CBSE Class 10 Hindi Sanchayan Chapter 2: Sapno Ke Se Din NCERT Solutions

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This resource provides detailed NCERT Solutions for Chapter 2 of the CBSE Class 10 Hindi textbook, 'Sanchayan', titled 'Sapno Ke Se Din' by Gurdyal Singh. The chapter offers a nostalgic glimpse into the author's school life and experiences. These solutions break down complex questions into understandable answers, covering themes like language barriers, the impact of teachers, the author's feelings about school, and the significance of discipline and routine. Students will find clear explanations for events such as the PT master's actions and the author's personal reflections. These solutions are designed to aid students in comprehending the chapter's nuances, preparing for exams, and developing a deeper appreciation for the narrative. They serve as an excellent tool for revision and understanding the author's childhood memories.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterSanchayan - Chapter 2: Gurdyal Singh - Sapno Ke Se Din

Chapter summary

NCERT Solutions for 'Sapno Ke Se Din' by Gurdyal Singh, Chapter 2 of Class 10 Hindi 'Sanchayan'. This chapter revisits the author's school days, exploring themes of language, teacher-student relationships, and childhood anxieties. The solutions clarify events like the PT master's strictness, the author's mixed feelings about school, and the importance of discipline. They help students understand the narrative's emotional depth and historical context, providing clear answers to comprehension questions.

Learning outcomes

  • Understand the author's childhood experiences and school life.
  • Analyze the role of language in social interaction as depicted in the text.
  • Explain the significance of teachers and their methods on students' lives.
  • Identify the author's feelings and emotions towards school and learning.
  • Describe the importance of discipline and routine in a school environment.
  • Interpret the author's reflections on his past.

Topics covered

Paper topics

  • Childhood Memories
  • School Life
  • Language and Communication
  • Teacher-Student Relationship
  • Discipline and Routine
  • Author's Reflections
  • Gurdyal Singh's 'Sapno Ke Se Din'
  • Class 10 Hindi Sanchayan
  • Comprehension Questions
  • Narrative Analysis

Important topics

  • Author's Nostalgic School Experiences
  • Impact of Teachers on Students
  • Childhood Anxieties and Joys
  • The Role of Discipline in School
  • Language as a Barrier and Connector

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती। पाठ के किस अंश से यह सिद्ध होता है ?
Solution: पाठ के इस अंश से यह सिद्ध होता है कि भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती, जब लेखक बताते हैं कि उनके आधे से अधिक साथी राजस्थान या हरियाणा से आकर मंडी में व्यापार या दुकानदारी करने वाले परिवारों से थे। जब वे बहुत छोटे थे, तो उनकी बोली लेखक को कम समझ आती थी और उनके कुछ शब्दों को सुनकर हँसी भी आती थी। परंतु, जब वे सब साथ खेलते थे, तो एक-दूसरे की बात को बहुत अच्छी तरह समझ लेते थे। इससे पता चलता है कि भाषा की भिन्नता के बावजूद आपसी मेलजोल और समझदारी संभव है।

प्रश्न 2:

पीटी साहब की 'शाबाश' फौज के तमगों–सी क्यों लगती थी ? स्पष्ट कीजिए।
Solution: पीटी साहब एक बहुत सख्त अध्यापक थे जो सही काम करने पर ही तारीफ़ करते थे और शाबाशी देते थे। पीटी के समय लाइन में जरा सा भी इधर-उधर होने पर वे सजा देते थे, लेकिन अच्छी पीटी करने पर बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए 'शाबाश' कहते थे। उस समय, बच्चों को उनकी यह 'शाबाश' फौज के तमगों के समान लगती थी, जो उन्हें गर्व और महत्व का अनुभव कराती थी। यह प्रशंसा उनके लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं थी।

प्रश्न 3:

