CBSE Class 9 Hindi Sparsh Chapter 12: NCERT Solutions

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CBSE Class 9 Hindi Sparsh, Chapter 12, presents a profound poem by Siya Ramsharan Gupt that critically examines social injustices, focusing on the deep-seated issue of untouchability. The NCERT Solutions for this chapter offer a comprehensive analysis, dissecting the poem's verses to illuminate the devastating consequences of this practice on individuals and communities. Students will gain insights into the poem's central themes, including empathy, the urgent need for social reform, and the fundamental principle of human equality. These solutions aim to enhance comprehension, equip students to answer examination questions with confidence, and foster a deeper appreciation for the poem's literary merit and its powerful social commentary. They serve as a valuable tool for mastering the chapter's content and preparing effectively for assessments.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectHindi Sparsh
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 12

Chapter summary

Chapter 12 of CBSE Class 9 Hindi Sparsh presents a poem by Siya Ramsharan Gupt that critically examines the societal issue of untouchability. The NCERT Solutions provided here offer in-depth answers to questions related to the poem's narrative, its characters, and its underlying message. They focus on explaining the emotional turmoil of the characters, the injustice faced due to caste discrimination, and the poet's call for social reform. Students can use these solutions to understand the poem's literary devices and its powerful social commentary.

Learning outcomes

  • Understand the social evils of untouchability as depicted in the poem.
  • Analyze the emotional state and plight of the characters, especially the father.
  • Explain the central message of social equality and reform conveyed by the poet.
  • Identify and interpret poetic devices and imagery used in the poem.
  • Articulate the meaning and significance of specific verses from the poem.

Topics covered

Paper topics

  • छुआछूत की समस्या
  • सामाजिक अन्याय
  • पिता-पुत्री का संबंध
  • धार्मिक आडंबर
  • भावनात्मक वेदना
  • सामाजिक सुधार का संदेश
  • काव्य सौंदर्य
  • बिम्ब और प्रतीक
  • कवि का दृष्टिकोण
  • मानवीय समानता

Important topics

  • छुआछूत की समस्या का चित्रण
  • पिता की वेदना और पश्चाताप
  • कविता का केंद्रीय भाव
  • भावनात्मक और सामाजिक संदेश
  • काव्य पंक्तियों का आशय स्पष्टीकरण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कविता की उन पंक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है –
  1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृदय काँप उठता था।
  2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
  3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मन:स्थिति।
  4. पिता की वेदना और पश्चाताप।
Solution:

यहाँ कविता की उन पंक्तियों को दिया गया है जिनसे दिए गए अर्थों का बोध होता है:

  1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृदय काँप उठता था:

    "नहीं खेलना रुकता उसका, नहीं ठहरती वह पल-भर।

    मेरा हृदय काँप उठता था, बाहर गई निहार उसे;"

  2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा:

    "ऊँचे शैल शिखर के ऊपर मंदिर था विस्तीर्ण विशाल;

    स्वर्ण-कलश सरसिज विहसित थे पाकर समुदित रवि-कर-जाल।"

  3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मन:स्थिति:

    "भूल गया उसका झट, परम लाभ-सा पाकर मैं।

    सोचा,-बेटी को माँ के ये पुण्य-पुष्प दूँ जाकर मैं।"

  4. पिता की वेदना और पश्चाताप:

    "बुझ पड़ी थी चिता वहाँ पर छाती धधक उठी मेरी,

    हाय ! फूल-सी कोमल बच्ची हुई राख की ढेरी !

    अंतिम बार गोद में बेटी, तुझको न ले सका मैं हा !

    एक फूल माँ का प्रसाद भी तुझको दे न सका मैं हा !"

