CBSE Class 8 Social Science: NCERT Solutions for Page 128

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This section provides detailed NCERT Solutions for Class 8 Social Science, specifically addressing the content on page 128. It delves into historical and contemporary perspectives on significant social issues such as marriage and divorce, exploring the evolution of marital norms and the reasons behind increasing divorce rates. The solutions also cover the critical topic of widow remarriage, tracing its historical context from ancient times to modern acceptance, and highlighting the contributions of social reformers. Furthermore, it examines the persistent and evolving problems faced by farmers in India, comparing pre- and post-independence challenges like poverty, debt, and climate change. Finally, it discusses the importance of public works and civic duties, emphasizing individual responsibility in community development and social welfare. These solutions are designed to offer clear explanations and insights, aiding students in understanding complex social dynamics and preparing effectively for their examinations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectSocial Science
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapterपृष्ठ संख्या 128

Chapter summary

This chapter's NCERT Solutions for Class 8 Social Science focus on page 128, offering insights into societal structures and issues. It covers the historical and modern contexts of marriage, divorce, and widow remarriage, examining social changes and reform movements. Additionally, it addresses the ongoing challenges faced by farmers in India, contrasting past and present difficulties. The solutions also explore the concept of public works and individual responsibility towards societal welfare, encouraging proactive participation. This resource aims to provide students with a clear understanding of these socio-historical topics.

Learning outcomes

  • Understand the historical and contemporary aspects of marriage and divorce.
  • Analyze the social significance and evolution of widow remarriage.
  • Identify and compare the problems faced by farmers in India, both historically and currently.
  • Recognize the importance of public works and individual civic responsibility.
  • Evaluate the role of social reformers in bringing about societal change.

Topics covered

Paper topics

  • Marriage and Divorce
  • Widow Remarriage
  • Social Reforms
  • Farmers' Problems
  • Climate Change Impact on Agriculture
  • Public Works
  • Civic Responsibility
  • Historical Context of Social Issues
  • Evolution of Social Norms
  • Role of Social Reformers
  • Economic Challenges for Farmers
  • Government Policies and Farmers

Important topics

  • Marriage and Divorce: Historical and Modern Perspectives
  • Widow Remarriage: Social Significance and Reforms
  • Farmers' Issues: Pre- and Post-Independence Challenges
  • Civic Responsibility and Public Welfare
  • Impact of Social Reforms on Society

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अनेक विषयों की चर्चा है, जैसे, "व्यापार और वाणिज्य, कानून और न्यायालय, नगर-व्यवस्था, सामाजिक रीति-रिवाज, विवाह और तलाक, स्त्रियों के अधिकार, कर और लगान, कृषि, खानों और कारखानों को चलाना, दस्तकारी, मंडियाँ, बागवानी, उद्योग-धंधे, सिंचाई और जलमार्ग, जहाज़ और जहाज़रानी, निगर्मे, जन-गणना, मत्स्य-उद्योग, कसाई खाने, पासपोर्ट और जेल-सब शामिल हैं। इसमें विधवा विवाह को मान्यता दी गई है और विशेष परिस्थितियों में तलाक को भी।" वर्तमान में इन विषयों कि क्या स्थिति है? अपनी पसंद के किन्हीं दो-तीन विषयों पर लिखिए।
Solution:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित विषयों में से वर्तमान समय में विवाह, तलाक और विधवा विवाह की स्थिति इस प्रकार है:

विवाह और तलाक

विवाह आज भी दो व्यक्तियों और परिवारों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सामाजिक बंधन है। यह जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत करता है। पहले की तुलना में, समाज में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है। शिक्षा और करियर के अवसरों के कारण, महिलाएं अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इस बदलाव के कारण, विवाह के प्रति दृष्टिकोण भी बदला है। जहाँ पहले महिलाएं अक्सर घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब वे अपने करियर को भी महत्व देती हैं। इस बदलते सामाजिक परिदृश्य में, तलाक की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। पहले जहाँ छोटी-मोटी बातों पर तलाक लेना बुरा माना जाता था, वहीं आज व्यस्त जीवनशैली और आपसी समझ की कमी के कारण छोटी-छोटी बातों पर भी रिश्ते टूट रहे हैं। यह समाज के लिए एक चिंता का विषय है, और रिश्तों को सहेजने के लिए आपसी समझ और प्रयास की आवश्यकता है।

विधवा विवाह

प्राचीन काल में, विधवा विवाह को समाज में उचित नहीं माना जाता था। विधवाओं को अक्सर कठिन जीवन जीना पड़ता था, जिसमें सती प्रथा का पालन या समाज से अलगाव शामिल था। बाल विवाह के कारण विधवाओं की संख्या भी अधिक होती थी, जिससे उनकी स्थिति और दयनीय हो जाती थी। समाज सुधारकों जैसे राजा राम मोहन राय के प्रयासों से सती प्रथा का उन्मूलन हुआ और विधवा विवाह को कानूनी मान्यता मिली। आज समाज शिक्षित हो गया है, बाल विवाह कम हो गए हैं, और लड़कियों की विवाह योग्य आयु बढ़ाई गई है। इन सब कारणों से विधवाओं की स्थिति में सुधार हुआ है और विधवा विवाह को समाज में स्वीकार्यता मिली है। यह प्रगतिशील समाज की ओर एक सकारात्मक कदम है।

प्रश्न 2

आज़ादी से पहले किसानों की समस्याएँ निम्नलिखित थीं- "गरीबी, कर्ज़, निहित स्वार्थ, ज़मींदार, महाजन, भारी लगान और कर, पुलिस के अत्याचार..." आपके विचार से आजकल किसानों की समस्याएँ कौन-कौन सी हैं?
Solution:

