NCERT Class 8 Hindi Vasant: Chapter 7 — कबीर की साखियाँ (कविता)

NCERT CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 7 Hindi PDF

यह अध्याय NCERT कक्षा 8 हिंदी वसंत पुस्तक के अध्याय 7 'कबीर की साखियाँ' पर केंद्रित है। इसमें कबीर दास द्वारा रचित पाँच साखियाँ (दोहे) शामिल हैं, जो जीवन के महत्वपूर्ण उपदेश देती हैं। पहली साखी ज्ञान के महत्व पर जोर देती है, दूसरी वाणी के संयम की शिक्षा देती है। तीसरी साखी मन की चंचलता और सच्चे सुमिरन के अंतर को स्पष्ट करती है। चौथी साखी विनम्रता सिखाती है कि तुच्छ दिखने वाली वस्तु भी कष्ट का कारण बन सकती है। पाँचवीं साखी क्षमा और दया का महत्व बताती है, जिससे शत्रु भी मित्र बन जाते हैं। ये साखियाँ छात्रों को नैतिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध करती हैं, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 8
SubjectHindi
BookVasant
ChapterChapter 7 — कबीर की साखियाँ (कविता)
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time2 minutes
Word count310

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
ज्ञानबुद्धि, प्रज्ञा
म्यानतलवार रखने का खोल
गारीगाली, अपशब्द
सुमिरनस्मरण, ईश्वर का ध्यान
दुहेलीकष्टदायक, पीड़ा देने वाली
सीतलशांत, शीतल
आपाअहंकार, अपनापन
दयाकरुणा, कृपा

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Practice questions

  1. कबीर के अनुसार, हमें किसका मोल करना चाहिए और किसका नहीं? Answer: कबीर के अनुसार, हमें तलवार (ज्ञान) का मोल करना चाहिए, म्यान (बाहरी दिखावा) का नहीं।
  2. गाली देने के संबंध में कबीर क्या सलाह देते हैं? Answer: कबीर सलाह देते हैं कि गाली का उत्तर गाली से नहीं देना चाहिए, अन्यथा एक गाली अनेक हो जाती है।
  3. कबीर किस प्रकार के सुमिरन को व्यर्थ मानते हैं? Answer: कबीर उस सुमिरन को व्यर्थ मानते हैं जिसमें माला हाथ में फिरती है, जीभ चलती है, पर मन चारों दिशाओं में भटकता रहता है।
  4. कबीर घास की निंदा करने से क्यों मना करते हैं? Answer: कबीर घास की निंदा करने से मना करते हैं क्योंकि वही घास जब उड़कर आँख में चली जाती है तो बहुत कष्ट देती है।
  5. मन को शांत रखने से क्या लाभ होता है? Answer: मन को शांत रखने से संसार में कोई शत्रु नहीं रहता और सब लोग दया करते हैं।

Frequently asked questions

कबीर की साखियाँ क्या हैं?

कबीर की साखियाँ उनके द्वारा रचित दोहे हैं जिनमें जीवन के महत्वपूर्ण उपदेश और सीख दी गई है।

पहली साखी में कबीर क्या संदेश देते हैं?

पहली साखी में कबीर कहते हैं कि हमें व्यक्ति की जाति नहीं, उसके ज्ञान को महत्व देना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे तलवार का महत्व होता है, म्यान का नहीं।

दूसरी साखी का क्या अर्थ है?

दूसरी साखी का अर्थ है कि एक गाली देने पर वह अनेक हो जाती है, इसलिए कबीर कहते हैं कि गाली का उत्तर गाली से न दो, वही एक की एक रहेगी।

कबीर के अनुसार सच्चा सुमिरन क्या है?

कबीर के अनुसार सच्चा सुमिरन वह है जब मन ईश्वर में एकाग्र हो, न कि जब माला हाथ में फिरे और मन भटके।

हमें छोटी या तुच्छ समझी जाने वाली चीजों का अनादर क्यों नहीं करना चाहिए?

क्योंकि छोटी या तुच्छ समझी जाने वाली वस्तु भी, जैसे घास, जब आँख में पड़ जाती है तो बहुत कष्ट देती है।

पाँचवीं साखी किस गुण की बात करती है?

पाँचवीं साखी मन को शांत रखने और अहंकार को त्यागने की बात करती है, जिससे सभी मनुष्य दया करते हैं।

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Important topics

ज्ञान का महत्व बनाम बाहरी दिखावा वाणी के संयम का प्रभाव सच्चा सुमिरन क्या है तुच्छ वस्तु का महत्व दयालुता से शत्रुता का अंत

Topics covered

ज्ञान का महत्व वाणी का संयम मन की एकाग्रता विनम्रता दया और क्षमा कबीर के दोहे साखी का अर्थ

NCERT Class 8 Hindi — Vasant — Chapter 7 — कबीर की साखियाँ (कविता). Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.