NCERT Class 11 Home Science Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-I: Chapter 2 — स्वयं को समझना

NCERT CBSE Class 11 Home Science Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-I Chapter 2 Hindi PDF

यह अध्याय, 'स्वयं को समझना', NCERT की कक्षा 11 की पुस्तक 'मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान भाग-I' का दूसरा अध्याय है। यह इकाई किशोरावस्था पर केंद्रित है और स्वयं की पहचान, व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर की समझ, पौषणीय और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, समय और स्थान के संसाधनों के प्रबंधन, वस्त्रों और संचार कौशलों का अध्ययन करती है। अध्याय के खंड क, ख और ग शिक्षार्थियों को स्वयं को जानने के महत्व, स्वयं की सकारात्मक अनुभूति के विकास, पहचान और विकास को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण करने और विभिन्न जीवन चरणों के दौरान स्वयं की विशेषताओं को पहचानने में सक्षम बनाते हैं। यह अध्याय छात्रों को स्वयं की अनूठी पहचान को समझने और विकसित करने में मदद करता है, जो उनके व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectHome Science
BookManav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-I
ChapterChapter 2 — स्वयं को समझना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count408

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
किशोरावस्थाजीवन की वह अवस्था जिसमें व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्वता की ओर अग्रसर होता है।
स्वयं को समझनाअपनी पहचान, भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को जानने और पहचानने की प्रक्रिया।
पहचानकिसी व्यक्ति की विशिष्टता या वह गुण जो उसे दूसरों से अलग करता है।
व्यक्तित्वकिसी व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और व्यवहारों का वह स्थायी पैटर्न जो उसे दूसरों से अलग करता है।
सकारात्मक अनुभूतिअपने आप के बारे में अच्छा और आत्मविश्वासी महसूस करना।

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Practice questions

  1. स्वयं को जानने का क्या महत्व है? Answer: स्वयं को जानने से व्यक्ति अपनी शक्तियों और कमजोरियों को समझ पाता है, जिससे वह बेहतर निर्णय ले सकता है और व्यक्तिगत विकास कर सकता है।
  2. पहचान और व्यक्तित्व में क्या संबंध है? Answer: पहचान और व्यक्तित्व आपस में जुड़े हुए हैं; पहचान व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो व्यक्ति की विशिष्टता को परिभाषित करती है।
  3. किशोरावस्था में स्वयं को समझना क्यों महत्वपूर्ण है? Answer: किशोरावस्था में शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं, इसलिए इस अवस्था में स्वयं को समझना भविष्य के लिए सही दिशा तय करने में मदद करता है।

Practice MCQs

Q1. यह इकाई मुख्य रूप से किस अवस्था पर केंद्रित है?

Q2. अध्याय के अनुसार, स्वयं की संकल्पना से जुड़ी दो अन्य संकल्पनाएँ कौन सी हैं?

Q3. स्वयं की अनूठी अनुभूति हमें किसका एहसास कराती है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा कारक स्वयं की पहचान तथा स्वयं के विकास पर प्रभाव डालता है?

Q5. अध्याय के अनुसार, स्वयं के बारे में अध्ययन क्यों करना चाहिए?

Frequently asked questions

कक्षा 11 की होम साइंस की पुस्तक का नाम क्या है?

कक्षा 11 की होम साइंस की पुस्तक का नाम 'मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान भाग-I' है।

NCERT कक्षा 11 होम साइंस के अध्याय 2 का शीर्षक क्या है?

NCERT कक्षा 11 होम साइंस के अध्याय 2 का शीर्षक 'स्वयं को समझना' है।

यह अध्याय किस आयु वर्ग पर केंद्रित है?

यह अध्याय मुख्य रूप से किशोरावस्था पर केंद्रित है।

स्वयं को समझने से क्या तात्पर्य है?

स्वयं को समझने का अर्थ है अपनी पहचान, भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को जानना और पहचानना।

पहचान और व्यक्तित्व में क्या अंतर है?

हालांकि ये दोनों संकल्पनाएँ आपस में मिलती-जुलती हैं, पहचान व्यक्ति की विशिष्टता को दर्शाती है, जबकि व्यक्तित्व विचारों, भावनाओं और व्यवहारों के स्थायी पैटर्न को दर्शाता है।

किशोरावस्था में स्वयं को जानना क्यों महत्वपूर्ण है?

किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के कारण स्वयं को जानना भविष्य के लिए सही दिशा तय करने में सहायक होता है।

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Important topics

किशोरावस्था में स्वयं को समझना स्वयं की पहचान का विकास व्यक्तित्व का निर्माण स्वयं को जानने का महत्व पहचान और व्यक्तित्व का आपसी संबंध

Topics covered

किशोरावस्था स्वयं को समझना व्यक्तिगत पहचान सामाजिक पहचान पौषणीय और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ समय और स्थान के संसाधनों का प्रबंधन वस्त्र संचार कौशल परिवार और समाज से जुड़ाव स्वयं की संकल्पना पहचान व्यक्तित्व

NCERT Class 11 Home Science — Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-I — Chapter 2 — स्वयं को समझना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.