CBSE Class 10 Hindi Kshitij Chapter 9: संगतकार - मंगलेश डबराल NCERT Solutions
CBSE कक्षा 10 हिंदी क्षितिज की पुस्तक का अध्याय 'संगतकार', मंगलेश डबराल द्वारा लिखित, उन सहायक कलाकारों और व्यक्तियों के अक्सर अनदेखे योगदान पर प्रकाश डालता है जो पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अध्याय उन 'संगतकार' के महत्व को समझाता है, जो संगीत और प्रदर्शन कलाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक समर्थन प्रदान करते हैं। यह बताता है कि कैसे ये व्यक्ति, अपने महत्वपूर्ण सहयोग के बावजूद, अक्सर पृष्ठभूमि में रहते हैं, जिससे मुख्य कलाकार को चमकने का अवसर मिलता है। यह अध्याय इन सहायक भूमिकाओं की विनम्रता, समर्पण और मानवता पर जोर देता है, यह रेखांकित करता है कि उनका योगदान असफलता नहीं बल्कि उनके चरित्र का प्रमाण है। यह सामूहिक सफलता में योगदान देने वाले अक्सर अनदेखे प्रयासों और टीम वर्क की गहरी सराहना प्रदान करता है, जो परीक्षा की तैयारी और अध्याय की विषय-वस्तु की सूक्ष्म समझ के लिए एक अमूल्य संसाधन है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9 मंगलेश डबराल - संगतकार |
Chapter summary
Chapter 9, 'संगतकार' by Manglesh Dabral, focuses on the role and significance of supporting artists and individuals in various fields, especially music. The NCERT Solutions explain the contributions of these 'संगतकार' who assist the main artist without seeking personal acclaim. The solutions explore their support in maintaining the main artist's performance, their humility in not overshadowing the lead, and their essential role in ensuring the overall success of a performance. This chapter's exercises and solutions aim to foster an understanding and appreciation for teamwork and the often-unrecognized efforts of those who work behind the scenes.
Learning outcomes
- Understand the role and importance of supporting artists ('संगतकार') in various fields.
- Analyze the qualities of humility, dedication, and humanity demonstrated by supporting artists.
- Appreciate the collaborative nature of success, especially in artistic performances.
- Explain how supporting artists contribute to the main artist's performance and reputation.
- Identify examples of supporting roles in music, cinema, and construction.
- Reflect on the significance of teamwork and mutual support in achieving goals.
Topics covered
Paper topics
- Role of supporting artists (संगतकार)
- Contribution to main artist's performance
- Humility and self-restraint
- Humanity in supporting roles
- Examples in music and performing arts
- Examples in cinema
- Examples in construction
- Significance of teamwork
- Appreciation for unseen efforts
- Poetic interpretation of support
- Manglesh Dabral's poetry
- Class 10 Hindi Kshitij
Important topics
- The central theme of 'संगतकार' and their importance
- Qualities of a supporting artist: humility, dedication, humanity
- How supporting artists help the main artist overcome challenges
- Examples of supporting roles in different fields
- The symbolic meaning of the supporting artist's restraint
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
