CBSE Class 11 Hindi Chapter 19: भारत माता NCERT Solutions
This section provides NCERT Solutions for Class 11 Hindi, Chapter 19, 'Bharat Mata,' based on the writings of Jawaharlal Nehru. The solutions delve into Nehru's perspective on the concept of 'Bharat Mata,' emphasizing that it represents the millions of people of India rather than just the land. It explains how Nehru traveled across the country, engaging with common people, especially farmers, to foster a sense of national unity. The solutions highlight Nehru's efforts to connect local issues with broader national and international contexts, explaining the common struggles faced by Indians due to poverty, exploitation, and foreign rule. The text also touches upon Nehru's literary contributions and his role as the first Prime Minister of India. These solutions are designed to help students understand the depth of Nehru's thoughts on Indian identity and nationalism, aiding in their exam preparation.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 19. भारत माता |
Chapter summary
This chapter's NCERT Solutions for Class 11 Hindi, 'Bharat Mata,' focus on Jawaharlal Nehru's profound thoughts on the meaning of India and its people. It explores how Nehru explained the concept of 'Bharat Mata' to the masses, emphasizing that the true 'Bharat Mata' is the collective of its citizens. The solutions cover Nehru's extensive travels, his discussions with farmers about their shared problems, and his efforts to link India's situation with global events. It also briefly introduces Nehru's life, works, and his vision for a modern India.
Learning outcomes
- Understand Jawaharlal Nehru's concept of 'Bharat Mata' as the people of India.
- Analyze how Nehru fostered national unity among diverse populations.
- Identify the common problems faced by Indian farmers during Nehru's time.
- Recognize the connection between local issues and national/international events as explained by Nehru.
- Appreciate Nehru's role in India's freedom struggle and nation-building.
- Understand Nehru's literary contributions and their significance.
Topics covered
Paper topics
- जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय
- जवाहरलाल नेहरू की रचनाएँ
- 'भारत माता' पाठ का सारांश
- 'भारत माता' का अर्थ
- राष्ट्रीय एकता की अवधारणा
- किसानों की समस्याएँ
- स्वराज्य का महत्व
- अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं का प्रभाव
- भारतीय जनमानस की सोच
- राष्ट्र निर्माण में नेहरू का योगदान
- समाजवाद की ओर झुकाव
- पंचशील के सिद्धांत
Important topics
- 'भारत माता' का वास्तविक अर्थ
- राष्ट्रीय एकता के आधार
- किसानों की साझा समस्याएँ
- नेहरू द्वारा जनता को संबोधित करने की शैली
- स्वराज्य का महत्व
- भारतीय पहचान और राष्ट्रवाद
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Questions and Solutions
यह खंड कक्षा 11 हिंदी के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 19 'भारत माता' पर केंद्रित है। यह जवाहरलाल नेहरू के विचारों को गहराई से दर्शाता है, जिसमें उन्होंने 'भारत माता' की अवधारणा को केवल भूमि तक सीमित न रखकर, उसे भारत की जनता का प्रतीक बताया है। समाधानों में नेहरू की यात्राओं, किसानों से संवाद, राष्ट्रीय एकता के प्रयासों और उनकी साहित्यिक कृतियों का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहन समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
लेखक परिचय
जीवन परिचय
जवाहरलाल नेहरू का जन्म 1889 में इलाहाबाद के एक समृद्ध परिवार में हुआ था। उनके पिता एक प्रतिष्ठित वकील थे। नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड के हैरो और कैम्ब्रिज का रुख किया, जहाँ से उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी की। महात्मा गांधी के विचारों से वे बहुत प्रभावित थे और उनके बुलावे पर उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। 1929 में, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता की और पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। नेहरू का राजनीतिक झुकाव समाजवाद की ओर भी था। भारत की स्वतंत्रता के बाद, 1947 में, वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने और उन्होंने अपने जीवन के अंत तक राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश की प्रगति के लिए विभिन्न क्षेत्रों, जैसे अर्थव्यवस्था, उद्योग, विज्ञान, साहित्य, कला और संस्कृति में अनेक योजनाएं लागू कीं। बच्चों के प्रति उनके स्नेह के कारण उन्हें 'चाचा नेहरू' के नाम से जाना जाता है। वे शांति, अहिंसा और मानवता के प्रबल पक्षधर थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व शांति तथा पंचशील के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया। 1964 में उनका निधन हो गया।
