NCERT Class 11 Economics Sankhyiki: Chapter 4 — आँकड़ों का पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण
यह अध्याय, NCERT अर्थशास्त्र (सांख्यिकी) की कक्षा 11 की पुस्तक का दूसरा अध्याय, 'आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण' है। यह बताता है कि एकत्रित किए गए आँकड़ों को कैसे प्रस्तुत किया जाए ताकि वे आसानी से समझे जा सकें। अध्याय आँकड़ों के तीन मुख्य प्रकार के प्रस्तुतीकरण पर चर्चा करता है: पाठ-विषयक, सारणीबद्ध और आरेखीय। पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण में आँकड़ों का विवरण पाठ में ही दिया जाता है, जो तब उपयोगी होता है जब आँकड़ों की मात्रा बहुत अधिक न हो। सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण में आँकड़ों को पंक्तियों और स्तंभों में व्यवस्थित किया जाता है, जिससे उन्हें सांख्यिकीय प्रयोग और निर्णय लेने के लिए व्यवस्थित किया जा सके। अध्याय गुणात्मक, मात्रात्मक, कालिक और स्थानिक वर्गीकरणों का भी परिचय देता है, जो आँकड़ों को सारणीबद्ध करने में प्रयुक्त होते हैं। यह अध्याय छात्रों को आँकड़ों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के कौशल विकसित करने में मदद करता है, जो अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Economics |
| Book | Sankhyiki |
| Chapter | Chapter 4 — आँकड़ों का पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 610 |
Learning outcomes
- आँकड़ों को पाठ्य-सामग्री के रूप में प्रस्तुत करने की विधि को समझना।
- सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण के महत्व और उपयोगिता को जानना।
- सारणी की कोष्ठिका (cell) की अवधारणा को समझना।
- आँकड़ों के सारणीयन में प्रयुक्त चार प्रकार के वर्गीकरणों (गुणात्मक, मात्रात्मक, कालिक, स्थानिक) की पहचान करना।
- आँकड़ों को व्यवस्थित और सुसंगत तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण | आँकड़ों का विवरण पाठ में ही दिया जाता है। |
| सारणीब( प्रस्तुतीकरण | आँकड़ों को पंक्तियों तथा स्तंभों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। |
| आरेखीय प्रस्तुतीकरण | आँकड़ों को चित्रों या आरेखों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। |
| सारणी की कोष्ठिका | सारणी में प्रत्येक बॉक्स जिसमें मदों की जानकारी होती है। |
| गुणात्मक वर्गीकरण | जब वर्गीकरण गुणात्मक विशिष्टता के साथ किया जाता है। |
| मात्रात्मक वर्गीकरण | जब वर्गीकरण मात्रा या संख्या के आधार पर किया जाता है। |
| कालिक वर्गीकरण | जब वर्गीकरण समय के आधार पर किया जाता है। |
| स्थानिक वर्गीकरण | जब वर्गीकरण स्थान के आधार पर किया जाता है। |
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Practice questions
- आँकड़ों के पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण की मुख्य कमी क्या है? Answer: आँकड़ों को समझने के लिए पूरा पाठ पढ़ना पड़ता है।
- सारणीब( प्रस्तुतीकरण में आँकड़ों को कैसे व्यवस्थित किया जाता है? Answer: पंक्तियों (क्षैतिज) तथा स्तंभों (ऊधर्वाधार) के रूप में।
- गुणात्मक वर्गीकरण का एक उदाहरण दीजिए। Answer: लिंग या राष्ट्रीयता के आधार पर वर्गीकरण।
- सारणीयन का एक महत्वपूर्ण लाभ क्या है? Answer: आँकड़ों को सांख्यिकीय प्रयोग एवं निर्णय लेने के लिए व्यवस्थित करता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा आँकड़ों के प्रस्तुतीकरण का प्रकार नहीं है?
Explanation: अध्याय में पाठ-विषयक, सारणीब( और आरेखीय प्रस्तुतीकरण का उल्लेख है, विश्लेषणात्मक प्रस्तुतीकरण का नहीं।
Q2. जब आँकड़ों का परिमाण बहुत अधिक न हो तो कौन सा प्रस्तुतीकरण अधिक उपयोगी होता है?
Explanation: पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण तब उपयोगी होता है जब आँकड़ों की मात्रा कम हो और उन्हें पाठ में ही समझाया जा सके।
Q3. सारणी 4.1 में, लिंग एवं स्थान के अनुसार साक्षरता दर का वर्गीकरण किस प्रकार का है?
Explanation: लिंग और स्थान गुणात्मक विशेषताएँ हैं, इसलिए यह वर्गीकरण गुणात्मक है।
Q4. भारत की जनगणना 2001 के अनुसार, ग्रामीण जनसंख्या कितनी थी?
Explanation: पाठ के अनुसार, 2001 की जनगणना रिपोर्ट में 74 करोड़ लोग भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे थे।
Q5. सारणीब( प्रस्तुतीकरण में आँकड़े किस रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं?
Explanation: सारणीब( प्रस्तुतीकरण में आँकड़ों को पंक्तियों (क्षैतिज) तथा स्तंभों (ऊधर्वाधार) के रूप में व्यवस्थित किया जाता है।
Frequently asked questions
आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?
आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण उन्हें समझने, विश्लेषण करने और निष्कर्ष निकालने में आसान बनाता है, जिससे निर्णय लेना सुगम होता है।
पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण कब सबसे उपयुक्त होता है?
यह तब सबसे उपयुक्त होता है जब आँकड़ों की मात्रा बहुत अधिक न हो और उन्हें पाठ के भीतर ही प्रभावी ढंग से समझाया जा सके।
सारणीब( प्रस्तुतीकरण का मुख्य लाभ क्या है?
इसका मुख्य लाभ यह है कि यह आँकड़ों को व्यवस्थित करता है, जिससे सांख्यिकीय प्रयोग और निर्णय लेना आसान हो जाता है।
गुणात्मक वर्गीकरण क्या है?
गुणात्मक वर्गीकरण वह है जिसमें आँकड़ों को उनकी गुणात्मक विशेषताओं, जैसे लिंग, राष्ट्रीयता या रंग के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
सारणी की कोष्ठिका (cell) से आप क्या समझते हैं?
सारणी की कोष्ठिका सारणी के भीतर एक बॉक्स होता है जो किसी विशेष मद की जानकारी को दर्शाता है, जो एक पंक्ति और एक स्तंभ के प्रतिच्छेदन पर स्थित होता है।
आँकड़ों के सारणीयन में कितने प्रकार के वर्गीकरण प्रयुक्त होते हैं?
आँकड़ों के सारणीयन में चार प्रकार के वर्गीकरण प्रयुक्त होते हैं: गुणात्मक, मात्रात्मक, कालिक और स्थानिक।
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NCERT Class 11 Economics — Sankhyiki — Chapter 4 — आँकड़ों का पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.