CBSE Class 11 Hindi Chapter 20 Syed Raza Haider NCERT Solutions

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This chapter delves into the life and artistic journey of the renowned artist Syed Raza Haider, offering detailed NCERT Solutions for Class 11 Hindi (Core A). The solutions cover key aspects of Raza's early life, his struggles in Mumbai to pursue art, and the significant events that shaped his perspective. It explores his interactions with influential figures like Henri Cartier-Bresson and the impact of their advice on his artistic development. The chapter also touches upon the philosophical aspects of art, emphasizing it as a calling of the soul rather than a mere profession. These solutions provide students with a clear understanding of the artist's dedication, resilience, and the profound connection between art and inner expression, aiding in their exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter20. सैयद रजा हैदर

Chapter summary

Chapter 20 of the Class 11 Hindi (Core A) NCERT Solutions focuses on the life and artistic career of Syed Raza Haider. It details his decision to pursue art in Mumbai despite job offers, his significant struggles for education and living, and the personal and national events that marked his formative years. The solutions also highlight the influence of French artists and photographers on his work and his philosophical views on art as an inner calling. This chapter is crucial for understanding the dedication required in the art world.

Learning outcomes

  • Understand Syed Raza Haider's early career choices and motivations.
  • Analyze the challenges faced by artists in pursuing their passion.
  • Recognize the impact of personal and historical events on an artist's life.
  • Evaluate the influence of mentors and critics on artistic development.
  • Discuss the philosophical perspective of art as an inner calling.
  • Practice rewriting sentences to convey the same meaning differently.

Topics covered

Paper topics

  • Syed Raza Haider's early life and career choices
  • Artistic struggles in Mumbai
  • Impact of personal and national events
  • Influence of French artists and photographers
  • Art as an inner calling vs. profession
  • Sentence rephrasing exercises
  • Understanding artistic development
  • Significance of mentors in art

Important topics

  • Raza's decision to pursue art in Mumbai
  • Challenges faced during art studies
  • Henri Cartier-Bresson's influence
  • Art as an inner calling
  • Sentence transformation exercises

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

रज़ा ने अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी की पेशकश क्यों नहीं स्वीकार की?
Solution: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लेखक रज़ा को मुंबई के 'जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट्स' में प्रवेश के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी। हालाँकि, जब वे वहाँ पहुँचे, तो प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी। इसके परिणामस्वरूप, उनकी छात्रवृत्ति वापस ले ली गई और उन्हें अकोला में ड्राइंग अध्यापक के पद की पेशकश की गई। रज़ा को मुंबई शहर, वहाँ का माहौल, कला दीर्घाएँ, लोग और मित्र बहुत पसंद आए थे, और उन्होंने वहीं बसने का मन बना लिया था। वे मुंबई में रहकर ही अपनी कला का अध्ययन जारी रखना चाहते थे। इसी कारण, रज़ा ने अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी की पेशकश स्वीकार नहीं की।

प्रश्न 2

मुंबई में रहकर कला के अध्ययन के लिए रज़ा ने क्या-क्या संघर्ष किए?
Solution: जब रज़ा मुंबई आए, तो उन्हें सबसे पहले एक्सप्रेस ब्लॉक स्टूडियो में एक डिज़ाइनर के रूप में नौकरी मिली, लेकिन रहने के लिए कोई उचित स्थान नहीं मिला। वे रातें अपने एक परिचित ड्राइवर के ठिकाने पर बिताते थे। उनकी दिनचर्या अत्यंत कठिन थी: सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक नौकरी और उसके बाद मोहन आर्ट क्लब में जाकर अध्ययन करना। कुछ समय बाद, उन्हें स्टूडियो के आर्ट डिपार्टमेंट का एक कमरा रहने के लिए मिला, लेकिन उन्हें सोने के लिए अभी भी फर्श का ही उपयोग करना पड़ता था। वे रात में ग्यारह-बारह बजे तक गलियों के चित्र बनाते या विभिन्न प्रकार के स्केच तैयार करते रहते थे। इस प्रकार, रज़ा ने मुंबई में रहकर कला के अध्ययन के लिए अनेक संघर्षों का सामना किया।

