NCERT Class 12 Sociology Bharat main Samajik Parivartan aur Vikas: Chapter 4 — ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन

NCERT CBSE Class 12 Sociology Bharat main Samajik Parivartan aur Vikas Chapter 4 Hindi PDF

यह अध्याय NCERT कक्षा 12 समाजशास्त्र की पुस्तक 'भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास' के चौथे अध्याय, 'भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास' पर केंद्रित है। यह बताता है कि भारतीय समाज मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहाँ 69% आबादी (2011 जनगणना के अनुसार) कृषि और संबंधित व्यवसायों पर निर्भर है। भूमि न केवल उत्पादन का साधन और संपत्ति है, बल्कि यह जीवन जीने का एक तरीका भी है, जो कई सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और त्योहारों को प्रभावित करता है। अध्याय कृषि और संस्कृति के बीच घनिष्ठ संबंध पर प्रकाश डालता है, जो क्षेत्रीय विविधताओं में परिलक्षित होता है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कारीगरों, दस्तकारों और अन्य विशेषज्ञों की भूमिका पर भी चर्चा करता है, और बताता है कि कैसे औपनिवेशिक काल से मशीन-निर्मित वस्तुओं के आगमन ने उनकी आजीविका को प्रभावित किया है। यह अध्याय छात्रों को भारतीय समाज की संरचनात्मक और सांस्कृतिक गतिशीलता को समझने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectSociology
BookBharat main Samajik Parivartan aur Vikas
ChapterChapter 4 — ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count413

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
नगरीकरणशहरों का विकास और जनसंख्या का शहरों की ओर पलायन।
कृषिफसलें उगाने और पशुपालन का व्यवसाय।
संपत्तिऐसी वस्तुएँ जिनका स्वामित्व किसी व्यक्ति या संस्था के पास हो।
सांस्कृतिक रस्मेंकिसी संस्कृति विशेष से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाज और प्रथाएँ।
संरचनात्मक परिवर्तनसमाज की मूल संरचना या व्यवस्था में होने वाले बदलाव।
सांस्कृतिक परिवर्तनसमाज की संस्कृति, मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं में होने वाले बदलाव।
जीविकाआजीविका कमाने का साधन या व्यवसाय।
कारीगरहाथों से वस्तुएँ बनाने वाला कुशल व्यक्ति।
दस्तकारकिसी विशेष शिल्प या कला में निपुण व्यक्ति।
औपनिवेशिक कालवह समय जब कोई देश किसी दूसरे देश के शासन के अधीन था।

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Practice questions

  1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कितनी प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती है? Answer: 69 प्रतिशत।
  2. भारत में नव वर्ष के कौन से त्योहार फसल काटने के समय मनाए जाते हैं? Answer: तमिलनाडु में पोंगल, असम में बीहू, पंजाब में बैसाखी, कर्नाटक में उगाड़ी।
  3. ग्रामीण भारत में आजीविका के साधन के रूप में कृषि के अलावा और कौन से व्यवसाय महत्वपूर्ण हैं? Answer: कारीगर (कुम्हार, खाती, जुलाहे, लुहार, सुनार) और अन्य विशेषज्ञ (कहानी सुनाने वाले, ज्योतिषी, पुजारी आदि)।
  4. औपनिवेशिक काल से ग्रामीण कारीगरों की संख्या में कमी क्यों आ रही है? Answer: क्योंकि मशीन से बने सामानों ने हाथ से बनी वस्तुओं का स्थान ले लिया है।

Practice MCQs

Q1. 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की लगभग कितनी प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में निवास करती है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा त्योहार फसल कटाई के समय मनाया जाने वाला एक कृषि संबंधी त्योहार है?

Q3. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कारीगरों में कौन शामिल नहीं है?

Q4. औपनिवेशिक काल से ग्रामीण कारीगरों की संख्या में कमी का एक प्रमुख कारण क्या रहा है?

Q5. भूमि को केवल उत्पादन का साधन या संपत्ति के अलावा और क्या माना जाता है?

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 12 समाजशास्त्र का अध्याय 4 किस बारे में है?

यह अध्याय भारत में सामाजिक परिवर्तन और विकास पर केंद्रित है, विशेष रूप से ग्रामीण समाज, कृषि, संस्कृति और विभिन्न व्यवसायों के बीच संबंधों की पड़ताल करता है।

2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कितनी प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है?

2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की लगभग 69 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है।

कृषि और भारतीय संस्कृति के बीच क्या संबंध है?

कृषि भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई सांस्कृतिक रस्में, त्योहार (जैसे पोंगल, बीहू, बैसाखी) और जीवन शैली कृषि चक्र और फसल कटाई से गहराई से जुड़े हुए हैं।

ग्रामीण भारत में कृषि के अलावा कौन से अन्य व्यवसाय महत्वपूर्ण हैं?

ग्रामीण भारत में कुम्हार, खाती, जुलाहे, लुहार, सुनार जैसे कारीगर और दस्तकार, साथ ही कहानी सुनाने वाले, ज्योतिषी और पुजारी जैसे विशेषज्ञ भी आजीविका के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

मशीन-निर्मित वस्तुओं ने ग्रामीण कारीगरों को कैसे प्रभावित किया है?

मशीन से बनी वस्तुओं के आगमन ने हाथ से बनी पारंपरिक वस्तुओं का स्थान ले लिया है, जिससे ग्रामीण कारीगरों की मांग और संख्या में धीरे-धीरे कमी आई है।

यह अध्याय छात्रों को भारतीय समाज के बारे में क्या समझने में मदद करता है?

यह अध्याय छात्रों को भारतीय समाज की ग्रामीण संरचना, कृषि पर इसकी निर्भरता, सांस्कृतिक प्रथाओं और विभिन्न व्यवसायों के बीच जटिल संबंधों को समझने में मदद करता है।

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Important topics

भारतीय समाज की ग्रामीण प्रकृति और कृषि पर निर्भरता कृषि और संस्कृति के बीच घनिष्ठ संबंध ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विभिन्न व्यवसायों की भूमिका औपनिवेशिक काल के बाद ग्रामीण व्यवसायों में परिवर्तन

Topics covered

भारतीय समाज की ग्रामीण प्रकृति कृषि का महत्व भूमि: उत्पादन का साधन और संपत्ति कृषि और जीवन शैली संरचनात्मक और सांस्कृतिक परिवर्तन कृषि संबंधी त्योहार (पोंगल, बीहू, बैसाखी, उगाड़ी) कृषि और संस्कृति का संबंध क्षेत्रीय सांस्कृतिक विविधता ग्रामीण अर्थव्यवस्था ग्रामीण कारीगर और दस्तकार (कुम्हार, खाती, जुलाहे, लुहार, सुनार) विशेषज्ञ और सहायक व्यवसायी (कहानी सुनाने वाले, ज्योतिषी, पुजारी) औपनिवेशिक काल का प्रभाव और मशीन-निर्मित वस्तुओं का आगमन

NCERT Class 12 Sociology — Bharat main Samajik Parivartan aur Vikas — Chapter 4 — ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.