Class 8 Hindi Vasant Chapter 18: टोपी (Topi) NCERT Solutions

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This comprehensive set of NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant Chapter 18, 'टोपी' (Topi), delves into the charming story of a sparrow's quest to make and wear a hat. The solutions meticulously explain the sparrow's (गवरइया) debate with her mate (गवरा) about human clothing, her determination to get a hat made, and her interactions with various artisans – a cotton cleaner (धुनिया), a spinner (कोरी), a weaver (बुनकर), and a tailor (दर्जी). Each question is answered with clarity, detailing the sparrow's journey from finding a cotton pod to the final embellishments on her hat. The solutions also explore themes of self-expression, the value of labor, and the social hierarchy represented by the king. This resource is designed to help students understand the narrative, its underlying messages, and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter18. टोपी

Chapter summary

Chapter 18, 'टोपी' (Topi), from the Class 8 Hindi Vasant textbook, narrates the delightful story of a sparrow's desire to wear a hat. These NCERT Solutions provide detailed answers to all questions, covering the sparrow's arguments with her mate, her step-by-step process of getting a hat made by different craftsmen, and her eventual presentation of the hat to the king. The solutions highlight the importance of enthusiasm, the value of skilled labor, and the sparrow's independent spirit.

Learning outcomes

  • Understand the story of the sparrow and her hat.
  • Analyze the debate between the sparrow and her mate regarding clothing.
  • Identify the different artisans involved in making the hat and their roles.
  • Explain the significance of the sparrow's interactions with the artisans and the king.
  • Appreciate the value of hard work, enthusiasm, and fair wages.
  • Recognize the use of regional dialects and idioms in the story.

Topics covered

Paper topics

  • Story of the sparrow and her hat
  • Debate on clothing
  • Artisans and their crafts (धुनिया, कोरी, बुनकर, दर्जी)
  • Process of making a hat
  • Value of labor and fair wages
  • Sparrow's determination and enthusiasm
  • Social hierarchy and the king
  • Regional language variations
  • Use of idioms and proverbs

Important topics

  • The sparrow's journey from finding cotton to wearing the hat
  • The roles and motivations of the artisans
  • The significance of the hat and its presentation to the king
  • The theme of self-reliance and achieving goals
  • Understanding regional language and idioms

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

गवरइया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और गवरइया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?
Solution: गवरइया और गवरा के बीच इस बात पर बहस हुई कि क्या इंसानों को कपड़े पहनने चाहिए। गवरइया को इंसानों द्वारा पहने जाने वाले रंग-बिरंगे वस्त्र बहुत आकर्षक लगते थे, जबकि गवरा का मानना था कि कपड़े पहनने से आदमी की प्राकृतिक सुंदरता छिप जाती है और वह बदसूरत लगने लगता है। इसी बहस के दौरान, गवरइया ने अपनी टोपी पहनने की तीव्र इच्छा व्यक्त की। उसकी यह इच्छा तब पूरी हुई जब एक दिन वह कूड़े के ढेर (घूरे) पर चुग रही थी और उसे रुई का एक फाहा मिल गया। इस फाहे से उसने सूत कतवाया और अपनी टोपी बनवाने की इच्छा को साकार किया।

प्रश्न 2

टोपी बनवाने के लिए गवरइया किस-किस के पास गई? टोपी बनने तक के एक-एक कार्य को लिखें।
Solution: टोपी बनवाने के लिए गवरइया ने कई कारीगरों के पास जाकर क्रमबद्ध तरीके से काम करवाया:
  1. धुनिया के पास: सबसे पहले, गवरइया रुई को धुनवाने के लिए धुनिया के पास गई ताकि रुई मुलायम और फूली हुई हो जाए।
  2. कोरी के पास: धुनी हुई रुई लेकर वह कोरी (सूत कातने वाले) के पास पहुँची और उससे रुई कातकर सूत तैयार करवाया।
  3. बुनकर के पास: कते हुए सूत को लेकर वह बुनकर के पास गई, जिसने उस सूत से कपड़ा बुना।
  4. दर्जी के पास: बुना हुआ कपड़ा लेकर अंत में गवरइया दर्जी के पास गई। दर्जी ने उस कपड़े से गवरइया के लिए एक सुंदर टोपी सिल दी। दर्जी ने टोपी को और भी आकर्षक बनाने के लिए उस पर पाँच फुँदने भी जड़ दिए।
इस प्रकार, गवरइया ने अपनी टोपी बनवाने के लिए इन चारों कारीगरों की मदद ली।

