कक्षा 11 भूगोल: महाद्वीपों और महासागरों का वितरण NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 11 के भूगोल के लिए "महाद्वीपों और महासागरों का वितरण" अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अल्फ्रेड वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के प्रमाणों, मैंटल में संवहन धाराओं के कारणों, विभिन्न प्लेट सीमाओं (अपसारी, अभिसारी, रूपांतर) के बीच अंतर, और दक्कन ट्रेप के निर्माण के समय भारतीय प्लेट की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करता है। समाधानों में बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर भी शामिल हैं, जो महाद्वीपीय प्रवाह को संचालित करने वाले बलों और विभिन्न भूवैज्ञानिक घटनाओं की समझ को बढ़ाते हैं। ये विस्तृत स्पष्टीकरण छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. महासागरों की और महाद्वीपों का वितरण

Chapter summary

अध्याय 4 "महाद्वीपों और महासागरों का वितरण" के ये NCERT समाधान महाद्वीपीय विस्थापन के सिद्धांत और प्लेट टेक्टोनिक्स की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें वेगनर के प्रमाण, संवहन धाराएं, प्लेट सीमाएं (अपसारी, अभिसारी, रूपांतर), और दक्कन ट्रेप का निर्माण जैसे विषय शामिल हैं। यह छात्रों को पृथ्वी की सतह की गतिशीलता और भूवैज्ञानिक संरचनाओं के विकास को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में वेगनर द्वारा प्रस्तुत प्रमाणों की व्याख्या करना।
  • मैंटल में संवहन धाराओं के उत्पन्न होने और बने रहने के कारणों को समझना।
  • प्लेट की रूपांतर, अभिसरण और अपसारी सीमाओं के बीच मुख्य अंतरों को पहचानना।
  • दक्कन ट्रेप के निर्माण के समय भारतीय प्लेट की स्थिति का वर्णन करना।
  • महाद्वीपीय प्रवाह को संचालित करने वाले विभिन्न बलों (जैसे ध्रुवीय फ्लीइंग बल, ज्वारीय बल) की पहचान करना।

Topics covered

Paper topics

  • महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत
  • अल्फ्रेड वेगनर
  • पैंजिया
  • मैंटल संवहन धाराएँ
  • प्लेट टेक्टोनिक्स
  • अपसारी प्लेट सीमा
  • अभिसरण प्लेट सीमा
  • रूपांतर प्लेट सीमा
  • मध्य-महासागरीय कटक
  • सागरीय अधस्तल विस्तार
  • दक्कन ट्रेप
  • ध्रुवीय फ्लीइंग बल

Important topics

  • महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के प्रमाण
  • प्लेट सीमाओं के प्रकार और अंतर
  • मैंटल संवहन धाराओं की भूमिका
  • सागरीय अधस्तल विस्तार सिद्धांत
  • हिमालय निर्माण की प्रक्रिया

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Questions and Solutions

बहुवैकल्पिक प्रश्न 1

Q1. निम्न में से किसने सर्वप्रथम यूरोप, अफ्रीका व अमेरिका के साथ स्थित होने की संभावना व्यक्त की? (क) अल्फ्रेड वेगनर (ख) अब्राहम ऑरटेलियस (ग) एनटोनियो पेलेग्रिनी (घ) एडमंड हैस
Solution: यह संभावना सबसे पहले अब्राहम ऑरटेलियस ने व्यक्त की थी। उन्होंने 16वीं शताब्दी में यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के मानचित्रों की आकृतियों में समानता देखी और अनुमान लगाया कि ये भूभाग कभी एक साथ जुड़े हुए हो सकते हैं।

बहुवैकल्पिक प्रश्न 2

Q2. पोलर फ्लीइंग बल Polar fleeing force निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? (क) पृथ्वी की परिक्रमण (ख) पृथ्वी का घूर्णन (ग) गुरुत्वाकर्षण (घ) ज्वारीय बल
Solution: पोलर फ्लीइंग बल (ध्रुवीय पलायन बल) पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित है। पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने के कारण भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक उभार उत्पन्न होता है, जो महाद्वीपों को ध्रुवों से दूर धकेलने का प्रयास करता है।

