NCERT Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant: Chapter 6 — भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ
यह अध्याय भू-आकृतियों और उनके विकास की अवधारणाओं पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि कैसे अपक्षय और अपरदन जैसे भू-आकृतिक कारक, जैसे प्रवाहित जल, भूमिगत जल, वायु, हिमनद और तरंगें, पृथ्वी की सतह को आकार देती हैं। अध्याय भू-आकृतियों के विकास को जीवन की अवस्थाओं - युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था से तुलना करता है। यह प्रवाहित जल द्वारा निर्मित विभिन्न स्थलरूपों, जैसे घाटियों, जलप्रपातों और समप्राय मैदानों की व्याख्या करता है। इसमें युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था में नदियों की विशेषताओं और उनके द्वारा बनाए गए भूदृश्यों का विस्तृत वर्णन है। यह अध्याय छात्रों को भू-आकृतिक प्रक्रियाओं और उनके स्थलाकृति पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने में मदद करता है, जो सीबीएसई भूगोल पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Geography |
| Book | Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant |
| Chapter | Chapter 6 — भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 457 |
Learning outcomes
- भू-आकृतियों और भूदृश्यों को परिभाषित करना।
- भू-आकृतिक कारकों और उनकी प्रक्रियाओं की पहचान करना।
- भू-आकृतियों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं (युवा, प्रौढ़, वृद्ध) को समझना।
- प्रवाहित जल द्वारा निर्मित प्रमुख स्थलरूपों का वर्णन करना।
- भू-आकृतियों के विकास में अपरदन और निक्षेपण की भूमिका का विश्लेषण करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| भू-आकृति | छोटे से मध्यम आकार के भूखंड जो पृथ्वी की सतह पर पाए जाते हैं। |
| भूदृश्य | भूपृष्ठ के विस्तृत भाग जो अनेक भू-आकृतियों से मिलकर बनते हैं। |
| अपक्षय | चट्टानों का अपने स्थान पर ही विघटन और वियोजन। |
| अपरदन | भू-आकृतिक कारकों द्वारा चट्टानों और मिट्टी का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना। |
| निक्षेपण | अपरदित पदार्थों का जमाव। |
| प्रवाहित जल | धारातल पर बहने वाला जल, जो अपरदन और निक्षेपण का प्रमुख कारक है। |
| युवावस्था | नदी विकास की प्रारंभिक अवस्था, जिसमें तीव्र अपरदन होता है। |
| प्रौढ़ावस्था | नदी विकास की मध्य अवस्था, जिसमें अपरदन और निक्षेपण दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। |
| वृद्धावस्था | नदी विकास की अंतिम अवस्था, जिसमें निक्षेपण प्रमुख होता है। |
| समप्राय मैदान | नदी अपरदन द्वारा निर्मित लगभग समतल मैदान। |
| जल विभाजक | ऊँचाई वाला क्षेत्र जो दो अपवाह द्रोणियों को अलग करता है। |
| गोखुर झील | नदी विसर्पों के कट जाने से बनी झील। |
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Practice questions
- भू-आकृति और भूदृश्य में क्या अंतर है? Answer: भू-आकृति छोटे से मध्यम आकार के भूखंड होते हैं, जबकि भूदृश्य विस्तृत भूभाग होते हैं जो कई भू-आकृतियों से मिलकर बनते हैं।
- प्रवाहित जल के अपरदन के दो मुख्य तत्व कौन से हैं? Answer: धारातल पर परत के रूप में फैला हुआ प्रवाह और घाटियों में नदियों के रूप में बहने वाला रैखिक प्रवाह।
- नदी विकास की युवावस्था की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? Answer: उथली V-आकार की घाटी, संकरे बाढ़ के मैदान, विस्तृत जल विभाजक और जलप्रपात व क्षिप्रिकाओं का पाया जाना।
- समप्राय मैदान का निर्माण कैसे होता है? Answer: लगातार अपरदन के कारण जब नदी तल समतल हो जाता है और तटों का पार्श्व अपरदन बढ़ जाता है, तो समप्राय मैदान का निर्माण होता है।
- वृद्धावस्था में नदियाँ किस प्रकार के स्थलरूप बनाती हैं? Answer: वृद्धावस्था में नदियाँ नदी विसर्प, प्राकृतिक तटबंध, गोखुर झीलें आदि बनाती हैं।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा भू-आकृतिक कारक आर्द्र प्रदेशों में धारातल के निम्नीकरण के लिए उत्तरदायी है?
