NCERT Class 11 Physics Bhautiki-II: Chapter 6 — अध्याय 13 – दोलन

NCERT CBSE Class 11 Physics Bhautiki-II Chapter 6 Hindi PDF

यह अध्याय दोलन गति की अवधारणा का परिचय देता है, जो एक प्रकार की आवर्ती गति है जिसमें वस्तु किसी माध्य स्थिति के इर्द-गिर्द आगे-पीछे गति करती है। दैनिक जीवन के उदाहरणों जैसे झूले, दीवार घड़ी के लोलक और पिस्टन की गति का उपयोग करके दोलन गति को समझाया गया है। अध्याय आवर्ती गति और दोलन गति के बीच अंतर स्पष्ट करता है, यह बताते हुए कि सभी दोलन गतियाँ आवर्ती होती हैं, लेकिन सभी आवर्ती गतियाँ दोलनीय नहीं होतीं। सरल आवर्ती गति (SHM) को दोलन गति के एक विशेष और सरल रूप के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जहाँ संतुलन स्थिति पर लगने वाला बल विस्थापन के समानुपाती होता है और हमेशा संतुलन स्थिति की ओर निर्देशित होता है। अध्याय में आवर्तकाल, आवृत्ति, विस्थापन, आयाम और कला जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं की भी रूपरेखा दी गई है। यह भौतिकी की कई घटनाओं, जैसे वाद्य यंत्रों से ध्वनि उत्पन्न होना, ध्वनि संचरण और विद्युत चुम्बकीय तरंगों को समझने के लिए दोलन गति के महत्व पर प्रकाश डालता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectPhysics
BookBhautiki-II
ChapterChapter 6 — अध्याय 13 – दोलन
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1050

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
दोलन गतिकिसी माध्य स्थिति के इर्द-गिर्द आगे-पीछे होने वाली आवर्ती गति।
आवर्ती गतिवह गति जो निश्चित समय अंतराल के पश्चात पुनरावृत्ति करती है।
माध्य स्थितिवह संतुलन अवस्था जहाँ वस्तु पर लगने वाला कुल बाह्य बल शून्य होता है।
सरल आवर्ती गतिदोलन गति का एक विशेष रूप जहाँ बल विस्थापन के समानुपाती और विपरीत होता है।
आवर्तकाल (T)किसी आवर्ती गति की पुनरावृत्ति के लिए लगने वाला न्यूनतम समय अंतराल।
आवृत्ति (ν)प्रति इकाई समय में पूर्ण किए गए दोलनों की संख्या।
विस्थापनमाध्य स्थिति से वस्तु की दूरी।
आयाममाध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन।
कलादोलन की स्थिति और दिशा को दर्शाने वाली राशि।
अनावर्तीजिस गति की पुनरावृत्ति न हो।
कंपनतेज दोलन गति।
अवमंदनघर्षण या अन्य क्षयकारी बलों के कारण गति का धीरे-धीरे कम होना।

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Practice questions

  1. दोलन गति और आवर्ती गति में क्या अंतर है? Answer: आवर्ती गति वह है जो निश्चित समय अंतराल के बाद दोहराई जाती है, जबकि दोलन गति आवर्ती गति का एक विशेष रूप है जिसमें वस्तु किसी माध्य स्थिति के इर्द-गिर्द आगे-पीछे गति करती है।
  2. सरल आवर्ती गति की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? Answer: सरल आवर्ती गति में, संतुलन स्थिति पर लगने वाला बल विस्थापन के समानुपाती होता है और हमेशा संतुलन स्थिति की ओर निर्देशित होता है।
  3. आवर्तकाल और आवृत्ति को परिभाषित करें। Answer: आवर्तकाल (T) वह न्यूनतम समय है जो एक पूर्ण दोलन पूरा करने में लगता है, और आवृत्ति (ν) प्रति सेकंड पूर्ण किए गए दोलनों की संख्या है। ये एक दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं (T = 1/ν)।
  4. दैनिक जीवन से दोलन गति का एक उदाहरण दें। Answer: दीवार घड़ी का लोलक दोलन गति का एक उदाहरण है।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी गति आवर्ती है लेकिन दोलनीय नहीं है?

Q2. सरल आवर्ती गति में, बल विस्थापन के संबंध में कैसे होता है?

Q3. यदि किसी आवर्ती गति का आवर्तकाल T है, तो उसकी आवृत्ति क्या होगी?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सी भौतिक परिघटना दोलन गति की अवधारणा पर आधारित है?

Q5. किसी वस्तु की माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन को क्या कहते हैं?

Frequently asked questions

दोलन गति क्या है?

दोलन गति एक प्रकार की आवर्ती गति है जिसमें कोई वस्तु अपनी माध्य या संतुलन स्थिति के इर्द-गिर्द आगे-पीछे गति करती है।

क्या सभी आवर्ती गतियाँ दोलनीय होती हैं?

नहीं, सभी आवर्ती गतियाँ दोलनीय नहीं होतीं। उदाहरण के लिए, ग्रहों की वृत्तीय गति आवर्ती है लेकिन दोलनीय नहीं है।

सरल आवर्ती गति (SHM) क्या है?

सरल आवर्ती गति दोलन गति का एक विशेष रूप है जहाँ पुनर्स्थापन बल (Restoring force) वस्तु के विस्थापन के समानुपाती होता है और हमेशा माध्य स्थिति की ओर निर्देशित होता है।

आवर्तकाल और आवृत्ति में क्या संबंध है?

आवर्तकाल (T) वह समय है जो एक पूर्ण दोलन में लगता है, और आवृत्ति (ν) प्रति सेकंड पूर्ण किए गए दोलनों की संख्या है। ये एक दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं (T = 1/ν)।

दोलन गति के कुछ दैनिक जीवन के उदाहरण क्या हैं?

झूले पर झूलना, दीवार घड़ी का लोलक, और वाष्प इंजन में पिस्टन की गति दोलन गति के उदाहरण हैं।

भौतिकी में दोलन गति का क्या महत्व है?

दोलन गति की अवधारणा वाद्य यंत्रों से ध्वनि, ध्वनि संचरण, तरंगों (जैसे जल तरंग, भूकंपीय तरंगें) और विद्युत चुम्बकीय तरंगों जैसी कई भौतिक परिघटनाओं को समझने के लिए मौलिक है।

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दोलन गति और आवर्ती गति में अंतर सरल आवर्ती गति की परिभाषा और विशेषताएँ आवर्तकाल और आवृत्ति की अवधारणा दैनिक जीवन में दोलन गति के अनुप्रयोग दोलन गति का भौतिकी में महत्व

Topics covered

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NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-II — Chapter 6 — अध्याय 13 – दोलन. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.