नयी श्रेणी में जाने और नयी कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?
Solution: लेखक का बालमन नई श्रेणी में जाने पर उदास हो उठता था क्योंकि हेडमास्टर साहब अक्सर अमीर घर के बच्चों की पुरानी किताबें लेखक को पढ़ने के लिए देते थे। उन पुरानी किताबों से एक विशेष गंध आती थी, जो लेखक को अच्छी नहीं लगती थी। इसके अलावा, नई कक्षा का मतलब था अधिक पढ़ाई और अध्यापकों की ओर से उम्मीदों का बढ़ना, जिससे लेखक का मन बोझिल हो जाता था और वह उदास महसूस करने लगता था।

प्रश्न 4:

स्काउट परेड करते समय लेखक अपने को महत्त्वपूर्ण 'आदमी' फौजी जवान क्यों समझने लगता था?
Solution: स्काउट परेड के समय लेखक साफ धुले हुए कपड़े पहनता, पॉलिश किए हुए जूते और धुली हुई जुराबें पहनता था। जब वह इन सब के साथ परेड करता, तो उसे ऐसा महसूस होता था मानो वह भी सेना का एक सिपाही हो। इस व्यवस्थित और अनुशासित रूप के कारण वह स्वयं को एक महत्त्वपूर्ण फौजी जवान समझने लगता था, जो देश की सेवा के लिए तैयार हो।

प्रश्न 5:

हेडमास्टर शर्मा जी ने पीटी साहब को क्यों मुअत्तल कर दिया?
Solution: एक दिन पीटी मास्टर साहब फारसी का पाठ पढ़ा रहे थे और उन्होंने बच्चों से याद करने को कहा। जब बच्चे याद करके नहीं सुना पाए, तो उन्होंने उन्हें मुर्गा बनाकर सजा दी। उसी समय उधर से गुजरते हुए हेडमास्टर साहब ने यह दृश्य देखा। उन्हें बच्चों को इस तरह सजा देना बहुत बुरा लगा और वे बहुत गुस्सा हो गए। इसी गुस्से में उन्होंने पीटी सर को मुअत्तल (निलंबित) कर दिया।

प्रश्न 6:

लेखक के अनुसार उन्हें स्कूल खुशी से भागे जाने की जगह न लगने पर भी कब और क्यों उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगने लगा?
Solution: लेखक के अनुसार, उन्हें सामान्य दिनों में स्कूल जाना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था क्योंकि यह खुशी से भाग जाने की जगह नहीं थी। लेकिन, जब हाथ में रंग-बिरंगे झंडे लेकर और गले में रुमाल बाँधकर पीटी परेड के लिए स्कूल जाना होता था, तब उन्हें स्कूल जाना बहुत अच्छा लगता था। यह अनुभव साल भर की पढ़ाई में मिली सभी शाबाशियों से भी बड़ा और अधिक आनंददायक होता था, क्योंकि इसमें अनुशासन, व्यवस्था और एक विशेष प्रकार का उत्साह शामिल था।

प्रश्न 7:

लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुटि्टयों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति 'बहादुर' बनने की कल्पना किया करता था?
Solution: लेखक अपने छात्र जीवन में छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए अक्सर एक-एक दिन गिनते जाते थे, लेकिन खेल-कूद में दिन बीत जाते थे। स्कूल की पिटाई का डर बढ़ने लगता था। इस डर को भुलाने के लिए वे सोचते थे कि दस सवालों की क्या बात है, पंद्रह सवाल भी आसानी से रोज निकाले जा सकते हैं। जब वे ऐसा हिसाब लगाते, तो छुट्टियाँ कम लगने लगतीं और दिन छोटे लगने लगते, जैसे सूरज जल्दी छिप जाता हो। जैसे-जैसे छुट्टियाँ कम होतीं, स्कूल का भय बढ़ता जाता। जो साथी पिटाई से बहुत डरते थे, लेखक उनकी तरह 'बहादुर' बनने की कल्पना करता था। वे सोचते थे कि अगर वे भी उन 'बहादुरों' की तरह सोचें, तो शायद डर कम हो जाए। उनके एक साथी, ओमा, ऐसे ही 'नेता' हुआ करते थे।

