NCERT Class 8 Science Jigyasa: Chapter 4 — विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव
यह अध्याय, 'विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव', कक्षा 8 के विज्ञान के लिए NCERT की 'जिज्ञासा' पाठ्यपुस्तक का चौथा अध्याय है। यह अध्याय विद्युत धारा के दो महत्वपूर्ण प्रभावों की पड़ताल करता है: चुंबकीय प्रभाव और तापीय प्रभाव। यह बताता है कि कैसे विद्युत धारा चुंबकत्व उत्पन्न कर सकती है, जैसा कि एक विद्युत चुंबक के प्रदर्शन में दिखाया गया है, और कैसे यह ऊष्मा उत्पन्न कर सकती है। अध्याय में विद्युत चुंबक बनाने की विधि और विद्युत धारा के इन प्रभावों को समझने के लिए क्रियाकलाप शामिल हैं। यह छात्रों को विद्युत परिपथों, चुंबकत्व और ऊष्मा उत्पादन के बीच संबंध को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Science |
| Book | Jigyasa |
| Chapter | Chapter 4 — विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 2 minutes |
| Word count | 379 |
Learning outcomes
- विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव को समझना।
- विद्युत चुंबक के निर्माण और कार्यप्रणाली को जानना।
- विद्युत धारा के तापीय प्रभाव की व्याख्या करना।
- विद्युत परिपथों में विभिन्न घटकों के कार्य को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| विद्युत सेल | विद्युत ऊर्जा का स्रोत। |
| विद्युत-परिपथ | विद्युत धारा के प्रवाह का बंद मार्ग। |
| चुंबकीय दिक्ससूचक | चुंबकीय सुई जो उत्तर-दक्षिण दिशा दर्शाती है। |
| विद्युत चुंबक | एक प्रकार का चुंबक जो विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र से बनता है। |
| चुंबकीय पदार्थ | वह पदार्थ जो चुंबक द्वारा आकर्षित होता है (जैसे लोहा)। |
| सुरक्षा-पिन | एक प्रकार की पिन जिसका उपयोग क्रियाकलाप में स्विच बनाने के लिए किया गया है। |
| संयोजी तार | विद्युत परिपथ के घटकों को जोड़ने वाले तार। |
| आरेख-पिन | ड्राइंग पिन, जिनका उपयोग स्विच बनाने में किया गया है। |
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Practice questions
- विद्युत धारा का कौन सा प्रभाव एक विद्युत चुंबक बनाने में उपयोगी है? Answer: विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव।
- क्या आप एक अस्थायी चुंबक बना सकते हैं? यदि हाँ, तो कैसे? Answer: हाँ, एक लोहे की कील पर तार लपेटकर और उसे विद्युत सेल से जोड़कर एक अस्थायी चुंबक बनाया जा सकता है।
- विद्युत परिपथ में धारा प्रवाहित हो रही है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए आप किस उपकरण का उपयोग कर सकते हैं? Answer: चुंबकीय दिक्ससूचक का उपयोग किया जा सकता है।
Frequently asked questions
विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या है?
जब किसी चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। यही विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव कहलाता है।
विद्युत चुंबक कैसे बनाया जाता है?
एक लोहे की कील जैसे नर्म लोहे के टुकड़े पर विद्युत रोधी तार को लपेटकर और फिर तार के सिरों को बैटरी से जोड़कर एक विद्युत चुंबक बनाया जाता है।
क्या विद्युत चुंबक स्थायी होता है?
नहीं, विद्युत चुंबक अस्थायी होता है। जब तक विद्युत धारा प्रवाहित होती रहती है, तब तक यह चुंबक की तरह कार्य करता है, धारा बंद करने पर इसका चुंबकत्व समाप्त हो जाता है।
चुंबकीय दिक्ससूचक का क्या कार्य है?
चुंबकीय दिक्ससूचक एक उपकरण है जिसमें एक चुंबकीय सुई होती है जो हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है, जिससे दिशा का पता चलता है।
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव का क्या अर्थ है?
जब किसी प्रतिरोधक (जैसे हीटर का तार) से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वह गर्म हो जाता है और ऊष्मा उत्पन्न करता है। यह विद्युत धारा का तापीय प्रभाव है।
क्या सभी सेल या बैटरी को पुनः आवेशित किया जा सकता है?
नहीं, सभी प्रकार के सेलों या बैटरियों को पुनः आवेशित नहीं किया जा सकता है। कुछ रिचार्जेबल होते हैं, जबकि अन्य (जैसे प्राथमिक सेल) एक बार उपयोग के बाद बेकार हो जाते हैं।
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Topics covered
NCERT Class 8 Science — Jigyasa — Chapter 4 — विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.