NCERT Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant: Chapter 14 — जैव-विविधता एवं संरक्षण
यह अध्याय, 'जैव-विविधाता एवं संरक्षण', जैव-विविधाता की अवधारणा को प्रस्तुत करता है, जो भू-आकृतिक प्रक्रियाओं, विशेषकर अपक्षय से उत्पन्न वनस्पति विविधता का आधार है। सौर ऊर्जा और जल को जैव-विविधाता के मुख्य कारण बताते हुए, यह अध्याय बताता है कि उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में जैव-विविधाता सर्वाधिक होती है और ध्रुवों की ओर घटती जाती है। जैव-विविधाता को तीन स्तरों पर समझाया गया है: आनुवंशिक, प्रजातीय और पारितंत्रीय। यह अध्याय बताता है कि पृथ्वी पर प्रजातियों का एक बड़ा हिस्सा विलुप्त हो चुका है और मानव गतिविधियों ने जैव-विविधाता में तेजी से कमी लाई है। जीन को जीवन निर्माण की मूलभूत इकाई बताते हुए, यह अध्याय आनुवंशिक विविधता के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह छात्रों को जैव-विविधाता के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Geography |
| Book | Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant |
| Chapter | Chapter 14 — जैव-विविधता एवं संरक्षण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 467 |
Learning outcomes
- जैव-विविधाता की परिभाषा और महत्व को समझना।
- जैव-विविधाता के तीन स्तरों (आनुवंशिक, प्रजातीय, पारितंत्रीय) की पहचान करना।
- जैव-विविधाता के वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों को जानना।
- मानवीय गतिविधियों के कारण जैव-विविधाता में आई कमी को समझना।
- जैव-विविधाता के संरक्षण की आवश्यकता को पहचानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अपक्षय | Weathering (चट्टानों और खनिजों का टूटना-फूटना) |
| जैव-विविधाता | Biodiversity (जीवों की विविधता) |
| प्रजाति | Species (जीवों का एक समूह जो आपस में प्रजनन कर सकते हैं) |
| पारितंत्र | Ecosystem (जीवित जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच की अंतःक्रिया) |
| आनुवंशिक | Genetic (जीन से संबंधित) |
| उष्ण कटिबंधीय | Tropical (भूमध्य रेखा के पास का क्षेत्र) |
| ध्रुवीय | Polar (पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के पास का क्षेत्र) |
| विलुप्त | Extinct (पूरी तरह से समाप्त हो जाना) |
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Practice questions
- जैव-विविधाता को किन तीन स्तरों पर समझा जा सकता है? Answer: जैव-विविधाता को आनुवंशिक जैव-विविधाता, प्रजातीय जैव-विविधाता और पारितंत्रीय जैव-विविधाता के तीन स्तरों पर समझा जा सकता है।
- किन दो मुख्य कारकों को जैव-विविधाता का आधार माना गया है? Answer: सौर ऊर्जा और जल को जैव-विविधाता का मुख्य आधार माना गया है।
- जैव-विविधाता का वितरण पृथ्वी पर एक समान क्यों नहीं है? Answer: जैव-विविधाता का वितरण एक समान नहीं है क्योंकि ऊर्जा और जल की उपलब्धता क्षेत्रों के अनुसार भिन्न होती है, और यह जैव-विविधाता को सीधे प्रभावित करती है।
- मानव गतिविधियों का जैव-विविधाता पर क्या प्रभाव पड़ा है? Answer: मानव गतिविधियों के कारण प्रजातियों का आवश्यकता से अधिक उपभोग हुआ है, जिससे जैव-विविधाता में तेजी से कमी आई है और कई प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं।
Practice MCQs
Q1. पृथ्वी पर किसी प्रजाति की औसत आयु अनुमानित कितनी होती है?
Explanation: पाठ के अनुसार, पृथ्वी पर किसी प्रजाति की औसत आयु 10 से 40 वर्ष होने का अनुमान है।
Q2. जैव-विविधाता किन क्षेत्रों में सर्वाधिक पाई जाती है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि जैव-विविधाता उष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में अधिक होती है।
Q3. जैव-विविधाता शब्द किन दो शब्दों से मिलकर बना है?
Explanation: जैव-विविधाता शब्द 'बायो' (जीव) और 'डाइवर्सिटी' (विविधाता) शब्दों के मेल से बना है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन जैव-विविधाता का एक स्तर नहीं है?
Explanation: पाठ के अनुसार, जैव-विविधाता के तीन स्तर हैं: आनुवंशिक, प्रजातीय और पारितंत्रीय। भौगोलिक जैव-विविधाता का उल्लेख नहीं है।
Q5. जीन को क्या माना जाता है?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि जीवन निर्माण के लिए जीन एक मूलभूत इकाई है।
Frequently asked questions
जैव-विविधाता का क्या अर्थ है?
जैव-विविधाता का अर्थ है किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की संख्या और उनकी विविधता, जिसमें पौधों, प्राणियों, सूक्ष्म जीवाणुओं, उनकी आनुवंशिकी और उनके द्वारा निर्मित पारितंत्र शामिल हैं।
जैव-विविधाता के मुख्य कारण क्या हैं?
सौर ऊर्जा और जल की उपलब्धता को जैव-विविधाता में भिन्नता और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न जैव-विविधाता का मुख्य कारण माना गया है।
क्या पृथ्वी पर सभी प्रजातियाँ आज भी मौजूद हैं?
नहीं, ऐसा माना जाता है कि लगभग 99 प्रतिशत प्रजातियाँ जो कभी पृथ्वी पर रहती थीं, आज लुप्त हो चुकी हैं।
जैव-विविधाता के तीन स्तर कौन से हैं?
जैव-विविधाता के तीन स्तर हैं: आनुवंशिक जैव-विविधाता, प्रजातीय जैव-विविधाता, और पारितंत्रीय जैव-विविधाता।
मानव ने जैव-विविधाता को कैसे प्रभावित किया है?
मानव के आने से जैव-विविधाता में तेजी से कमी आई है, क्योंकि प्रजातियों का आवश्यकता से अधिक उपभोग होने के कारण वे लुप्त होने लगीं।
किन क्षेत्रों में जैव-विविधाता सबसे अधिक पाई जाती है?
जैव-विविधाता उष्ण कटिबंधीय प्रदेशों में सबसे अधिक पाई जाती है।
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NCERT Class 11 Geography — Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant — Chapter 14 — जैव-विविधता एवं संरक्षण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.