बहुवैकल्पिक प्रश्न 3

Q3. इनमें से कौन-सी लघु Minor प्लेट नहीं है? (क) नजका (ख) फिलिपीन (ग) अरब (घ) अंटार्कटिक
Solution: अंटार्कटिक प्लेट एक प्रमुख (Major) प्लेट है, जबकि नजका, फिलिपीन और अरब प्लेटें छोटी या लघु (Minor) प्लेटों के रूप में वर्गीकृत की जाती हैं। प्रमुख प्लेटें बड़ी होती हैं और उनका क्षेत्रफल अधिक होता है।

बहुवैकल्पिक प्रश्न 4

Q4. सागरीय अधस्तल विस्तार सिद्धांत की व्याख्या करते हुए हेस ने निम्न में से किस अवधारणा पर विचार नहीं किया? (क) मध्य-महासागरीय कटकों के साथ ज्वालामुखी क्रियाएँ। (ख) महासागरीय नितल की चट्टानों में सामान्य व उत्क्रमण चुंबकत्व क्षेत्र की पट्टियों का होना। (ग) विभिन्न महाद्वीपों में जीवाश्मों का वितरण। (घ) महासागरीय तल की चट्टानों की आयु।
Solution: हेस ने अपने सागरीय अधस्तल विस्तार सिद्धांत की व्याख्या करते हुए मध्य-महासागरीय कटकों पर ज्वालामुखी क्रिया, महासागरीय तल की चट्टानों में चुंबकीय विसंगतियों और उनकी आयु जैसी अवधारणाओं पर विचार किया था। विभिन्न महाद्वीपों में जीवाश्मों का वितरण, महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के प्रमाणों में से एक था, न कि हेस के सिद्धांत का प्रत्यक्ष आधार।

बहुवैकल्पिक प्रश्न 5

Q5. हिमालय पर्वतों के साथ भारतीय प्लेट की सीमा किस तरह की प्लेट सीमा है? (क) महासागरीय-महाद्वीपीय अभिसरण (ख) अपसारी सीमा (ग) रूपांतर सीमा (घ) महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण
Solution: हिमालय पर्वतों के साथ भारतीय प्लेट की सीमा महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण सीमा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस सीमा पर, भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराई, जिसके परिणामस्वरूप विशाल हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण हुआ।

लघु उत्तरीय प्रश्न 1

प्रश्न 1. महाद्वीपों के प्रवाह के लिए वेगनर ने निम्नलिखित में से किन बलों का उल्लेख किया?
Solution: महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में, अल्फ्रेड वेगनर ने महाद्वीपों के प्रवाह के लिए दो मुख्य बलों का उल्लेख किया:
  1. ध्रुवीय फ्लीइंग बल (Polar Fleeing Force): यह बल पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न होता है। चूँकि पृथ्वी पूर्णतः गोलाकार न होकर भूमध्य रेखा पर उभरी हुई है, यह उभार महाद्वीपों को ध्रुवों से दूर भूमध्य रेखा की ओर धकेलने का प्रयास करता है।
  2. ज्वारीय बल (Tidal Force): यह बल सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण आकर्षण के कारण उत्पन्न होता है, जो महासागरों में ज्वार पैदा करता है। वेगनर का मानना था कि यह बल भी महाद्वीपों को पश्चिम की ओर विस्थापित करने में सहायक था।
वेगनर के अनुसार, करोड़ों वर्षों की अवधि में इन बलों ने महाद्वीपों के विस्थापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लघु उत्तरीय प्रश्न 2

प्रश्न 2. मैंटल में संवहन धाराओं के आरंभ होने और बने रहने के क्या कारण हैं?
Solution: मैंटल में संवहन धाराओं के आरंभ होने और बने रहने का मुख्य कारण पृथ्वी के आंतरिक भाग, विशेषकर मैंटल में मौजूद रेडियोएक्टिव तत्वों से उत्पन्न ताप भिन्नता है।
  1. ताप भिन्नता: मैंटल के विभिन्न हिस्सों में रेडियोएक्टिव क्षय से उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा अलग-अलग होती है। यह ताप भिन्नता संवहन धाराओं को जन्म देती है।
  2. संवहन प्रक्रिया: गर्म पदार्थ (मैंटल का पिघला हुआ भाग) कम सघन होने के कारण ऊपर उठता है, और ठंडा होकर अधिक सघन होने पर नीचे बैठता है। यह चक्रीय गति ही संवहन धाराएँ कहलाती है।
आर्थर होम्स ने तर्क दिया था कि ये संवहन धाराएँ पूरे मैंटल में एक तंत्र के रूप में विद्यमान हैं और यही महाद्वीपीय विस्थापन के लिए आवश्यक प्रवाह बल प्रदान करती हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न 3

