CBSE Class 8 Ruchira Chapter 14: Aryabhatta NCERT Solutions

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This chapter, 'Aryabhatta', from the CBSE Class 8 Ruchira textbook, introduces students to the life and groundbreaking contributions of the ancient Indian mathematician and astronomer, Aryabhatta. The NCERT Solutions provide clear and concise answers to the exercises, covering topics such as the Earth's rotation, solar and lunar eclipses, and Aryabhatta's seminal work, 'Aryabhatiya'. The solutions explain complex astronomical concepts in simple Hindi, making them accessible to young learners. By studying these solutions, students will gain a deeper understanding of Aryabhatta's scientific legacy and his impact on our understanding of the cosmos. These solutions are designed to aid students in their exam preparation, offering step-by-step explanations for each question.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectरुचिरा
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter14. आर्यभटः

Chapter summary

Chapter 14, 'Aryabhatta', focuses on the life and scientific achievements of the renowned Indian mathematician and astronomer. The NCERT Solutions cover exercises that explore Aryabhatta's theories on Earth's rotation, the causes of solar and lunar eclipses, and his significant literary contribution, the 'Aryabhatiya'. The solutions simplify these concepts, helping students grasp the fundamental principles of astronomy and mathematics as presented by Aryabhatta, and reinforcing their learning through practice questions.

Learning outcomes

  • Understand the contributions of Aryabhatta to mathematics and astronomy.
  • Explain the concepts of Earth's rotation and its axis.
  • Describe the phenomena of solar and lunar eclipses.
  • Identify Aryabhatta's major literary work.
  • Formulate questions based on given statements.
  • Fill in the blanks to complete sentences related to astronomical concepts.

Topics covered

Paper topics

  • आर्यभटस्य जीवनं परिचयः
  • आर्यभटस्य योगदानं
  • गणितं ज्योतिषं च
  • पृथ्वीयाः घूर्णनम्
  • सूर्यः अचलः पृथिवी च चला
  • चन्द्रग्रहणम्
  • सूर्यग्रहणम्
  • आर्यभटीयम् ग्रन्थः
  • आधुनिकविज्ञानं प्रति आर्यभटस्य प्रभावः
  • प्रश्ननिर्माणं
  • रिक्तस्थानपूर्तिः
  • सन्धि विच्छेदः

Important topics

  • पृथ्वीयाः घूर्णनस्य सिद्धान्तः
  • सूर्यग्रहणस्य कारणम्
  • चन्द्रग्रहणस्य कारणम्
  • आर्यभटस्य प्रमुख ग्रन्थः
  • आर्यभटस्य वैज्ञानिक योगदानम्

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

एक पद में उत्तर दीजिए:
  • (क) सूर्य किस दिशा में उदय होता है?
  • (ख) आर्यभट की वेधशाला कहाँ स्थित थी?
  • (ग) महान गणितज्ञ और ज्योतिषी कौन हैं?
  • (घ) आर्यभट ने कौन सा ग्रंथ रचा?
  • (ङ) हमारे प्रथम उपग्रह का नाम क्या है?
Solution:

(क) सूर्य पूर्व दिशा में उदय होता है।

(ख) आर्यभट की वेधशाला पाटलिपुत्र (पटना) में स्थित थी।

(ग) महान गणितज्ञ और ज्योतिषी आर्यभट हैं।

(घ) आर्यभट ने 'आर्यभटीयम्' नामक ग्रंथ की रचना की।

(ङ) हमारे प्रथम उपग्रह का नाम 'आर्यभट' है।

प्रश्न 2

पूर्ण वाक्य में उत्तर दीजिए:
  • (क) कौन सा सिद्धांत अच्छी तरह स्थापित है?
  • (ख) चंद्र ग्रहण कैसे होता है?
  • (ग) सूर्य ग्रहण कैसे दिखाई देता है?
  • (घ) आर्यभट का विरोध क्यों हुआ?
  • (ङ) प्रथम उपग्रह का नाम 'आर्यभट' क्यों रखा गया?
Solution:

(क) यह एक सुस्थापित सिद्धांत है कि सूर्य स्थिर है और पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।

(ख) जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और उसके प्रकाश को अवरुद्ध कर देती है, तब चंद्र ग्रहण होता है।

(ग) जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तो चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ने से सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।

(घ) समाज में नए सिद्धांतों को स्वीकार करने में सामान्य लोगों को कठिनाई होती है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में आर्यभट का सिद्धांत नया था, इसलिए उनका विरोध हुआ।

(ङ) आधुनिक वैज्ञानिकों ने आर्यभट के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए प्रथम उपग्रह का नाम 'आर्यभट' रखा है।

प्रश्न 3

रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए:
  • (क) सूर्य पश्चिम दिशा में अस्त होता है।
  • (ख) पृथ्वी स्थिर है, यह एक पारंपरिक रूप से प्रचलित धारणा है।
  • (ग) आर्यभट का योगदान गणित और ज्योतिष से संबंधित है।
  • (घ) समाज में नए विचारों को स्वीकार करने में सामान्य लोग कठिनाई का अनुभव करते हैं।
  • (ङ) पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा की छाया पड़ने से सूर्य ग्रहण होता है।
Solution:

(क) सूर्य किस दिशा में अस्त होता है?