रचनाएँ
जवाहरलाल नेहरू एक उत्कृष्ट लेखक भी थे। उन्होंने अपनी रचनाएँ मुख्य रूप से अंग्रेजी में लिखीं, जिनका बाद में हिंदी सहित कई अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया। उनकी कुछ प्रमुख साहित्यिक कृतियों में उनकी आत्मकथा 'मेरी कहानी' (An Autobiography), 'विश्व इतिहास की झलक' (Glimpses of World History), 'हिंदुस्तान की कहानी' (The Discovery of India), 'पिता के पत्र पुत्री के नाम' (Letters from a Father to His Daughter), और विभिन्न लेखों का संग्रह शामिल है। ये रचनाएँ न केवल उनके साहित्यिक कौशल को दर्शाती हैं, बल्कि भारत के इतिहास, संस्कृति और विश्व के प्रति उनके दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत करती हैं।
पाठ का सारांश
पाठ का सारांश
अध्याय 'भारत माता', जो 'हिंदुस्तान की कहानी' का पाँचवाँ भाग है, जवाहरलाल नेहरू के भारत के प्रति गहरे चिंतन को प्रस्तुत करता है। नेहरू बताते हैं कि वे देश भर में आयोजित जनसभाओं में जाकर लोगों को यह समझाते थे कि विभिन्नताओं के बावजूद भारत एक अखंड राष्ट्र है। वे इस बात पर जोर देते थे कि भारत की एकता के आधार क्या हैं और क्यों देश के विभिन्न हिस्सों का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने 'भारत माता' शब्द के अर्थ पर भी गहराई से विचार किया और इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि 'भारत माता की जय' का उद्घोष वास्तव में भारत के करोड़ों नागरिकों की जय का प्रतीक है। यह अध्याय भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक एकता को लोगों तक पहुँचाने के नेहरू के प्रयासों को दर्शाता है।
शहरों और गाँवों में चर्चा
जवाहरलाल नेहरू बताते हैं कि जनसभाओं में वे श्रोताओं के साथ भारत पर चर्चा करते थे। उन्होंने 'भारत' शब्द की व्युत्पत्ति का उल्लेख किया, जो एक संस्कृत शब्द है और संभवतः इसके संस्थापक के नाम से जुड़ा है। नेहरू ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों से संवाद किया, लेकिन गाँवों में किसानों के साथ उनकी चर्चाएँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण थीं। वे किसानों को समझाते थे कि भौगोलिक रूप से भले ही देश के विभिन्न हिस्से अलग-अलग हों, लेकिन वे सब एक हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक, किसानों की समस्याएँ समान हैं और स्वराज्य (स्वशासन) सभी के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
किसानों की समस्याएँ और विदेशी सरकार का प्रभाव
अपनी भारत यात्राओं के दौरान, नेहरू ने किसानों की एक समान समस्याओं को उजागर किया, जिनमें गरीबी, कर्ज का बोझ, पूंजीपतियों, जमींदारों और महाजनों द्वारा शोषण, अत्यधिक लगान और ब्याज दरें, तथा पुलिस का अत्याचार शामिल था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी समस्याएँ विदेशी शासन का परिणाम हैं और इनसे मुक्ति पाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नेहरू ने लोगों को देश के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। वे चीन, स्पेन, इथियोपिया (अबीसिनिया), मध्य यूरोप, मिस्र और पश्चिमी एशिया में हो रहे बदलावों के साथ-साथ सोवियत संघ और अमेरिका की प्रगति का भी उल्लेख करते थे। यद्यपि किसानों को विदेशी मामलों से अवगत कराना चुनौतीपूर्ण लग सकता था, लेकिन भारतीय महाकाव्यों, पुराणों, तीर्थ यात्राओं और सैनिकों के अनुभवों ने उन्हें दुनिया की एक सामान्य समझ प्रदान की थी। 1930 के दशक की आर्थिक मंदी के कारण, नेहरू द्वारा दिए गए विदेशी उदाहरणों को समझना किसानों के लिए अपेक्षाकृत आसान हो गया था।
'भारत माता की जय' का अर्थ
जनसभाओं में अक्सर 'भारत माता की जय' के नारों से नेहरू का स्वागत किया जाता था। जब वे श्रोताओं से इस नारे का अर्थ पूछते, तो वे अक्सर उत्तर देने में असमर्थ होते थे। एक बार, एक किसान ने 'भारत माता' का अर्थ 'धरती' बताया। नेहरू ने आगे पूछते हुए स्पष्ट किया कि कौन सी धरती - उनके गाँव की, जिले की, राज्य की या पूरे देश की? इस पर किसान मौन हो जाते। तब नेहरू समझाते थे कि 'भारत माता' वह सब कुछ है जिसे उन्होंने समझा है, जिसमें नदियाँ, पहाड़, जंगल, खेत और सबसे महत्वपूर्ण, करोड़ों भारतीय लोग शामिल हैं। इसलिए, 'भारत माता की जय' का अर्थ है इन सभी का जयघोष। जब लोग स्वयं को इसी 'भारत माता' का एक हिस्सा मानने लगते थे, तो उनकी आँखों में एक विशेष चमक आ जाती थी, जो राष्ट्रीय चेतना के जागरण का प्रतीक था।
Common mistakes
- Confusing 'Bharat Mata' with just the land or geographical entity.