प्रश्न 2

1. बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
Solution:

बीमार बच्ची, जो तेज ज्वर से पीड़ित थी, उसने अपने पिता के सामने देवी के चरणों का फूल-रूपी प्रसाद पाने की इच्छा प्रकट की। संभवतः उसे यह विश्वास था कि देवी का प्रसाद ग्रहण करने से वह शीघ्र स्वस्थ हो जाएगी।

प्रश्न 3

2. सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?
Solution:

सुखिया के पिता पर यह आरोप लगाया गया कि उसने मंदिर की चिरकालिक शुचिता (पवित्रता) को कलुषित किया है और देवी का अपमान किया है। इसी आरोप के तहत उसे न्यायालय ले जाया गया और न्यायाधीश ने सात दिनों के कारावास की सजा सुनाई।

प्रश्न 4

3. जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?
Solution:

जेल से छूटने के बाद जब सुखिया का पिता अपने घर लौटा, तो उसने पाया कि उसकी बेटी सुखिया की मृत्यु हो चुकी थी। उसके रिश्तेदारों ने उसका दाह-संस्कार भी कर दिया था। वह श्मशान घाट भागा, जहाँ उसे अपनी बेटी केवल राख की ढेरी के रूप में मिली।

प्रश्न 5

4. इस कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
Solution:

इस कविता का केंद्रीय भाव समाज में व्याप्त छुआछूत की घृणित समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करना है। यह कविता दर्शाती है कि कैसे उच्च कुल के लोग निम्न जाति के लोगों को अछूत मानते हैं और उन्हें सामाजिक बंधनों में जकड़ देते हैं। कवि यह संदेश देते हैं कि ईश्वर ने सभी मनुष्यों को समान बनाया है, और किसी को भी उसकी जाति के आधार पर वंचित करना या अपमानित करना सरासर गलत है। कविता सुखिया के पिता के माध्यम से इस सामाजिक बुराई के कारण उत्पन्न पीड़ा को व्यक्त करती है और ऐसे सामाजिक दोषों को दूर करने का आह्वान करती है।

प्रश्न 6

5. इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकों/बिम्बों को छाँटकर लिखिए – उदाहारण – अंधकार की छाया
Solution:

कविता में प्रयुक्त कुछ भाषिक प्रतीक और बिम्ब इस प्रकार हैं:

  1. हाय! फूल-सी कोमल बच्ची
  2. हुई राख की थी ढेरी!
  3. स्वर्ण घनों में कब रवि डूबा
  4. कितना बड़ा तिमिर आया
  5. झुलसी-जाती थी आँखें

प्रश्न 7

निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए –

1. अविश्रांत बरसा करके भी आँखें तनिक नहीं रीतीं

Solution:

आशय: इन पंक्तियों का अर्थ है कि सुखिया के पिता की आँखों से लगातार सात दिनों तक आँसू बहते रहे, मानो वे कभी रुके ही नहीं।

अर्थ-सौंदर्य: यहाँ कवि ने पिता के असीम दुःख को दर्शाया है। सामान्यतः बादल भी बरसने के बाद शांत हो जाते हैं, लेकिन यहाँ पिता के आँसू लगातार बहते रहते हैं, जो उसकी गहरी वेदना और पीड़ा को व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 8

2. बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर छाती धधक उठी पर
Solution:

आशय: इन पंक्तियों का भाव यह है कि बेटी सुखिया की चिता तो जलकर बुझ गई थी, परंतु उस बुझी हुई चिता को देखकर पिता के हृदय में दुःख और वेदना की एक नई चिता जल उठी, जो उसे अंदर ही अंदर जला रही थी।

अर्थ-सौंदर्य: यहाँ कवि ने एक चिता के बुझने और दूसरी चिता (पिता के मन की व्यथा) के जलने के बीच विरोधाभास और मार्मिकता को प्रस्तुत किया है। यह पिता की असहनीय पीड़ा को दर्शाता है।

प्रश्न 9

3. हाय ! वही चुपचाप पड़ी थी अटल शांति-सी धारण कर
Solution:

