NCERT Class 12 Creative Writing & Translation Srijan-II: Chapter 4 — संपादन;अपनी रचना को जाननाद्ध
यह अध्याय 'संपादन;अपनी रचना को जाननाद्ध' NCERT कक्षा 12 रचनात्मक लेखन और अनुवाद की पुस्तक 'सृजन-II' का चौथा अध्याय है। यह छात्रों को संपादन की प्रक्रिया को समझने में मदद करता है, जिसमें अपनी रचनाओं का मूल्यांकन और सुधार शामिल है। अध्याय में प्रूफ रीडिंग और संपादन के महत्व पर जोर दिया गया है, जो किसी भी लेखन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। यह छात्रों को अपनी गलतियों को पहचानने और उन्हें प्रभावी ढंग से ठीक करने के कौशल विकसित करने में सहायता करता है, जिससे उनकी लेखन क्षमता में सुधार होता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Creative Writing & Translation |
| Book | Srijan-II |
| Chapter | Chapter 4 — संपादन ;अपनी रचना को जाननाद्ध |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 1 minute |
| Word count | 29 |
Learning outcomes
- संपादन की अवधारणा को समझना।
- प्रूफ रीडिंग के महत्व को जानना।
- अपनी रचनाओं का मूल्यांकन और सुधार करना सीखना।
- लेखन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए संपादन तकनीकों का उपयोग करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| संपादन | किसी रचना को अंतिम रूप देने से पहले उसमें सुधार और परिवर्तन करने की प्रक्रिया। |
| प्रूफ रीडिंग | लिखित सामग्री में छपाई या लेखन की त्रुटियों को खोजने और ठीक करने की प्रक्रिया। |
| रचना | किसी लेखक द्वारा तैयार की गई कृति या लेखन। |
| मूल्यांकन | किसी चीज़ के मूल्य, गुणवत्ता या महत्व का आकलन करना। |
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Practice questions
- संपादन का मुख्य उद्देश्य क्या है? Answer: संपादन का मुख्य उद्देश्य किसी रचना की गुणवत्ता में सुधार करना और उसे त्रुटिहीन बनाना है।
- प्रूफ रीडिंग क्यों महत्वपूर्ण है? Answer: प्रूफ रीडिंग महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लेखन में व्याकरण, वर्तनी और विराम चिह्नों की गलतियों को पकड़ने में मदद करती है।
- अपनी रचना को जानने से क्या तात्पर्य है? Answer: अपनी रचना को जानने से तात्पर्य है कि लेखक अपनी लिखी हुई सामग्री का आलोचनात्मक मूल्यांकन करे और उसमें सुधार की गुंजाइश तलाशे।
Practice MCQs
Q1. संपादन प्रक्रिया का पहला चरण क्या है?
Explanation: संपादन का पहला चरण लेखन होता है, जिसके बाद ही उसमें सुधार किया जा सकता है।
Q2. प्रूफ रीडिंग का मुख्य ध्यान किस पर होता है?
Explanation: प्रूफ रीडिंग विशेष रूप से व्याकरण, वर्तनी, विराम चिह्न और टाइपिंग की त्रुटियों को खोजने और ठीक करने पर केंद्रित होती है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा संपादन का एक पहलू नहीं है?
Explanation: संपादन का उद्देश्य रचनात्मकता को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे निखारना और स्पष्ट करना है।
Q4. अपनी रचना को जानना किस कौशल को विकसित करता है?
Explanation: अपनी रचना को जानने से लेखक अपनी सामग्री का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना सीखता है।
Q5. प्रूफ रीडिंग और संपादन के बाद अंतिम लक्ष्य क्या है?
Explanation: संपादन और प्रूफ रीडिंग का अंतिम लक्ष्य एक स्पष्ट, सुसंगत और त्रुटिहीन पाठ तैयार करना है जो पाठक के लिए प्रभावी हो।
Frequently asked questions
NCERT कक्षा 12 रचनात्मक लेखन का अध्याय 4 किस बारे में है?
NCERT कक्षा 12 रचनात्मक लेखन का अध्याय 4 'संपादन;अपनी रचना को जाननाद्ध' के बारे में है, जिसमें संपादन और प्रूफ रीडिंग की प्रक्रिया सिखाई जाती है।
संपादन का क्या अर्थ है?
संपादन का अर्थ है किसी लिखी हुई सामग्री को बेहतर बनाने के लिए उसमें सुधार करना, गलतियों को ठीक करना और उसे स्पष्ट व सुसंगत बनाना।
प्रूफ रीडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रूफ रीडिंग महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतिम प्रकाशन से पहले पाठ में व्याकरण, वर्तनी, विराम चिह्न और टाइपिंग की छोटी-छोटी त्रुटियों को पकड़ने में मदद करती है।
क्या संपादन केवल व्याकरण की गलतियों को ठीक करना है?
नहीं, संपादन में व्याकरण और वर्तनी की गलतियों के अलावा स्पष्टता, प्रवाह, संगति और समग्र प्रभाव में सुधार करना भी शामिल है।
अपनी रचना को जानना क्यों आवश्यक है?
अपनी रचना को जानना आवश्यक है ताकि लेखक अपनी सामग्री का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सके, उसकी कमजोरियों को पहचान सके और उसे प्रभावी ढंग से सुधार सके।
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NCERT Class 12 Creative Writing & Translation — Srijan-II — Chapter 4 — संपादन ;अपनी रचना को जाननाद्ध. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.