आज़ादी से पहले किसानों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता था, उनमें से कई आज भी मौजूद हैं, हालांकि कुछ नई समस्याएं भी जुड़ गई हैं। आजकल किसानों की प्रमुख समस्याएं इस प्रकार हैं:

  • गरीबी और संसाधनों का अभाव: आज भी किसान गरीब हैं और खेती के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण, जैसे उन्नत मशीनें, खरीद पाने में असमर्थ हैं। इससे उनकी पैदावार प्रभावित होती है।
  • जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: अनियमित वर्षा (सूखा या अत्यधिक वर्षा) के कारण किसानों की फसलें अक्सर खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
  • सिंचाई की समस्याएँ: पर्याप्त सिंचाई साधनों के अभाव में किसानों को अपनी फसलों के लिए पानी की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे पैदावार पर असर पड़ता है।
  • उन्नत बीजों की अनुपलब्धता: पैदावार बढ़ाने के लिए आवश्यक उन्नत बीज किसानों को आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं।
  • कर्ज़ का बढ़ता बोझ: खेती की लागत बढ़ने के कारण किसान अक्सर कर्ज लेते हैं, जो धीरे-धीरे इतना बढ़ जाता है कि वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। पैदावार का कम होना और कर्ज का बोझ बढ़ना सबसे बड़ी समस्या है।
  • सरकारी वादों का पूरा न होना: नई सरकारें किसानों से कई वादे करती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा नहीं करतीं, जिससे किसानों की स्थिति और दयनीय हो जाती है।

प्रश्न 3

"सार्वजनिक काम राजा की मर्ज़ी के मोहताज़ नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए।" ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के करने को तैयार हो जाते हैं?
Solution:

सार्वजनिक कार्य वे होते हैं जो समाज के हित में किए जाते हैं। ऐसे कई कार्य हैं जिन्हें हम बिना किसी सरकारी आदेश या हिचकिचाहट के स्वेच्छा से कर सकते हैं:

  • मानव और पशुओं की मदद करना: किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति या जानवर की सहायता करना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसके लिए किसी सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।
  • गरीब बच्चों को शिक्षा देना: हम अपने खाली समय का उपयोग करके गरीब बच्चों को पढ़ा सकते हैं और उनमें शिक्षा का प्रसार कर सकते हैं।
  • सरकार के प्रति सजगता: यदि चुनी हुई सरकार जनता के विकास के लिए काम नहीं कर रही है, तो उसके विरुद्ध आवाज उठाना और बेहतर शासन की मांग करना हमारा अधिकार और कर्तव्य है।
  • महिलाओं की स्थिति सुधारना: समाज में महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास किए जा सकते हैं।
  • पर्यावरण संरक्षण: अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखना, वृक्षारोपण करना और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में सहयोग करना जैसे कार्य हम मिलकर कर सकते हैं।
  • आपदाओं में सहायता: किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में घायलों की मदद करना और राहत कार्यों में सहयोग करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।

इन कार्यों के लिए सरकार के कदम उठाने का इंतजार करना हमारे सामाजिक कर्तव्यों से मुंह मोड़ना होगा।

Common mistakes

  • Confusing historical social norms with current practices.
  • Underestimating the impact of economic factors on farmers' issues.
  • Overlooking the role of individual initiative in public welfare.
  • Failing to connect social reforms with their long-term impact.

Revision tips

  • Compare and contrast the social issues discussed in historical and modern contexts.
  • Create a timeline of key social reforms related to marriage and widowhood.
  • List the specific challenges faced by farmers and potential solutions.
  • Reflect on personal responsibilities towards community development.
  • Use the provided solutions to clarify doubts about social structures and their changes.

Practice MCQs

Q1. कौटिल्य के अर्थशास्त्र में किन विषयों पर चर्चा की गई है?

Q2. वर्तमान समय में तलाक की प्रवृत्ति बढ़ने का एक मुख्य कारण क्या है?

Q3. प्राचीन काल में विधवाओं की स्थिति कैसी थी?

Q4. किस समाज सुधारक ने सती प्रथा को रोकने और विधवा विवाह पर जोर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?

Q5. आज़ादी से पहले किसानों की मुख्य समस्या क्या थी?

Q6. आज के किसानों के लिए जलवायु परिवर्तन एक बड़ी समस्या क्यों है?

Q7. सार्वजनिक कार्यों को करने के लिए हमें किसका इंतज़ार नहीं करना चाहिए?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान विषय के लिए है, जो पृष्ठ संख्या 128 की सामग्री को कवर करता है।

समाधान में किन प्रमुख सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई है?

समाधान में विवाह, तलाक, विधवा पुनर्विवाह और किसानों की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर ऐतिहासिक और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में चर्चा की गई है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जो छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

किस समाज सुधारक का उल्लेख विधवा पुनर्विवाह के संदर्भ में किया गया है?

राजा राम मोहन राय का उल्लेख सती प्रथा को रोकने और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए किया गया है।

किसानों की वर्तमान समस्याओं में जलवायु परिवर्तन का क्या प्रभाव है?

जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा (सूखा या अत्यधिक वर्षा) से किसानों की फसलों को भारी नुकसान होता है, जो उनकी एक प्रमुख समस्या है।

सार्वजनिक कार्यों के संबंध में छात्रों की क्या जिम्मेदारी है?

छात्रों को सार्वजनिक कार्यों जैसे किसी की मदद करना, गरीबों को पढ़ाना, या पर्यावरण को स्वच्छ रखना, के लिए स्वयं पहल करनी चाहिए और सरकार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

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