आशय: इन पंक्तियों का अर्थ है कि जब सुखिया ज्वर से पीड़ित थी, तब वह बहुत शांति से एक जगह लेटी हुई थी, मानो उसने एक स्थिर और गहरी शांति धारण कर ली हो।

अर्थ-सौंदर्य: यहाँ अर्थ की सुंदरता यह है कि जो बालिका सामान्यतः बहुत चंचल थी और एक पल भी चुपचाप नहीं बैठती थी, वह मृत्यु के समीप होने पर एक अटल शांति धारण कर चुकी थी। यह उसकी अंतिम अवस्था का मार्मिक चित्रण है।

प्रश्न 10

4. पापी ने मंदिर में घुसकर किया अनर्थ बडा भारी
Solution:

आशय: इन पंक्तियों का आशय यह है कि समाज के लोगों ने सुखिया के पिता को 'पापी' कहा और मंदिर में घुसने के उसके कृत्य को एक 'भारी अनर्थ' (बहुत बड़ा अपराध) करार दिया। उन्होंने उसके इस छोटे से प्रयास को भी अत्यंत निंदनीय माना।

अर्थ-सौंदर्य: यहाँ अर्थ का सौंदर्य यह है कि कवि ने समाज की संकीर्ण मानसिकता पर व्यंग्य किया है। जिस व्यक्ति ने कोई पाप नहीं किया था, उसे केवल जाति के कारण 'पापी' बना दिया गया और उसके एक सामान्य कृत्य को भी अनर्थ का नाम दे दिया गया, जो सामाजिक अन्याय को दर्शाता है।

Common mistakes

  • Misinterpreting the poet's intent regarding social commentary.
  • Failing to connect the father's suffering to the broader issue of caste discrimination.
  • Overlooking the symbolic meaning of Prasad and flowers in the poem.
  • Not fully appreciating the contrast between societal norms and human empathy.

Revision tips

  • Read the poem multiple times to grasp its emotional depth and narrative.
  • Focus on understanding the father's perspective and the injustice he faces.
  • Analyze the meaning of each question and relate it directly to the poem's content.
  • Pay attention to the poetic devices and imagery used to convey the message.
  • Discuss the theme of untouchability with peers to solidify understanding.

Practice MCQs

Q1. कविता में सुखिया के पिता को किस सामाजिक बुराई के कारण दंडित किया गया?

Q2. बीमार सुखिया ने अपने पिता से क्या इच्छा प्रकट की?

Q3. जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बेटी को किस अवस्था में पाया?

Q4. कविता का मुख्य केंद्रीय भाव क्या है?

Q5. सुखिया के पिता को जेल में कितने दिनों की सजा सुनाई गई थी?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 12 पर केंद्रित हैं।

अध्याय 12 की कविता का मुख्य विषय क्या है?

अध्याय 12 की कविता का मुख्य विषय समाज में व्याप्त छुआछूत की समस्या और उसके कारण होने वाले अन्याय को उजागर करना है।

क्या इन समाधानों में कविता की पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट किया गया है?

हाँ, इन समाधानों में कविता की महत्वपूर्ण पंक्तियों का आशय स्पष्ट किया गया है और उनके अर्थ-सौंदर्य पर भी प्रकाश डाला गया है।

सुखिया के पिता को क्या दंड मिला था?

सुखिया के पिता को मंदिर की शुचिता को भंग करने और देवी का अपमान करने के आरोप में सात दिनों के कारावास की सजा सुनाई गई थी।

ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को कविता की गहरी समझ विकसित करने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर देने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे।

कविता में किन भाषिक प्रतीकों या बिम्बों का प्रयोग किया गया है?

कविता में 'फूल-सी कोमल बच्ची', 'राख की ढेरी', 'अंधकार की छाया' जैसे कई भाषिक प्रतीकों और बिम्बों का प्रयोग किया गया है जो भावों को गहराई प्रदान करते हैं।

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