कक्षा 9 हिंदी स्पर्श: पाठ 15 'नए इलाके में' - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 15, 'नए इलाके में' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह कविता, जिसे अरुण कमल ने लिखा है, तेजी से बदलते शहरी परिदृश्यों और उसमें खोती जा रही पहचान की पड़ताल करती है। समाधानों में कवि द्वारा रास्ता भूल जाने के कारणों, पुराने निशानों के उल्लेख, और समय की कमी जैसी अवधारणाओं की गहन व्याख्या शामिल है। ये समाधान छात्रों को कविता की बारीकियों को समझने, उसके प्रतीकों को पहचानने और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectHindi Sparsh
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 15

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 15 'नए इलाके में' के ये NCERT समाधान कविता के केंद्रीय भाव को स्पष्ट करते हैं। इसमें नए बसते इलाकों में कवि के रास्ता भूल जाने, पुराने निशानों के मिट जाने और ऋतु परिवर्तन के साथ समय के बीतने का वर्णन है। समाधानों में 'समय की कमी' और शहरी जीवन की विडंबनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है, जो छात्रों को कविता के गहरे अर्थ को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • कविता 'नए इलाके में' में कवि द्वारा रास्ता भूल जाने के कारणों को समझना।
  • कविता में उल्लिखित पुराने निशानों की पहचान करना।
  • ऋतु परिवर्तन और समय के अंतराल के प्रतीकात्मक अर्थ को समझना।
  • शहरीकरण की विडंबनाओं और समय की कमी के भाव को पहचानना।
  • कविता की पंक्तियों की व्याख्या करने की क्षमता विकसित करना।

Topics covered

Paper topics

  • नए बसते इलाके में कवि का रास्ता भूलना
  • पुराने निशानों का उल्लेख
  • ऋतु परिवर्तन और समय का अंतराल
  • शहरीकरण की विडंबना
  • समय की कमी का भाव
  • स्मृति का भरोसा न होना
  • कविता की पंक्तियों की व्याख्या

Important topics

  • नए बसते इलाकों में पहचान का संकट
  • शहरीकरण और मानवीय संवेदनाओं का ह्रास
  • समय की गतिशीलता और अस्थिरता
  • स्मृति और वर्तमान के बीच द्वंद्व
  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थ

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Questions and Solutions

1. नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?

नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?
Solution: नए बसते इलाके में कवि इसलिए रास्ता भूल जाता है क्योंकि वहाँ लगातार नए मकानों का निर्माण हो रहा है। इस निरंतर बदलाव के कारण पुराने पेड़, खाली ज़मीन के टुकड़े और टूटे-फूटे घर जैसे वे सभी निशान जो कवि ने अपने घर तक पहुँचने के लिए याद रखे थे, वे सब मिट जाते हैं। इन मिटते हुए निशानों के कारण कवि को अपने घर का रास्ता खोजने में कठिनाई होती है।

2. कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?

कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?
Solution: इस कविता में कवि ने निम्नलिखित पुराने निशानों का उल्लेख किया है:
  1. पीपल का पेड़
  2. ढहा हुआ घर
  3. ज़मीन का खाली टुकड़ा
  4. बिना रंग वाले लोहे के फाटक वाला मकान
ये वे स्थान या वस्तुएँ थीं जो कवि को अपने घर तक पहुँचने का रास्ता याद दिलाने में सहायक थीं।

3. कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?

कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
Solution: कवि एक घर पीछे या दो घर आगे इसलिए चल देता है क्योंकि नए बसते इलाके में प्रतिदिन हो रहे बदलावों के कारण उसके द्वारा बनाए गए पुराने निशान, जैसे पीपल का पेड़ या ढहा हुआ घर, अब वहाँ मौजूद नहीं हैं। इन निशानों के मिट जाने से उसे अपने घर का सही स्थान पहचानने में भ्रम हो जाता है, जिसके कारण वह कभी एक घर पीछे चला जाता है तो कभी दो घर आगे बढ़ जाता है।

4. 'वसंत का गया पतझड़' और 'बैसाख का गया भादों को लौटा' से क्या अभिप्राय है?

'वसंत का गया पतझड़' और 'बैसाख का गया भादों को लौटा' से क्या अभिप्राय है?
Solution: इन वाक्यांशों, 'वसंत का गया पतझड़' और 'बैसाख का गया भादों को लौटा', का अभिप्राय ऋतु परिवर्तन और एक लंबे समय के अंतराल से है। जिस प्रकार एक ऋतु के समाप्त होने और दूसरी के आने में काफी समय लगता है, उसी प्रकार कवि भी बहुत लंबे समय के बाद अपने घर लौट रहा है। इस लंबे अंतराल के कारण उसे अपने परिचित स्थान भी बदले हुए लगते हैं और घर ढूंढने में मुश्किल होती है।

5. कवि ने इस कविता में 'समय की कमी' की ओर क्यों इशारा किया है?

कवि ने इस कविता में 'समय की कमी' की ओर क्यों इशारा किया है?
Solution: कवि ने इस कविता में 'समय की कमी' की ओर इसलिए इशारा किया है क्योंकि आज के शहरी जीवन में समय बहुत तेजी से बदल रहा है और लोग भी उसी गति से बदल रहे हैं। हर कोई प्रगति और सफलता की दौड़ में अंधाधुंध भाग रहा है, जिसके कारण उनके पास एक-दूसरे के लिए या अपने आसपास की दुनिया को समझने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा है। यह भागदौड़ भरी जीवनशैली ही 'समय की कमी' को दर्शाती है।

6. इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?

इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?
Solution: इस कविता में कवि ने शहरों की उस विडंबना की ओर संकेत किया है जहाँ शहर हर पल बदलते रहते हैं। इस निरंतर परिवर्तन के कारण जीवन की सहजता समाप्त हो गई है और मनुष्य संवेदनशून्य होता जा रहा है। लोग बनावटी चीजों के प्रति अधिक आकर्षित हो रहे हैं और आपसी प्रेम, लगाव व आत्मीयता कम होती जा रही है। हर कोई आगे निकलने की होड़ में लगा है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों की अपनी पहचान और रहने के स्थान की पहचान भी खोती जा रही है। स्वार्थ के इस माहौल में किसी के पास दूसरों के लिए समय नहीं है, और कुछ भी स्थायी नहीं रह गया है, केवल स्मृतियों के सहारे जीना संभव नहीं है।

7. यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं, एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया। - व्याख्या कीजिए।

'यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं' और 'एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया' - इन पंक्तियों का क्या अर्थ है?
Solution: इन पंक्तियों का अर्थ है कि आज के तेजी से बदलते परिवेश में केवल यादों या पुरानी बातों पर निर्भर रहना संभव नहीं है। दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि जो आज नया है, वह कल ही पुराना लगने लगता है। समय की गतिशीलता के साथ सब कुछ बदल जाता है, इसलिए पुरानी स्मृतियाँ या निशान आज के बदलते हालातों में रास्ता दिखाने के लिए पर्याप्त नहीं रह जाते।

8. समय बहुत कम है तुम्हारे पास, आ चला पानी ढहा आ रहा अकास, शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर - व्याख्या कीजिए।

'समय बहुत कम है तुम्हारे पास', 'आ चला पानी ढहा आ रहा अकास', और 'शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर' - इन पंक्तियों का क्या अर्थ है?
Solution: इन पंक्तियों में कवि समय की अत्यधिक कमी और जीवन की अनिश्चितता की ओर संकेत कर रहा है। 'समय बहुत कम है तुम्हारे पास' यह दर्शाता है कि जीवन की भागदौड़ में लोगों के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं है। 'आ चला पानी ढहा आ रहा अकास' जैसी पंक्तियाँ प्रकृति के तीव्र और अप्रत्याशित बदलावों को दर्शाती हैं, जो जीवन की अस्थिरता का प्रतीक हैं। अंत में, 'शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर' पंक्ति में कवि एक आशा व्यक्त करता है कि इस बदलते और अपरिचित माहौल में भी शायद कोई पुराना परिचित मिल जाए जो उसे पहचान ले और सहायता कर सके, जिससे खोई हुई पहचान और जुड़ाव की भावना को कुछ हद तक पुनः प्राप्त किया जा सके।

Common mistakes

  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थों को शाब्दिक रूप से लेना।
  • शहरीकरण के नकारात्मक पहलुओं को अनदेखा करना।
  • समय के बीतने और ऋतु परिवर्तन के बीच संबंध को न समझ पाना।

Revision tips

  • कविता को कई बार पढ़ें और उसके मुख्य भाव को समझने का प्रयास करें।
  • कवि द्वारा वर्णित पुराने निशानों और उनके मिट जाने के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • कविता की पंक्तियों की व्याख्या को अच्छी तरह से याद करें, खासकर 'स्मृति का भरोसा नहीं' और 'समय की कमी' जैसे वाक्यांशों पर ध्यान दें।
  • शहरीकरण से जुड़ी विडंबनाओं को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?

Q2. कविता में किन पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?

Q3. 'वसंत का गया पतझड़' और 'बैसाख का गया भादों को लौटा' से कवि का क्या अभिप्राय है?

Q4. कविता में 'समय की कमी' की ओर इशारा क्यों किया गया है?

Q5. शहरों की किस विडंबना की ओर कवि ने संकेत किया है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 15 का शीर्षक क्या है?

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 15 का शीर्षक 'नए इलाके में' है, जो अरुण कमल द्वारा रचित एक कविता है।

यह समाधान किस बोर्ड के छात्रों के लिए उपयोगी है?

यह समाधान विशेष रूप से CBSE बोर्ड के कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श के छात्रों के लिए उपयोगी है।

कविता 'नए इलाके में' किस विषय पर आधारित है?

यह कविता तेजी से बदलते शहरी परिदृश्यों, उसमें खोती जा रही पहचान, और समय की गतिशीलता के प्रभाव पर आधारित है।

कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?

कवि नए बसते इलाके में प्रतिदिन होने वाले निर्माण कार्यों के कारण पुराने निशानों के मिट जाने से रास्ता भूल जाता है।

क्या इन समाधानों से परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी?

हाँ, ये समाधान कविता के गहन विश्लेषण और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।

कविता में 'समय की कमी' का क्या अर्थ है?

कविता में 'समय की कमी' का अर्थ शहरी जीवन की भागदौड़ है, जहाँ लोग प्रगति की दौड़ में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास आपसी संबंधों और संवेदनाओं के लिए समय नहीं है।

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