NCERT Class 12 Hindi Vitan: Chapter 2 — जूझ

NCERT CBSE Class 12 Hindi Vitan Chapter 2 Hindi PDF

This chapter from the NCERT Class 12 Hindi Vitan book, titled 'Jujh' (Struggle), delves into the protagonist's deep desire to attend school despite facing strong opposition from his grandfather. The narrative highlights the protagonist's internal conflict and his yearning for education as a means to escape the harsh realities of agricultural labor and secure a better future, possibly through a job or business. He observes the economic struggles of his family and contrasts it with the potential benefits of education. The chapter also touches upon the practicalities of farming, specifically the timing of sugarcane crushing to maximize profit, showcasing the differing perspectives within the farming community. The protagonist seeks his mother's support to convince his grandfather and appeals to a respected figure, Datta Ji Rao Sarkar, to mediate his educational aspirations.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectHindi
BookVitan
ChapterChapter 2 — जूझ
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count442

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
तड़पता थाyearned for
हिम्मतcourage
ताकwatchful waiting / opportunity
विश्वासbelief
गइेpoverty / destitution
नौकरीjob
धंधा कारोबारbusiness / trade
ईखsugarcane
कोल्हूsugarcane crusher
बहुतायतabundance
गुर्राता हैgrowls
छेड़ दीinitiated / started (a conversation)

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. पाठशाला जाने के लिए लेखक का मन क्यों तड़पता था? Answer: लेखक का मन पाठशाला जाने के लिए तड़पता था क्योंकि वह जानता था कि खेत में काम करते रहने से कुछ हासिल नहीं होगा और पढ़-लिखकर नौकरी या व्यवसाय करके वह बेहतर जीवन जी सकता है।
  2. दादा लेखक को पढ़ने क्यों नहीं भेजना चाहते थे? Answer: दादा लेखक को पढ़ने नहीं भेजना चाहते थे क्योंकि उन्हें डर था कि लेखक पढ़ने जाएगा तो वह उन्हें घर के कामों, खासकर खेत के कामों में मदद नहीं कर पाएगा और शायद डाँट-फटकार भी सहनी पड़े।
  3. ईख पेरने के कोल्हू को जल्दी शुरू करने के पीछे दादा की क्या सोच थी? Answer: दादा की सोच थी कि कोल्हू जल्दी शुरू करने से ईख की अच्छी कीमत मिल जाती है, क्योंकि बाज़ार में गुड़ की बहुतायत होने पर भाव गिर जाते हैं।
  4. लेखक की माँ ने पढ़ने-लिखने की बात पर क्या प्रतिक्रिया दी? Answer: लेखक की माँ ने पढ़ने-लिखने की बात पर निराशा व्यक्त की और कहा कि दादा इस बात पर बरहेला सूअर की तरह गुर्राते हैं।
  5. लेखक ने अपनी माँ से दत्ता जी राव सरकार से बात करने का आग्रह क्यों किया? Answer: लेखक ने अपनी माँ से दत्ता जी राव सरकार से बात करने का आग्रह किया क्योंकि उसे विश्वास था कि वे दादा को समझाकर लेखक के पढ़ने की व्यवस्था कर सकते हैं।

Practice MCQs

Q1. लेखक को दादा के सामने पढ़ने जाने की बात कहने में डर क्यों लगता था?

Q2. लेखक के अनुसार, खेत में काम करते रहने का क्या परिणाम होता?

Q3. विठोबा आण्णा की तरह क्या करने की इच्छा लेखक के मन में थी?

Q4. दीवाली के बाद लेखक के घर में कौन सा काम शुरू होता था?

Q5. दादा की समझ से ईख की अच्छी कीमत कब मिलती थी?

Q6. माँ के मन में 'जंगली सूअर' बहुत गहराई में क्यों बैठा हुआ था?

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 12 हिंदी वितान की पुस्तक का दूसरा अध्याय कौन सा है?

NCERT कक्षा 12 हिंदी वितान की पुस्तक का दूसरा अध्याय 'जुझ' है।

'जुझ' अध्याय किस बारे में है?

'जुझ' अध्याय लेखक के पाठशाला जाने की तीव्र इच्छा और उसके दादा के विरोध के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।

लेखक को शिक्षा क्यों महत्वपूर्ण लगती थी?

लेखक को शिक्षा इसलिए महत्वपूर्ण लगती थी क्योंकि वह मानता था कि इससे नौकरी लग सकती है और वह विठोबा आण्णा की तरह कोई व्यवसाय कर सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

ईख पेरने के काम का लेखक के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता था?

ईख पेरने का काम दीवाली के बाद शुरू होता था और यह एक महीने तक चलता था, जो लेखक की पढ़ाई की इच्छा के आड़े आता था।

लेखक की माँ ने उसकी पढ़ाई के बारे में क्या कहा?

लेखक की माँ ने कहा कि दादा पढ़ने-लिखने की बात पर बहुत गुस्सा करते हैं और उन्होंने लेखक से दत्ता जी राव सरकार से बात करने को कहा।

दादा और अन्य किसानों की ईख पेरने को लेकर क्या अलग-अलग राय थी?

दादा चाहते थे कि ईख जल्दी पेर ली जाए ताकि गुड़ का अच्छा भाव मिले, जबकि अन्य किसान मानते थे कि ईख देर तक खेत में रहने से ज़्यादा गुड़ निकलता है।

Related resources

Important topics

लेखक की पढ़ने की तीव्र इच्छा और उसके सामने आने वाली बाधाएँ पारिवारिक अपेक्षाएँ और आर्थिक दबाव शिक्षा को बेहतर भविष्य के साधन के रूप में देखना किसानों के विभिन्न दृष्टिकोण (जल्दी कोल्हू चलाना बनाम देर तक ईख रखना) माँ की भूमिका और मध्यस्थता की कोशिश

Topics covered

लेखक की पढ़ने की इच्छा दादा का विरोध पारिवारिक संघर्ष खेती और आर्थिक स्थिति ईख पेरने का काम गुड़ का बाजार भाव शिक्षा का महत्व माँ का समर्थन दत्ता जी राव सरकार से मदद की गुहार

NCERT Class 12 Hindi — Vitan — Chapter 2 — जूझ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.