NCERT Class 9 Mathematics Ganita Manjari (Hindi): Chapter 1 — स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग

NCERT CBSE Class 9 Mathematics Ganita Manjari (Hindi) Chapter 1 Hindi PDF

This chapter, 'Use of Coordinates' from NCERT's Ganita Manjari for Class 9, introduces the coordinate system as a structured framework for locating objects and points using numbers. It traces the historical development of this system, highlighting its roots in ancient Indian civilizations like the Indus-Sarasvati and the contributions of mathematicians such as Baudhayana, Aryabhata, Brahmagupta, and Al-Biruni. The chapter explains how concepts like the origin and negative axes relate to Brahmagupta's work with zero and negative numbers. It also touches upon the contributions of Greek mathematicians and the eventual formalization by René Descartes in Europe. The chapter aims to equip students with the ability to precisely locate positions and understand the interplay between algebraic equations and geometric shapes, preparing them for further study in coordinate geometry.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 9
SubjectMathematics
BookGanita Manjari (Hindi)
ChapterChapter 1 — स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time5 minutes
Word count893

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
निर्देशांक पद्धतिCoordinate system
जाल आधारित चिंतनGrid-based thinking
समष्टि (स्पेस)Space
नौचालन (नौ-गमन)Navigation
मध्ययाह्न रेखाMeridian
अक्षांशLatitude
देशांतरLongitude
ज्यया (sines)Sines
मूलबिंदुOrigin
ऋणात््मक अक्षNegative axis
कार्तीय तलCartesian plane
द्वि-विमीय तलTwo-dimensional plane

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Practice questions

  1. निर्देशांक पद्धति क्या है? Answer: निर्देशांक पद्धति एक सुसंगठित रूपरेखा है जो संख्याओं का उपयोग करके वस्तुओं या बिंदुओं की भौतिक स्थितियों को परिभाषित करने में सक्षम बनाती है।
  2. प्राचीन भारत में निर्देशांक पद्धति का उपयोग कहाँ मिलता है? Answer: प्राचीन भारत में सिंधु-सरस्वती सभ्यता में नगर की गलियों के निर्माण में एक व्यावहारिक निर्देशांक पद्धति के रूप में इसका उपयोग मिलता है।
  3. ब्रह्मगुप्त का निर्देशांक ज्यामिति में क्या योगदान था? Answer: ब्रह्मगुप्त ने शून्य और ऋणात्मक संख्याओं की संकल्पना प्रस्तुत की, जो आधुनिक निर्देशांक प्रणाली में मूलबिंदु और ऋणात्मक अक्षों के अनुरूप है।
  4. रेने देकार््त ने निर्देशांक पद्धति को कैसे औपचारिक रूप दिया? Answer: रेने देकार््त ने प्रस्तुत किया कि एक द्वि-विमीय तल में किसी बिंदु को दो लंबवत अक्षों से उसकी दूरियों को दर्शाने वाली दो संख्याओं द्वारा परिभाषित किया जा सकता है।

Frequently asked questions

निर्देशांक पद्धति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

निर्देशांक पद्धति का मुख्य उद्देश्य वस्तुओं या बिंदुओं की वास्तविक भौतिक स्थितियों को संख्याओं का उपयोग करके सटीक रूप से परिभाषित करना है।

प्राचीन भारतीय गणितज्ञों ने निर्देशांक पद्धति में कैसे योगदान दिया?

प्राचीन भारतीय गणितज्ञों ने नगर नियोजन, खगोल विज्ञान और ज्यामितीय संरचनाओं में निर्देशांकों के उपयोग की नींव रखी, जिसमें ब्रह्मगुप्त का शून्य और ऋणात्मक संख्याओं का कार्य महत्वपूर्ण है।

उज्जयिनी का निर्देशांक पद्धति के इतिहास में क्या महत्व है?

उज्जयिनी को प्राचीन विश्व में केंद्रीय देशांतर मध्ययाह्न रेखा के रूप में उल्लेखित किया गया था, जिसके सापेक्ष अन्य भौगोलिक स्थितियों को मापा जाता था।

रेने देकार््त का निर्देशांक ज्यामिति में क्या योगदान है?

रेने देकार््त ने औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया कि एक तल में किसी बिंदु को दो संख्याओं (निर्देशांकों) द्वारा परिभाषित किया जा सकता है, जिससे ज्यामिति और बीजगणित का एकीकरण हुआ।

यह अध्याय कक्षा 9 के छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय छात्रों को निर्देशांक प्रणाली की गहरी समझ प्रदान करता है, जिससे वे वस्तुओं की स्थिति का सटीक पता लगा सकते हैं और बीजगणितीय समीकरणों को ज्यामितीय आकृतियों में रूपांतरित कर सकते हैं।

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Important topics

निर्देशांक पद्धति का परिचय और परिभाषा निर्देशांक पद्धति का ऐतिहासिक विकास प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का योगदान रेने देकार््त द्वारा औपचारिकरण बीजगणित और ज्यामिति के बीच संबंध

Topics covered

निर्देशांक पद्धति का परिचय निर्देशांक पद्धति का ऐतिहासिक विकास प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का योगदान (सिंधु-सरस्वती सभ्यता, बौधायन, आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त) ग्रीक गणितज्ञों का योगदान (टॉलेमी, हिप्पार्कस) अरबी भूगोल और मानचित्रों में निर्देशांक अल-बिरुनी का योगदान उमर खय्ययाम का योगदान रेने देकार््त और फर्मेट का योगदान स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग बीजगणित और ज्यामिति का संबंध

NCERT Class 9 Mathematics — Ganita Manjari (Hindi) — Chapter 1 — स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.