NCERT Class 11 Physics Bhautiki-II: Chapter 5 — अध्याय 12 – अणुगति सिद्धांत

NCERT CBSE Class 11 Physics Bhautiki-II Chapter 5 Hindi PDF

यह अध्याय अणुगति सिद्धांत का परिचय देता है, जो गैसों के व्यवहार की व्याख्या करता है। यह सिद्धांत मानता है कि गैसें अत्यंत तीव्र गति से गतिमान परमाणुओं या अणुओं से बनी होती हैं, जिनके बीच अंतरापरमाणुक बल नगण्य होता है। 19वीं शताब्दी में मैक्सवेल, बोल्ट्शमान और अन्य द्वारा विकसित, यह सिद्धांत दाब और ताप की आणविक व्याख्या प्रदान करता है, आवोगाद्रो की परिकल्पना और गैस नियमों के अनुरूप है, और विशिष्ट ऊष्मा धारिता, श्यानता, चालकता और विसरण जैसे गुणों की व्याख्या करता है। अध्याय द्रव्य की आणविक प्रकृति पर भी प्रकाश डालता है, प्राचीन भारतीय (कणाद) और यूनानी (डेमोक्रिटस) विचारकों के परमाणु संबंधी विचारों का उल्लेख करता है, और डाल्टन के परमाणु सिद्धांत तथा आवोगाद्रो के नियम की चर्चा करता है। यह अध्याय छात्रों को गैसों के व्यवहार को आणविक स्तर पर समझने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectPhysics
BookBhautiki-II
ChapterChapter 5 — अध्याय 12 – अणुगति सिद्धांत
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1148

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
अणुगति सिद्धांतगैसों के व्यवहार की व्याख्या करने वाला सिद्धांत जो मानता है कि गैसें तीव्र गतिमान कणों से बनी होती हैं।
अंतरापरमाणुक बलपरमाणुओं या अणुओं के बीच लगने वाला बल।
आणविक व्याख्याकिसी घटना या गुण की व्याख्या जो अणुओं या परमाणुओं के स्तर पर की जाती है।
आवोगाद्रो की परिकल्पनासमान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है।
विशिष्ट ऊष्मा धारिताकिसी पदार्थ के इकाई द्रव्यमान का तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा।
श्यानताद्रव या गैस के प्रवाह के प्रतिरोध का माप।
चालकताऊष्मा या विद्युत के प्रवाह की सुगमता का माप।
विसरणउच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर कणों का गति करना।
परमाणुपदार्थ का सबसे छोटा कण जो रासायनिक रूप से अविभाज्य माना जाता है।
अणुदो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह जो रासायनिक बंधों द्वारा एक साथ बंधे होते हैं।

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Practice questions

  1. अणुगति सिद्धांत किन मुख्य धारणाओं पर आधारित है? Answer: यह सिद्धांत मानता है कि गैसें अत्यंत सूक्ष्म कणों (परमाणुओं या अणुओं) से बनी होती हैं जो तीव्र गति से गतिमान रहते हैं, उनके बीच की दूरी उनके आकार की तुलना में बहुत अधिक होती है, और उनके बीच अंतरापरमाणुक बल नगण्य होता है।
  2. प्राचीन भारत में परमाण्वीय परिकल्पना का श्रेय किस विद्वान को दिया जाता है? Answer: प्राचीन भारत में परमाण्वीय परिकल्पना का श्रेय वैशेषिक दर्शन के प्रणेता कणाद को दिया जाता है।
  3. डेमोक्रिटस ने परमाणुओं के बारे में क्या कहा था? Answer: डेमोक्रिटस के अनुसार, परमाणु अविभाज्य होते हैं और वे आकार, आकृति तथा अन्य गुणों में भिन्न होते हैं, जिसके कारण निर्मित पदार्थ भिन्न-भिन्न गुणों वाले होते हैं।
  4. आवोगाद्रो का नियम क्या है? Answer: आवोगाद्रो का नियम बताता है कि समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतनों में अणुओं की संख्या समान होती है।

Practice MCQs

Q1. अणुगति सिद्धांत का विकास किस शताब्दी में हुआ?

Q2. गैसों के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, गैसों के कणों के बीच अंतरापरमाणुक बल को कैसा माना जाता है?

Q3. प्राचीन यूनान में परमाण्वीय परिकल्पना के लिए किसे श्रेय दिया जाता है?

Q4. किस वैज्ञानिक ने सुझाव दिया कि किसी तत्व के सूक्ष्मतम अवयव परमाणु हैं?

Q5. आवोगाद्रो के नियम के अनुसार, समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतनों में क्या समान होता है?

Frequently asked questions

अणुगति सिद्धांत क्या है?

अणुगति सिद्धांत एक वैज्ञानिक मॉडल है जो गैसों के व्यवहार की व्याख्या करता है। यह मानता है कि गैसें अत्यंत तीव्र गति से गतिमान परमाणुओं या अणुओं से बनी होती हैं।

किसने अणुगति सिद्धांत विकसित किया?

अणुगति सिद्धांत का विकास 19वीं शताब्दी में मुख्य रूप से मैक्सवेल, बोल्ट्शमान और अन्य वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था।

द्रव्य की आणविक प्रकृति का क्या अर्थ है?

द्रव्य की आणविक प्रकृति का अर्थ है कि सभी वस्तुएँ छोटे-छोटे कणों (परमाणुओं या अणुओं) से बनी होती हैं।

कणाद ने परमाणुओं के बारे में क्या कहा था?

कणाद ने परमाणुओं को अविभाज्य, सूक्ष्म और द्रव्य का अविभाज्य अंश माना था। उन्होंने चार प्रकार के परमाणुओं (भूमि, जल, अग्नि, वायु) की कल्पना की थी।

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मुख्य बातें क्या हैं?

डाल्टन के अनुसार, तत्व परमाणुओं से बने होते हैं, एक तत्व के परमाणु समरूप होते हैं, और परमाणु संयोग करके यौगिक बनाते हैं।

आवोगाद्रो का नियम क्यों महत्वपूर्ण है?

आवोगाद्रो का नियम गैसों के आयतन, ताप, दाब और अणुओं की संख्या के बीच संबंध स्थापित करता है, जो डाल्टन के सिद्धांत को समझने में सहायक है।

अणुगति सिद्धांत किन गैस गुणों की व्याख्या करता है?

यह सिद्धांत दाब, ताप, विशिष्ट ऊष्मा धारिता, श्यानता, चालकता और विसरण जैसे गैसों के मापनीय गुणों की आणविक व्याख्या प्रस्तुत करता है।

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Important topics

अणुगति सिद्धांत की मूल धारणाएँ द्रव्य की आणविक प्रकृति डाल्टन का परमाणु सिद्धांत आवोगाद्रो का नियम गैसों के व्यवहार की आणविक व्याख्या

Topics covered

अणुगति सिद्धांत का परिचय गैसों के व्यवहार की व्याख्या द्रव्य की आणविक प्रकृति प्राचीन भारत एवं यूनान में परमाण्वीय परिकल्पना कणाद का वैशेषिक दर्शन डेमोक्रिटस की परमाण्वीय परिकल्पना डाल्टन का परमाणु सिद्धांत गै-लुसैक का नियम आवोगाद्रो का नियम अणुओं का संयोग परमाणुओं का आकार गैसों के मापनीय गुण (दाब, ताप)

NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-II — Chapter 5 — अध्याय 12 – अणुगति सिद्धांत. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.