NCERT Class 8 Mathematics Ganit: Chapter 1 — परिचय
यह अध्याय NCERT कक्षा 8 गणित की पुस्तक 'गणित' का पहला अध्याय, 'परिमेय संख्याएँ' प्रस्तुत करता है। यह अध्याय संख्याओं के विभिन्न प्रकारों, जैसे प्राकृत संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांकों की भूमिका की पड़ताल करता है, और बताता है कि कैसे समीकरणों को हल करने के लिए हमें इन संख्याओं के विस्तार की आवश्यकता होती है। अध्याय परिमेय संख्याओं की अवधारणा का परिचय देता है, जो उन संख्याओं को हल करने के लिए आवश्यक हैं जो पूर्णांकों में संभव नहीं हैं, जैसे 2x = 3। यह परिमेय संख्याओं पर संक्रियाओं, विशेष रूप से संवृत गुण की भी चर्चा करता है, जिसमें योग, व्यवकलन, गुणन और भाग शामिल हैं। यह अध्याय छात्रों को संख्याओं की प्रणाली की गहरी समझ विकसित करने और विभिन्न प्रकार की संख्याओं के गुणों को समझने में मदद करता है, जो आगे के गणितीय अध्ययन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Mathematics |
| Book | Ganit |
| Chapter | Chapter 1 — परिचय |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 559 |
Learning outcomes
- विभिन्न प्रकार की संख्याओं (प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक) की पहचान करना और उनके उपयोग को समझना।
- परिमेय संख्याओं की अवधारणा को समझना और उन्हें परिभाषित करना।
- परिमेय संख्याओं पर योग, व्यवकलन, गुणन और भाग संक्रियाओं के संवृत गुण की जाँच करना।
- सरल समीकरणों को हल करने के लिए उपयुक्त संख्या प्रणाली का चयन करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| प्राकृत संख्या | 1, 2, 3,... से शुरू होने वाली धनात्मक पूर्ण संख्याएँ। |
| पूर्ण संख्या | 0, 1, 2, 3,... से शुरू होने वाली अऋणात्मक पूर्ण संख्याएँ। |
| पूर्णांक | सभी धनात्मक और ऋणात्मक पूर्ण संख्याएँ, साथ ही शून्य (..., -2, -1, 0, 1, 2,...)। |
| परिमेय संख्या | वह संख्या जिसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0। |
| संवृत गुण | एक संक्रिया के लिए, यदि दो संख्याएँ एक समुच्चय से ली जाती हैं, और संक्रिया का परिणाम उसी समुच्चय में होता है, तो वह समुच्चय उस संक्रिया के अंतर्गत संवृत कहलाता है। |
| योग | जोड़ने की संक्रिया। |
| व्यवकलन | घटाने की संक्रिया। |
| गुणन | गुणा करने की संक्रिया। |
| भाग | विभाजन की संक्रिया। |
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Practice questions
- समीकरण x + 5 = 5 का हल क्या है? Answer: हल शून्य है।
- क्या पूर्णांक व्यवकलन के अंतर्गत संवृत हैं? उदाहरण सहित समझाएँ। Answer: हाँ, पूर्णांक व्यवकलन के अंतर्गत संवृत हैं। उदाहरण: 5 - 7 = -2, जो एक पूर्णांक है।
- समीकरण 2x = 3 का हल क्या है? Answer: हल 3/2 है।
- क्या पूर्ण संख्याएँ भाग के अंतर्गत संवृत हैं? अपने उत्तर का कारण दें। Answer: नहीं, पूर्ण संख्याएँ भाग के अंतर्गत संवृत नहीं हैं। उदाहरण: 5 ÷ 8 = 5/8, जो एक पूर्ण संख्या नहीं है।
Frequently asked questions
परिमेय संख्याएँ क्या होती हैं?
परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q शून्य नहीं है।
क्या सभी समीकरणों को पूर्णांकों में हल किया जा सकता है?
नहीं, सभी समीकरणों को पूर्णांकों में हल नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए, 2x = 3 का हल पूर्णांक नहीं है।
संवृत गुण का क्या अर्थ है?
संवृत गुण का अर्थ है कि यदि किसी समुच्चय की दो संख्याओं पर कोई संक्रिया की जाती है, तो परिणाम उसी समुच्चय में होना चाहिए।
क्या पूर्ण संख्याएँ गुणन के अंतर्गत संवृत हैं?
हाँ, पूर्ण संख्याएँ गुणन के अंतर्गत संवृत हैं, क्योंकि किन्हीं भी दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल एक पूर्ण संख्या होता है।
परिमेय संख्याओं की आवश्यकता क्यों पड़ी?
परिमेय संख्याओं की आवश्यकता उन समीकरणों को हल करने के लिए पड़ी जिनका हल पूर्णांकों में संभव नहीं था, जैसे 2x = 3।
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Topics covered
NCERT Class 8 Mathematics — Ganit — Chapter 1 — परिचय. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.