NCERT Class 12 Chemistry Rasayan vigyan bhag I: Chapter 2 — वैद्युतरसायन
यह अध्याय, 'वैद्युतरसायन', रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत उत्पन्न की जा सकती है और कैसे विद्युत ऊर्जा का उपयोग गैर-स्वचालित रासायनिक अभिक्रियाओं को चलाने के लिए किया जा सकता है। अध्याय गैल्वेनी (वोल्टीय) सेल और वैद्युतअपघटनी सेल के बीच अंतर, गैल्वेनी सेल के विद्युत वाहक बल (emf) की गणना के लिए नर्न्स्ट समीकरण का अनुप्रयोग, और सेल के मानक विभव, गिब्स ऊर्जा और साम्य स्थिरांक के बीच संबंध पर प्रकाश डालता है। यह आयनिक विलयनों की चालकता, वैद्युतअपघटनी सेल की चालकता मापने की विधियों, कोलराऊश नियम और इसके अनुप्रयोगों, वैद्युतअपघटन के मात्रात्मक पहलुओं, बैटरियों, ईंधान सेलों और संक्षारण की व्याख्या करता है। यह अध्याय छात्रों को रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan vigyan bhag I |
| Chapter | Chapter 2 — वैद्युतरसायन |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 786 |
Learning outcomes
- वैद्युत रासायनिक सेल की संरचना और कार्यप्रणाली को समझना।
- गैल्वेनी और वैद्युतअपघटनी सेलों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- नर्न्स्ट समीकरण का उपयोग करके सेल के emf की गणना करना।
- आयनिक विलयनों की चालकता, प्रतिरोधकता और मोलर चालकता को परिभाषित करना।
- कोलराऊश नियम और उसके अनुप्रयोगों को समझना।
- वैद्युतअपघटन के मात्रात्मक पहलुओं और बैटरियों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| वैद्युतरसायन | रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत उत्पादन और विद्युत ऊर्जा के उपयोग से रासायनिक परिवर्तन का अध्ययन। |
| गैल्वेनी सेल | एक वैद्युत रासायनिक सेल जो स्वतः प्रवर्तित रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करता है। |
| वैद्युतअपघटनी सेल | एक सेल जो विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके गैर-स्वतः प्रवर्तित रासायनिक अभिक्रिया को संपन्न कराता है। |
| emf (वैद्युत वाहक बल) | सेल के इलेक्ट्रोडों के बीच का विभवांतर जो सेल के खुले परिपथ में मापा जाता है। |
| नर्न्स्ट समीकरण | सेल के मानक विभव और गैर-मानक परिस्थितियों में सेल विभव के बीच संबंध स्थापित करने वाला समीकरण। |
| प्रतिरोधकता | पदार्थ का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। |
| चालकता | पदार्थ का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह को सुगम बनाता है। |
| मोलर चालकता | एक मोल वैद्युतअपघट्य वाले विलयन की चालकता। |
| कोलराऊश नियम | अनंत तनुता पर आयनों के योगदान से संबंधित नियम जो मोलर चालकता की गणना में सहायक है। |
| वैद्युतअपघटन | विद्युत धारा का उपयोग करके रासायनिक अपघटन की प्रक्रिया। |
| संचायक बैटरी | एक रिचार्जेबल बैटरी जिसे बार-बार उपयोग किया जा सकता है। |
| संक्षारण | धातुओं का उनके पर्यावरण के साथ रासायनिक या विद्युत रासायनिक अभिक्रिया द्वारा क्षय। |
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Practice questions
- गैल्वेनी सेल और वैद्युतअपघटनी सेल में मुख्य अंतर क्या है? Answer: गैल्वेनी सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जबकि वैद्युतअपघटनी सेल विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके रासायनिक परिवर्तन करता है।
- नर्न्स्ट समीकरण का एक अनुप्रयोग बताइए। Answer: नर्न्स्ट समीकरण का उपयोग सेल के मानक विभव और गैर-मानक परिस्थितियों में सेल विभव के बीच संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता है।
- मोलर चालकता को परिभाषित कीजिए। Answer: मोलर चालकता एक मोल वैद्युतअपघट्य वाले विलयन की चालकता है।
- कोलराऊश नियम का एक उपयोग लिखिए। Answer: कोलराऊश नियम का उपयोग अनंत तनुता पर वैद्युतअपघट्यों की मोलर चालकता की गणना के लिए किया जाता है।
- संक्षारण को एक वैद्युत रासायनिक प्रक्रम के रूप में कैसे समझाया जा सकता है? Answer: संक्षारण में धातु की सतह पर एक विद्युत रासायनिक सेल का निर्माण होता है, जिसमें एनोड पर धातु का ऑक्सीकरण होता है और कैथोड पर अपचयन होता है, जिससे धातु का क्षय होता है।
Practice MCQs
Q1. डेनियल सेल में कौन सी अभिक्रिया होती है?
