NCERT Class 11 Mathematics Ganit: Chapter 7 — गणित

NCERT CBSE Class 11 Mathematics Ganit Chapter 7 Hindi PDF

यह अध्याय, NCERT कक्षा 11 गणित की पुस्तक 'गणित' का अध्याय 134, द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem) का परिचय देता है। पिछली कक्षाओं में हमने द्विपदों के वर्ग और घन ज्ञात करना सीखा था, जिनका उपयोग संख्याओं के वर्ग और घन की गणना में होता है। हालाँकि, उच्च घातों वाली संख्याओं की गणना क्रमिक गुणनफल द्वारा जटिल हो जाती है। द्विपद प्रमेय इस जटिलता को दूर करता है और (a + b)n के प्रसार की एक सरल विधि प्रदान करता है, जहाँ n एक धनात्मक पूर्णांक है। अध्याय में (a + b)n के प्रसार के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है, जिसमें पदों की संख्या, घातों का घटता-बढ़ता क्रम और प्रत्येक पद में घातों का योग शामिल है। इसमें पास्कल त्रिभुज (Pascal's Triangle) का भी परिचय दिया गया है, जो द्विपद गुणांकों को व्यवस्थित करने का एक तरीका है। यह अध्याय छात्रों को उच्च घातों वाले द्विपदों के विस्तार को समझने और गणना करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectMathematics
BookGanit
ChapterChapter 7 — गणित
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count541

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
द्विपददो पदों वाला व्यंजक (जैसे a + b)।
प्रमेयएक स्थापित सिद्धांत या नियम।
घातांककिसी संख्या या व्यंजक पर लगी घात।
पूर्णांकपूर्ण संख्या (धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य)।
परिमेय संख्यावह संख्या जिसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ q ≠ 0।
प्रसारकिसी व्यंजक को विस्तारित रूप में लिखना।
गुणांकचर के साथ गुणा की जाने वाली संख्या।
पास्कल त्रिभुजद्विपद गुणांकों को व्यवस्थित करने वाला त्रिभुजाकार पैटर्न।

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. (a + b)2 के प्रसार में पदों की कुल संख्या कितनी है? Answer: 3
  2. पास्कल त्रिभुज किस गणितज्ञ के नाम पर है? Answer: ब्लेज़ पास्कल (Blaise Pascal)
  3. द्विपद प्रमेय किस प्रकार की घातांकों के लिए उपयोगी है? Answer: धनात्मक पूर्णांक घातांकों के लिए (इस अध्याय में)।

Practice MCQs

Q1. (a + b)n के प्रसार में पदों की संख्या घातांक n से कितनी अधिक होती है?

Q2. पास्कल त्रिभुज में प्रत्येक पंक्ति का पहला और अंतिम पद क्या होता है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सा (a + b)3 का प्रसार नहीं है?

Q4. द्विपद प्रमेय का उपयोग करके हम किसकी गणना को सरल बना सकते हैं?

Q5. पास्कल त्रिभुज को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

Frequently asked questions

द्विपद प्रमेय क्या है?

द्विपद प्रमेय एक गणितीय सूत्र है जो (a + b)n जैसे द्विपद के विस्तार को ज्ञात करने में मदद करता है, जहाँ n एक धनात्मक पूर्णांक है।

द्विपद प्रमेय का उपयोग क्यों किया जाता है?

इसका उपयोग उच्च घातों वाली संख्याओं की गणना को सरल बनाने के लिए किया जाता है, जो क्रमिक गुणनफल द्वारा बहुत जटिल हो सकती है।

पास्कल त्रिभुज क्या है?

पास्कल त्रिभुज द्विपद प्रमेय के गुणांकों को व्यवस्थित करने का एक त्रिभुजाकार पैटर्न है, जिसका नाम फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल के नाम पर रखा गया है।

क्या द्विपद प्रमेय केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए है?

इस अध्याय में केवल धनात्मक पूर्णांकों के लिए द्विपद प्रमेय का अध्ययन किया गया है, हालांकि यह परिमेय संख्याओं के लिए भी विस्तारित है।

प्रसार के प्रत्येक पद में a और b की घातों का योग कितना होता है?

प्रसार के प्रत्येक पद में a और b की घातों का योग हमेशा द्विपद की घात (n) के बराबर होता है।

पास्कल त्रिभुज का दूसरा नाम क्या है?

पास्कल त्रिभुज को पिंगल के मेरुप्रस्त्रा के नाम से भी जाना जाता है।

Related resources

Important topics

धनात्मक पूर्णांकों के लिए द्विपद प्रमेय (a + b)n के प्रसार के पैटर्न का अवलोकन पास्कल त्रिभुज का निर्माण और द्विपद गुणांकों से संबंध उच्च घातों वाली संख्याओं की गणना को सरल बनाना

Topics covered

द्विपद प्रमेय का परिचय पिछली कक्षाओं में सीखी गई द्विपद गणनाएँ उच्च घातों की गणना में जटिलता धनात्मक पूर्णांकों के लिए द्विपद प्रमेय (a + b)n के प्रसार के पैटर्न का अवलोकन प्रसार में पदों की संख्या प्रथम पद (a) की घातों का क्रम द्वितीय पद (b) की घातों का क्रम प्रत्येक पद में घातों का योग गुणांकों का व्यवस्थित रूप (आकृति 7.1) पास्कल त्रिभुज (आकृति 7.2) पास्कल त्रिभुज का निर्माण और गुण

NCERT Class 11 Mathematics — Ganit — Chapter 7 — गणित. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.