- Underestimating the impact of Nehru's efforts to connect with rural populations.
- Failing to grasp the link between economic hardships and political subjugation.
- Not understanding the significance of 'Bharat Mata ki Jai' as a call for people's victory.
Revision tips
- Focus on understanding Nehru's definition of 'Bharat Mata' and its implications.
- Note down the common issues faced by farmers as described in the text.
- Review Nehru's strategy for explaining national unity to diverse audiences.
- Connect the historical context of the 1930s economic crisis with Nehru's examples.
- Understand the significance of the slogan 'Bharat Mata ki Jai' from Nehru's perspective.
Practice MCQs
Q1. जवाहरलाल नेहरू के अनुसार 'भारत माता' का वास्तविक अर्थ क्या है?
Explanation: नेहरू जी ने स्पष्ट किया कि 'भारत माता' का अर्थ यहाँ के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय है, न कि केवल भूमि की।
Q2. नेहरू जी आम लोगों को भारत की एकता के बारे में कैसे समझाते थे?
Explanation: नेहरू जी देश के कोने-कोने में आयोजित जलसों में जाकर आम लोगों को भारत की एकता के आधारों के बारे में समझाते थे।
Q3. गाँवों में किसानों की मुख्य समस्याएँ क्या थीं जिनका जिक्र नेहरू जी ने किया?
Explanation: नेहरू जी ने किसानों की गरीबी, कर्ज, जमींदार-महाजन के शिकंजे, कड़े लगान और पुलिस के जुल्म जैसी समस्याओं का उल्लेख किया।
Q4. नेहरू जी किन अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं का जिक्र किसानों से करते थे?
Explanation: नेहरू जी किसानों को चीन, स्पेन, अबीसिनिया, मध्य यूरोप, मिस्र और पश्चिमी एशिया में हो रहे परिवर्तनों के बारे में बताते थे।
Q5. किस कारण से नेहरू जी के लिए किसानों को विदेशों के बारे में समझाना आसान था?
Explanation: महाकाव्यों, पुराणों और तीर्थ यात्राओं के माध्यम से भारतीयों में देश की एक साझा कल्पना विकसित हो चुकी थी, जिससे नेहरू को समझाने में मदद मिली।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 11 हिंदी विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 19 'भारत माता' पर केंद्रित है।
'भारत माता' पाठ में जवाहरलाल नेहरू क्या समझाना चाहते हैं?
नेहरू जी यह समझाना चाहते हैं कि 'भारत माता' केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों-करोड़ लोग हैं, और इन सब में एकता का भाव होना चाहिए।
नेहरू जी ने किसानों की किन समस्याओं का उल्लेख किया है?
नेहरू जी ने किसानों की गरीबी, कर्ज का बोझ, जमींदारों और महाजनों का शोषण, अत्यधिक लगान और पुलिस के अत्याचार जैसी समस्याओं का उल्लेख किया है।
पाठ के अनुसार, 'भारत माता की जय' नारे का क्या अर्थ है?
पाठ के अनुसार, 'भारत माता की जय' का अर्थ है भारत के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय, जो भारत माता का अभिन्न अंग हैं।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?
यह समाधान छात्रों को 'भारत माता' पाठ की गहरी समझ प्रदान करता है, जिसमें नेहरू के विचार, राष्ट्रीय एकता और किसानों की समस्याओं का विश्लेषण शामिल है, जो परीक्षा की तैयारी में सहायक है।
जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय पाठ में क्यों शामिल है?
जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय पाठ के संदर्भ को समझने में मदद करता है, क्योंकि यह पाठ उनके विचारों और अनुभवों पर आधारित है, साथ ही उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को भी दर्शाता है।
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