Explanation: डेनियल सेल में जिंक (Zn) का ऑक्सीकरण होकर Zn2+ आयन बनता है और कॉपर आयन (Cu2+) का अपचयन होकर कॉपर (Cu) बनता है।
Q2. जब बाह्य विभव (E बाह्य) डेनियल सेल के emf (1.1 V) के बराबर होता है, तो क्या होता है?
Explanation: जब बाह्य विभव सेल के emf के बराबर होता है, तो सेल साम्यावस्था में होता है और कोई शुद्ध विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है।
Q3. आयनिक विलयनों की चालकता मापने के लिए किस पद का उपयोग किया जाता है?
Explanation: आयनिक विलयनों की चालकता (k) विद्युत धारा के प्रवाह की सुगमता को मापती है।
Q4. कोलराऊश नियम किसके लिए लागू होता है?
Explanation: कोलराऊश नियम विशेष रूप से अनंत तनुता पर आयनों के योगदान से संबंधित है, जो दुर्बल वैद्युतअपघट्यों की मोलर चालकता की गणना में उपयोगी है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन एक संचायक बैटरी का उदाहरण है?
Explanation: लेड संचायक बैटरी एक रिचार्जेबल बैटरी है जिसे बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज किया जा सकता है।
Frequently asked questions
वैद्युतरसायन क्या है?
वैद्युतरसायन वह विज्ञान है जो स्वतः प्रवर्तित रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत ऊर्जा के उत्पादन और विद्युत ऊर्जा के उपयोग से रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन करता है।
गैल्वेनी सेल और वैद्युतअपघटनी सेल में क्या अंतर है?
गैल्वेनी सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जबकि वैद्युतअपघटनी सेल विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके रासायनिक अभिक्रियाओं को प्रेरित करता है।
नर्न्स्ट समीकरण का क्या महत्व है?
नर्न्स्ट समीकरण सेल के मानक विभव और गैर-मानक परिस्थितियों में सेल विभव के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करता है।
मोलर चालकता क्या होती है?
मोलर चालकता एक वैद्युतअपघट्य के एक मोल द्वारा प्रदान की जाने वाली चालकता है।
कोलराऊश नियम का उपयोग किस लिए किया जाता है?
कोलराऊश नियम का उपयोग अनंत तनुता पर दुर्बल वैद्युतअपघट्यों की मोलर चालकता की गणना के लिए किया जाता है।
बैटरियाँ कैसे काम करती हैं?
बैटरियाँ रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए वैद्युत रासायनिक सेलों का उपयोग करती हैं।
संक्षारण क्या है और यह कैसे होता है?
संक्षारण धातुओं का धीरे-धीरे क्षय होना है, जो अक्सर एक वैद्युत रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से होता है।
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NCERT Class 12 Chemistry — Rasayan vigyan bhag I — Chapter 2 — वैद्युतरसायन. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.