प्रश्न 8:

पाठ में वर्णित घटनाओं के आधार पर पी०टी० सर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Solution: पाठ में वर्णित घटनाओं के आधार पर पीटी सर की चारित्रिक विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
  • अनुशासनप्रिय: वे बहुत अनुशासित थे और पीटी के समय जरा सी चूक पर भी बच्चों को दंडित करते थे।
  • कठोरता: वे बच्चों को दंड देने में कठोरता बरतते थे, जैसा कि मुर्गा बनाने की घटना से पता चलता है।
  • सकारात्मक प्रोत्साहन: इसके बावजूद, वे सही काम करने पर बच्चों की प्रशंसा भी करते थे और 'शाबाश' कहकर उनका उत्साह बढ़ाते थे।
  • स्वाभिमानी: जब उन्हें हेडमास्टर ने मुअत्तल कर दिया, तो वे गिड़गिड़ाए नहीं, बल्कि चुपचाप चले गए, जो उनके स्वाभिमान को दर्शाता है।
  • साधारण वेशभूषा: वे खाकी वर्दी पहना करते थे और उनका कद ठिगना था, आँखें भूरी और तेज थीं।
कुल मिलाकर, वे एक सख्त लेकिन निष्पक्ष शिक्षक थे जो अनुशासन और प्रदर्शन दोनों को महत्व देते थे।

Common mistakes

  • Confusing the author's personal feelings with general observations.
  • Underestimating the impact of teacher's actions on student psychology.
  • Misinterpreting the reasons behind the author's reluctance to go to school.
  • Failing to connect the events described to the broader theme of childhood nostalgia.

Revision tips

  • Read the chapter thoroughly to grasp the narrative flow.
  • Focus on understanding the author's emotional journey and reflections.
  • Pay attention to the descriptions of teachers and their impact.
  • Use these solutions to clarify any doubts about specific events or characters.
  • Practice answering the questions in your own words to improve comprehension.

Practice MCQs

Q1. पाठ 'सपनों के से दिन' के अनुसार, लेखक के आधे से अधिक साथी कहाँ से आकर मंडी में व्यापार करते थे?

Q2. पीटी साहब की 'शाबाश' बच्चों को कैसी लगती थी?

Q3. नई श्रेणी में जाने पर लेखक का बालमन उदास क्यों हो जाता था?

Q4. स्काउट परेड करते समय लेखक स्वयं को क्या समझने लगता था?

Q5. हेडमास्टर शर्मा जी ने पीटी साहब को किस कारण मुअत्तल (निलंबित) कर दिया था?

Q6. लेखक को स्कूल जाना कब अच्छा लगने लगा?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान कक्षा 10 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से 'संचयन' पुस्तक के अध्याय 2, 'सपनों के से दिन' के लिए।

पाठ 'सपनों के से दिन' किस बारे में है?

यह पाठ लेखक गुरदयाल सिंह के बचपन के स्कूल के दिनों की यादों और अनुभवों पर आधारित है, जिसमें भाषा, शिक्षक और स्कूल के प्रति उनके विचारों का वर्णन है।

क्या ये समाधान मूल प्रश्न के समान रखते हैं?

हाँ, सभी प्रश्न मूल स्रोत से लिए गए हैं और समान रखे गए हैं, केवल समाधानों को स्पष्टता और विस्तार के लिए फिर से लिखा गया है।

इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?

ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, परीक्षा की तैयारी करने और लेखक के अनुभवों से जुड़ने में मदद करेंगे।

क्या समाधानों में कोई गणितीय सूत्र या समीकरण हैं?

नहीं, यह पाठ हिंदी साहित्य का है और इसमें कोई गणितीय सूत्र या समीकरण नहीं हैं। समाधान पूरी तरह से पाठ की व्याख्या पर आधारित हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान पाठ की मुख्य अवधारणाओं और घटनाओं को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होंगे।

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