NCERT Class 8 Hindi Vasant: Chapter 8 — सुदामा चरित (कविता)
यह अध्याय 'सुदामा चरित' नामक कविता का अंश है, जो कवि नरोत्तमदास द्वारा रचित है। यह कविता कृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक चित्रण करती है। सुदामा, कृष्ण के बचपन के मित्र, अत्यंत गरीबी की स्थिति में कृष्ण से मिलने द्वारका जाते हैं। कविता में सुदामा की फटी-पुरानी वेशभूषा, पैरों में जूते न होना और उनकी दीन-हीन दशा का वर्णन है। कृष्ण अपने मित्र की ऐसी हालत देखकर अत्यंत द्रवित हो जाते हैं और उनकी आँखों से आँसू बहने लगते हैं। वे सुदामा के पैरों को धोने के लिए परात का पानी इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि अपने आँसुओं से ही धोते हैं। कविता में कृष्ण द्वारा सुदामा से उनके बचपन की शरारतों और भाभी द्वारा दी गई भेंट (चावल) के बारे में पूछना भी शामिल है। यह अध्याय मित्रता के गहरे भाव, प्रेम और कृष्ण की अपने मित्र के प्रति करुणा को दर्शाता है, जो छात्रों को मानवीय संबंधों के महत्व को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Hindi |
| Book | Vasant |
| Chapter | Chapter 8 — सुदामा चरित (कविता) |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 1 minute |
| Word count | 192 |
Learning outcomes
- छात्र कृष्ण और सुदामा की मित्रता के भाव को समझ सकेंगे।
- कविता में वर्णित सुदामा की दीन-हीन दशा और कृष्ण की करुणा का विश्लेषण कर सकेंगे।
- कविता की भाषा और भावों को अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
- मित्रता के महत्व और मानवीय संबंधों की गहराई को समझ सकेंगे।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| सीस पगा | सिर पर पगड़ी/साफा |
| झँगा | कमीज |
| धोती | एक वस्त्र जो कमर से लपेटकर पहना जाता है |
| लटी दुपटी | फटी हुई चादर या वस्त्र |
| उपानह | जूते |
| द्विज | ब्राह्मण |
| चकिसों | आश्चर्यचकित होकर |
| अभिराम | सुंदर |
| दीनदयाल | दीनों पर दया करने वाले (श्रीकृष्ण) |
| बिवाइन | पैरों में फटी त्वचा या घाव |
| पोटरी | छोटी पोटली |
| तंदुल | चावल |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Practice questions
- सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? Answer: सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण अत्यंत द्रवित हो गए, उनकी आँखों से आँसू बहने लगे।
- 'पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।' इस पंक्ति का भाव अपने शब्दों में लिखिए। Answer: इस पंक्ति का भाव यह है कि श्रीकृष्ण अपने मित्र सुदामा की दुर्दशा देखकर इतने भावुक हो गए कि उन्होंने परात में रखे पानी से पैर धोने के बजाय अपने आँसुओं से ही सुदामा के पैर धो दिए।
- श्रीकृष्ण ने सुदामा से बचपन की कौन सी शरारत का ज़िक्र किया? Answer: श्रीकृष्ण ने सुदामा से बचपन की उस शरारत का ज़िक्र किया जब सुदामा ने गुरुमाता द्वारा दिए गए चावलों में से कृष्ण को नहीं दिए थे और स्वयं खा लिए थे।
- सुदामा को कृष्ण से मिलने के बाद क्या महसूस हुआ? Answer: सुदामा को कृष्ण से मिलने के बाद उनकी मित्रता और कृष्ण के प्रेम का गहरा एहसास हुआ, साथ ही उन्हें अपनी गरीबी और कृष्ण की समृद्धि का अंतर भी महसूस हुआ।
Frequently asked questions
सुदामा चरित कविता के कवि कौन हैं?
सुदामा चरित कविता के कवि नरोत्तमदास हैं।
यह कविता किस विषय पर आधारित है?
यह कविता कृष्ण और उनके बचपन के मित्र सुदामा की मित्रता और सुदामा की दीन-हीन दशा का मार्मिक चित्रण करती है।
सुदामा की द्वारका यात्रा का मुख्य कारण क्या था?
सुदामा अपनी अत्यधिक गरीबी के कारण कृष्ण से मिलने के लिए द्वारका गए थे।
श्रीकृष्ण ने सुदामा के पैर कैसे धोए?
श्रीकृष्ण ने सुदामा की दीनदशा देखकर इतने आँसू बहाए कि उन्हीं आँसुओं से सुदामा के पैर धो दिए।
कविता में 'तंदुल' का क्या अर्थ है?
कविता में 'तंदुल' का अर्थ चावल है, जो सुदामा की पत्नी ने कृष्ण के लिए भेंट के रूप में दिए थे।
यह कविता मित्रता के किस पहलू को उजागर करती है?
यह कविता सच्ची मित्रता, प्रेम, करुणा और मित्र की स्थिति को समझने के महत्व को उजागर करती है।
Related resources
Important topics
Topics covered
NCERT Class 8 Hindi — Vasant — Chapter 8 — सुदामा चरित (कविता). Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.