प्रश्न 3

गवरइया की टोपी पर दर्जी ने पाँच फुँदने क्यों जड़ दिए?
Solution: दर्जी ने गवरइया की टोपी पर पाँच फुँदने इसलिए जड़ दिए क्योंकि वह गवरइया द्वारा दिए गए पारिश्रमिक से बहुत खुश था। आमतौर पर, दर्जी राजा और उसके सेवकों के लिए काम करता था, जो अक्सर उससे मुफ्त में काम करवाते थे। लेकिन गवरइया ने अपनी टोपी सिलवाने के बदले में दर्जी को मजदूरी के तौर पर आधा बुना हुआ कपड़ा दिया। यह उचित मजदूरी पाकर दर्जी प्रसन्न हुआ और उसने खुशी-खुशी टोपी को और भी सुंदर बनाने के लिए उस पर पाँच फुँदने जड़ दिए।

प्रश्न 4

गवरइया के स्वभाव से यह प्रमाणित होता है कि कार्य की सफलता के लिए उत्साह आवश्यक है। सफलता के लिए उत्साह की आवश्यकता क्यों पड़ती है, तर्क सहित लिखिए।
Solution: गवरइया के स्वभाव से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए उत्साह एक अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है। इसका कारण यह है कि उत्साह हमारे मन में किसी भी कार्य के प्रति एक सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता पैदा करता है। जब हम किसी काम को पूरे उत्साह और लगन से करते हैं, तो हमारी कार्यक्षमता बढ़ जाती है और हम आने वाली बाधाओं का सामना करने के लिए अधिक प्रेरित होते हैं। कहा भी गया है, "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।" यदि हम किसी कार्य को बिना मन या उत्साह के करेंगे, तो उसमें पूर्ण सफलता मिलना कठिन हो जाता है। गवरइया को रुई का फाहा मिलते ही वह उत्साह से भर गई। इसी उत्साह के बल पर उसने धुनिया, कोरी और बुनकर से काम करवाया और अंततः दर्जी से अपनी टोपी बनवाने में सफल रही। उत्साह ने उसे हर कदम पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

प्रश्न 5

टोपी पहनकर गवरइया राजा को दिखाने क्यों पहुँची जबकि उसकी बहस गवरा से हुई और वह गवरा के मुँह से अपनी बड़ाई सुन चुकी थी। लेकिन राजा से उसकी कोई बहस हुई ही नहीं थी। फिर भी वह राजा को चुनौती देने को पहुँची। कारण का अनुमान लगाइए।
Solution: गवरइया टोपी पहनकर राजा को दिखाने इसलिए पहुँची, क्योंकि गवरा ने बहस के दौरान यह कहा था कि टोपी केवल राजा ही पहनता है। गवरइया को यह बात अच्छी नहीं लगी कि टोपी पहनने का अधिकार केवल राजा का है। वह यह साबित करना चाहती थी कि वह भी टोपी पहन सकती है और राजा को चुनौती दे सकती है। इसके अतिरिक्त, वह राजा को यह भी अहसास करवाना चाहती थी कि उसे अपनी प्रजा की छोटी-छोटी इच्छाओं और उनकी मेहनत का भी ध्यान रखना चाहिए, न कि केवल अपने ऐशो-आराम पर ध्यान देना चाहिए। राजा से सीधी बहस न होने के बावजूद, वह अपनी उपलब्धि का प्रदर्शन करके राजा को एक संदेश देना चाहती थी।