संगतकार के माध्यम से कवि उन सभी सहायक कलाकारों और कर्मचारियों की ओर संकेत कर रहा है जो किसी भी कार्य या कला में मुख्य व्यक्ति का सहयोग करते हैं। ये वे लोग होते हैं जो बिना किसी व्यक्तिगत लाभ या प्रसिद्धि की इच्छा के, केवल अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मुख्य कलाकार के सुरों में अपने सुर मिलाकर उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं। यद्यपि सारा श्रेय मुख्य कलाकार को ही मिलता है, फिर भी वे चुपचाप अपना योगदान देते रहते हैं।
प्रश्न 2
संगतकार जैसे सहायक व्यक्ति संगीत के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देते हैं। कुछ प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं:
- सिनेमा के क्षेत्र में: फिल्म में अनेक सह-कलाकार, डुप्लीकेट कलाकार, सह-नर्तक और स्टंटमैन होते हैं जो मुख्य कलाकारों का सहयोग करते हैं।
- भवन निर्माण क्षेत्र में: वे मज़दूर जो किसी बड़ी इमारत के निर्माण में अपना श्रम लगाते हैं, वे भी एक प्रकार के संगतकार ही हैं, जिनके बिना भवन का निर्माण संभव नहीं है।
- अन्य कलाएँ: नाटक, नृत्य, साहित्य (जैसे किसी बड़े लेखक के सहायक) आदि में भी ऐसे सहायक व्यक्ति मिल जाते हैं।
प्रश्न 3
संगतकार मुख्य गायक-गायिकाओं की कई महत्वपूर्ण रूपों में मदद करते हैं:
- सुरों का साथ देना: वे मुख्य गायक के सुर में अपना सुर मिलाकर उसके गायन को गहराई और पूर्णता प्रदान करते हैं।
- ऊँचाई न बढ़ाना: वे अपने स्वर को मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा नहीं उठाते, ताकि मुख्य गायक की महत्ता बनी रहे।
- सहयोग जब गायक थके: जब मुख्य गायक गाते-गाते थक जाते हैं या उनका स्वर कमजोर पड़ने लगता है, तब संगतकार अपने गायन से उन्हें सहारा देते हैं।
- सुर-लय में वापस लाना: यदि मुख्य गायक अपने सुर या लय से भटक जाते हैं, तो संगतकार उन्हें वापस सही दिशा में ले आते हैं।
- मधुरता भरना: यदि गायक का गला भारी हो जाता है या आवाज़ में वह बात नहीं रहती, तो संगतकार अपनी मधुर आवाज़ से उसमें जान डाल देते हैं।
यह सब करते हुए वे मुख्य गायक की श्रेष्ठता को बनाए रखते हैं, जो उनकी मानवता का प्रतीक है।
प्रश्न 4
इस कथन का भाव यह है कि जब संगतकार मुख्य गायक का साथ देता है, तो उसकी आवाज़ में एक प्रकार का संकोच या हिचक सुनाई देती है। वह जानबूझकर अपने स्वर को मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा नहीं उठाता, ताकि मुख्य गायक की महत्ता कम न हो। कवि कहता है कि यह हिचक या अपने आप को मुख्य गायक से कम रखने की कोशिश उसकी असफलता का प्रमाण नहीं है। बल्कि, यह उसकी उच्च मानवीय भावना का प्रतीक है। वह अपनी क्षमता और प्रतिभा होते हुए भी विनम्रता बनाए रखता है और मुख्य गायक को महत्व देता है, जो उसकी महानता को दर्शाता है।
प्रश्न 5
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले व्यक्ति के पीछे अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उदाहरण के लिए, एक प्रसिद्ध गायक को ही लीजिए। उसकी प्रसिद्धि में केवल उसका गायन ही नहीं, बल्कि:
- संगीत निर्देशक: जो धुनें तैयार करते हैं।
- गीतकार: जो सुंदर बोल लिखते हैं।
- वाद्य यंत्र बजाने वाले संगतकार: जो संगीत को जीवंत करते हैं।
- ध्वनि तकनीशियन: जो ध्वनि की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं।
- निर्माता: जो एल्बम या संगीत कार्यक्रम के लिए संसाधन जुटाते हैं।
- प्रचारक और प्रबंधक: जो गायक की छवि बनाते हैं और कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
इन सभी के सामूहिक प्रयासों के बिना कोई भी कलाकार शिखर तक नहीं पहुँच सकता। इसलिए, किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति की सफलता में उसके सहायकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 6
