NCERT Class 11 Biology Jeev Vigyan: Chapter 13 — जीव विज्ञान

NCERT CBSE Class 11 Biology Jeev Vigyan Chapter 13 Hindi PDF

यह अध्याय पादप वृद्धि एवं विकास की प्रक्रिया को विस्तार से बताता है, जो कि जीव विज्ञान की एक महत्वपूर्ण शाखा है। इसमें वृद्धि को एक अपरिवर्तनीय और स्थायी वृद्धि के रूप में परिभाषित किया गया है, जो उपापचयी प्रक्रियाओं से जुड़ी है। अध्याय में बताया गया है कि पौधे जीवन भर असीमित वृद्धि की क्षमता रखते हैं, जिसका कारण विभज्योतक ऊतकों की उपस्थिति है। इन ऊतकों की कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं, जिससे पौधे के शरीर में नई कोशिकाएं जुड़ती रहती हैं। यह वृद्धि का खुला स्वरूप कहलाता है। अध्याय में बीज के अंकुरण से लेकर नवोद्भिद् के विकास तक की प्रक्रिया को दर्शाया गया है। यह बताता है कि कैसे एक युग्मक से जटिल पादप संरचना का निर्माण होता है, जिसमें जड़ें, पत्तियां, शाखाएं, फूल और फल शामिल हैं। अंततः, यह अध्याय पादप वृद्धि को संचालित और नियंत्रित करने वाले आंतरिक और बाहरी कारकों पर भी प्रकाश डालता है, जो पादप विकास के लिए आवश्यक हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectBiology
BookJeev Vigyan
ChapterChapter 13 — जीव विज्ञान
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count606

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
वृ(िGrowth
पर्रिनDevelopment
विभज्योतकMeristem
अंवुफरणGermination
उपापचयMetabolism
कायिक वृ(िVegetative growth
युग्मकZygote
नवोद्भिदSeedling

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Practice questions

  1. वृ(ि को कैसे परिभाषित किया जाता है? Answer: वृ(ि को एक अवयव या अंग या इसके किसी भाग या यहाँ तक कि एक कोशिका के आधार में अर्नि (अनपलट) स्थाई बढ़त के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
  2. पौधों में असीमित वृद्धि की क्षमता का कारण क्या है? Answer: पौधों में असीमित वृद्धि की क्षमता का कारण उनके शरीर में कुछ खास जगहों पर विभज्योतक ऊतकों की उपस्थिति है।
  3. वृ(ि का खुला स्वरूप क्या है? Answer: वृ(ि का खुला स्वरूप वह है जहाँ विभज्योतक की क्रियात्मकता से पौधे के शरीर में सदैव नई कोशिकाओं को जोड़ा जाता है।
  4. पादप वृद्धि एवं विकास किन दो प्रक्रियाओं का योग है? Answer: पादप वृद्धि एवं विकास, वृद्धि एवं विभेदन दो प्रक्रियाओं का योग है।

Practice MCQs

Q1. पौधों की वृद्धि को सामान्यतः किससे जोड़ा जाता है?

Q2. पौधों में जीवन भर असीमित वृद्धि की क्षमता का कारण क्या है?

Q3. वृ(ि का खुला स्वरूप किस ऊतक की क्रियात्मकता से संबंधित है?

Q4. पादप वृद्धि एवं विकास किन दो प्रक्रियाओं का योग है?

Q5. बीज का अंकुरण कब होता है?

Frequently asked questions

पादप वृद्धि एवं विकास क्या है?

पादप वृद्धि एवं विकास, वृद्धि एवं विभेदन दो प्रक्रियाओं का योग है। वृद्धि एक अपरिवर्तनीय और स्थायी बढ़त है, जबकि विकास एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें संरचनात्मक और क्रियात्मक परिवर्तन शामिल हैं।

पौधों में वृद्धि जीवन भर क्यों जारी रहती है?

पौधों में वृद्धि जीवन भर जारी रहती है क्योंकि उनमें विभज्योतक ऊतक होते हैं, जिनकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं, जिससे नई कोशिकाएं बनती रहती हैं।

विभज्योतक ऊतक क्या हैं?

विभज्योतक ऊतक पौधों के वे ऊतक होते हैं जिनकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं और नई कोशिकाएं बनाती हैं, जिससे पौधे की वृद्धि होती है।

बीज का अंकुरण कब संभव होता है?

बीज का अंकुरण तब संभव होता है जब पर्यावरण में वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ उपलब्ध होती हैं, जैसे कि उचित नमी, तापमान और ऑक्सीजन।

पादप वृद्धि को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?

पादप वृद्धि को आंतरिक कारक (जैसे हार्मोन) और बाहरी कारक (जैसे प्रकाश, तापमान, जल और पोषक तत्व) प्रभावित करते हैं।

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Important topics

वृ(ि की परिभाषा एवं विशेषताएँ विभज्योतक ऊतक एवं असीमित वृद्धि वृ(ि का खुला स्वरूप बीज अंकुरण एवं नवोद्भिद विकास पादप वृद्धि नियामक

Topics covered

वृ(ि की परिभाषा वृ(ि की विशेषताएँ विभज्योतक ऊतक खुला वृ(ि स्वरूप बीज का अंकुरण नवोद्भिद का विकास पादप वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक

NCERT Class 11 Biology — Jeev Vigyan — Chapter 13 — जीव विज्ञान. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.