NCERT Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant: Chapter 5 — इकाई
यह अध्याय, 'भू-आवृफतिक प्रव्रिफयाएँ', पृथ्वी की सतह को आकार देने वाली प्रक्रियाओं पर केंद्रित है। यह बताता है कि पृथ्वी की पपड़ी और आंतरिक संरचना का विकास कैसे हुआ, प्लेटों की गति और भू-भाग के निर्माण में आंतरिक बलों (Endogenic) और बाहरी बलों (Exogenic) की भूमिका पर प्रकाश डालता है। अध्याय में अपक्षय, वृहतक्षरण, अपरदन और निक्षेपण जैसी प्रक्रियाओं का उल्लेख है जो भू-आकृतियों को लगातार बदलती रहती हैं। यह स्पष्ट करता है कि आंतरिक बल भू-आकृतियों का निर्माण करते हैं, जबकि बाहरी बल उन्हें समतल करते हैं। अंत में, यह मानव द्वारा भू-भाग के उपयोग और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देता है, यह समझाते हुए कि इन प्रक्रियाओं को समझने से हम हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Geography |
| Book | Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant |
| Chapter | Chapter 5 — इकाई |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 504 |
Learning outcomes
- पृथ्वी की सतह को आकार देने वाली आंतरिक और बाहरी भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की पहचान करना।
- अपक्षय, अपरदन और निक्षेपण जैसी प्रक्रियाओं के महत्व को समझना।
- भू-भाग के निर्माण और विनाश में विभिन्न बलों की भूमिका का विश्लेषण करना।
- मानव गतिविधियों के भू-भाग पर पड़ने वाले प्रभावों और संरक्षण की आवश्यकता को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| भू-आकृतियाँ | पृथ्वी की सतह की विभिन्न आकृतियाँ या स्वरूप। |
| अपक्षय | चट्टानों और खनिजों का उनके स्थान पर ही विघटन या वियोजन। |
| अपरदन | अपक्षयित पदार्थों का जल, वायु, हिमनद आदि द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाना। |
| निक्षेपण | अपरदित पदार्थों का किसी स्थान पर जमा होना। |
| मृदा-निर्माण | चट्टानों के अपक्षय और कार्बनिक पदार्थों के मिश्रण से मिट्टी का बनना। |
| आंतरिक बल (Endogenic) | पृथ्वी के अंदर से उत्पन्न होने वाले बल जो भू-भाग का निर्माण करते हैं। |
| बाह्य बल (Exogenic) | पृथ्वी की सतह के बाहर से कार्य करने वाले बल जो भू-भाग को समतल करते हैं। |
| तल संतुलन (Gradation) | अपरदन के माध्यम से उच्चावच के मध्य अंतर को कम करने की प्रक्रिया। |
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Practice questions
- आंतरिक बल और बाह्य बल में क्या अंतर है? Answer: आंतरिक बल पृथ्वी के अंदर से उत्पन्न होते हैं और भू-भाग का निर्माण करते हैं, जबकि बाह्य बल पृथ्वी की सतह के बाहर से कार्य करते हैं और भू-भाग को समतल करते हैं।
- तल संतुलन से आप क्या समझते हैं? Answer: तल संतुलन वह प्रक्रिया है जिसमें अपरदन के माध्यम से उच्चावच के मध्य अंतर को कम किया जाता है।
- भू-भाग के संरक्षण की आवश्यकता क्यों है? Answer: मानव द्वारा संसाधनों के अत्यधिक दोहन और भू-भाग के दुरुपयोग के कारण इसकी संभाव्यता में तेजी से ह्रास हो रहा है, इसलिए भविष्य के लिए इसके संरक्षण की आवश्यकता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया भू-आकृतियों का निर्माण करती है?
Explanation: आंतरिक बल पृथ्वी के अंदर से उत्पन्न होते हैं और भू-भाग का निर्माण करने वाले मुख्य बल हैं।
Q2. धारातल पर अपरदन के माध्यम से उच्चावच के मध्य अंतर को कम करने को क्या कहते हैं?
Explanation: तल संतुलन वह प्रक्रिया है जिसमें अपरदन के माध्यम से उच्चावच के मध्य अंतर को कम किया जाता है।
Q3. बाह्य बलों को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
Explanation: बाह्य बलों को बहिर्जात बल (Exogenic) भी कहा जाता है, जो पृथ्वी की सतह के बाहर से कार्य करते हैं।
Q4. पृथ्वी की पपड़ी का संचलन किस प्रकार होता है?
Explanation: पृथ्वी की पपड़ी क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं में संचलित होती रहती है।
Q5. मानव द्वारा संसाधनों का अत्यधिक दोहन किस पर प्रभाव डालता है?
Explanation: मानव द्वारा संसाधनों के अत्यधिक दोहन और दुरुपयोग के कारण भू-भाग की संभाव्यता (विभव) में तीव्र गति से ह्रास हो रहा है।
Frequently asked questions
भू-आकृतियाँ क्या हैं?
भू-आकृतियाँ पृथ्वी की सतह की विभिन्न आकृतियाँ या स्वरूप हैं, जो विभिन्न भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होती हैं।
भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ क्या हैं?
ये वे प्रक्रियाएँ हैं जो पृथ्वी की सतह को आकार देती हैं, जिनमें अपक्षय, अपरदन और निक्षेपण शामिल हैं।
आंतरिक बल (Endogenic forces) क्या करते हैं?
आंतरिक बल पृथ्वी के अंदर से उत्पन्न होते हैं और मुख्य रूप से भू-भाग का निर्माण करते हैं।
बाह्य बल (Exogenic forces) क्या करते हैं?
बाह्य बल पृथ्वी की सतह के बाहर से कार्य करते हैं और भू-भाग को समतल करने या उसका क्षरण करने का कार्य करते हैं।
तल संतुलन (Gradation) का क्या अर्थ है?
तल संतुलन का अर्थ है अपरदन की प्रक्रियाओं द्वारा उच्चावच के मध्य अंतर को कम करना, जिससे सतह अधिक समतल हो जाती है।
मानव गतिविधियों का भू-भाग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
मानव द्वारा संसाधनों का अत्यधिक दोहन और भू-भाग का दुरुपयोग इसके विभव (संभाव्यता) को तेजी से कम कर रहा है।
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NCERT Class 11 Geography — Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant — Chapter 5 — इकाई. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.