NCERT Class 12 Sociology Bhartiya Samaj: Chapter 6 — सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ

NCERT CBSE Class 12 Sociology Bhartiya Samaj Chapter 6 Hindi PDF

यह अध्याय, 'सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ', भारतीय समाज में सांस्कृतिक विविधता से उत्पन्न होने वाले तनावों और कठिनाइयों पर केंद्रित है। यह बताता है कि कैसे सामाजिक संस्थाएँ जहाँ लोगों को जोड़ सकती हैं, वहीं असमानता और बहिष्कार का कारण भी बन सकती हैं। अध्याय 'विविधता' शब्द के अर्थ को स्पष्ट करता है, जो असमानताओं के बजाय अंतरों पर जोर देता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण राष्ट्र में, भाषा, धर्म, प्रजाति या जाति जैसे सांस्कृतिक चिह्नों द्वारा परिभाषित विभिन्न समुदाय जब एक राष्ट्र का हिस्सा होते हैं, तो उनमें प्रतिस्पर्धा और संघर्ष उत्पन्न हो सकता है। सांस्कृतिक पहचानों की प्रबलता, तीव्र भावनाओं को भड़का सकती है और लोगों को एकजुट कर सकती है। जब ये सांस्कृतिक अंतर आर्थिक और सामाजिक असमानताओं से जुड़ जाते हैं, तो स्थिति और जटिल हो जाती है। अध्याय सामुदायिक पहचान के महत्व पर भी प्रकाश डालता है, जो जन्म और अपनेपन पर आधारित होती है, न कि अर्जित योग्यता पर। यह बताता है कि कैसे समाजीकरण की प्रक्रिया व्यक्ति को उसकी पहचान समझने में मदद करती है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectSociology
BookBhartiya Samaj
ChapterChapter 6 — सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count590

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
सांस्कृतिक विविधताCultural diversity
सामाजिक संस्थाएँSocial institutions
सामूहिक पहचानCollective identity
असमानताInequality
अपवर्जन/बहिष्कारExclusion
समुदायCommunity
भाषाLanguage
धर्मReligion
प्रजातिRace
जातिCaste
प्रतिस्पर्धाCompetition
संघर्षConflict

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Practice questions

  1. सांस्कृतिक विविधता से आप क्या समझते हैं? Answer: सांस्कृतिक विविधता का अर्थ है किसी राष्ट्र या समाज में विभिन्न प्रकार के सामाजिक समूहों और समुदायों का निवास करना, जो अपनी भाषा, धर्म, प्रजाति या जाति जैसी सांस्कृतिक पहचानों से परिभाषित होते हैं।
  2. सामाजिक संस्थाएँ किस प्रकार असमानता और बहिष्कार का कारण बन सकती हैं? Answer: सामाजिक संस्थाएँ, जो लोगों को परस्पर जोड़ सकती हैं, वे कुछ समूहों के लिए विशेष लाभ या पहुँच प्रदान करके दूसरों को बाहर कर सकती हैं, जिससे असमानता और बहिष्कार उत्पन्न होता है।
  3. सामुदायिक पहचान किन आधारों पर बनती है? Answer: सामुदायिक पहचान मुख्य रूप से जन्म और अपनेपन पर आधारित होती है, न कि किसी अर्जित योग्यता या उपलब्धि के आधार पर।
  4. सांस्कृतिक पहचानें तीव्र भावनाओं को क्यों भड़का सकती हैं? Answer: सांस्कृतिक पहचानें प्रबल होती हैं और अक्सर लोगों की गहरी भावनाओं से जुड़ी होती हैं, जिससे वे आसानी से भड़क सकती हैं और लोगों को एकजुट कर सकती हैं।

Practice MCQs

Q1. भारत को किस प्रकार का राष्ट्र कहा गया है?

Q2. सांस्कृतिक पहचानें किन चिह्नों द्वारा परिभाषित की जाती हैं?

Q3. सांस्कृतिक विविधता से उत्पन्न कठिनाइयाँ किस तथ्य से उत्पन्न होती हैं?

Q4. सामुदायिक पहचान किस पर आधारित होती है?

Q5. समाजीकरण की प्रक्रिया क्या प्रदान करती है?

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 12 समाजशास्त्र 'भारतीय समाज' का छठा अध्याय कौन सा है?

NCERT कक्षा 12 समाजशास्त्र 'भारतीय समाज' का छठा अध्याय 'सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ' है।

इस अध्याय में 'विविधता' शब्द का क्या अर्थ बताया गया है?

इस अध्याय में 'विविधता' शब्द का अर्थ असमानताओं के बजाय अंतरों पर बल देना है, जो विभिन्न सामाजिक समूहों और समुदायों के बीच मौजूद होते हैं।

सांस्कृतिक पहचानें किस प्रकार की भावनाओं को भड़का सकती हैं?

सांस्कृतिक पहचानें प्रबल होती हैं और अक्सर तीव्र भावावेशों को भड़का सकती हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो जाते हैं।

सामुदायिक पहचान जन्म के अलावा और किस पर आधारित होती है?

सामुदायिक पहचान जन्म और अपनेपन पर आधारित होती है, न कि किसी अर्जित योग्यता या 'उपलब्धि' के आधार पर।

दुर्लभ संसाधनों के बँटवारे से क्या समस्या उत्पन्न हो सकती है?

दुर्लभ संसाधनों जैसे नदी जल, रोजगार के अवसर या सरकारी धनराशियों के बँटवारे का सवाल खड़े होने पर स्थिति बिगड़ सकती है और समुदायों के बीच विरोध भड़क सकता है।

समाजीकरण की प्रक्रिया व्यक्ति को क्या समझने में मदद करती है?

समाजीकरण की प्रक्रिया व्यक्ति को यह समझने में मदद करती है कि वह कौन है, दूसरों से कैसे अलग है, और समाज में उसकी क्या भूमिका है।

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सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ सामुदायिक पहचान का आधार सामाजिक संस्थाओं के दोहरे प्रभाव सांस्कृतिक पहचानों का महत्व समाजीकरण और पहचान निर्माण

Topics covered

सांस्कृतिक विविधता का अर्थ सामाजिक संस्थाएँ और उनकी भूमिका असमानता और बहिष्कार सामुदायिक पहचान सांस्कृतिक पहचानों की प्रबलता सांस्कृतिक अंतरों से उत्पन्न जटिलताएँ समाजीकरण की प्रक्रिया दुर्लभ संसाधनों का बँटवारा

NCERT Class 12 Sociology — Bhartiya Samaj — Chapter 6 — सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 10 Aug 2026. Last updated 10 Aug 2026.