NCERT Class 12 Chemistry Rasayan vigyan bhag I: Chapter 3 — एकक3
यह अध्याय, रासायनिक बलगतिकी, हमें यह समझने में मदद करता है कि रासायनिक अभिक्रियाएं कैसे होती हैं और उनकी दर क्या है। यह ऊष्मागतिकी से भिन्न है, जो केवल अभिक्रिया की संभावना बताती है। रासायनिक बलगतिकी अभिक्रिया वेग को अभिकारकों या उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन के रूप में परिभाषित करती है। अध्याय औसत और तात्कालिक अभिक्रिया वेग, प्रारंभिक और जटिल अभिक्रियाओं, अभिक्रिया की आणविकता और कोटि, वेग स्थिरांक, और वेग स्थिरांक को प्रभावित करने वाले कारकों जैसे सांद्रता, ताप और उत्प्रेरक पर चर्चा करता है। यह शून्य और प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के लिए समाकलित वेग समीकरणों की व्युत्पत्ति और संघट्ट सिद्धांत की प्रारंभिक जानकारी भी प्रदान करता है। यह अध्याय छात्रों को अभिक्रियाओं की गति को समझने और नियंत्रित करने में मदद करता है, जो विभिन्न व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan vigyan bhag I |
| Chapter | Chapter 3 — एकक3 |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 630 |
Learning outcomes
- औसत एवं तात्कालिक अभिक्रिया वेग को परिभाषित कर सकेंगे।
- अभिक्रिया वेग को अभिकारकों अथवा उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन के पद में लिख सकेंगे।
- प्रारंभिक तथा जटिल अभिक्रियाओं में विभेद कर सकेंगे।
- अभिक्रियाओं की आण्विकता तथा कोटि में अंतर कर सकेंगे।
- वेग स्थिरांक की परिभाषा कर सकेंगे।
- वेग स्थिरांक पर अभिकारकों की सांद्रता, ताप तथा उत्प्रेरक की निर्भरता जान सकेंगे।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| रासायनिक बलगतिकी | अभिक्रिया वेग तथा इसकी क्रियाविधि का अध्ययन करने वाली रसायन विज्ञान की शाखा। |
| अभिक्रिया वेग | इकाई समय में अभिकारकों अथवा उत्पादों की सांद्रता में परिवर्तन। |
| तात्कालिक अभिक्रिया वेग | किसी विशेष क्षण पर अभिक्रिया का वेग। |
| आण्विकता | अभिक्रिया के वेग-निर्धारक पद में भाग लेने वाले अभिक्रियक अणुओं की संख्या। |
| अभिक्रिया की कोटि | वेग व्यंजक में सांद्रता पदों के घातांकों का योग। |
| वेग स्थिरांक | वेग व्यंजक में सांद्रता पदों के घातांकों का योग, जब अभिकारकों की सांद्रता इकाई हो। |
| संघट्टवाद | अभिक्रिया की दर को अभिक्रियक अणुओं के बीच संघट्टों की आवृत्ति और प्रभावशीलता के आधार पर समझाने का सिद्धांत। |
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Practice questions
- रासायनिक बलगतिकी से आप क्या समझते हैं? Answer: रासायनिक बलगतिकी रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो रासायनिक अभिक्रियाओं के वेग और उनकी क्रियाविधि का अध्ययन करती है।
- अभिक्रिया वेग को कैसे परिभाषित किया जाता है? Answer: अभिक्रिया वेग को इकाई समय में अभिकारकों की सांद्रता में कमी या उत्पादों की सांद्रता में वृद्धि की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- औसत वेग और तात्कालिक वेग में क्या अंतर है? Answer: औसत वेग एक निश्चित समय अंतराल के दौरान सांद्रता में परिवर्तन को मापता है, जबकि तात्कालिक वेग किसी विशेष क्षण पर वेग को मापता है।
- अभिक्रिया की कोटि को परिभाषित करें। Answer: अभिक्रिया की कोटि वेग व्यंजक में अभिकारकों की सांद्रता के उन घातांकों का योग है, जो प्रायोगिक रूप से निर्धारित किए जाते हैं।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक रासायनिक अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करता है?
Explanation: सांद्रता, ताप और उत्प्रेरक सभी रासायनिक अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं।
Q2. हीरे का ग्रेफाइट में परिवर्तन किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है?
Explanation: हीरे का ग्रेफाइट में परिवर्तन अत्यंत मंद गति से होता है, इसलिए यह एक मंद अभिक्रिया का उदाहरण है।
Q3. अभिक्रिया वेग को व्यक्त किया जा सकता है:
Explanation: अभिक्रिया वेग को अभिकारकों की सांद्रता में कमी की दर या उत्पादों की सांद्रता में वृद्धि की दर दोनों से व्यक्त किया जा सकता है।
Q4. किस सिद्धांत के अनुसार अभिक्रिया की दर अभिक्रियक अणुओं के बीच संघट्टों पर निर्भर करती है?
Explanation: संघट्ट सिद्धांत बताता है कि अभिक्रिया की दर अभिक्रियक अणुओं के बीच प्रभावी संघट्टों की आवृत्ति पर निर्भर करती है।
Q5. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक की इकाई क्या होती है?
Explanation: प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक की इकाई समय⁻¹ (जैसे s⁻¹) होती है।
Frequently asked questions
रासायनिक बलगतिकी क्या है?
रासायनिक बलगतिकी रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो रासायनिक अभिक्रियाओं के वेग और उनकी क्रियाविधि का अध्ययन करती है।
अभिक्रिया वेग को कैसे मापा जाता है?
अभिक्रिया वेग को इकाई समय में अभिकारकों की सांद्रता में कमी या उत्पादों की सांद्रता में वृद्धि की दर के रूप में मापा जाता है।
अभिक्रिया की दर को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
अभिक्रिया की दर को सांद्रता, ताप, दाब और उत्प्रेरक जैसे कारक प्रभावित करते हैं।
आण्विकता और अभिक्रिया की कोटि में क्या अंतर है?
आण्विकता अभिक्रिया के वेग-निर्धारक पद में भाग लेने वाले अभिक्रियक अणुओं की संख्या है, जबकि अभिक्रिया की कोटि वेग व्यंजक में सांद्रता पदों के घातांकों का योग है।
वेग स्थिरांक क्या है?
वेग स्थिरांक वेग व्यंजक में एक समानुपातिकता स्थिरांक है जो अभिकारकों की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।
शून्य कोटि की अभिक्रिया का क्या अर्थ है?
शून्य कोटि की अभिक्रिया वह है जिसका वेग अभिकारकों की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।
प्रथम कोटि की अभिक्रिया का क्या अर्थ है?
प्रथम कोटि की अभिक्रिया वह है जिसका वेग किसी एक अभिकारक की सांद्रता के समानुपाती होता है।
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NCERT Class 12 Chemistry — Rasayan vigyan bhag I — Chapter 3 — एकक3. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.