NCERT Class 11 Sociology Samaj ka Bodh: Chapter 2 — समाज का बोध्

NCERT CBSE Class 11 Sociology Samaj ka Bodh Chapter 2 Hindi PDF

यह अध्याय, 'समाज का बोध' (कक्षा 11, समाजशास्त्र) का दूसरा अध्याय है, जिसका शीर्षक 'ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था' है। यह अध्याय सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा पर केंद्रित है, जो आधुनिक जीवन का एक अभिन्न अंग है। इसमें बताया गया है कि समाजशास्त्र का उद्भव पश्चिमी यूरोपीय समाजों में तीव्र परिवर्तनों को समझने के प्रयास से हुआ। अध्याय मानव इतिहास में परिवर्तन की गति पर प्रकाश डालता है, यह बताते हुए कि पिछले सौ वर्षों में, विशेषकर अंतिम बीस वर्षों में, परिवर्तन की गति अत्यधिक तेज हुई है। यह 'सामाजिक परिवर्तन' को एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करता है जो किसी वस्तु या परिस्थिति की मूल संरचना को समय के साथ बदल देती है। अध्याय परिवर्तन के पैमाने और समाज के कितने बड़े हिस्से को यह प्रभावित करता है, इसके महत्व पर भी जोर देता है। यह अध्याय छात्रों को सामाजिक परिवर्तन की गतिशीलता और इसके विभिन्न आयामों को समझने में मदद करता है, जो समाजशास्त्रीय अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectSociology
BookSamaj ka Bodh
ChapterChapter 2 — समाज का बोध्
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count783

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
सामाजिक परिवर्तनकिसी वस्तु या परिस्थिति की मूल संरचना में समय के साथ होने वाला बदलाव।
आधुनिक समाजवह समाज जो तीव्र गति से परिवर्तन का अनुभव करता है।
सभ्यतामानव समाज का संगठित और विकसित रूप।
उद्विकासलंबी अवधि में धीरे-धीरे होने वाला परिवर्तन, जैसा कि प्रकृति में देखा जाता है।
योग्यतम की उत्तरजीविताडार्विन का सिद्धांत जिसके अनुसार केवल वही जीव जीवित रहते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल ढल जाते हैं।

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Practice questions

  1. सामाजिक परिवर्तन को संक्षेप में परिभाषित करें। Answer: सामाजिक परिवर्तन किसी वस्तु या परिस्थिति की मूल संरचना में समय के साथ होने वाले बदलाव को दर्शाता है।
  2. अध्याय के अनुसार, मानव इतिहास में परिवर्तन की गति कब तेज हुई? Answer: अध्याय के अनुसार, मानव इतिहास में परिवर्तन की गति पिछले सौ वर्षों में, विशेषकर अंतिम बीस वर्षों में तेज हुई है।
  3. सामाजिक परिवर्तन का 'पैमाना' क्या दर्शाता है? Answer: सामाजिक परिवर्तन का पैमाना यह दर्शाता है कि परिवर्तन समाज के कितने बड़े हिस्से को प्रभावित करता है।

Practice MCQs

Q1. समाजशास्त्र का उद्भव किस सदी के मध्य पश्चिमी यूरोपीय समाज में हुए परिवर्तनों को समझने के प्रयास में हुआ?

Q2. अध्याय के अनुसार, मानव सभ्यता का अस्तित्व कितने वर्षों से माना जाता है?

Q3. किस वैज्ञानिक ने 'उद्विकास' के सिद्धांत के द्वारा यह प्रतिपादित किया कि कैसे जीवित प्राणी विकसित होते हैं?

Q4. सामाजिक परिवर्तन का 'बड़ा' होना किस आधार पर मापा जाता है?

Q5. डार्विन के 'योग्यतम की उत्तरजीविता' के सिद्धांत के अनुसार, कौन से जीवधारी जीवित रहने में सफल होते हैं?

Frequently asked questions

सामाजिक परिवर्तन क्या है?

सामाजिक परिवर्तन किसी वस्तु या परिस्थिति की मूल संरचना में समय के साथ होने वाले बदलाव को दर्शाता है, जो समाजशास्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

समाजशास्त्र का उद्भव क्यों हुआ?

समाजशास्त्र का उद्भव सत्राहवीं से उन्नीसवीं सदी के मध्य पश्चिमी यूरोपीय समाज में हो रहे तीव्र परिवर्तनों को समझने के प्रयास के रूप में हुआ।

मानव इतिहास में परिवर्तन की गति कब सबसे अधिक रही है?

मानव इतिहास में परिवर्तन की गति पिछले सौ वर्षों में, विशेषकर अंतिम बीस वर्षों में सबसे अधिक रही है।

सामाजिक परिवर्तन को 'बड़ा' कब माना जाता है?

सामाजिक परिवर्तन को 'बड़ा' तब माना जाता है जब वह न केवल परिवर्तन लाता है, बल्कि उसका पैमाना भी व्यापक हो और वह समाज के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करे।

उद्विकास का सिद्धांत क्या है?

उद्विकास का सिद्धांत, जिसे चार्ल्स डार्विन ने प्रतिपादित किया, बताता है कि कैसे जीवित प्राणी लंबी अवधि में धीरे-धीरे अपने पर्यावरण में ढलकर विकसित होते हैं।

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Important topics

सामाजिक परिवर्तन की परिभाषा और महत्व परिवर्तन की गति और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य सामाजिक परिवर्तन के पैमाने का निर्धारण उद्विकास और डार्विन का सिद्धांत

Topics covered

सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा आधुनिक समाज में परिवर्तन मानव इतिहास में परिवर्तन की गति सभ्यता का विकास सामाजिक परिवर्तन का पैमाना उद्विकास का सिद्धांत डार्विन का विकासवाद योग्यतम की उत्तरजीविता

NCERT Class 11 Sociology — Samaj ka Bodh — Chapter 2 — समाज का बोध्. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.