Explanation: आर्द्र प्रदेशों में, जहाँ अत्यधिक वर्षा होती है, प्रवाहित जल सबसे महत्वपूर्ण भू-आकृतिक कारक है जो धारातल के निम्नीकरण के लिए उत्तरदायी है।
Q2. भू-आकृतियों के विकास की अवस्थाओं की तुलना किससे की जा सकती है?
Explanation: भू-आकृतियों के विकास की अवस्थाओं की तुलना जीवन की अवस्थाओं - युवावस्था, प्रौढ़ावस्था तथा वृद्धावस्था से की जा सकती है।
Q3. युवावस्था में नदियाँ किस प्रकार की घाटी बनाती हैं?
Explanation: युवावस्था में नदियाँ उथली V-आकार की घाटी बनाती हैं।
Q4. प्रौढ़ावस्था में नदी घाटियों की क्या विशेषता होती है?
Explanation: प्रौढ़ावस्था में नदी घाटियाँ गहरी होती हैं और मुख्य नदी के व्यापक होने से विस्तृत बाढ़ के मैदान पाए जाते हैं।
Q5. मोनाडनोक (Monadnox) क्या है?
Explanation: मोनाडनोक अवरोधी चट्टानों के वे अवशेष होते हैं जो समप्राय मैदान के निर्माण के बाद भी यत्रा-तत्रा दिखाई देते हैं।
Q6. वृद्धावस्था में नदी के मैदानों में कौन से स्थलरूप पाए जाते हैं?
Explanation: वृद्धावस्था में नदियाँ स्वतंत्र रूप से विस्तृत बाढ़ के मैदानों में बहती हुई नदी विसर्प, प्राकृतिक तटबंध, गोखुर झील आदि बनाती हैं।
Frequently asked questions
भू-आकृतियाँ क्या होती हैं?
भू-आकृतियाँ पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले छोटे से मध्यम आकार के भूखंड होते हैं, जो विभिन्न भू-आकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं।
भू-आकृतियों के विकास के दो महत्वपूर्ण पहलू क्या हैं?
भू-आकृतियों के विकास के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं - भू-आकृतिक प्रक्रियाओं की गहनता में परिवर्तन और जलवायु संबंधी बदलाव।
प्रवाहित जल द्वारा निर्मित प्रमुख स्थलरूप कौन से हैं?
प्रवाहित जल द्वारा निर्मित प्रमुख स्थलरूपों में घाटियाँ, जलप्रपात, क्षिप्रिकाएँ, समप्राय मैदान और मोनाडनोक शामिल हैं।
नदी की युवावस्था की क्या विशेषताएँ हैं?
युवावस्था में नदियाँ संकरी V-आकार की घाटियाँ बनाती हैं, बाढ़ के मैदान अनुपस्थित या संकरे होते हैं, और जल विभाजक विस्तृत व समतल होते हैं।
प्रौढ़ावस्था में नदी घाटियों का स्वरूप कैसा होता है?
प्रौढ़ावस्था में नदी घाटियाँ गहरी होती हैं, मुख्य नदी के व्यापक होने से विस्तृत बाढ़ के मैदान पाए जाते हैं, और नदी विसर्प घाटी के भीतर ही बनते हैं।
वृद्धावस्था में नदी अपरदन का क्या प्रभाव होता है?
वृद्धावस्था में ढाल मंद हो जाता है, नदियाँ स्वतंत्र रूप से बहती हैं और निक्षेपण का कार्य प्रमुख हो जाता है, जिससे नदी विसर्प, प्राकृतिक तटबंध और गोखुर झीलें बनती हैं।
समप्राय मैदान (Peneplain) का निर्माण किस प्रक्रिया से होता है?
समप्राय मैदान का निर्माण नदी अपरदन के निरंतर कार्य से होता है, जब ऊँचे स्थलरूप धीरे-धीरे निम्नीकृत होकर लगभग समतल मैदान में परिवर्तित हो जाते हैं।
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NCERT Class 11 Geography — Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant — Chapter 6 — भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.