NCERT Class 12 Hindi Vitan: Chapter 1 — सिल्वर वैडिंग
यह अध्याय मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित 'सिल्वर वेडिंग' कहानी का परिचय देता है, जो यशोधार पंत (पंतजी) के जीवन पर केंद्रित है। कहानी की शुरुआत पंतजी के दफ्तर में देर तक काम करने और उनकी कलाई घड़ी के समय को लेकर मातहतों से बातचीत से होती है। पंतजी अपनी पुरानी घड़ी को महत्व देते हैं, जो उन्हें शादी में मिली थी, जबकि युवा सहकर्मी चइा उन्हें डिजिटल घड़ी लेने की सलाह देता है। यह बातचीत पंतजी को उनके पुराने दिनों और किशनदा के साथ अपने संबंधों की याद दिलाती है, जिन्होंने उन्हें दिल्ली में शरण दी थी और उनके करियर में मदद की थी। कहानी पुरानी परंपराओं और आधुनिकता के बीच के अंतर को दर्शाती है। यह अध्याय छात्रों को समय, परंपराओं और व्यक्तिगत संबंधों के महत्व को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Hindi |
| Book | Vitan |
| Chapter | Chapter 1 — सिल्वर वैडिंग |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 540 |
Learning outcomes
- Understand the significance of tradition and modernity in personal life.
- Analyze the character of Yashodhar Pant and his relationship with the past.
- Appreciate the role of relationships and mentorship in career development.
- Identify the themes of time, memory, and societal change within the narrative.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| मातहतों | subordinates |
| निराकरण | resolution, remedy |
| धृष्टता | audacity, impudence |
| देखादेखी | by imitation, following suit |
| शमाना | era, time |
| मैट्रिक | matriculation (secondary school examination) |
| रसोइया | cook |
| उधार | loan, credit |
| मुख़ातिब | facing, addressing |
| परंपरा | tradition |
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Practice questions
- पंतजी अपनी कलाई घड़ी को किससे मिलाते थे? Answer: पंतजी अपनी कलाई घड़ी को रोज़ाना सुबह-शाम रेडियो समाचारों से मिलाते थे।
- चइा ने पंतजी की घड़ी के बारे में क्या कहा? Answer: चइा ने पंतजी की घड़ी को 'बाबा आदम के ज़माने की' कहा और उन्हें डिजिटल या जापानी घड़ी लेने की सलाह दी।
- पंतजी को उनकी घड़ी कब मिली थी? Answer: पंतजी को उनकी घड़ी शादी में मिली थी।
- किशनदा ने यशोधार पंत की किस प्रकार मदद की? Answer: किशनदा ने यशोधार पंत को शरण दी, मैस का रसोइया बनाया, कपड़े बनवाने के लिए पैसे उधार दिए और बाद में अपने नीचे नौकरी दिलवाई।
Practice MCQs
Q1. दफ्तर की दीवार घड़ी में कितने बजे थे जब पंतजी ने फाइलें उठाईं?
Explanation: पाठ के अनुसार, दफ्तर की पुरानी दीवार घड़ी पाँच बजकर पच्चीस मिनट बजा रही थी।
Q2. पंतजी के मातहतों को उनके कारण कितने बजे तक दफ्तर में रुकना पड़ता था?
Explanation: पंतजी की देर तक काम करने की आदत के कारण उनके मातहतों को भी पाँच बजे के बाद दफ्तर में रुकना पड़ता था।
Q3. चइा ने पंतजी की घड़ी को कैसा बताया?
Explanation: चइा ने पंतजी की घड़ी को 'बाबा आदम के ज़माने की' कहकर उसकी पुरानी होने का मज़ाक उड़ाया।
Q4. पंतजी को उनकी घड़ी किस अवसर पर मिली थी?
Explanation: पंतजी ने बताया कि यह घड़ी उन्हें उनकी शादी में मिली थी।
Q5. यशोधार बाबू ने मैट्रिक की परीक्षा कहाँ से पास की थी?
Explanation: यशोधार बाबू ने रेम्जे स्कूल, अल्मोड़ा से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी।
Frequently asked questions
यह कहानी किस लेखक द्वारा लिखी गई है?
यह कहानी मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखी गई है।
कहानी का मुख्य पात्र कौन है?
कहानी का मुख्य पात्र यशोधार पंत (पंतजी) है।
पंतजी की कलाई घड़ी की क्या विशेषता है?
पंतजी की कलाई घड़ी उन्हें उनकी शादी में मिली थी और वह पुरानी चाल की है, जिसे वह बहुत महत्व देते हैं।
किशनदा कौन थे और उन्होंने पंतजी की कैसे मदद की?
किशनदा पंतजी के पुराने शुभचिंतक थे जिन्होंने दिल्ली आने पर उन्हें शरण दी, मैस का रसोइया बनाया और बाद में नौकरी दिलवाई।
कहानी में किस प्रकार के टकराव को दर्शाया गया है?
कहानी में पुरानी पीढ़ी की परंपराओं और नई पीढ़ी की आधुनिक सोच के बीच टकराव को दर्शाया गया है।
पंतजी अपनी घड़ी को क्यों महत्व देते हैं?
पंतजी अपनी घड़ी को इसलिए महत्व देते हैं क्योंकि वह उन्हें उनकी शादी में मिली थी और वह पुरानी परंपराओं से जुड़े हुए हैं।
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NCERT Class 12 Hindi — Vitan — Chapter 1 — सिल्वर वैडिंग. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.