प्रश्न 3. प्लेट की रूपांतर सीमा, अभिसरण सीमा और अपसारी सीमा में मुख्य अंतर क्या है?
Solution: प्लेट की तीन मुख्य सीमाएँ उनके बीच होने वाली गति और भूपर्पटी पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर भिन्न होती हैं:
  1. अपसारी सीमा (Divergent Boundary): यह वह स्थान है जहाँ दो टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं। इस प्रक्रिया में, मैंटल से मैग्मा ऊपर आकर नई समुद्री पर्पटी का निर्माण करता है। मध्य अटलांटिक कटक इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
  2. अभिसरण सीमा (Convergent Boundary): यहाँ दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं और टकराती हैं। यदि एक प्लेट महाद्वीपीय और दूसरी महासागरीय हो, तो महासागरीय प्लेट नीचे धंस जाती है (सबडक्शन), जिससे भूपर्पटी का विनाश होता है। यदि दोनों महाद्वीपीय हों, तो पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण होता है।
  3. रूपांतर सीमा (Transform Boundary): इस सीमा पर, दो प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर क्षैतिज रूप से खिसकती हैं। यहाँ न तो नई पर्पटी का निर्माण होता है और न ही पुरानी पर्पटी का विनाश होता है, बल्कि केवल घर्षण और विरूपण होता है।
संक्षेप में, अपसारी सीमा पर पर्पटी का निर्माण, अभिसरण सीमा पर विनाश और रूपांतर सीमा पर कोई निर्माण या विनाश नहीं होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न 4

प्रश्न 4. दक्कन ट्रेप के निर्माण के दौरान भारतीय स्थलखंड की स्थिति क्या थी?
Solution: आज से लगभग 14 करोड़ वर्ष पहले, जब दक्कन ट्रेप का निर्माण शुरू होने वाला था, भारतीय स्थलखंड (भारतीय प्लेट) सुदूर दक्षिण में लगभग 50° दक्षिणी अक्षांश पर स्थित था। उस समय, भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टेथिस सागर स्थित था, और तिब्बतीय खंड एशियाई स्थलखंड के करीब था। भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर प्रवाह के दौरान, लगभग 6 करोड़ वर्ष पहले, बड़े पैमाने पर लावा प्रवाह हुआ, जिससे दक्कन ट्रेप का निर्माण हुआ। यह लावा प्रवाह एक लंबी अवधि तक जारी रहा।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1

प्रश्न 1. महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में दिए गए प्रमाणों का वर्णन करें।
Solution: अल्फ्रेड वेगनर ने अपने महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में कई प्रमाण प्रस्तुत किए, जिनमें प्रमुख निम्नलिखित हैं:
  1. महाद्वीपों की समरूपता (Jigsaw Fit): वेगनर ने सबसे पहले यह देखा कि दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट और अफ्रीका का पश्चिमी तट एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खाते हैं, जैसे किसी जिग्सॉ पहेली के टुकड़े हों। यह समानता दर्शाती है कि ये महाद्वीप कभी एक साथ जुड़े हुए थे।
  2. चट्टानों की आयु और संरचना में समानता: अटलांटिक महासागर के दोनों ओर (जैसे ब्राजील और पश्चिम अफ्रीका में) पाए जाने वाले प्राचीन चट्टानों के निर्माण और उनकी संरचना में आश्चर्यजनक समानताएं हैं। ये समानताएं तब अधिक स्पष्ट होती हैं जब महाद्वीपों को एक साथ जोड़ा जाता है।
  3. जीवाश्मों का वितरण: विभिन्न महाद्वीपों पर पाए जाने वाले कुछ जीवाश्म, जैसे कि मेसोज़ॉरस (एक मीठे पानी का सरीसृप) और ग्लोसॉपेट्रिस (एक फर्न), केवल उन्हीं क्षेत्रों में पाए जाते हैं जो वर्तमान में अलग-अलग महासागरों द्वारा विभाजित हैं। यदि महाद्वीप जुड़े होते, तो इन जीवों का वितरण आसानी से समझाया जा सकता था।
  4. हिमयुग के प्रमाण: प्रायद्वीपीय भारत, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका जैसे वर्तमान में गर्म क्षेत्रों में हिमयुग के जमाव और हिमनदों द्वारा खुरचे जाने के प्रमाण मिलते हैं। यदि ये महाद्वीप दक्षिणी ध्रुव के पास एक साथ स्थित होते, तो इन क्षेत्रों में हिमयुग के प्रभाव को समझा जा सकता था।
  5. समुद्री धाराओं के निक्षेप: वेगनर ने यह भी तर्क दिया कि यदि महाद्वीप अपनी वर्तमान स्थिति में होते, तो कुछ क्षेत्रों में समुद्री धाराओं द्वारा लाए गए निक्षेपों का वितरण असंगत होता। लेकिन जब महाद्वीपों को पैंजिया के रूप में पुनर्व्यवस्थित किया जाता है, तो यह वितरण अधिक तार्किक लगता है।
इन सभी प्रमाणों के आधार पर वेगनर ने यह निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान महाद्वीप एक विशाल महाद्वीप 'पैंजिया' के विखंडन और विस्थापन का परिणाम हैं।

