कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 1 - समकालीन विश्व में लोकतंत्र के लिए NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'समकालीन विश्व में लोकतंत्र' अध्याय पर केंद्रित है। इसमें चिली में 1973 के सैन्य तख्तापलट और पोलैंड में साम्यवादी शासन के उदाहरणों के माध्यम से लोकतंत्र की अवधारणा और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। समाधान चिली में आयेंदे सरकार के पतन, पिनोशे के सैन्य शासन, और बाद में लोकतंत्र की वापसी की व्याख्या करते हैं। साथ ही, पोलैंड में जारुजेल्स्की के नेतृत्व वाले अलोकतांत्रिक शासन और मजदूरों के संघर्ष का भी वर्णन किया गया है। यह खंड छात्रों को लोकतंत्र के महत्व, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, जनमत संग्रह और सैन्य शासन के तहत अधिकारों के हनन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. समकालिक विश्व में लोकतंत्र

Chapter summary

कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1 'समकालीन विश्व में लोकतंत्र' के ये NCERT समाधान छात्रों को लोकतंत्र की अवधारणा को समझने में मदद करते हैं। इसमें चिली और पोलैंड जैसे देशों के ऐतिहासिक उदाहरणों का उपयोग करके अलोकतांत्रिक शासन के तरीकों और लोकतंत्र की बहाली की प्रक्रियाओं को समझाया गया है। समाधान सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, जनमत संग्रह और सैन्य शासन के तहत नागरिक अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे प्रमुख विषयों को स्पष्ट करते हैं।

Learning outcomes

  • चिली में हुए सैन्य तख्तापलट और उसके परिणामों को समझना।
  • पोलैंड में साम्यवादी शासन की प्रकृति और उसके अंत को समझना।
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को परिभाषित करना।
  • जनमत संग्रह की प्रक्रिया और उसके महत्व को समझना।
  • सैन्य शासन के तहत नागरिक स्वतंत्रता और अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना।
  • लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्षों के महत्व को पहचानना।

Topics covered

Paper topics

  • समकालीन विश्व में लोकतंत्र
  • चिली में तख्तापलट
  • जनरल आगस्तो पिनोशे
  • राष्ट्रपति आयेंदे
  • सैन्य शासन
  • लोकतंत्र की वापसी
  • पोलैंड में अलोकतांत्रिक सरकार
  • जारुजेल्स्की
  • सोवियत संघ का प्रभाव
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
  • जनमत संग्रह
  • नागरिक स्वतंत्रता

Important topics

  • चिली में तख्तापलट और उसके परिणाम
  • पोलैंड में साम्यवादी शासन और लोकतंत्र की मांग
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ और महत्व
  • जनमत संग्रह की प्रक्रिया
  • सैन्य शासन के तहत नागरिक अधिकारों का हनन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

11 सितंबर, 1973 को चिली में किसके द्वारा और कब राष्ट्रपति आयेंदे की सरकार का तख्तापलट कर दिया गया था? इस तख्तापलट की अगुआई किसने की थी?
Solution:

चिली में 11 सितंबर, 1973 को राष्ट्रपति आयेंदे की सरकार का तख्तापलट उन्हीं की सेना ने किया था। इस तख्तापलट की अगुआई जनरल आगस्तो पिनोशे ने की थी। तख्तापलट के बाद, जनरल पिनोशे चिली के राष्ट्रपति बने और उन्होंने आयेंदे के समर्थकों का दमन किया।

प्रश्न 2

'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' से आप क्या समझते हैं? विस्तार से समझाएं।
Solution:

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार एक ऐसा सिद्धांत है जिसके अनुसार किसी देश के सभी वयस्क नागरिकों को, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, वोट देने का अधिकार प्राप्त होता है। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है, जैसे कि रंग, जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर। भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है, जो लोकतंत्र में सभी की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 3

'जनमत संग्रह' से क्या अभिप्राय है? यह कब और क्यों कराया जा सकता है?
Solution:

जनमत संग्रह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी विशेष प्रस्ताव, कानून या नीति पर सभी मतदाताओं से सीधे 'हाँ' या 'ना' में उनकी राय ली जाती है। यह एक प्रत्यक्ष चुनाव का रूप है। जनमत संग्रह का उपयोग अक्सर किसी नए संविधान को अपनाने, किसी महत्वपूर्ण कानून पर जनता की राय जानने, या सरकार की किसी विशेष नीति पर निर्णय लेने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, चिली में पिनोशे शासन के अंत में जनमत संग्रह कराया गया था।

प्रश्न 4

चिली के सैनिक विद्रोह में किस देश की सहायता प्राप्त थी?
Solution:

चिली के सैनिक विद्रोह में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की सहायता प्राप्त थी। अमेरिका की सरकार राष्ट्रपति आयेंदे के शासन से खुश नहीं थी, इसलिए उसने सैन्य शासकों का समर्थन किया।