प्रश्न 3

भले 1947 और 1948 में महत्त्वपूर्ण घटनाएँ घटी हों, मेरे लिए वे कठिन बरस थे - रज़ा ने ऐसा क्यों कहा?
Solution: रज़ा ने इन वर्षों को 'कठिन बरस' इसलिए कहा क्योंकि इसी अवधि के दौरान उनकी माँ का निधन हो गया था। उनके पिता को मंडला लौटना पड़ा और अगले ही वर्ष उनका भी देहांत हो गया। वर्ष 1947 में भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन साथ ही विभाजन की त्रासदी का सामना भी करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, महात्मा गाँधी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस समय रज़ा केवल 25 वर्ष के थे, इसलिए इन सभी घटनाओं का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन्हीं व्यक्तिगत और राष्ट्रीय त्रासदियों के कारण रज़ा ने इन वर्षों को कठिन बरस कहा है।

प्रश्न 4

रज़ा के पसंदीदा फ्रेंच कलाकार कौन थे?
Solution: रज़ा के पसंदीदा फ्रेंच कलाकारों में सेजाँ, वॉन गॉग, पिकासो, मातीस, शागाल और ब्रॉक जैसे महान कलाकार शामिल थे।

प्रश्न 5

"तुम्हारे चित्रों में रंग है, भावना है, लेकिन रचना नहीं है। तुम्हें मालूम होना चाहिए कि चित्र इमारत की तरह बनाया जाता है - आधार, नींव, दीवारें, बीम, छत; और तब जाकर वह टिकता है - यह बात"
  • क. किसने, किस संदर्भ में कही?
  • ख. रज़ा पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
Solution:

क. उपर्युक्त कथन प्रसिद्ध फ्रेंच फोटोग्राफर 'हेनरी कार्तिए ब्रेसॉ' ने लेखक रज़ा के चित्रों पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा था। यह टिप्पणी तब की गई जब लेखक श्रीनगर में थे।

ख. फ्रेंच फोटोग्राफर हेनरी कार्तिए ब्रेसॉ की इस टिप्पणी का रज़ा पर बहुत गहरा और स्थायी प्रभाव पड़ा। इस टिप्पणी से प्रेरित होकर, रज़ा मुंबई लौटते ही तुरंत फ्रेंच सीखने के लिए 'अलयांस फ़्रांसिस' में दाखिला लिया। उन्होंने अपनी पेंटिंग की बारीकियों और संरचनात्मक पहलुओं पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया, ताकि उनकी कला में गहराई और स्थिरता आ सके।

प्रश्न 6

रज़ा को जलील साहब जैसे लोगों का सहारा न मिला होता तो क्या तब भी वे एक जाने-माने चित्रकार होते? तर्क सहित लिखिए।
Solution: यदि रज़ा को जलील साहब जैसे लोगों का सहारा न मिला होता, तो भी वे संभवतः एक जाने-माने चित्रकार अवश्य बनते। इसका कारण यह है कि रज़ा में चित्रकार बनने की एक प्रबल आंतरिक इच्छा और लगन थी। प्रतिभाशाली व्यक्तियों की कला और प्रतिभा किसी न किसी रूप में अवश्य सामने आती है। जलील साहब के समर्थन से रज़ा को आर्थिक कठिनाइयों से निश्चित रूप से मुक्ति मिली और शायद उनका संघर्ष कुछ आसान हो गया, लेकिन उनकी कला के प्रति समर्पण, लगन और धुन उनकी अपनी थी। इन गुणों के कारण, देर-सवेर उन्हें प्रसिद्धि मिलनी ही थी, भले ही इसमें अधिक समय लगता।

प्रश्न 7

चित्रकला व्यवसाय नहीं, अंतरात्मा की पुकार है - इस कथन के आलोक में कला के वर्तमान और भविष्य पर विचार कीजिए।
Solution: यह कथन कि 'चित्रकला व्यवसाय नहीं, अंतरात्मा की पुकार है' पूर्णतः सत्य है। आज के परिवेश में, चित्रकला काफी हद तक व्यावसायिक हो गई है, और कई कलाकार भी इसी व्यावसायिकता का शिकार हो रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य इस व्यवसाय से अधिकतम लाभ कमाना रह गया है, जिससे कला की मौलिकता और गहराई प्रभावित होती है। हालाँकि, आज भी एक कलाकार कालजयी बन सकता है यदि वह अपनी कला को अपनी अंतरात्मा से गहराई से जोड़ दे। जब कलाकार अपनी भावनाओं और विचारों को सच्ची अभिव्यक्ति देता है, तभी उसकी कला में वह जीवंतता और शाश्वतता आती है जो उसे व्यवसाय से ऊपर उठाती है। भविष्य में भी कला का मूल्य तभी बना रहेगा जब कलाकार व्यावसायिकता से ऊपर उठकर अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनेगा।