प्रश्न 6

यदि राजा के राज्य के सभी कारीगर अपने-अपने श्रम का उचित मूल्य प्राप्त कर रहे होते, तब गवरइया के साथ उन कारीगरों का व्यवहार कैसा होता?
Solution: यदि राजा के राज्य के सभी कारीगरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल रहा होता, तो उनका व्यवहार गवरइया के प्रति सामान्य होता। वे सबसे पहले राजा के काम को प्राथमिकता देते, क्योंकि राजा का काम अक्सर अधिक और महत्वपूर्ण होता था। गवरइया का काम शायद वे बाद में या अपनी फुर्सत के समय में करते। हालाँकि, वे गवरइया के काम को मना नहीं करते, क्योंकि वे जानते थे कि मेहनत का उचित मूल्य मिलना चाहिए, चाहे वह राजा से मिले या किसी और से। लेकिन राजा के काम की अधिकता के कारण, उन्हें गवरइया के काम के लिए इंतजार करना पड़ सकता था।

प्रश्न 7

चारों कारीगर राजा के लिए काम कर रहे थे। एक रजाई बना रहा था। दूसरा अचकन के लिए सूत कात रहा था। तीसरा बागा बुन रहा था। चौथा राजा की सातवीं रानी की दसवीं संतान के लिए झब्बे सिल रहा था। उन चारों ने राजा का काम रोककर गवरइया का काम क्यों किया?
Solution: चारों कारीगरों ने राजा का काम रोककर गवरइया का काम इसलिए किया क्योंकि वे राजा का काम अपनी मर्ज़ी से नहीं, बल्कि डर के कारण कर रहे थे। वे राजा के काम से खुश नहीं थे और शायद उसे बोझ समझते थे। इसके विपरीत, जब गवरइया ने उनसे काम करवाया, तो उसने उन्हें उनके श्रम का उचित मूल्य (मजदूरी) दिया। गवरइया से काम की वाजिब मजदूरी मिलने के कारण वे सभी कारीगर बहुत खुश थे। अपनी खुशी और उचित पारिश्रमिक के कारण उन्होंने राजा का काम रोककर गवरइया की टोपी बनाने को प्राथमिकता दी।

भाषा की बात 1

गाँव की बोली में कई शब्दों का उच्चारण अलग होता है। उनकी वर्तनी भी बदल जाती है। जैसे गवरइया गौरैया का ग्रामीण उच्चारण है। उच्चारण के अनुसार इस शब्द की वर्तनी लिखी गई है। फुँदना, फुलगेंदा का बदला हुआ रूप है। कहानी में अनेक शब्द हैं जो ग्रामीण उच्चारण में लिखे गए हैं, जैसे - मुलुक-मुल्क, खमा-क्षमा, मजूरी-मजदूरी, मल्लार-मलार इत्यादि। आप क्षेत्रीय या गाँव की बोली में उपयोग होने वाले कुछ ऐसे शब्दों को खोजिए और उनका मूल रूप लिखिए, जैसे - टेम-टाइम, टेसन/टिसन-स्टेशन।
Solution: कहानी में ग्रामीण उच्चारण के अनुसार बदले हुए शब्दों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। इसी प्रकार, क्षेत्रीय या गाँव की बोलियों में ऐसे कई शब्द प्रयोग होते हैं जिनका मूल रूप भिन्न होता है। यहाँ कुछ ऐसे ही शब्दों के उदाहरण दिए गए हैं:

क्षेत्रीय/ग्रामीण बोली का शब्द | मूल (मानक) शब्द

घइला | घड़ा

दुपहर | दोपहर

भीख | भिक्षा

तरकारी | सब्ज़ी

भात | चावल

मजूरी | मज़दूरी

खमा | क्षमा

मुलुक | मुल्क

मल्लार | मल्हार

टेम | टाइम

टेसन/टिसन | स्टेशन

भाषा की बात 2

मुहावरों के प्रयोग से भाषा आकर्षक बनती है। मुहावरे वाक्य के अंग होकर प्रयुक्त होते हैं। इनका अक्षरश: अर्थ नहीं बल्कि लाक्षणिक अर्थ लिया जाता है। पाठ में अनेक मुहावरे आए हैं। टोपी को लेकर तीन मुहावरे हैं; जैसे - कितनों को टोपी पहनानी पड़ती है। शेष मुहावरों को खोजिए और उनका अर्थ ज्ञात करने का प्रयास कीजिए।
Solution: मुहावरों के प्रयोग से भाषा में सुंदरता और प्रभावशीलता आती है। पाठ 'टोपी' में टोपी से संबंधित कुछ मुहावरे आए हैं, जिनका प्रयोग लाक्षणिक अर्थ में होता है।

पाठ में प्रयुक्त टोपी से संबंधित मुहावरे और उनके अर्थ:

  1. टोपी पहनाना: इसका अर्थ है किसी को मूर्ख बनाना या धोखा देना। (जैसे - "उसने अपनी चतुराई से कितनों को टोपी पहना दी।")
  2. टोपी उछालना: इसका अर्थ है किसी का अपमान करना या इज्जत मिट्टी में मिलाना। (जैसे - "सबके सामने उसकी टोपी उछाल दी गई।")
  3. सिर पर टोपी होना: इसका अर्थ है इज्जतदार या सम्मानित होना। (जैसे - "वह एक ऐसा व्यक्ति है जिसके सिर पर टोपी है।")
पाठ में अन्य मुहावरे भी हो सकते हैं जिनका प्रयोग भाषा को अधिक आकर्षक बनाता है। इन मुहावरों को समझना भाषा के प्रयोग को बेहतर बनाने में सहायक होता है।

Common mistakes

  • Confusing the sparrow's debate with the king's involvement.
  • Underestimating the importance of the artisans' roles.
  • Not understanding the symbolic meaning of the hat and its presentation to the king.
  • Misinterpreting the sparrow's motivations for showing the hat to the king.

Revision tips

  • Read the story carefully to grasp the sequence of events.
  • Focus on the sparrow's determination and how she achieved her goal.
  • Understand the roles of each craftsman and the sparrow's interaction with them.
  • Pay attention to the dialogues and the underlying messages about labor and respect.
  • Review the 'Bhasha Ki Baat' section to understand regional language variations.

Practice MCQs

Q1. गवरइया और गवरा के बीच मुख्य बहस किस बात पर हुई?

Q2. गवरइया को टोपी बनाने के लिए रुई का फाहा कहाँ से मिला?

Q3. टोपी बनवाने की प्रक्रिया में गवरइया सबसे पहले किसके पास गई?

Q4. दर्जी ने गवरइया की टोपी पर पाँच फुँदने क्यों जड़े?

Q5. गवरइया राजा को टोपी दिखाने क्यों पहुँची?

Frequently asked questions

What is Chapter 18 of Class 8 Hindi Vasant about?

Chapter 18, 'टोपी' (Topi), tells the story of a sparrow (गवरइया) who decides to make and wear a hat, detailing her journey through various artisans to get it made and her interactions related to it.

Who are the main characters in the story 'टोपी'?

The main characters are गवरइया (the sparrow) and गवरा (her mate). The story also involves several artisans (धुनिया, कोरी, बुनकर, दर्जी) and the king.

Why did the sparrow want to make a hat?

The sparrow wanted to make a hat because she was fascinated by the colorful clothes humans wore, and she wanted to experience wearing one herself, despite her mate's reservations.

What is the significance of the sparrow presenting the hat to the king?

The sparrow presented the hat to the king to challenge the notion that only kings wear hats and to assert her own achievement and independence.

How do these NCERT Solutions help students?

These solutions provide clear, step-by-step explanations for each question, helping students understand the story's plot, characters, themes, and language nuances, aiding in exam preparation.

What does the story teach about labor?

The story emphasizes the importance of fair wages for labor. The artisans happily worked for the sparrow because she paid them properly, unlike the king who often exploited their services.

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