NCERT Class 11 History Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay: Chapter 3 — जे. कोलटन व टाइम-लाइफ पुस्तकों के संपादक, ट्बेन्टीएथ सेंचुरी, एम्स्टरडैम, 1985 (पृष्ठ 186 व

NCERT CBSE Class 11 History Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay Chapter 3 Hindi PDF

This chapter, "यायावर साम्राज्य" (Nomadic Empires), from NCERT's Class 11 History book "Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay" (Some Topics of World History), explores the concept of nomadic empires, particularly focusing on the Mongols led by Genghis Khan in the 13th and 14th centuries. It contrasts the nomadic lifestyle with the settled nature of empires, highlighting how nomadic groups like the Mongols adapted their traditional customs to create vast, transcontinental empires spanning Europe and Asia. The chapter discusses the challenges they faced in governing diverse populations and the transformation of their own society. It also touches upon the sources of historical information about these nomadic societies, often biased and written by settled peoples, and the evolution of scholarly research on the topic, including the contributions of Russian and Soviet historians. The text examines how nomadic empires challenged the perception of nomadic communities as primitive barbarians.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectHistory
BookVishwa Itihas Ke Kuch Vishay
ChapterChapter 3 — जे. कोलटन व टाइम-लाइफ पुस्तकों के संपादक, ट्बेन्टीएथ सेंचुरी, एम्स्टरडैम, 1985 (पृष्ठ 186 व
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1056

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
यायावरNomadic
साम्राज्यEmpire
घुमक्कड़Wanderer/Nomad
सामाजिकSocial
आर्थिकEconomic
राजनीतिकPolitical
प्रशासनिकAdministrative
सैनिक-तंत्रMilitary system
इतिवृत्तChronicles
यात्रा-वृत्तांतTravelogues
पूर्वाग्रहPrejudice
रूढ़िगतStereotypical

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Practice questions

  1. यायावर साम्राज्य की अवधारणा विरोधत्मक क्यों प्रतीत हो सकती है? Answer: क्योंकि यायावर लोग मूलतः घुमक्कड़ होते हैं, जबकि साम्राज्य शब्द भौतिक अवस्थितियों और स्थिरता को दर्शाता है।
  2. किस मंगोल नेता के नेतृत्व में तेरहवीं और चौदहवीं शताब्दी में पारमहाद्वीपीय साम्राज्य की स्थापना हुई? Answer: चंगेज़ खान के नेतृत्व में।
  3. मंगोलों के साम्राज्यिक निर्माण में उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? Answer: उन्हें तरह-तरह के लोगों, अव्यवस्थाओं और धर्मों का सामना करना पड़ा, और वे केवल अपनी स्टेपी परंपराओं के सहारे विजित क्षेत्रों का शासन नहीं चला सकते थे।
  4. यायावरी समाजों के बारे में ज्ञान के मुख्य स्रोत क्या हैं? Answer: इतिवृत्त, यात्रा-वृत्तांत और नगरीय साहित्यकारों के दस्तावेज़।
  5. 'बर्बर' (Barbarian) शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई? Answer: यह शब्द यूनानी भाषा के 'बारबरोस' (Barbaros) से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ गैर-यूनानी लोग थे जिनकी भाषा यूनानियों को बेतरतीब कोलाहल जैसी लगती थी।

Practice MCQs

Q1. मध्य-एशिया के किन यायावरों ने तेरहवीं और चौदहवीं शताब्दी में पारमहाद्वीपीय साम्राज्य की स्थापना की?

Q2. साम्राज्य शब्द मुख्य रूप से क्या दर्शाता है?

Q3. मंगोलों के साम्राज्य का विस्तार किन महाद्वीपों तक था?

Q4. स्टेपी निवासियों ने आमतौर पर अपना साहित्य क्यों नहीं रचा?

Q5. रूसी विद्वानों ने मंगोलों पर कब बहुमूल्य शोध किया?

Q6. सोवियत-गणराज्य के विस्तार के उपरांत किस इतिहास-लेखन शैली को प्रस्तुत किया गया?

Frequently asked questions

यायावर साम्राज्य क्या है?

यायावर साम्राज्य उन साम्राज्यों को कहते हैं जिनकी स्थापना यायावर (घुमक्कड़) लोगों द्वारा की गई थी, जैसे कि मंगोल साम्राज्य।

मंगोल साम्राज्य की स्थापना किसने की?

मंगोल साम्राज्य की स्थापना चंगेज़ खान के नेतृत्व में तेरहवीं और चौदहवीं शताब्दी में हुई थी।

यायावर समाजों के बारे में जानकारी के मुख्य स्रोत क्या हैं?

यायावर समाजों के बारे में जानकारी मुख्य रूप से इतिवृत्तों, यात्रा-वृत्तांतों और नगरीय साहित्यकारों के दस्तावेज़ों से प्राप्त होती है।

क्या यायावर लोग केवल बर्बर थे?

यह एक रूढ़िगत धारणा है। पाठ बताता है कि मंगोलों की साम्राज्यिक सफलताओं और उनके जटिल इतिहास ने इस धारणा को चुनौती दी है कि वे केवल आदिम-बर्बर थे।

रूसी विद्वानों ने मंगोलों पर शोध क्यों किया?

रूसी विद्वानों ने अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी में मध्य-एशियाई क्षेत्रों में रूसी शक्ति के सुदृढ़ीकरण के दौरान मंगोलों पर शोध किया।

सोवियत इतिहास-लेखन ने मंगोलों को कैसे देखा?

सोवियत इतिहास-लेखन ने मंगोल साम्राज्य को जनजातीय उत्पादन प्रणाली से सामंती उत्पादन प्रणाली की ओर संक्रमण के दायरे में रखा।

वैसिली व्लादिमिरोविच बारटोल्ड का मंगोलों पर शोध क्यों विवादास्पद था?

स्टालिन के शासनकाल में, बारटोल्ड द्वारा चंगेज़ खान और मंगोलों के सकारात्मक विवरण ने उन्हें अभिवेचकों (Censors) के रोष का पात्र बनाया, जिससे उनकी रचनाओं पर पाबंदी लगा दी गई।

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Important topics

यायावर साम्राज्य की अवधारणा और विरोधाभास मंगोल साम्राज्य का उदय और विस्तार (चंगेज़ खान) यायावर समाजों के शासन की चुनौतियाँ ऐतिहासिक स्रोतों का विश्लेषण और पूर्वाग्रह रूसी और सोवियत विद्वानों द्वारा मंगोलों पर शोध

Topics covered

यायावर साम्राज्य की अवधारणा यायावर बनाम स्थिर समाज मंगोल साम्राज्य चंगेज़ खान मध्य-एशियाई यायावर साम्राज्य निर्माण की चुनौतियाँ ऐतिहासिक स्रोत और पूर्वाग्रह यायावर साहित्य का अभाव रूसी और सोवियत विद्वानों का शोध मार्क्सवादी इतिहास-लेखन बर्बर (Barbarian) शब्द की उत्पत्ति और प्रयोग यूरेशियाई इतिहास पर प्रभाव

NCERT Class 11 History — Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay — Chapter 3 — History Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.