Common mistakes

  • वेगनर द्वारा प्रस्तावित महाद्वीपीय प्रवाह के बलों को गलत समझना।
  • विभिन्न प्लेट सीमाओं की विशेषताओं को आपस में मिला देना।
  • दक्कन ट्रेप निर्माण के समय भारतीय प्लेट की स्थिति को गलत बताना।

Revision tips

  • वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के समर्थन में दिए गए सभी प्रमाणों को सूचीबद्ध करें।
  • अपसारी, अभिसारी और रूपांतर सीमाओं के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए आरेख बनाएं।
  • मैंटल संवहन धाराओं की प्रक्रिया को समझने के लिए मुख्य कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उत्तरों की समीक्षा करें ताकि मुख्य अवधारणाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

Practice MCQs

Q1. किसने सर्वप्रथम यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के एक साथ स्थित होने की संभावना व्यक्त की?

Q2. पोलर फ्लीइंग बल (ध्रुवीय पलायन बल) निम्नलिखित में से किस भूवैज्ञानिक प्रक्रिया से संबंधित है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सी एक लघु (Minor) प्लेट नहीं मानी जाती है?

Q4. सागरीय अधस्तल विस्तार सिद्धांत (Seafloor Spreading Theory) की व्याख्या करते हुए हेस ने किस अवधारणा पर विचार नहीं किया?

Q5. हिमालय पर्वतों के निर्माण से संबंधित भारतीय प्लेट की सीमा किस प्रकार की प्लेट सीमा है?

Frequently asked questions

महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत क्या है और इसके मुख्य प्रस्तावक कौन थे?

महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि आज के सभी महाद्वीप कभी एक विशाल महाद्वीप 'पैंजिया' के रूप में जुड़े हुए थे और समय के साथ अलग होकर वर्तमान स्थिति में आ गए।

मैंटल में संवहन धाराएँ क्यों उत्पन्न होती हैं?

मैंटल में संवहन धाराएँ रेडियोएक्टिव तत्वों से उत्पन्न ताप भिन्नता के कारण उत्पन्न होती हैं। यह ताप मैंटल को गर्म करता है, जिससे संवहन धाराएँ बनती हैं जो प्लेटों की गति में सहायक होती हैं।

प्लेट की तीन मुख्य सीमाएँ कौन सी हैं और उनमें क्या अंतर है?

तीन मुख्य सीमाएँ हैं: अपसारी (प्लेटें अलग होती हैं), अभिसरण (प्लेटें टकराती हैं), और रूपांतर (प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं)। इनमें भूपर्पटी के निर्माण, विनाश या कोई परिवर्तन न होने के आधार पर अंतर होता है।

दक्कन ट्रेप का निर्माण कब और कैसे हुआ?

दक्कन ट्रेप का निर्माण लगभग 6 करोड़ वर्ष पहले शुरू हुआ, जब भारतीय प्लेट एशियाई प्लेट की ओर बढ़ रही थी। इस दौरान बड़े पैमाने पर लावा प्रवाह हुआ, जिससे दक्कन ट्रेप का निर्माण हुआ।

वेगनर ने महाद्वीपीय प्रवाह के लिए किन बलों का उल्लेख किया?

वेगनर ने महाद्वीपीय प्रवाह के लिए दो मुख्य बलों का उल्लेख किया: ध्रुवीय फ्लीइंग बल (पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित) और ज्वारीय बल (सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण से संबंधित)।

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