तारसप्तक में गायन करते समय आवाज़ की ऊँचाई बहुत बढ़ जाती है, जिससे मुख्य गायक के लिए अपने स्वर को नियंत्रित रखना कठिन हो जाता है। इस स्थिति में, गायक का स्वर बिखर सकता है या नियंत्रण से बाहर जा सकता है। ऐसे नाजुक क्षण में, संगतकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। वह मुख्य गायक के पीछे-पीछे उसी धुन को दोहराता रहता है और अपनी आवाज़ के माध्यम से मुख्य गायक के बिखरे हुए स्वर को सँभालता है। वह मुख्य गायक को सहारा देकर उसे वापस लय और सुर में आने में मदद करता है, जिससे पूरा गायन प्रस्तुति खराब होने से बच जाती है। इस प्रकार, संगतकार मुख्य गायक की कलात्मक गरिमा को बनाए रखने में एक रक्षक की भूमिका निभाता है।
प्रश्न 7
जब कोई व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुँचने के दौरान लड़खड़ाता है, तो उसके सहयोगी उसे कई तरह से सँभालते हैं:
- मार्गदर्शन: वे उसे सही सलाह और सुझाव देकर नई दिशा दिखाते हैं।
- मानसिक सहारा: वे सांत्वनापूर्ण वचनों से उसके विचलित मन को शांत करते हैं और उसे भावनात्मक संबल प्रदान करते हैं।
- आत्मविश्वास बढ़ाना: वे उसकी खोई हुई आत्मशक्ति और आत्मविश्वास को फिर से जगाने में मदद करते हैं, ताकि वह पुनः प्रयास कर सके।
- प्रेरणा देना: वे उसे प्रेरित करते हैं कि वह हार न माने और फिर से उठकर अपनी मंजिल की ओर बढ़े।
- कमी पूरी करना: वे अपनी क्षमता के अनुसार उसकी कमियों को पूरा करने का भरसक प्रयास करते हैं।
इस प्रकार, सहयोगी व्यक्ति को गिरने से बचाते हैं और उसे सफलता की ओर अग्रसर होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 8.1
यदि मुझे किसी संगीत या नृत्य समारोह में कार्यक्रम प्रस्तुत करना हो और मेरे सहयोगी कलाकार किसी कारणवश उपस्थित न हो पाएँ, तो मेरी स्थिति अत्यंत विकट हो जाएगी। कार्यक्रम के दिन ही ऐसी समस्या उत्पन्न होने पर मेरे हाथ-पाँव फूल जाएँगे। मुझे समझ नहीं आएगा कि मैं अकेले उस प्रस्तुति को कैसे पूरा करूँगा जिसके लिए हमने मिलकर बहुत अभ्यास किया था। मन में घबराहट, निराशा और चिंता छा जाएगी। यह सोचना कि सारी मेहनत बेकार हो जाएगी, बहुत हताश करने वाला होगा। ऐसी स्थिति में, मुझे तुरंत कोई वैकल्पिक समाधान खोजना होगा, जैसे कि प्रस्तुति को अकेले ही करना या किसी अन्य उपलब्ध कलाकार से मदद लेना, जो कि बहुत चुनौतीपूर्ण होगा।
प्रश्न 8.2
ऐसी परिस्थिति का सामना करने के लिए, मैं सबसे पहले हिम्मत से काम लूँगा और घबराहट पर काबू पाने का प्रयास करूँगा। इसके बाद, मैं सूझ-बूझ से स्थिति का आकलन करूँगा और तुरंत एक योजना बनाऊँगा:
- प्रस्तुति का मूल्यांकन: मैं यह देखूँगा कि क्या मैं अकेले भी उस प्रस्तुति को किसी हद तक कर सकता हूँ, या क्या उसमें कुछ बदलाव करके उसे अकेले प्रस्तुत करना संभव है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: यदि संभव हो, तो मैं तुरंत किसी अन्य कलाकार से संपर्क करने की कोशिश करूँगा जो मेरी मदद कर सके।
- कार्यक्रम प्रबंधन से बात: मैं कार्यक्रम के आयोजकों को स्थिति से अवगत कराऊँगा और उनसे मार्गदर्शन या अतिरिक्त समय माँगने का प्रयास करूँगा।
- सरलीकरण: यदि प्रस्तुति को अकेले करना ही एकमात्र विकल्प है, तो मैं उसे सरल बनाने की कोशिश करूँगा, शायद गाने या नृत्य के कुछ हिस्सों को हटाकर या बदलकर।
- सकारात्मक दृष्टिकोण: सबसे महत्वपूर्ण, मैं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की कोशिश करूँगा और अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करूँगा, भले ही वह मेरी मूल योजना से अलग हो।
इस तरह, मैं घबराने के बजाय समस्या का समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित करूँगा।
Common mistakes
- Overlooking the contributions of supporting artists and focusing solely on the main performer.
