NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-II: Chapter 1 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
यह अध्याय अपचयोपचय (रेडॉक्स) अभिक्रियाओं पर केंद्रित है, जो रसायन विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसमें ऑक्सीकरण और अपचयन की अवधारणाओं को समझाया गया है, जिसमें ऑक्सीजन या अन्य ऋणविद्युती तत्वों का योग और हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्वों का निष्कासन शामिल है। अध्याय विभिन्न प्रकार की रेडॉक्स अभिक्रियाओं, जैसे संयोजन, अपघटन, विस्थापन और असमानुपातन अभिक्रियाओं का वर्गीकरण करता है। यह ऑक्सीकरण संख्या के आधार पर ऑक्सीकारक और अपचायक की पहचान करने, रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की विधियों (ऑक्सीकरण संख्या विधि और आयन-इलेक्ट्रॉन विधि) और इलेक्ट्रोड विधि का भी परिचय देता है। रेडॉक्स अभिक्रियाओं का महत्व औषधि विज्ञान, जीव विज्ञान, धातु निर्माण, कृषि और ऊर्जा उत्पादन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में स्पष्ट किया गया है। यह अध्याय छात्रों को रेडॉक्स अभिक्रियाओं की गहरी समझ विकसित करने और उनके अनुप्रयोगों को पहचानने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan Vigyan bhag-II |
| Chapter | Chapter 1 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 905 |
Learning outcomes
- अपचयन तथा आॅक्सीकरण द्वारा होने वाली अपचयोपचय अभिक्रियाओं की पहचान करना।
- ऑक्सीकरण, अपचयन (आॅक्सीडेंट), ऑक्सीकारक तथा अपचायक (रिडक्टेंट) को परिभाषित करना।
- इलेक्ट्राॅन-स्थानांतरण द्वारा अपचयोपचय अभिक्रियाओं की क्रियाविधि की व्याख्या करना।
- यौगिकों में तत्त्वों की आॅक्सीकरण-संख्या के आधार पर ऑक्सीकारक या अपचायक की पहचान करना।
- रासायनिक समीकरणों को ऑक्सीकरण-संख्या तथा आयन-इलेक्ट्रॉन विधियों द्वारा संतुलित करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अपचयोपचय अभिक्रियाएँ | ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ होने वाली अभिक्रियाएँ। |
| आॅक्सीकरण | किसी पदार्थ में ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का योग या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का निष्कासन। |
| अपचयन | किसी पदार्थ से ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का निष्कासन या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का योग। |
| आॅक्सीडेंट | अपचायक पदार्थ जो दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित हो जाता है। |
| अपचायक | ऑक्सीकारक पदार्थ जो दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत हो जाता है। |
| आॅक्सीकरण-संख्या | किसी यौगिक में एक तत्व के परमाणु पर आवेश की वह संख्या जो आयनिक यौगिकों में आयन पर आवेश के तुल्य होती है। |
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Practice questions
- अभिक्रिया 7.1 (2 Mg (s) + O2 (g) → 2 MgO (s)) में किसका ऑक्सीकरण हो रहा है और किसका अपचयन? Answer: मैग्नीशियम (Mg) का ऑक्सीकरण हो रहा है क्योंकि उसका ऑक्सीजन से संयोग हो रहा है। ऑक्सीजन (O2) का अपचयन हो रहा है क्योंकि वह मैग्नीशियम से संयोग कर रही है।
- ऑक्सीकरण की विस्तृत परिभाषा क्या है? Answer: किसी पदार्थ में ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का समावेश या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का निष्कासन ऑक्सीकरण कहलाता है।
- अपचयन की विस्तृत परिभाषा क्या है? Answer: किसी पदार्थ से ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का निष्कासन या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का समावेश अपचयन कहलाता है।
- अभिक्रिया 7.9 (2 FeCl3 (aq) + H2 (g) → 2 FeCl2 (aq) + 2 HCl(aq)) में किसका ऑक्सीकरण और किसका अपचयन हो रहा है? Answer: फेरिक क्लोराइड (FeCl3) का अपचयन हो रहा है क्योंकि उसमें से ऋणविद्युती तत्व क्लोरीन का निष्कासन हो रहा है (या हाइड्रोजन का योग हो रहा है)। हाइड्रोजन (H2) का ऑक्सीकरण हो रहा है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया ऑक्सीकरण का उदाहरण है?
Explanation: Mg (s) + F2 (g) → MgF2 (s) में मैग्नीशियम का फ्लोरीन से संयोग हो रहा है, जो ऑक्सीकरण है।
Q2. अपचयोपचय अभिक्रियाओं में हमेशा साथ-साथ घटित होता है:
Explanation: अपचयोपचय अभिक्रियाओं का नाम ही यह दर्शाता है कि इनमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ होती हैं।
Q3. किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का निष्कासन क्या कहलाता है?
Explanation: किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का निष्कासन अपचयन की परिभाषा के अंतर्गत आता है।
Q4. अभिक्रिया 7.3 (CH4 (g) + 2O2 (g) → CO2 (g) + 2H2O (l)) में मेथैन का क्या हो रहा है?
Explanation: मेथैन में हाइड्रोजन का निष्कासन हो रहा है और ऑक्सीजन का योग हो रहा है, जो ऑक्सीकरण की परिभाषा है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन एक ऑक्सीकारक का उदाहरण है?
Explanation: Cl2 (क्लोरीन) एक प्रबल ऑक्सीकारक है जो H2S में सल्फर का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित हो जाता है।
Frequently asked questions
अपचयोपचय अभिक्रियाएँ क्या होती हैं?
अपचयोपचय अभिक्रियाएँ वे रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं जिनमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ होती हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है।
ऑक्सीकरण और अपचयन में क्या अंतर है?
ऑक्सीकरण में ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का योग या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का निष्कासन होता है, जबकि अपचयन में ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का निष्कासन या हाइड्रोजन या धनविद्युती तत्व का योग होता है।
ऑक्सीकारक और अपचायक क्या हैं?
ऑक्सीकारक वह पदार्थ है जो दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित हो जाता है। अपचायक वह पदार्थ है जो दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत हो जाता है।
रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की मुख्य विधियाँ कौन सी हैं?
रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने की दो मुख्य विधियाँ हैं: ऑक्सीकरण संख्या विधि और आयन-इलेक्ट्रॉन विधि (या अर्ध-अभिक्रिया विधि)।
रेडॉक्स अभिक्रियाओं का एक उदाहरण दीजिए।
2 Mg (s) + O2 (g) → 2 MgO (s) एक रेडॉक्स अभिक्रिया का उदाहरण है, जिसमें मैग्नीशियम का ऑक्सीकरण और ऑक्सीजन का अपचयन होता है।
रेडॉक्स अभिक्रियाओं का क्या महत्व है?
रेडॉक्स अभिक्रियाएँ ऊर्जा उत्पादन (जैसे ईंधनों का जलना, बैटरियाँ), धातु निर्माण, संक्षारण, और विभिन्न जैविक तथा औद्योगिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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Topics covered
NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-II — Chapter 1 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.