण के महत्व और अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- द्वितीयक क्रियाओं के विभिन्न प्रकारों को पहचानना और समझना।
- उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की विशेषताओं और उदाहरणों की व्याख्या करना।
- स्वच्छंद उद्योगों के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण करना।
- प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच मुख्य अंतरों को स्पष्ट करना।
- विनिर्माण प्रक्रिया के महत्व और दायरे को समझना।
Topics covered
Paper topics
- द्वितीयक क्रियाएँ
- विनिर्माण
- उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग
- स्वच्छंद उद्योग
- बुनियादी उद्योग
- प्राथमिक बनाम द्वितीयक गतिविधियाँ
- उद्योगों का स्थानीयकरण
- विनिर्माण के प्रकार
Important topics
- विनिर्माण की अवधारणा और महत्व
- उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की विशेषताएँ
- स्वच्छंद उद्योगों के स्थानीयकरण कारक
- प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच अंतर
- बुनियादी उद्योगों की भूमिका
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (क)
(अ) सस्ते जल परिवहन ने हुगली के पास जूट मिल उद्योग को सुविधाजनक बनाया है।
(ब) चीनी, सूती वस्त्र और वनस्पति तेल उद्योग स्वच्छंद उद्योग हैं।
(स) जल-विद्युत और पेट्रोलियम का विकास उद्योग के लिए एक स्थानीय कारक के रूप में कोयला ऊर्जा के महत्व को बहुत हद तक कम कर दिया।
(द) भारत के बंदरगाह शहरों ने उद्योगों को आकर्षित किया है।
सही उत्तर (ब) है। चीनी, सूती वस्त्र और वनस्पति तेल जैसे उद्योग अक्सर कच्चे माल की उपलब्धता पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं, जैसे कि गन्ने के खेत, कपास उत्पादक क्षेत्र या वनस्पति तेल के स्रोत। इसलिए, उन्हें स्वच्छंद उद्योग नहीं माना जाता है। स्वच्छंद उद्योग वे होते हैं जो किसी विशिष्ट कच्चे माल, वजन कम करने या अन्य स्थानीय कारकों पर बहुत अधिक निर्भर नहीं करते हैं। अन्य विकल्प (अ), (स), और (द) सही कथन हैं जो उद्योगों के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले कारकों को दर्शाते हैं।
प्रश्न 1 (ख)
(अ) पूंजीवादी
(ब) मिश्रित
(स) समाजवादी
(द) कोई नहीं
सही उत्तर (अ) पूंजीवादी है। पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख विशेषता यह है कि उत्पादन के कारक, जैसे भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमशीलता, व्यक्तिगत स्वामित्व और नियंत्रण में होते हैं। निजी लाभ के लिए इन कारकों का उपयोग किया जाता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था में निजी और सार्वजनिक दोनों स्वामित्व होते हैं, जबकि समाजवादी अर्थव्यवस्था में उत्पादन के कारकों पर राज्य का स्वामित्व होता है।
प्रश्न 1 (ग)
(अ) कुटीर उद्योग
(ब) लघु उद्योग
(स) बुनियादी उद्योग
(द) स्वच्छंद उद्योग
सही उत्तर (स) बुनियादी उद्योग है। बुनियादी उद्योग वे उद्योग होते हैं जो अन्य उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल या मध्यवर्ती उत्पाद प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, लौह और इस्पात उद्योग अन्य विनिर्माण उद्योगों के लिए आधार प्रदान करता है। कुटीर और लघु उद्योग आमतौर पर अंतिम उत्पाद बनाते हैं, और स्वच्छंद उद्योग विशिष्ट कच्चे माल पर निर्भर नहीं होते हैं।
प्रश्न 1 (घ)
(अ) स्वचालित वाहन उद्योग - लॉस एंजिल्स
(ब) पोत निर्माण उद्योग - लुसाका
(स) विमान निर्माण उद्योग - फ्लोरेंस
(द) लौह और इस्पात उद्योग - पिट्सबर्ग
सही उत्तर (द) लौह और इस्पात उद्योग - पिट्सबर्ग है। पिट्सबर्ग, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऐतिहासिक रूप से लौह और इस्पात उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जो कोयला और लौह अयस्क जैसे संसाधनों की निकटता से लाभान्वित होता है। अन्य जोड़े सही ढंग से मेल नहीं खाते हैं; उदाहरण के लिए, पोत निर्माण आमतौर पर तटीय क्षेत्रों में होता है, और विमान निर्माण के प्रमुख केंद्र अलग हैं।
प्रश्न 2 (क)
उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग विनिर्माण की नवीनतम पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें गहन अनुसंधान और विकास (R&D) शामिल है, जो उन्नत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित है। उदाहरणों में रोबोटिक्स, कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन (CAD), और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। ये उद्योग अक्सर आधुनिक, फैली हुई कार्यालय-संयंत्र-प्रयोगशाला इमारतों में स्थित होते हैं।
प्रश्न 2 (ख)
