NCERT Class 12 Mathematics Ganit-II: Chapter 5 — गणित
यह अध्याय, NCERT कक्षा 12 गणित, गणति-II, अध्याय 386, त्रि-विमीय ज्यामिति का परिचय देता है। यह सदिशों के बीजगणित का उपयोग करके त्रि-विमीय ज्यामिति का अध्ययन करने के लिए एक उपागम प्रस्तुत करता है, जिससे यह अधिक सरल और सुग्राह्य हो जाता है। अध्याय में रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात, अंतरिक्ष में रेखाओं और तलों के समीकरण, विभिन्न रेखाओं और तलों के बीच कोण, दो विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी और एक बिंदु से तल की दूरी जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह सदिशों के रूप में परिणामों को प्राप्त करता है और उन्हें कार्तीय रूप में भी अनुवादित करता है, जिससे एक स्पष्ट ज्यामितीय और विश्लेषणात्मक चित्रण मिलता है। यह अध्याय छात्रों को त्रि-विमीय अंतरिक्ष में ज्यामितीय अवधारणाओं को समझने और लागू करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Mathematics |
| Book | Ganit-II |
| Chapter | Chapter 5 — गणित |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 534 |
Learning outcomes
- रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात को समझना।
- अंतरिक्ष में रेखाओं और तलों के समीकरणों को प्राप्त करना और उनका उपयोग करना।
- रेखाओं, तलों और उनके बीच के कोणों की गणना करना।
- दो विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी ज्ञात करना।
- एक बिंदु से तल की दूरी की गणना करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| त्रि-विमीय ज्यामिति | Three Dimensional Geometry |
| दिक्-कोसाइन | Direction Cosines |
| दिक्-अनुपात | Direction Ratios |
| सदिश | Vector |
| तल | Plane |
| रेखा | Line |
| कोण | Angle |
| दूरी | Distance |
| मूल बिंदु | Origin |
| अक्ष | Axis |
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Practice questions
- एक रेखा के दिक्-कोसाइन क्या होते हैं? Answer: एक रेखा के दिक्-कोसाइन वे कोसाइन होते हैं जो रेखा द्वारा x, y और z-अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के होते हैं।
- दिक्-अनुपात और दिक्-कोसाइन के बीच क्या संबंध है? Answer: दिक्-अनुपात दिक्-कोसाइन के समानुपाती होते हैं। यदि l, m, n दिक्-कोसाइन हैं और a, b, c दिक्-अनुपात हैं, तो a = λl, b = λm, c = λn, जहाँ λ एक शून्येतर अचर है।
- दो समांतर रेखाओं के दिक्-अनुपातों के बारे में क्या कहा जा सकता है? Answer: दो समांतर रेखाओं के दिक्-अनुपातों के समूह समान होते हैं।
Practice MCQs
Q1. एक रेखा द्वारा x-अक्ष के साथ बनाया गया कोण α है, तो उसका दिक्-कोसाइन क्या होगा?
Explanation: रेखा द्वारा अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के कोसाइन को दिक्-कोसाइन कहा जाता है।
Q2. यदि एक रेखा के दिक्-अनुपात 2, 3, 4 हैं, तो उसके दिक्-कोसाइन के समानुपाती कौन सी संख्याएँ होंगी?
Explanation: दिक्-अनुपात दिक्-कोसाइन के समानुपाती होते हैं, इसलिए वे स्वयं दिक्-कोसाइन के समानुपाती होते हैं।
Q3. मूल बिंदु से गुजरने वाली रेखा के दिक्-कोण क्या कहलाते हैं?
Explanation: मूल बिंदु से गुजरने वाली रेखा द्वारा x, y, और z-अक्षों के साथ बनाए गए कोणों को दिक्-कोण कहते हैं।
Q4. अंतरिक्ष में एक दी गई रेखा के दिक्-कोसाइन के कितने समूह हो सकते हैं?
Explanation: एक रेखा को दो विपरीत दिशाओं में बढ़ाया जा सकता है, इसलिए उसके दिक्-कोसाइन के दो समूह होते हैं।
Q5. यदि एक रेखा के दिक्-कोसाइन l, m, n हैं, तो निम्नलिखित में से कौन सा संबंध सत्य है?
Explanation: किसी भी रेखा के दिक्-कोसाइन के वर्गों का योग हमेशा 1 के बराबर होता है।
Frequently asked questions
त्रि-विमीय ज्यामिति में सदिशों का उपयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
त्रि-विमीय ज्यामिति में सदिशों का उपयोग अध्ययन को अत्यंत सरल और सुग्राह्य बना देता है, जिससे जटिल समस्याओं को हल करना आसान हो जाता है।
दिक्-कोसाइन क्या होते हैं?
दिक्-कोसाइन एक रेखा द्वारा x, y, और z-अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के कोसाइन होते हैं।
दिक्-अनुपात क्या होते हैं?
दिक्-अनुपात वे संख्याएँ होती हैं जो रेखा के दिक्-कोसाइन के समानुपाती होती हैं।
क्या दिक्-कोसाइन के दो समूह हो सकते हैं?
हाँ, क्योंकि एक रेखा को दो विपरीत दिशाओं में बढ़ाया जा सकता है, इसलिए उसके दिक्-कोसाइन के दो समूह होते हैं।
अंतरिक्ष में एक रेखा का समीकरण किन विधियों से प्राप्त किया जा सकता है?
अंतरिक्ष में एक रेखा का समीकरण सदिश रूप और कार्तीय रूप दोनों में प्राप्त किया जा सकता है।
दो विषमतलीय रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी कैसे ज्ञात की जाती है?
दो विषमतलीय रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी सदिश बीजगणित का उपयोग करके ज्ञात की जाती है।
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NCERT Class 12 Mathematics — Ganit-II — Chapter 5 — गणित. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.