NCERT Class 12 Chemistry Rasayan vigyan bhag II: Chapter 1 — एकक

NCERT CBSE Class 12 Chemistry Rasayan vigyan bhag II Chapter 1 Hindi PDF

यह अध्याय हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन, हैलोजन युक्त कार्बनिक यौगिकों पर केंद्रित है। इसमें इन यौगिकों के वर्गीकरण, नामकरण (IUPAC प्रणाली), और विरचन (निर्माण) की विधियों का विस्तृत अध्ययन शामिल है। अध्याय हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन की संरचनाओं और उनके द्वारा प्रदर्शित विभिन्न अभिक्रियाओं के बीच संबंध स्थापित करता है। यह sp3 और sp2 संकरित कार्बन परमाणुओं से हैलोजन के जुड़ाव के आधार पर वर्गीकरण की व्याख्या करता है, जिसमें ऐल्किल हैलाइड, ऐलिलिक हैलाइड और बेन्जिलिक हैलाइड शामिल हैं। अध्याय में इन यौगिकों के पर्यावरणीय प्रभावों और औषधीय अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला गया है, जैसे कि क्लोरैम्फेनिकॉल और थायरोक्सिन। यह छात्रों को त्रिविम रसायन और कार्बनिक यौगिकों के अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectChemistry
BookRasayan vigyan bhag II
ChapterChapter 1 — एकक
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count616

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
हैलोऐल्केनऐलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के हाइड्रोजन परमाणु का हैलोजन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापन से बनने वाला यौगिक।
हैलोऐरीनऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन के हाइड्रोजन परमाणु का हैलोजन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापन से बनने वाला यौगिक।
ऐल्किल हैलाइडहैलोऐल्केन का सामान्य नाम, जिसमें हैलोजन परमाणु ऐल्किल समूह से जुड़ा होता है।
ऐरिल हैलाइडहैलोऐरीन का सामान्य नाम, जिसमें हैलोजन परमाणु ऐरिल समूह से जुड़ा होता है।
मोनोहैलोजनयौगिक जिसमें एक हैलोजन परमाणु होता है।
डाइहैलोजनयौगिक जिसमें दो हैलोजन परमाणु होते हैं।
पॉलिहैलोजनयौगिक जिसमें दो से अधिक हैलोजन परमाणु होते हैं।
ऐलिलिक हैलाइडयौगिक जिसमें हैलोजन परमाणु कार्बन-कार्बन द्विबंध के समीपवर्ती sp3 संकरित कार्बन से जुड़ा होता है।
बेन्जिलिक हैलाइडयौगिक जिसमें हैलोजन परमाणु ऐरोमैटिक वलय से जुड़े sp3 संकरित कार्बन से जुड़ा होता है।
त्रिविम रसायनअणुओं की त्रिविमीय व्यवस्था का अध्ययन।

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Practice questions

  1. हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन में क्या अंतर है? Answer: हैलोऐल्केन में हैलोजन परमाणु ऐलिफैटिक कार्बन से जुड़ा होता है, जबकि हैलोऐरीन में यह ऐरोमैटिक वलय के कार्बन से जुड़ा होता है।
  2. ऐल्किल हैलाइडों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक में कैसे वर्गीकृत किया जाता है? Answer: यह हैलोजन परमाणु से जुड़े कार्बन की प्रकृति पर निर्भर करता है। यदि कार्बन प्राथमिक है तो प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड, यदि द्वितीयक है तो द्वितीयक, और यदि तृतीयक है तो तृतीयक ऐल्किल हैलाइड।
  3. ऐलिलिक हैलाइड की संरचना का वर्णन करें। Answer: ऐलिलिक हैलाइड में हैलोजन परमाणु कार्बन-कार्बन द्विबंध के समीपवर्ती sp3 संकरित कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।
  4. बेन्जिलिक हैलाइड की संरचना का वर्णन करें। Answer: बेन्जिलिक हैलाइड में हैलोजन परमाणु ऐरोमैटिक वलय से जुड़े sp3 संकरित कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक हैलोऐरीन का उदाहरण है?

Q2. ऐल्किल हैलाइडों में हैलोजन परमाणु किस प्रकार के कार्बन से जुड़ा होता है?

Q3. यदि हैलोजन परमाणु एक ऐसे कार्बन से जुड़ा है जो स्वयं दो अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा है, तो वह ऐल्किल हैलाइड क्या कहलाएगा?

Q4. क्लोरेम्फेनिकॉल एक हैलोजनयुक्त यौगिक है जिसका उपयोग किसमें होता है?

Q5. हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु किस प्रकार के कार्बन से जुड़ा होता है?

Frequently asked questions

हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन क्या हैं?

हैलोऐल्केन ऐलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के हाइड्रोजन परमाणुओं के हैलोजन परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापन से बनते हैं, जबकि हैलोऐरीन ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन के हाइड्रोजन परमाणुओं के हैलोजन परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापन से बनते हैं।

हैलोऐल्केन का वर्गीकरण कैसे किया जाता है?

हैलोऐल्केन को हैलोजन परमाणु से जुड़े कार्बन परमाणु की प्रकृति के आधार पर प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°), और तृतीयक (3°) ऐल्किल हैलाइड में वर्गीकृत किया जाता है।

ऐलिलिक और बेन्जिलिक हैलाइड में क्या अंतर है?

ऐलिलिक हैलाइड में हैलोजन परमाणु C=C द्विबंध के समीपवर्ती sp3 संकरित कार्बन से जुड़ा होता है, जबकि बेन्जिलिक हैलाइड में हैलोजन परमाणु ऐरोमैटिक वलय से जुड़े sp3 संकरित कार्बन से जुड़ा होता है।

कुछ हैलोजनयुक्त यौगिकों के औषधीय उपयोग क्या हैं?

क्लोरेम्फेनिकॉल आंत्रा ज्वर के इलाज में, आयोडीनयुक्त हार्मोन (थायरोक्सिन) गलगंड को रोकने में, क्लोरोक्वीन मलेरिया के उपचार में, और हैलोथेन निश्चेतक के रूप में उपयोग होते हैं।

हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु किस प्रकार के कार्बन से जुड़ा होता है?

हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु ऐरिल समूह के sp2 संकरित कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है।

पॉलिहैलोजन यौगिकों का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?

पॉलिहैलोजन यौगिक पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं क्योंकि वे मृदा के जीवाणुओं द्वारा आसानी से विघटित नहीं होते हैं।

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Important topics

हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन का वर्गीकरण (sp3 और sp2 C-X आबंध के आधार पर) ऐल्किल हैलाइडों का वर्गीकरण (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) ऐलिलिक और बेन्जिलिक हैलाइड हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन के उपयोग त्रिविम रसायन का अनुप्रयोग

Topics covered

हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन का परिचय हैलोजनयुक्त यौगिकों का पर्यावरण में स्थायित्व हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन का वर्गीकरण हैलोजन परमाणुओं की संख्या के आधार पर वर्गीकरण (मोनो, डाइ, पॉलि) sp3 C–X आबंध युक्त यौगिक ऐल्किल हैलाइड (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) ऐलिलिक हैलाइड बेन्जिलिक हैलाइड sp2 C–X आबंध युक्त यौगिक (हैलोऐरीन) हैलोजनयुक्त यौगिकों के उपयोग (चिकित्सीय, औद्योगिक) त्रिविम रसायन का महत्व पॉलिहैलोजन यौगिकों के पर्यावरणीय प्रभाव

NCERT Class 12 Chemistry — Rasayan vigyan bhag II — Chapter 1 — एकक. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.