(ख) पृथ्वी स्थिर है, यह कैसे प्रचलित रूढ़ि है?

(ग) आर्यभट का योगदान किस क्षेत्र से संबंधित है?

(घ) समाज में नए विचारों को स्वीकार करने में प्रायः कौन कठिनाई का अनुभव करते हैं?

(ङ) किनके बीच चंद्रमा की छाया पड़ने से सूर्य ग्रहण होता है?

प्रश्न 4

दिए गए शब्दों (नौकाम्, पृथिवी, तदा, चला, अस्तं) में से चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
  • (क) सूर्य पूर्व दिशा में उदय होता है और पश्चिम दिशा में ______ जाता है।
  • (ख) सूर्य स्थिर है और पृथ्वी ______ है।
  • (ग) ______ अपने अक्ष पर घूमती है।
  • (घ) जब पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है, ______ चंद्र ग्रहण होता है।
  • (ङ) नाव में बैठे हुए व्यक्ति को ______ स्थिर अनुभव होती है।
Solution:

(क) सूर्य पूर्व दिशा में उदय होता है और पश्चिम दिशा में अस्तं जाता है।

(ख) सूर्य स्थिर है और पृथ्वी चला है।

(ग) पृथिवी अपने अक्ष पर घूमती है।

(घ) जब पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है, तदा चंद्र ग्रहण होता है।

(ङ) नाव में बैठे हुए व्यक्ति को नौकाम् स्थिर अनुभव होती है।

प्रश्न 5

संधि विच्छेद कीजिए:
  • (क) ग्रन्थोऽयम् -
  • (ख) सूर्याचल: -
  • (ग) तथैव -
Solution:

(क) ग्रन्थोऽयम् = ग्रन्थः + अयम्

(ख) सूर्याचल: = सूर्यः + अचलः

(ग) तथैव = तथा + एव

Common mistakes

  • Confusing the direction of sunrise and sunset.
  • Misunderstanding the cause of eclipses.
  • Difficulty in forming interrogative sentences.
  • Incorrectly filling in blanks related to astronomical facts.

Revision tips

  • Review Aryabhatta's key theories on planetary motion.
  • Practice forming questions for each underlined word.
  • Ensure you understand the difference between solar and lunar eclipses.
  • Memorize the name of Aryabhatta's famous book.
  • Use the fill-in-the-blanks exercise to reinforce vocabulary and concepts.

Practice MCQs

Q1. आर्यभटस्य प्रसिद्ध ग्रन्थस्य नाम किम् अस्ति?

Q2. पृथ्वीविषयकः कः सुस्थापितः सिद्धान्तः अस्ति?

Q3. चन्द्रग्रहणस्य कारणं किम्?

Q4. सूर्यग्रहणं कथं दृश्यते?

Q5. आधुनिकवैज्ञानिकाः कस्य सम्मानार्थं प्रथमोपग्रहस्य नाम 'आर्यभटः' इति कृतवन्तः?

Frequently asked questions

कक्षा 8 रुचिरा पाठ 14 का मुख्य विषय क्या है?

कक्षा 8 रुचिरा के पाठ 14 का मुख्य विषय प्राचीन भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट और उनके वैज्ञानिक योगदान हैं, जिसमें पृथ्वी के घूर्णन और ग्रहणों की व्याख्या शामिल है।

आर्यभट ने पृथ्वी के बारे में क्या सिद्धांत दिया था?

आर्यभट ने सिद्धांत दिया कि सूर्य स्थिर है और पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है, जो उस समय का एक क्रांतिकारी विचार था।

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कैसे होते हैं?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है, और चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

आर्यभट के किस ग्रंथ का उल्लेख पाठ में किया गया है?

पाठ में आर्यभट के प्रमुख ग्रंथ 'आर्यभटीयम्' का उल्लेख किया गया है, जो गणित और खगोल विज्ञान पर आधारित है।

प्रथम भारतीय उपग्रह का नाम 'आर्यभट' क्यों रखा गया?

आधुनिक वैज्ञानिकों ने महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए भारत के पहले उपग्रह का नाम 'आर्यभट' रखा।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को आर्यभट के योगदान और खगोलीय अवधारणाओं को समझने और याद रखने में मदद मिलती है।

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