विनिर्माण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कच्चे माल को स्थानीय या दूर के बाजारों के लिए उच्च मूल्य वाले तैयार माल में बदला जाता है। यह हस्तशिल्प से लेकर बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन तक हो सकता है, जिसमें मशीनरी का उपयोग और विशेष श्रम शामिल होता है। इसका उद्देश्य शक्ति के अनुप्रयोग और मानकीकृत उत्पादों का उत्पादन करना है।
प्रश्न 2 (ग)
स्वच्छंद उद्योग वे होते हैं जो किसी विशिष्ट कच्चे माल, वजन कम करने या अन्य स्थानीय कारकों पर बहुत अधिक निर्भर नहीं करते हैं। वे घटक भागों पर निर्भर करते हैं और विभिन्न स्थानों में स्थित हो सकते हैं। वे अक्सर कम मात्रा में उत्पादन करते हैं, कम श्रम का उपयोग करते हैं, और सड़क नेटवर्क द्वारा सुलभता जैसे कारकों से प्रभावित होते हैं।
प्रश्न 3 (क)
प्राथमिक गतिविधियाँ सीधे प्राकृतिक संसाधनों के निष्कर्षण और उत्पादन से संबंधित हैं, जैसे कृषि, वानिकी और खनन। इसके विपरीत, द्वितीयक गतिविधियाँ इन प्राथमिक उत्पादों को कच्चे माल के रूप में उपयोग करके तैयार माल का निर्माण या प्रसंस्करण करती हैं, जैसे विनिर्माण और निर्माण।
Common mistakes
- स्वच्छंद उद्योगों को अन्य प्रकार के उद्योगों के साथ भ्रमित करना।
- प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच अंतर को ठीक से न समझना।
- उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की विशिष्ट विशेषताओं को पहचानने में विफलता।
Revision tips
- प्रत्येक प्रकार के उद्योग (उच्च प्रौद्योगिकी, स्वच्छंद, बुनियादी) की मुख्य विशेषताओं को सूचीबद्ध करें।
- प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच अंतर को सारणीबद्ध करें।
- विनिर्माण के उदाहरणों और उनके द्वारा कवर किए जाने वाले पैमाने पर ध्यान केंद्रित करें।
- अभ्यास प्रश्नों में दिए गए उद्योगों के स्थानीयकरण के कारणों की समीक्षा करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
Explanation: चीनी, सूती वस्त्र और वनस्पति तेल उद्योग अक्सर कच्चे माल की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं और इन्हें स्वच्छंद उद्योग नहीं माना जाता है। स्वच्छंद उद्योग वे होते हैं जो किसी विशिष्ट कच्चे माल पर निर्भर नहीं होते हैं।
Q2. किस प्रकार की अर्थव्यवस्था में उत्पादन के कारक व्यक्तिगत रूप से होते हैं?
Explanation: पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में, उत्पादन के कारक जैसे भूमि, श्रम और पूंजी व्यक्तिगत स्वामित्व और नियंत्रण में होते हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा उद्योग अन्य उद्योगों के लिए कच्चे माल का उत्पादन करता है?
Explanation: बुनियादी उद्योग वे होते हैं जो अन्य उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल या मध्यवर्ती उत्पाद प्रदान करते हैं, जैसे कि लौह और इस्पात उद्योग।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा सही रूप से मेल खाता है?
Explanation: पिट्सबर्ग ऐतिहासिक रूप से लौह और इस्पात उद्योग के लिए एक प्रमुख केंद्र रहा है, जो इस जोड़े को सही बनाता है।
Q5. उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग की विशेषता क्या है?
Explanation: उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग उन्नत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग चरित्र के उत्पादों के निर्माण के लिए गहन अनुसंधान और विकास पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 12 मानव भूगोल में 'द्वितीयक क्रियाएँ' क्या हैं?
द्वितीयक क्रियाएँ वे गतिविधियाँ हैं जो प्राकृतिक संसाधनों को मूल्यवान तैयार माल में परिवर्तित करती हैं। इसमें विनिर्माण, प्रसंस्करण और निर्माण शामिल हैं, जैसे कि कच्चे माल से कारें या कपड़े बनाना।
उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की मुख्य विशेषताएँ गहन अनुसंधान और विकास, उन्नत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग ज्ञान का अनुप्रयोग, और अक्सर कार्यालय-संयंत्र-प्रयोगशाला जैसी आधुनिक, फैली हुई इमारतें हैं।
स्वच्छंद उद्योग क्या होते हैं और वे कहाँ स्थित होते हैं?
स्वच्छंद उद्योग वे होते हैं जो किसी विशिष्ट कच्चे माल, वजन कम करने या अन्य स्थानीय कारकों पर बहुत अधिक निर्भर नहीं करते हैं। वे अक्सर घटक भागों पर निर्भर करते हैं और सड़क नेटवर्क द्वारा सुलभता जैसे कारकों से प्रभावित होते हैं।
प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के बीच मुख्य अंतर क्या है?
प्राथमिक गतिविधियाँ सीधे प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित हैं (जैसे कृषि, खनन), जबकि द्वितीयक गतिविधियाँ इन संसाधनों को संसाधित करके या परिवर्तित करके तैयार माल बनाती हैं।
यह समाधान किन कक्षाओं के लिए उपयोगी है?
यह समाधान विशेष रूप से CBSE कक्षा 12 के छात्रों के लिए मानव भूगोल के मूल सिद्धांत विषय के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
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