- Misinterpreting the supporting artist's restraint as a lack of skill rather than a deliberate act of support.
- Failing to recognize the ethical and humanistic aspects of a supporting artist's role.
- Not understanding the broader applications of the 'संगतकार' concept beyond music.
Revision tips
- Read the poem 'संगतकार' carefully to grasp the central theme of supporting artists.
- Focus on the explanations provided for each question to understand the nuances of the supporting artist's role.
- Identify examples from the solutions that illustrate the concept of 'संगतकार' in different fields.
- Reflect on the qualities like humility and dedication that the solutions associate with supporting artists.
- Consider how teamwork and collaboration are essential for success, as highlighted in the chapter.
Practice MCQs
Q1. संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत कर रहा है?
Explanation: कवि संगतकार के माध्यम से उन सहायक कलाकारों और कर्मचारियों की ओर संकेत कर रहा है जो बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा के केवल अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं और मुख्य कलाकार का सहयोग करते हैं।
Q2. संगतकार मुख्य गायक के साथ कैसा व्यवहार करता है?
Explanation: संगतकार मुख्य गायक के सुरों में अपने सुरों को मिलाकर उसके गायन को सहारा देता है, जिससे मुख्य गायक के गायन में नई जान आती है।
Q3. जब मुख्य गायक अपने सुर-लय से भटक जाता है, तब संगतकार क्या करता है?
Explanation: यदि मुख्य गायक अपने सुर-लय से भटक जाता है, तो संगतकार अपनी आवाज़ के माध्यम से उसे वापस सही राह पर ले आता है।
Q4. कवि के अनुसार, संगतकार की आवाज़ में सुनाई देने वाली हिचक को क्या समझा जाना चाहिए?
Explanation: कवि का मानना है कि संगतकार की आवाज़ में सुनाई देने वाली हिचक या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की कोशिश उसकी विफलता नहीं, बल्कि उसकी मनुष्यता का प्रमाण है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र संगतकार जैसे व्यक्तियों का उदाहरण प्रस्तुत नहीं करता?
Explanation: मुख्य गायक स्वयं मुख्य कलाकार होता है, संगतकार नहीं। सह कलाकार, डुप्लीकेट, सह नर्तक, स्टंटमैन और मज़दूर संगतकार की भूमिका के उदाहरण हैं।
Frequently asked questions
संगतकार कौन होता है?
संगतकार वह व्यक्ति होता है जो किसी मुख्य कलाकार (जैसे गायक, नर्तक) के साथ मिलकर उसका सहयोग करता है, लेकिन स्वयं प्रसिद्धि की इच्छा नहीं रखता। वह मुख्य कलाकार की कला को निखारने में मदद करता है।
संगतकार की भूमिका केवल संगीत तक सीमित है?
नहीं, संगतकार की भूमिका संगीत के अलावा सिनेमा (सह कलाकार, डुप्लीकेट), भवन निर्माण (मज़दूर) जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी देखी जा सकती है, जहाँ सहायक व्यक्ति मुख्य कार्य को पूरा करने में योगदान देते हैं।
संगतकार मुख्य गायक की मदद कैसे करता है?
संगतकार मुख्य गायक के सुर में सुर मिलाकर, उसके गायन को सहारा देकर, मुख्य गायक के थक जाने पर सहयोग करके, और यदि मुख्य गायक भटक जाए तो उसे वापस सही राह पर लाकर मदद करता है।
संगतकार की आवाज़ में हिचक क्यों होती है?
संगतकार की आवाज़ में हिचक इसलिए होती है क्योंकि वह जानबूझकर अपने स्वर को मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा नहीं उठाता, ताकि मुख्य गायक की महत्ता कम न हो। यह उसकी विफलता नहीं, बल्कि उसकी मनुष्यता का प्रतीक है।
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
ये समाधान CBSE कक्षा 10 की हिंदी (क्षितिज भाग 2) के पाठ 9, 'संगतकार' के लिए हैं।
इन समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?
ये समाधान छात्रों को 'संगतकार' पाठ के कठिन प्रश्नों को समझने और उनके उत्तर लिखने में मदद करेंगे, जिससे वे पाठ के मुख्य भाव और सहायक कलाकारों के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
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