प्रश्न 8

हमें लगता था कि हम पहाड़ हिला सकते हैं - आप किन क्षणों में ऐसा सोचते हैं?
Solution: जब समाज में किसी बड़ी समस्या को हल करने या कोई महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाने की चर्चा होती है, तब हमें ऐसा लगता है कि हम पहाड़ हिला सकते हैं। ऐसे क्षणों में, हमारा आत्मविश्वास चरम पर होता है और हमें लगता है कि हम किसी भी असंभव कार्य को संभव बना सकते हैं। यह भावना सामूहिक ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच से उत्पन्न होती है, जो किसी भी बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करती है।

प्रश्न 9

भाषा की बात

जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे.जे.स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं।

मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे.जे.स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था।

नीचे दिए वाक्यों को दूसरे तरीके से लिखिए -

  • क. जब तक मैं प्लेटफ़ॉर्म पहुँचती तब तक गाड़ी जा चुकी थी।
  • ख. जब तक डॉक्टर हवेली पहुँचता तब तक सेठ की मृत्यु हो चुकी थी।
  • ग. जब तक रोहित दरवाज़ा बंद करता तब तक उसके साथी होली का रंग लेकर अंदर आ चुके थे।
  • घ. जब तक रूचि कैनवास हटाती तब तक बारिश शुरू हो चुकी थी।
Solution:
  • क. मेरे प्लेटफ़ॉर्म पहुँचने से पहले गाड़ी जा चुकी थी।
  • ख. डॉक्टर के हवेली पहुँचने से पहले सेठ की मृत्यु हो चुकी थी।
  • ग. रोहित के दरवाज़ा बंद करने से पहले उसके साथी होली का रंग लेकर अंदर आ चुके थे।
  • घ. रूचि के कैनवास हटाने से पहले बारिश शुरू हो चुकी थी।

Common mistakes

  • Confusing the reasons for rejecting the Akola job offer.
  • Underestimating the impact of personal tragedies on artistic vision.
  • Not fully grasping the concept of art as an 'inner calling' versus a profession.
  • Difficulty in rephrasing sentences while maintaining the original meaning.

Revision tips

  • Focus on understanding Raza's motivations for choosing Mumbai over a stable job.
  • Note down the specific struggles Raza faced and how he overcame them.
  • Pay attention to the advice given by Henri Cartier-Bresson and its effect.
  • Reflect on the idea of art as a soul's calling and its relevance today.
  • Practice the sentence rephrasing exercises to improve language skills.

Practice MCQs

Q1. अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी की पेशकश को रज़ा ने क्यों अस्वीकार किया?

Q2. बंबई में कला अध्ययन के दौरान रज़ा को किस प्रकार के संघर्ष करने पड़े?

Q3. रज़ा ने 1947 और 1948 को 'कठिन बरस' क्यों कहा?

Q4. फ्रेंच फोटोग्राफर हेनरी कार्तिए ब्रेसॉ की टिप्पणी का रज़ा पर क्या प्रभाव पड़ा?

Q5. रज़ा के अनुसार, चित्रकला क्या है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

ये समाधान CBSE कक्षा 11 हिंदी (कोर ए) के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 20: सैयद रज़ा हैदर पर केंद्रित हैं।

अध्याय 20 में मुख्य रूप से किस कलाकार के जीवन पर प्रकाश डाला गया है?

अध्याय 20 प्रसिद्ध भारतीय कलाकार सैयद रज़ा हैदर के जीवन, उनके संघर्षों और कलात्मक यात्रा पर प्रकाश डालता है।

रज़ा ने अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी क्यों नहीं स्वीकार की?

रज़ा ने अकोला की नौकरी इसलिए स्वीकार नहीं की क्योंकि वे बंबई में रहकर कला का अध्ययन करना चाहते थे और उन्हें बंबई का वातावरण अधिक पसंद था।

हेनरी कार्तिए ब्रेसॉ की टिप्पणी का रज़ा पर क्या प्रभाव पड़ा?

ब्रेसॉ की टिप्पणी के बाद रज़ा ने फ्रेंच सीखी और अपनी पेंटिंग की संरचना (रचना) पर अधिक ध्यान केंद्रित किया, जिससे उनकी कला में सुधार हुआ।

कला के बारे में रज़ा का क्या दृष्टिकोण था?

रज़ा का मानना था कि चित्रकला एक व्यवसाय नहीं, बल्कि अंतरात्मा की पुकार है, जिसे सच्ची अभिव्यक्ति तभी मिलती है जब कलाकार उसे अपनी आत्मा से जोड़ता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास के लिए प्रश्नोत्तर प्रारूप में हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक हैं।

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