प्रश्न 5

जब सेना द्वारा सरकार को उखाड़ फेंका जाता है, तो सामान्यतः कौन-सी नागरिक स्वतंत्रताएँ समाप्त हो जाती हैं? या, यदि देश में सैनिक शासन लागू हो जाए, तो हमारे किन अधिकारों का हनन होगा?
Solution:

जब सेना द्वारा सरकार को उखाड़ फेंका जाता है और सैनिक शासन लागू होता है, तो सामान्यतः निम्नलिखित नागरिक स्वतंत्रताएँ और अधिकार समाप्त हो जाते हैं:

  1. राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध: किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियाँ या सभाएँ मान्य नहीं होती हैं। ऐसा करने पर गिरफ्तारी हो सकती है।
  2. प्रेस की स्वतंत्रता का अंत: समाचार पत्रों और अन्य मीडिया पर कड़ा नियंत्रण लगा दिया जाता है, और सेंसरशिप लागू होती है।
  3. मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत: किसी भी व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है और उसे लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है।
  4. कानूनी अधिकारों का हनन: वकील करने या अपनी बात रखने (दलील) का अधिकार सीमित या समाप्त हो जाता है। सैन्य शासन में न्याय प्रणाली अक्सर सेना के नियंत्रण में होती है।

Common mistakes

  • सैन्य शासन के तहत नागरिक अधिकारों के हनन को कम आंकना।
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और सीमित मताधिकार के बीच अंतर को न समझना।
  • जनमत संग्रह की प्रक्रिया को केवल एक साधारण वोट समझना।
  • विभिन्न देशों में लोकतंत्र की बहाली के संघर्षों की जटिलताओं को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • चिली और पोलैंड के केस स्टडीज पर विशेष ध्यान दें।
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और जनमत संग्रह की परिभाषाओं को याद करें।
  • सैन्य शासन के तहत समाप्त होने वाली स्वतंत्रता की सूची बनाएं।
  • लोकतंत्र की बहाली के लिए मजदूरों और नागरिकों के संघर्षों के महत्व को समझें।

Practice MCQs

Q1. चिली में राष्ट्रपति आयेंदे की सरकार का तख्तापलट कब हुआ था?

Q2. चिली के तख्तापलट में किस देश ने सैन्य शासकों की सहायता की थी?

Q3. पोलैंड में 1980 में किस पार्टी का शासन था?

Q4. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का क्या अर्थ है?

Q5. जनमत संग्रह क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1 का मुख्य विषय क्या है?

कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1, 'समकालीन विश्व में लोकतंत्र', का मुख्य विषय समकालीन विश्व में लोकतंत्र की अवधारणा, उसके समक्ष आने वाली चुनौतियाँ और विभिन्न देशों के उदाहरणों (जैसे चिली और पोलैंड) के माध्यम से लोकतंत्र की स्थापना और बहाली की प्रक्रिया को समझाना है।

चिली में 1973 के तख्तापलट का क्या महत्व है?

चिली में 1973 का तख्तापलट एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सैन्य बल द्वारा उखाड़ फेंकने का एक प्रमुख उदाहरण है। यह दर्शाता है कि कैसे बाहरी शक्तियों के प्रभाव और आंतरिक सैन्य हस्तक्षेप से लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है।

पोलैंड के उदाहरण से हम लोकतंत्र के बारे में क्या सीखते हैं?

पोलैंड का उदाहरण दिखाता है कि कैसे एक साम्यवादी पार्टी के अलोकतांत्रिक शासन के खिलाफ मजदूरों और नागरिकों के संघर्ष से लोकतंत्र की बहाली हो सकती है। यह स्वतंत्र मजदूर संघों और नागरिक अधिकारों की मांग के महत्व को उजागर करता है।

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार वह सिद्धांत है जिसके तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को जाति, धर्म, लिंग या अन्य किसी भी भेदभाव के बिना वोट देने का अधिकार होता है। यह लोकतंत्र का एक मूलभूत स्तंभ है जो सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करता है।

सैन्य शासन के तहत कौन सी स्वतंत्रताएँ समाप्त हो जाती हैं?

सैन्य शासन के तहत आमतौर पर राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध, प्रेस की स्वतंत्रता का हनन, मनमानी गिरफ्तारी और बिना वकील या दलील के सजा जैसी नागरिक स्वतंत्रताएँ समाप्त हो जाती हैं।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

इन समाधानों का उपयोग करके छात्र अध्याय के मुख्य विषयों, महत्वपूर्ण घटनाओं (जैसे चिली तख्तापलट, पोलैंड संघर्ष), और अवधारणाओं (जैसे सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, जनमत संग्रह) को स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं। विस्तृत उत्तर और उदाहरण परीक्षा में अच्छे अंक लाने में सहायक होते हैं।

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