NCERT Class 5 Hindi Rimjhim: Chapter 6 — चिट्ठी का सफ़र
यह अध्याय 'चिट्ठी का सफ़र' बताता है कि पत्र अपने गंतव्य तक कैसे पहुँचते हैं। यह पत्र भेजने के लिए आवश्यक बातों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि सही पता, डाक टिकट, और समय पर डिलीवरी। अध्याय पिनकोड के महत्व को समझाता है, जो पते को स्पष्ट करने और डाक छाँटने में मदद करता है। पिनकोड की शुरुआत 15 अगस्त 1972 को हुई थी और यह 6 अंकों का होता है, जिसमें प्रत्येक अंक का एक विशिष्ट अर्थ होता है। उदाहरण के लिए, एन.सी.ई.आर.टी. के पते का पिनकोड 110016 दिल्ली क्षेत्र के एक विशेष डाकघर को दर्शाता है। यह अध्याय छात्रों को अपने स्कूल और घर के पिनकोड का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है, और बताता है कि पिनकोड की जानकारी डाकघरों से प्राप्त की जा सकती है। यह पाठ छात्रों को संचार के साधनों और उनकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Book | Rimjhim |
| Chapter | Chapter 6 — चिट्ठी का सफ़र |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 554 |
Learning outcomes
- पत्रों के गंतव्य तक पहुँचने की प्रक्रिया को समझना।
- सही पते और डाक टिकट के महत्व को जानना।
- पिनकोड की अवधारणा और उसके उपयोग को समझना।
- पिनकोड के अंकों के स्थानीय अर्थ को पहचानना।
- संचार के साधनों के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| गंतव्य | वह स्थान जहाँ पहुँचना हो |
| डाकटिकट | पत्र या पार्सल पर चिपकाने वाला टिकट जो डाक शुल्क के भुगतान का प्रमाण होता है |
| भौगोलिक इकाई | किसी स्थान का छोटा या बड़ा क्षेत्र (जैसे घर, मोहल्ला, गाँव, शहर) |
| पिनकोड | डाक वितरण को सुगम बनाने के लिए हर क्षेत्र को दिया गया 6 अंकों का कोड |
| उपक्षेत्र | किसी बड़े क्षेत्र का छोटा हिस्सा |
| डाक छाँटना | पत्रों को उनके गंतव्य के अनुसार अलग करना |
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Practice questions
- पत्र अपने सही पते और समय पर पहुँचने के लिए किन बातों पर निर्भर करता है? Answer: पत्र का सही पता, डाक टिकट, भेजने का स्थान और गंतव्य स्थान, और डिलीवरी की गति पर निर्भर करता है।
- पिनकोड का क्या अर्थ है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? Answer: पिनकोड पोस्टल इंडेक्स नंबर का छोटा रूप है। यह 6 अंकों का होता है और डाक छाँटने वाले कर्मचारियों को गंतव्य स्थान का पता लगाने में मदद करता है, जिससे पत्र जल्दी बाँटे जा सकते हैं।
- गांधीजी को भेजे गए पत्र में पते की जगह क्या लिखा था? Answer: गांधीजी को भेजे गए पत्र में पते की जगह 'महात्मा गांधी, जहाँ हो वहाँ वर्धा' लिखा था।
- पिनकोड की शुरुआत कब हुई थी? Answer: पिनकोड की शुरुआत 15 अगस्त 1972 को हुई थी।
- किसी भी जगह का पिनकोड कितने अंकों का होता है? Answer: किसी भी जगह का पिनकोड 6 अंकों का होता है।
Frequently asked questions
चिट्ठी अपने गंतव्य तक कैसे पहुँचती है?
चिट्ठी सही पते, डाक टिकट, और पिनकोड की मदद से डाक विभाग द्वारा छाँटी जाती है और अपने गंतव्य तक पहुँचाई जाती है।
पिनकोड क्या है?
पिनकोड (Postal Index Number) एक 6 अंकों का कोड है जो किसी विशेष डाकघर या क्षेत्र को दर्शाता है, जिससे डाक वितरण में आसानी होती है।
पिनकोड क्यों ज़रूरी है?
पिनकोड एक जैसे नाम वाले शहरों/गाँवों में सही स्थान की पहचान करने और डाक छाँटने वाले कर्मचारियों को पत्र जल्दी बाँटने में मदद करता है।
पिनकोड की शुरुआत कब हुई?
पिनकोड की शुरुआत 15 अगस्त 1972 को हुई थी।
एन.सी.ई.आर.टी. का पिनकोड क्या है?
एन.सी.ई.आर.टी. का पिनकोड 110016 है।
पिनकोड के अंकों का क्या मतलब होता है?
पिनकोड का पहला अंक क्षेत्र बताता है, अगले दो अंक उपक्षेत्र बताते हैं, और अंतिम तीन अंक उस उपक्षेत्र के डाकघर का कोड बताते हैं जहाँ से डाक बाँटी जाती है।
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NCERT Class 5 Hindi — Rimjhim — Chapter 6 — चिट्ठी का सफ़र. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.