NCERT Class 11 Sociology Samaj ka Bodh: Chapter 3 — समाज का बोधा

NCERT CBSE Class 11 Sociology Samaj ka Bodh Chapter 3 Hindi PDF

यह अध्याय 3, 'पर्यावरण और समाज', पर्यावरण के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक संबंधों का अध्ययन करता है। यह बताता है कि हमारे दैनिक उपयोग की वस्तुएँ, जैसे वर्दी, फर्नीचर और बिजली, प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त होती हैं। अध्याय प्राकृतिक संसाधनों के जटिल चक्रों और उनके उत्पादन तथा वितरण में शामिल विभिन्न मानवीय संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिका पर प्रकाश डालता है। यह पारिस्थितिकी (Ecology) की अवधारणा को भी समझाता है, जिसमें भौतिक और जैविक व्यवस्थाएँ शामिल हैं, और यह कैसे भूगोल और जलमंडल से प्रभावित होती है। अध्याय में मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों, जैसे वनों की कटाई से बाढ़ और वैश्विक तापमान वृद्धि, पर भी चर्चा की गई है। यह प्राकृतिक और मानवीय कारणों के बीच अंतर करने की कठिनाई को स्वीकार करता है और कृषि भूमि, पालतू पशुओं और निर्मित शहरी वातावरण जैसे मानव-निर्मित तत्वों का भी उल्लेख करता है। यह अध्याय छात्रों को पर्यावरण संबंधी समस्याओं को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझने और उनके समाधान खोजने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectSociology
BookSamaj ka Bodh
ChapterChapter 3 — समाज का बोधा
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time5 minutes
Word count813

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
प्राकृतिक संसाधनवे सभी वस्तुएँ जो हमें प्रकृति से प्राप्त होती हैं और जिनका उपयोग मनुष्य अपने जीवन यापन के लिए करता है।
पारिस्थितिकीएक ऐसा जाल जहाँ भौतिक और जैविक व्यवस्थाएँ तथा प्रक्रियाएँ घटित होती हैं, और मनुष्य भी इसका एक अंग होता है।
पारिस्थितिकीय कारकवे तत्व जो किसी स्थान की पारिस्थितिकी को प्रभावित करते हैं और वहाँ के जीवन को निर्धारित करते हैं।
मानवीय हस्तक्षेपमनुष्य द्वारा पर्यावरण या प्राकृतिक प्रक्रियाओं में किया गया बदलाव या दखल।
जैवभौतिक संपदाजीवित और निर्जीव प्राकृतिक तत्वों का वह भंडार जो पर्यावरण का हिस्सा है।

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Practice questions

  1. हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली किन्हीं तीन वस्तुओं के नाम बताइए जो प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त होती हैं। Answer: जैसे: कुर्सी (लकड़ी से), कपड़े (कपास या ऊन से), बिजली (कोयला, पानी या सौर ऊर्जा से)।
  2. पारिस्थितिकी से आप क्या समझते हैं? Answer: पारिस्थितिकी एक ऐसे जाल को संदर्भित करती है जहाँ भौतिक और जैविक व्यवस्थाएँ और प्रक्रियाएँ होती हैं, जिसमें मनुष्य भी शामिल होता है।
  3. मानवीय हस्तक्षेप के कारण पर्यावरण में होने वाले किसी एक परिवर्तन का उदाहरण दीजिए। Answer: नदियों के ऊपरी क्षेत्रों में जंगलों की अंधाधुंध कटाई से बाढ़ की स्थिति का बढ़ना।
  4. विश्वव्यापी तापमान वृद्धि का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है? Answer: विश्वव्यापी तापमान वृद्धि के कारण जलवायु में परिवर्तन आता है।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु प्राकृतिक संसाधन से प्राप्त होती है?

Q2. पारिस्थितिकी शब्द का अभिप्राय किससे है?

Q3. मरुस्थलीय प्रदेशों में रहने वाले जीव-जंतु किस कारण वहाँ की परिस्थितियों के अनुरूप ढल जाते हैं?

Q4. नदियों में बाढ़ की स्थिति को कौन सी मानवीय गतिविधि बढ़ा सकती है?

Q5. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व पूरी तरह से मनुष्य द्वारा निर्मित है?

Frequently asked questions

यह अध्याय किस विषय पर केंद्रित है?

यह अध्याय पर्यावरण के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक संबंधों का अध्ययन करता है और बताता है कि मानवीय गतिविधियाँ पर्यावरण को कैसे प्रभावित करती हैं।

पारिस्थितिकी का क्या अर्थ है?

पारिस्थितिकी एक ऐसे जाल को संदर्भित करती है जहाँ भौतिक और जैविक व्यवस्थाएँ और प्रक्रियाएँ होती हैं, जिसमें मनुष्य भी शामिल होता है।

क्या सभी पर्यावरणीय परिवर्तन केवल प्राकृतिक कारणों से होते हैं?

नहीं, अध्याय बताता है कि कई पर्यावरणीय परिवर्तन मानवीय हस्तक्षेप के कारण भी होते हैं, और कभी-कभी प्राकृतिक और मानवीय कारणों को अलग करना कठिन होता है।

मनुष्य द्वारा निर्मित किन्हीं दो तत्वों के उदाहरण दीजिए।

मनुष्य द्वारा निर्मित तत्वों में सीमेंट, ईंट, कंक्रीट, पत्थर, शीशा, कृषि भूमि, पालतू पशु आदि शामिल हैं।

यह अध्याय छात्रों को पर्यावरण संबंधी समस्याओं को समझने में कैसे मदद करता है?

यह अध्याय छात्रों को पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाजशास्त्रीय कारणों को समझने और उनके संभावित समाधान खोजने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।

Related resources

Important topics

पर्यावरण और समाज के बीच जटिल संबंध प्राकृतिक संसाधनों की उत्पत्ति और उपयोग पारिस्थितिकी और इसके निर्धारक कारक मानवीय हस्तक्षेप के पर्यावरणीय परिणाम पर्यावरण संबंधी समस्याओं का समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Topics covered

पर्यावरण और समाज के संबंध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग उत्पादन और वितरण चक्र पारिस्थितिकी की अवधारणा भौतिक और जैविक व्यवस्थाएँ भूगोल और जलमंडल का प्रभाव मरुस्थलीय पारिस्थितिकी मानवीय क्रियाओं का पारिस्थितिकी पर प्रभाव वनों की कटाई और बाढ़ विश्वव्यापी तापमान वृद्धि जलवायु परिवर्तन मानव-निर्मित तत्व (कृषि, शहर)

NCERT Class 11 Sociology — Samaj ka Bodh — Chapter 3 — समाज का बोधा. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.